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कबीरधाम पुलिस की त्वरित कार्रवाई: अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी, महिला सहित 03 आरोपी गिरफ्तार

कबीरधाम- 31/05/2026(पवन तिवारी)

ग्राम बैहरसारी से लापता युवक की हत्या कर शव को पांडातराई क्षेत्र में फेंकने का मामला। ब्लैकमेलिंग से तंग आकर महिला ने पति और देवर के साथ मिलकर रची थी हत्या की साजिश।भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज, ट्रैक्टर और हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद।

घटना विवरण
जिला कबीरधाम के थाना बोडला अंतर्गत चौकी पौड़ी क्षेत्र के ग्राम बैहरसरी निवासी युवक कोमल वर्मा की हत्या के सनसनीखेज मामले में कबीरधाम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज कुछ ही घंटों के भीतर अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला सहित कुल 03 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। मृतक का शव थाना पांडातराई क्षेत्र के ग्राम सोंढा में एक बोरी के भीतर बरामद हुआ था।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में टीम गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कबीरधाम धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बोडला अखिलेश कौशिक के पर्यवेक्षण में थाना बोडला एवं चौकी पौड़ी पुलिस की एक विशेष टीम का गठन कर त्वरित जांच प्रारंभ की गई।

गुमशुदगी से शुरू हुई जांच, कॉल डिटेल से खुला राज
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक कोमल वर्मा (निवासी ग्राम बैहरसरी) दिनांक 28.05.2026 को अपने घर से निकला था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुम इंसान दर्ज कर पतासाजी शुरू की। तकनीकी विश्लेषण और मृतक के कॉल डिटेल (CDR) खंगालने पर अंतिम समय में उसका संपर्क मंदाकिनी वर्मा नामक महिला से होना पाया गया। संदेह के आधार पर जब महिला को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

ब्लैकमेलिंग बनी हत्या की वजह
आरोपी महिला मंदाकिनी वर्मा ने पूछताछ में खुलासा किया कि मृतक कोमल वर्मा उसके पास मौजूद कुछ अश्लील वीडियो के माध्यम से उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वह महिला के साथ कई बार जबरन शारीरिक संबंध बना चुका था। घटना की रात भी मृतक ने महिला पर संबंध बनाने का दबाव डाला, जिससे तंग आकर महिला ने उसे अपने घर बुलाया।

जैसे ही कोमल वर्मा घर पहुंचा, महिला ने घर निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सरिया मोड़ने के बड़े लोहे के पाने से उसके सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दिया। इसी बीच महिला का पति रामस्नेही वर्मा भी जाग गया। स्थिति को भांपते हुए पति-पत्नी ने मिलकर कोमल वर्मा की गला दबाकर हत्या कर दी।

बोरी में बंद कर ट्रैक्टर से ठिकाने लगाया शव
हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने शव को रातभर घर में ही छिपाकर रखा। अगले दिन रामस्नेही वर्मा ने अपने भाई **रूपेश वर्मा** को इस अपराध में शामिल किया। दोनों भाइयों ने शव को एक बोरी में भरा और अपने ट्रैक्टर के माध्यम से थाना पांडातराई क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सोंढा ले जाकर सुनसान इलाके में फेंक दिया।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम रामस्नेही वर्मा(पति), मंदाकिनी वर्मा (पत्नी),रूपेश वर्मा (देवर/भाई)है।

वैधानिक कार्रवाई के साथ पुलिस की अपील
कबीरधाम पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना बोडला में अपराध क्रमांक 62/2026 धारा 103(1), 238(3), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला पंजीबद्ध कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

कबीरधाम पुलिस आम जनता से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की ब्लैकमेलिंग या प्रताड़ना का शिकार होने पर कानून को हाथ में न लें, बल्कि तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। आपकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।

छत्तीसगढ़ ने जीता राष्ट्रीय खिताब —बालिका बास्केटबॉल टीम को 14 साल बाद मिला स्वर्ण पदक

