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किरंदुल में स्थानीय रोजगार को लेकर बीजेपी मंडल अध्यक्ष विजय सोढ़ी ने उठाई आवाज, बाहरी कंपनियों के रवैये पर जताई नाराजगी

किरंदुल न्यूज 25 जून 2026/रिपोर्ट – रवि सरकार

किरंदुल नगर में स्थानीय युवाओं, ठेकेदारों और व्यापारियों को रोजगार में प्राथमिकता दिए जाने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है,इसी कड़ी में किरंदुल बीजेपी मंडल अध्यक्ष विजय कुमार सोढ़ी ने क्षेत्र में कार्यरत बाहरी कंपनियों के रवैये पर सवाल खड़े करते हुए अपना पुरजोर विरोध दर्ज कराया है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कार्य कर रही समानता कंपनी,देव माइनिंग,एल एंड टी सहित अन्य बाहरी कंपनियों को सबसे पहले स्थानीय युवाओं, ठेकेदारों,व्यापारियों और मजदूरों को रोजगार एवं कार्य के अवसर प्रदान करने चाहिए।

बैलाडीला क्षेत्र के अनेक युवा आईटीआई, डिप्लोमा और इंजीनियरिंग जैसी तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं,लेकिन उन्हें अपेक्षित अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।

विजय सोढ़ी ने कहा कि वेल्डर, कटर,रिगर,ऑपरेटर,इंजीनियर, ऑफिस स्टाफ सहित विभिन्न पदों पर स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए,साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कई कंपनियां बाहरी ठेकेदारों को लाकर स्थानीय ठेकेदारों की अनदेखी कर रही हैं, जो क्षेत्र के लोगों के साथ अन्याय है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय ठेकेदार हर प्रकार के कार्य को करने में सक्षम हैं और उन्हें कार्य आवंटन में प्राथमिकता मिलनी चाहिए,इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

बीजेपी मंडल अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि इस पूरे विषय पर उनकी पैनी नजर है और यदि स्थानीय लोगों की लगातार उपेक्षा होती रही तो वे पत्राचार,जनप्रतिनिधियों से चर्चा एवं अन्य लोकतांत्रिक माध्यमों से अपना विरोध दर्ज कराएंगे ।

उन्होंने दोहराया कि बैलाडीला क्षेत्र के संसाधनों पर सबसे पहला अधिकार यहां के लोगों का है, इसलिए क्षेत्र में कार्यरत सभी कंपनियों को स्थानीय युवाओं, मजदूरों,व्यापारियों और ठेकेदारों को सर्वप्रथम प्राथमिकता देकर रोजगार उपलब्ध कराना चाहिए।

स्थानीय रोजगार,स्थानीय ठेकेदारों को अवसर और क्षेत्रीय युवाओं को प्राथमिकता दिलाने की मांग को लेकर विजय कुमार सोढ़ी ने कड़ा विरोध दर्ज करते हुए कंपनियों से अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने की मांग की है।

बाहरी कंपनियों के खिलाफ किरंदुल के आक्रोश तेज, पूर्व नपा अध्यक्ष मृणाल राय ने कड़े आंदोलन की चेतावनी दी

किरंदुल न्यूज 24 जून 2026/रिपोर्ट: रवि सरकार

किरंदुल नगर में स्थानीय युवाओं, ठेकेदारों और व्यापारियों के साथ हो रहे निरंतर अन्याय के खिलाफ जनाक्रोश बढ़ता जा रहा है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मृणाल राय ने क्षेत्र में कार्यरत बाहरी कंपनियों, विशेषकर समानता कंपनी, की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी है कि यदि स्थानीय हितों को प्राथमिकता नहीं दी गई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

मृणाल राय ने कहा, “बैलाडीला क्षेत्र की खदानें, प्राकृतिक संसाधन और विकास की नींव स्थानीय लोगों के सहयोग से बनी है। फिर भी रोजगार, ठेकेदारी और अन्य अवसरों में स्थानीय युवाओं और ठेकेदारों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि यह केवल रोजगार का मामला नहीं है, बल्कि क्षेत्र के अधिकार, सम्मान और भविष्य का प्रश्न है।