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रायपुर 31 मई 2026

76 वीं राष्ट्रीय बास्केटबाल पुडुचेरी में आयोजित प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की बालिका टीम ने खेल में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता है और 14 साल बाद राष्ट्रीय खिताब हासिल करने का गौरव अपने नाम किया है। फाइनल में छत्तीसगढ़ ने तमिलनाडु की टीम को हराकर यह इतिहास रचा है।

चार साल पूर्व जूनियर बालिका वर्ग की टीम ने रजत पदक प्राप्त किया था, लेकिन अब बेटियों ने स्वर्ण जीतकर पूरे प्रदेश का मान बढ़ा दिया है।

इस शानदार उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभाशाली बेटियों ने अथक मेहनत, दृढ़ संकल्प और खेल के प्रति समर्पण का अद्भुत उदाहरण पेश किया है।

पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। यह स्वर्णिम उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ के खेल जगत के लिए गर्व की बात है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

यह जीत केवल एक मैच की विजय नहीं, बल्कि अनगिनत घंटों की मेहनत, टीम भावना और जुझारू मनोवृत्ति का स्वर्णिम परिणाम है। पूरे छत्तीसगढ़ के नागरिक अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं और सभी खिलाड़ी बेटियों, प्रशिक्षकों व सहयोगी टीम को हार्दिक बधाई व उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दे रहे हैं।



छत्तीसगढ़ खरीफ फसल की तैयारी उर्वरक की कालाबाजारी : कार्रवाई, नियमभंग पर नोटिस और सील

रायपुर – 31 मई 2026 —

मानसून बाद कृषि कार्य में तेजी और आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए कोरबा जिला प्रशासन व कृषि विभाग ने सहकारी व निजी उर्वरक दुकानों पर औचक निरीक्षण तेज कर दिए हैं। कार्रवाई का उद्देश्य किसानों को तय दर पर गुणवत्तायुक्त खाद-बीज उपलब्ध कराना और कालाबाजारी व अनियमितताओं को रोकना है।

कृषि विभाग के उप संचालक डी.पी.एस. कंवर ने बताया कि 29 मई को कुल 18 दुकानों की जांच की गई। जांच में छ: दुकानों पर नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर नोटिस जारी किए गए, एक दुकान पर विक्रय प्रतिबंध लगा दिया गया और सिद्धि विनायक ट्रेड्स, सिरली (पाली) से 56 बोरी यूरिया जब्त की गई।

उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से अब तक कोरबा जिले के 115 सहकारी एवं निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा चुका है। अनियमितता पाए जाने पर 28 दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं तथा 5 निजी दुकानों पर 21 दिनों के लिए विक्रय प्रतिबंध लगाया गया है। सिरली (पाली) स्थित सिद्धी विनायक ट्रेड्स से अवैध रूप से भंडारित 56 बोरी यूरिया की जप्ती की गई।

कोरबा जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे खाद खरीदते समय दुकानदार से पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें। यदि कोई दुकानदार निर्धारित दर से अधिक मूल्य वसूलता है या बिल देने से मना करता है, तो इसकी शिकायत तुरंत संबंधित विकासखंड कृषि अधिकारी या जिला स्तर के कंट्रोल रूम में दर्ज कराए।

किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने उर्वरक दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण एवं कठोर निगरानी अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा।



रेत का अवैध धंधा:माफिया सक्रिय प्रशासन ने 100 ट्रैक्टरों की रेत वापस नदी में गिरवाई

रायपुर – 31 मई 2026

छत्तीसगढ़ में अवैध रेत खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ चलाया जा रहा सख्त अभियान जांजगीर-चांपा में भी तेज़ हो गया है। खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने जिले के कई स्थानों पर एक साथ छापे मारे और अवैध तरीके से जमा की गई रेत व खनन मशीनों पर कार्रवाई की।

खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ग्राम आमोदी (खपरीडीह) में अवैध भंडारण की शिकायत मिलाते ही तुरंत अभियान चलाया गया।

इस दौरान लगभग 100 ट्रैक्टरों में भरी रेत को नदी में वापस डाला गया, ताकि अवैध संचय खत्म हो और नदी प्रणाली का संरक्षण बना रहे।साथ ही, संयुक्त जांच में दो चौन माउंट मशीनों को भी पकड़ लिया गया है। अब इनके खिलाफ कानून के तहत आगे की कार्रवाई होगी।

    इसके अलावा ग्राम पीथमपुर-भादा क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन की शिकायत मिलने पर खनिज, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर जांच की। जांच के दौरान ग्राम भादा में नियमों के विपरीत चौन माउंट मशीन के माध्यम से रेत खनन किया जाना पाया गया, जिस पर कार्रवाई करते हुए एक चौन मशीन को जब्त कर मौके पर ही सीलबंद कर दिया गया।

    इसी प्रकार ग्राम देवरहा में भी अवैध रेत खनन में संलिप्त एक अन्य चौन माउंट मशीन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उसे सीलबंद किया गया।

    प्रशासन ने बताया कि दर्ज प्रकरणों की जांच छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत उत्खनन एवं व्यवसाय नियम, 2025 तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के प्रावधानों के तहत की जा रही है।

जांच उपरांत संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और खनिज संसाधनों के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।

खाद कालाबाजारी पर कार्रवाई कृषि केंद्रों पर औचक छापेमारी – 2,638 बोरी उर्वरक जब्त

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रायपुर- 31 मई 2026 —

छत्तीसगढ़ के किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने और अवैध भंडारण व कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से कृषि विभाग की लगातार चालान और निरीक्षण जारी है।

ताज़ा कार्रवाई में उर्वरक निरीक्षकों की टीम ने जांजगीर-चांपा जिले के निजी कृषि केंद्रों पर औचक छापेमारी कर 2,638 बोरी रासायनिक उर्वरक जब्त किए। भंडारण और वितरण में अनियमितता पाए जाने पर दो केंद्रों पर कार्यवाही की गई और एक प्रतिष्ठान को सील कर दिया गया।

    उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान चांपा स्थित थोक विक्रेता मेसर्स दिशा सेल्स में रासायनिक उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण में अनियमितताएं पाई गईं। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत कार्रवाई करते हुए 1150 बोरी एनपीके 16:20:00:13 (एचयूआरएल), 428 बोरी एसएसपी (दानेदार), 630 बोरी एसएसपी (पाउडर) तथा 98 बोरी जिंकेटेड एसएसपी सहित कुल 2306 बोरी उर्वरकों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाते हुए उन्हें जब्त किया गया।

    इसी प्रकार विकासखंड बलौदा के ग्राम पिसौद स्थित राजकुमार साहू कृषि केंद्र में छापामार कार्रवाई के दौरान 98 बोरी यूरिया, 94 बोरी जिंकेटेड एसएसपी, 70 बोरी ट्रिपल सुपर फॉस्फेट तथा 70 बोरी एनपीके 16:20:00:13 (एचयूआरएल) का अवैध भंडारण पाया गया। इस पर 332 बोरी उर्वरक जब्त कर विक्रय प्रतिष्ठान को सीलबंद कर दिया गया।

    कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की रक्षा, उर्वरकों की सुचारु उपलब्धता और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले के सभी सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण जारी रहेगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

नकली नौकरी इंटरव्यू साइबर ठगी का नया जाल:बायोमेट्रिक डेटा चोरी और डीपफेक तकनीक से युवाओं को बना रहे निशाना

साइबर सुरक्षा/ विशेष रिपोर्ट – 30 मई 2026

देश में ऑनलाइन नौकरी की तलाश करने वाले लाखों युवाओं के लिए एक नया और खतरनाक साइबर खतरा तेजी से सामने आ रहा है। गृह मंत्रालय (MHA) के तहत कार्यरत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की विशेष इकाई ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि साइबर अपराधी अब नकली नौकरी इंटरव्यू और फर्जी भर्ती प्रक्रियाओं के जरिए लोगों की बायोमेट्रिक पहचान चुराने की कोशिश कर रहे हैं।