पूर्व नपा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि अब क्षेत्र में आने वाली किसी भी बाहरी कंपनी को प्राथमिकता के साथ स्थानीय बेरोजगारों, युवाओं और ठेकेदारों को अवसर प्रदान करने होंगे। “यदि कंपनियां स्थानीय हितों की उपेक्षा करती हैं और बाहरी लोगों को अधिक अवसर देती हैं, तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा,” उन्होंने कहा।

मृणाल राय ने आगाह किया कि कंपनियों द्वारा यदि सुधार नहीं किया गया और स्थानीय लोगों को उचित भागीदारी नहीं मिली, तो आने वाले दिनों में युवा, ठेकेदार, व्यापारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन मिलकर बड़ा जनआंदोलन खड़ा करेंगे। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर धरना-प्रदर्शन और लोकतांत्रिक तरीकों से व्यापक विरोध दर्ज कराया जाएगा।

व्यक्तव्य — मृणाल राय, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष, किरंदुल:
“खदान हमारी, संसाधन हमारे, लेकिन रोजगार और ठेकेदारी में हमें ही दरकिनार किया जा रहा है। अब यह अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा — स्थानीय युवाओं और ठेकेदारों को उनका हक मिलना ही चाहिए।”


व्यावसायिक प्रशिक्षकों की निरंतर सेवा के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लिया संज्ञान, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को लिखा पत्र

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भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा इस गंभीर विषय पर तुरंत संज्ञान लेने और शिक्षा मंत्री को पत्र भेजने के लिए उनका आभार व्यक्त किया है।

रायपुर छत्तीसगढ़ 24 जून 2026

भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल के द्वारा एक ज्ञापन विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को सोपा गया था जिसमें छत्तीसगढ़ में एनएसक्यूएफ (NSQF) योजना के तहत कार्यरत हजारों व्यावसायिक प्रशिक्षकों (Vocational Trainers) के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ी पहल हुई है।

भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल के प्रदेश उपाध्यक्ष रविंद्र रामटेके के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कल छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन दिया था। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को आवश्यक कार्यवाही हेतु एक आधिकारिक पत्र प्रेषित किया है।

जिसमें उन्होंने विद्यार्थियों की पढ़ाई और प्रशिक्षकों के भविष्य का हवाला देते हुए शिक्षा मंत्री को भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि प्रदेश के लगभग 1284 विद्यालयों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक व्यावसायिक शिक्षा संचालित की जा रही है। सत्र 2025-26 में विभिन्न ट्रेडों के अंतर्गत लगभग 810 व्यावसायिक प्रशिक्षक वर्तमान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

डॉ. रमन सिंह ने पत्र के माध्यम से शिक्षा मंत्री से आग्रह किया है कि 810 व्यावसायिक शिक्षकों की वर्तमान सेवाओं को आगामी सत्र 2026-27 में भी निरंतर रखी जाएं।

पत्र में अनुभव को ध्यान रखते हुए वीटीपी (VTP) कंपनी बदलने की स्थिति में भी इन प्रशिक्षकों की सेवाएं और उनका पुराना अनुभव को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाने का आग्रह।

डॉ रमन सिंह ने लिखा कि मध्य सत्र में टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगा कर सत्र के बीच में पुनः टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से नए पद भरने के बजाय वर्तमान अनुभवी प्रशिक्षकों को ही कार्य पर बनाए रखा जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

विधानसभा अध्यक्ष ने शिक्षा मंत्री से निर्देश जारी करने का किया आग्रह और पत्र के अंत में छात्र हित और प्रशिक्षकों के उज्जवल भविष्य को सर्वोपरि बताते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया है कि वे इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश जारी करें।

यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष रविंद्र रामटेके ने उम्मीद जताई है कि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव इस संवेदनशील मामले में जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेंगे।


एल-नीनो के संभावित प्रभाव से इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा की आशंका

रायपुर /छत्तीसगढ़ -24/06/2026

कृषि विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के किसानों को जानकारी देते हुए आह्वान किया कि ,अपलैंड व कम जलधारण क्षमतावाली भूमि में धान के स्थान पर दलहन-तिलहन अपनाने का प्रयास किया जाय।

विभाग ने कहा कि
दलहन-तिलहन पर 15,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन।
इन फसलों की खरीदी प्रधानमंत्री आशा योजना के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर की जाएगी।
-मध्यम भूमि के लिए अल्प अवधि की धान किस्मों के चयन की सलाह।

कृषि विभाग छत्तीसगढ ने किसानों को सलाह दी है कि
प्रदेश में एल-नीनो के प्रभाव से इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा की संभाव्यता को देखते हुए कृषि विभाग ने मौसम अनुरूप फसल प्रबंधन अपनाने की चेतावनी और दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

विभाग ने विशेष रूप से अपलैंड एवं कम जलधारण क्षमता वाली भूमि में धान की जगह दलहन (अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी) एवं तिलहन (तिल, रामतिल, मूंगफली) व सूखा सहनशील बीजों (कोदो, कुटकी, रागी) की खेती बढ़ाने का आह्वान किया है।

कृषि विभाग के अनुसार ये वैकल्पिक फसलें कम पानी में भी बेहतर पैदावार देती हैं और प्रतिकूल मौसम में जोखिम कम करती हैं। सरकार द्वारा अपलैंड क्षेत्र में धान के स्थान पर दलहन-तिलहन खेती करने वाले किसानों को 15,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

साथ ही इन फसलों की खरीदी प्रधानमंत्री आशा योजना के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित की जाएगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होगा।

आर्थिक एवं पर्यावरणीय लाभ
दलहन-तिलहन फसलें लागत कम कर बेहतर आय का स्रोत बन सकती हैं और साथ ही मृदा स्वास्थ्य सुधारने में मदद करती हैं। दलहनी फसलों से मिट्टी में नाइट्रोजन बढ़ता है, जिससे आगामी फसलों की उपज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इन फसलों के बाजार मूल्य भी अपेक्षाकृत अनुकूल रहते हैं, जिससे किसानों की आय में वृद्धि की संभावना बनी रहती है।

धान के लिए सलाह
मध्यम भूमि वाले किसानों के लिए कृषि विभाग ने अल्प अवधि में पकने वाली धान किस्मों के प्रयोग का सुझाव दिया है ताकि कम वर्षा की स्थिति में जल उपलब्धता के अनिश्चितता से उत्पन्न जोखिम कम किया जा सके।

आवश्यक कार्रवाई
कृषि विभाग किसानों से अनुरोध करता है कि वे स्थानीय कृषि विज्ञान केन्द्र (Krishi Vigyan Kendra), ब्लॉक स्तर के कृषि कार्यालय या निकटतम कृषि उपदेशन केंद्र से वैज्ञानिक सलाह लेकर फसल चयन और फसल विविधीकरण की योजनाएँ बनाएं तथा सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ उठाएं।

विभाग का मानना है कि मौसम आधारित रणनीति अपनाकर किसान संभावित सूखे के प्रभाव को कम कर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।

गंगा बीच नाव पर ‘चिकन‑पार्टी’ वीडियो के बाद पांच गिरफ्तार, नाव सीज

डिजिटल डेस्क/वाराणसी न्यूज – 24 जून 2026

वाराणसी पुलिस ने दशाश्वमेध घाट के पास गंगा नदी में एक नाव पर चिकन‑पार्टी का वायरल वीडियो मिलने के बाद पांच लोगों को गिरफ्तार कर नाव को सीज कर लिया है।

लगभग 1 मिनट 15 सेकंड के वायरल क्लिप में आरोपियों द्वारा मांस पकाए जाने और शराब पार्टी का दावा किया गया है; पुलिस ने त्वरित जांच कर आरोपियों दीपक कुमार, अजय साहनी, अरुण कुमार साहनी, अनुराग निषाद और राहुल साहनी (उम्र 25–32 वर्ष) को हिरासत में लिया।