नेशनल साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट (NCTAU) ने कहा है कि अपराधी आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर जाल बिछा रहे हैं। यह प्रक्रिया देखने में पूरी तरह असली भर्ती प्रक्रिया जैसी लगती है। इनका मकसद नौकरी तलाश रहे लोगों से उनकी निजी और संवेदनशील जानकारी हासिल करना है।

फर्जी भर्ती प्रक्रिया की पहचान कैसे करें?
गृह मंत्रालय की साइबर विंग ने कुछ महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत (Red Flags) बताए हैं, जिन पर ध्यान देना बेहद जरूरी है:
संदिग्ध ईमेल और डोमेन:
अगर भर्ती से जुड़ा ईमेल किसी सामान्य Gmail या Yahoo अकाउंट से भेजा गया है, तो सावधान हो जाएं। प्रतिष्ठित कंपनियां हमेशा आधिकारिक डोमेन का उपयोग करती हैं।

जरूरत से ज्यादा जानकारी मांगना:
अगर इंटरव्यू के शुरुआती चरण में ही आधार, बैंक डिटेल्स या बायोमेट्रिक डेटा मांगा जा रहा है, तो यह खतरे का संकेत हो सकता है।
अत्यधिक दबाव बनाना:
फर्जी भर्ती करने वाले लोग उम्मीदवारों को सोचने का समय नहीं देते। वे जल्दी निर्णय लेने के लिए दबाव डालते हैं।

कंपनी की जानकारी अस्पष्ट होना:
अगर कंपनी की वेबसाइट अधूरी है, सोशल मीडिया उपस्थिति नहीं है या संपर्क जानकारी संदिग्ध लग रही है, तो सावधान रहें।
वीडियो वेरिफिकेशन पर जोर:
अनावश्यक फेसियल स्कैनिंग या आंखों की पहचान की मांग साइबर जाल का हिस्सा हो सकती है।

डीपफेक तकनीक बन रही है नया हथियार
AI आधारित डीपफेक तकनीक साइबर अपराधियों के लिए सबसे बड़ा हथियार बनती जा रही है। इस तकनीक से किसी व्यक्ति का नकली वीडियो या ऑडियो तैयार किया जा सकता है। अगर अपराधियों के पास किसी व्यक्ति की पर्याप्त वीडियो फुटेज और आवाज मौजूद हो, तो वे उसके नाम से फर्जी कॉल, वीडियो संदेश या वित्तीय अनुरोध कर सकते हैं।

दुनिया भर में ऐसे मामले बढ़ रहे हैं जहां डीपफेक का इस्तेमाल कर लोगों के बैंक खातों से पैसे निकाले गए या रिश्तेदारों को ठगा गया। भारत में भी इस तरह के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और MHA की साइबर इकाइयां इसे बड़ी चुनौती के रूप में देख रही हैं।





भारत में जल्द आ सकते हैं प्लास्टिक के नोट, RBI कर रहा है पायलट प्रोजेक्ट की तैयारी

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डिजटल न्यूज डेस्क 30 मई 2026

समय-समय पर देश में मुद्रा का स्वरूप बदलते रहा है लेकिन इस बार करेंसी प्लास्टिक का हो सकता है।भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पॉलीमर यानी प्लास्टिक के नोटों को चलन में लाने की अपनी पुरानी योजना को फिर से जीवित किया है। खबर सूत्रों के अनुसार, पटना और मुंबई में हुई RBI की पिछली दो बोर्ड बैठकों में इस प्रस्ताव पर चर्चा हो चुकी है। नोटों की उत्पादन लागत में कमी और इनकी अधिक टिकाऊपन जैसे फायदों को देखते हुए यह निर्णय लिया जा रहा है और जल्द ही एक पायलट प्रोजेक्ट की घोषणा भी हो सकती है।

पॉलीमर नोट कपास-आधारित पारंपरिक कागज की बजाय एक पतले और लचीले प्लास्टिक सब्सट्रेट से बने होते हैं। ये क्रेडिट-डेबिट कार्ड की तरह सख्त नहीं होते। RBI पहले ₹10 और ₹20 के छोटे नोटों से पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने पर विचार कर रहा है, क्योंकि ये नोट सबसे अधिक उपयोग होते हैं और जल्दी खराब भी होते हैं।

RBI की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, कागजी नोटों की छपाई का खर्च पिछले वित्त वर्ष के ₹5,101.4 करोड़ से बढ़कर ₹5,372.8 करोड़ हो गया है — और यह बढ़ोतरी UPI जैसे डिजिटल भुगतान के तेज विस्तार के बावजूद हुई है। पॉलीमर नोट ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन और सिंगापुर जैसे देशों में पहले से चलन में हैं और ये नकली नोटों के खतरे को भी काफी हद तक कम करते हैं।

पॉलीमर नोट मौजूदा ATM मशीनों के साथ भी पूरी तरह संगत (compatible) होंगे। अधिकारियों का कहना है कि ये नोट लंबे समय तक साफ, पानी-रोधी और जालसाजी-रोधी रहते हैं। इनमें पारदर्शी खिड़कियों और विशेष स्याही जैसी उन्नत सुरक्षा विशेषताएं भी शामिल होती हैं।

यह भारत के लिए कोई नई कोशिश नहीं है। 2012 में सरकार ने कोच्चि, मैसूर, जयपुर, भुवनेश्वर और शिमला जैसे पांच शहरों में ₹10 के पॉलीमर नोटों का परीक्षण करने की योजना बनाई थी, लेकिन तकनीकी और परिचालन संबंधी चुनौतियों के कारण वह योजना आगे नहीं बढ़ पाई। अब एक बार फिर RBI इस दिशा में ठोस कदम उठाने की तैयारी में है।

म्यांमार राष्ट्रपति का भारत दौरायू मिन आंग ह्लाइंग की ऐतिहासिक यात्रा: व्यापार, सुरक्षा और सांस्कृतिक संबंधों को मिलेगी नई दिशा

नई दिल्ली/ 30 मई 2026

म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 मई से 3 जून 2026 तक भारत की पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर आए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही यह यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अप्रैल 2026 में राष्ट्रपति पद संभालने के बाद यह उनकी भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस यात्रा की पुष्टि करते हुए बताया कि राष्ट्रपति यू मिन के साथ कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और कारोबारी नेताओं का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देश अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

बोधगया की आध्यात्मिक यात्रा
अपने दौरे की शुरुआत में राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने 30 मई को बिहार के बोधगया का दौरा किया। बोधगया वह पवित्र स्थान है जहां भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। यह दौरा भारत और म्यांमार के बीच सदियों पुराने बौद्ध धर्म और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करता है।

म्यांमार एक बौद्ध-बहुल देश है और बोधगया की यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच सभ्यतागत जुड़ाव का प्रतीक भी है। भारत ने इस अवसर पर दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक बंधनों को रेखांकित किया।

व्यापार मंच और आर्थिक सहयोग
31 मई 2026 को नई दिल्ली में म्यांमार-भारत व्यापार मंच (Business Forum) का आयोजन किया गया। इस मंच पर दोनों देशों के व्यापारिक नेता और उद्योगपति आपसी व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी के अवसरों पर चर्चा करेंगे।

भारत और म्यांमार के बीच द्विपक्षीय व्यापार को और गति देने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। भारत पहले से ही म्यांमार के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में से एक है और इस दौरे से दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

पीएम मोदी से द्विपक्षीय वार्ता
इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता है। इस वार्ता में दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और आपसी सहयोग के मुद्दों पर चर्चा होगी।

भारत की ‘पड़ोस पहले’ (Neighbourhood First) नीति के तहत म्यांमार एक महत्वपूर्ण साझेदार है। दोनों देश 1643 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं और पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा और विकास के लिए म्यांमार से संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

मुंबई दौरा और भविष्य की संभावनाएं
2 जून को राष्ट्रपति यू मिन मुंबई की यात्रा करेंगे, जहां वे भारत के प्रमुख उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं से मिलेंगे। मुंबई भारत की आर्थिक राजधानी है और यह दौरा म्यांमार में भारतीय निवेश को बढ़ावा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह यात्रा समग्र रूप से भारत-म्यांमार संबंधों के एक नए अध्याय की शुरुआत है। अप्रैल 2026 में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने म्यांमार में राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया था और अब यह आधिकारिक यात्रा दोनों देशों के बीच उच्चतम स्तर पर संपर्क को और प्रगाढ़ करेगी।

टिफनी ट्रंप का भारत यात्रा : अमेरिकी राष्ट्रपति की बेटी ने अक्षरधाम मंदिर से शुरू किया सफर, ताज महल और जैसलमेर भी जाएंगी

नई दिल्ली/ आगरा 30 मई 2026

भारत पहुंचीं टिफनी ट्रंप विश्व विख्यात जैसलमेर के सोनार किले का अवलोकन कर सकती हैं साथ ही जैसलमेर के प्रमुख पर्यटन स्थल का भ्रमण कर सकती हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी टिफनी ट्रंप अपने पति माइकल बोलोस के साथ भारत के निजी दौरे पर आई हैं। वे शनिवार, 30 मई की सुबह दिल्ली पहुंचीं। यह यात्रा पूरी तरह निजी है और इसका कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है।

दिल्ली पहुंचते ही टिफनी ट्रंप और माइकल बोलोस ने अपने दोस्तों के साथ नई दिल्ली स्थित विश्वप्रसिद्ध अक्षरधाम मंदिर का दौरा किया। इस यात्रा को उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘X’ पर साझा करते हुए इसे ‘अविश्वसनीय’ (Incredible) बताया।

अक्षरधाम में सांस्कृतिक अनुभव
स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पर इस यात्रा की पुष्टि करते हुए कहा, ‘यह संस्कृति और विरासत की खोज का एक सुंदर दिन था।’ मंदिर ने टिफनी ट्रंप, माइकल बोलोस और उनके साथियों की मेजबानी को सम्मान की बात बताया।

अक्षरधाम मंदिर अपनी भव्य वास्तुकला, जलप्रपात और भारतीय संस्कृति की झलक पेश करने वाले प्रदर्शनी केंद्रों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यह दौरा भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति टिफनी की रुचि को दर्शाता है।

ताज महल: कल का मुख्य आकर्षण
दिल्ली के बाद टिफनी ट्रंप एक चार्टर्ड विमान से आगरा के खेरिया हवाई अड्डे पहुंचीं। रविवार, 31 मई की सुबह वे विश्व के सात आश्चर्यों में शामिल ताज महल का दौरा करेंगी। अधिकारियों के अनुसार, वे ताज महल में करीब डेढ़ घंटे बिताएंगी।

सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं। हालांकि यह दौरा निजी है, फिर भी अमेरिकी राष्ट्रपति की बेटी होने के नाते पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने प्रोटोकॉल के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की है।

जैसलमेर की ओर अगला पड़ाव
ताज महल दर्शन के बाद दोपहर में टिफनी ट्रंप खेरिया हवाई अड्डे से एक और चार्टर्ड विमान से राजस्थान के जैसलमेर के लिए रवाना होंगी। ‘गोल्डन सिटी’ के नाम से प्रसिद्ध जैसलमेर अपने सुनहरे किले, रेत के टीलों और राजस्थानी संस्कृति के लिए दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करता है।

टिफनी का यह दौरा दिल्ली से शुरू होकर आगरा और फिर जैसलमेर तक जाता है, जो भारत के तीन सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को एक साथ समेटता है। यह यात्रा भारत की विविध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक विरासत की एक झलक पेश करती है।

भारत-अमेरिका संबंधों के संदर्भ में
यद्यपि यह यात्रा पूरी तरह निजी है और इसका कोई राजनयिक स्वरूप नहीं है, फिर भी अमेरिकी राष्ट्रपति के परिवार का भारत दौरा दोनों देशों के बीच बढ़ते मैत्रीपूर्ण संबंधों का प्रतीक है। भारत और अमेरिका के बीच इन दिनों व्यापार, रक्षा और कूटनीतिक क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ रहा है।

टिफनी ट्रंप की यह यात्रा भारत की समृद्ध संस्कृति और विरासत की वैश्विक पहचान को और मजबूत करती है। अक्षरधाम, ताज महल और जैसलमेर जैसे ऐतिहासिक स्थलों का दौरा भारत की अपार सांस्कृतिक संपदा की एक बेहतरीन झलक है, जो विश्व के हर कोने से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

खुरूसबोड़ में मनरेगा तालाब निर्माण के लिए शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज

बेमेतरा – 29 मई 2026:

जिला बेमेतरा छत्तीसगढ़ के ग्राम सभा व पंचायत प्रस्ताव के अनुरूप हो रहा कार्य, स्टे के बावजूद निर्माण जारी रखने वालों पर सख्ती।
ग्राम पंचायत खुरूसबोड़ (आर), तहसील थानखम्हरिया में शासकीय भूमि पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत नवीन तालाब निर्माण का प्रस्ताव ग्राम सभा की बैठक 25 जून 2025 में पारित किया गया था।

इसके उपरांत ग्राम पंचायत द्वारा 22 सितंबर 2025 को पारित प्रस्ताव के माध्यम से प्रस्तावित स्थल से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।

पंचायत द्वारा स्थल निरीक्षण के दौरान पाया गया कि शासकीय भूमि पर कोठार, बाड़ी एवं अन्य संरचनाएं बनाकर अतिक्रमण किया गया है। इस संबंध में संबंधित व्यक्तियों को क्रमशः 23 अक्टूबर 2025, 18 नवंबर 2025 एवं 26 दिसंबर 2025 को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने हेतु अवसर प्रदान किया गया।

नोटिस जारी होने के बाद भी कुछ व्यक्तियों द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाया गया तथा टेकसिंह पिता जयसिंह एवं हिरदे पिता जगेशर द्वारा संबंधित भूमि पर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया। इसके बाद ग्राम पंचायत द्वारा निर्माण कार्य रोकने एवं अतिक्रमण हटाने के संबंध में तहसीलदार न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया।

न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश जारी कर संबंधित पक्षों से दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया।

प्रकरण में संबंधित व्यक्तियों द्वारा लंबे समय से कब्जा होने की बात कही गई, किन्तु भूमि पर वैध स्वामित्व अथवा अधिकार संबंधी कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। राजस्व अमले द्वारा दिए गए प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि स्थगन आदेश के बावजूद एक पक्ष द्वारा निर्माण कार्य जारी रखा गया।

ग्राम पंचायत के प्रस्ताव एवं राजस्व अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस बल की उपस्थिति में चरणबद्ध रूप से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इस दौरान अधिकांश अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं।

तालाब निर्माण हेतु प्रस्तावित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया शासन के नियमानुसार जारी है।

पंचायत एवं राजस्व अभिलेखों के अनुसार संबंधित भूमि शासकीय घास मद में दर्ज है तथा उक्त भूमि पर किसी प्रकार के आवास निर्माण की स्वीकृति प्रदान नहीं की गई है। संबंधित परिवार का मूल आवास आबादी भूमि खसरा क्रमांक 498 में स्थित है, जहां आवास निर्माण हेतु प्रस्ताव स्वीकृत था।