वीडियो में बताये गए भाजपा पार्षद सत्यनारायण साहनी उर्फ तन्ना की उपस्थिति दिखाई नहीं देती; पुलिस का कहना है कि नाव संभवतः पार्षद या उनके परिवार के किसी सदस्य की हो सकती है। भारत के खासकर हिंदुओं के लिए जो गंगा के पानी को अमृत समझते है उन्हीं पवित्र गंगा की लहरों पर न केवल मांस पकाया जा रहा है, बल्कि शराब पार्टी चल रही थी। तन्ना वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी में डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी मंडल के उपाध्यक्ष भी हैं।

खबर अनुसार पुलिस की कार्रवाई

एसीपी अतुल त्रिपाठी ने कहा कि ऐसी हरकतें जो लोगों की भावनाओं को आहत करें, न करें, और मामले की कानूनी जांच जारी है।भाजपा पार्षद के नाव पर ऐसा कृत्य होने के सवाल पर एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि वीडियो में वे दिखाई नहीं पड़ रहें हैं।

पूर्व में एक घटना
पिछले साल रमजान के दौरान भी वाराणसी के पंचगंगा घाट के पास नाव पर बिरयानी‑पार्टी का वीडियो वायरल हुआ था; उस समय पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

– धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर सांस्कृतिक-संवेदनशीलता का उल्लंघन अक्सर सामाजिक तनाव और कानूनी कार्रवाई का कारण बनता रहा है।





लोहागढ़ किले में मौत: मंगनी और शादी के बीच हत्या का खुलासा प्रेमी और प्रेमिका गिरफ्तार

डिजिटल न्यूज 24 जून 2026

हत्या को हादसा बताने का प्रयास लेकिन पुलिस की नजर में संदेह होने पर जांच से मामला खुला पुणे के लोहागढ़ किले में हुई 24 वर्षीय केतन अग्रवाल की दर्दनाक मौत शुरुआत में एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना लग रही थी–ट्रेकिंग के दौरान संतुलन खोकर खाई में गिरने का सामान्य व्याख्यान, परिवार की बेइंतहा चोट और मौजूदा शादी‑तैयारियों के बीच आई अचानक आत्मीय क्षति।

परंतु पुलिस की सतर्कता और डिजिटल-साक्ष्यों की गहन पड़ताल ने मामले की दिशा ही बदल दी। शुरुआती स्तर पर बने “हादसा” के निष्कर्ष ने जांच अधिकारियों को असंतुष्ट कर दिया; उन्हें घटनास्थल, गवाहों के बयानों और पहली रिपोर्टों में कुछ अंकों पर खरोंच महसूस हुई — और सही साबित हुआ कि सतह के परे और भी तथ्य छिपे थे।

जांच की प्रक्रिया में कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन, सोशल मीडिया एक्टिविटी और होटल‑रिकॉर्ड जैसी तकनीकी पड़ताल ने कहानी के कई छिपे पहलू उजागर किए। पुलिस ने पाया कि घटना से पहले और बाद के समय-सारिणी में असामान्य संवाद और गतिशीलताएँ थीं, और कुछ सूचनाएँ जानबूझकर साझा नहीं की जा रही थीं। वीडियो और तस्वीरों के टाइमस्टैम्प, कॉल लॉग से मेल खाने वाली स्थितियाँ, और संदिग्ध व्यवहार के रिकॉर्ड ने प्रारंभिक ‘दुर्घटना’ की व्याख्या को चुनौती दी।

इसी सतर्कता के बल पर जांच ने सिया गोयल और चेतन चौधरी की भूमिका पर गहराई से नजर डाली; अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए अदालतीन प्रक्रियाओं और वैधानिक जांच की राह अब खुली है।

यह मामला दो बड़े संकेत देता है।
पहला, आधुनिक जांच अब पारंपरिक फोरेंसिक तक सीमित नहीं रही — डिजिटल साक्ष्य और डेटा‑फोरेंसिक ने घटनाओं की असली टाइमलाइन और व्यक्ति‑व्यवहार खोलकर रख दी।
दूसरी बात, सामाजिक धारणाएँ कि प्रेम‑विवाह के मामलों में “हादसा” एक सहज स्वीकार्य स्पष्टीकरण हो सकता है, उस पर भी प्रश्न चिन्ह लगना चाहिए; सतत सतर्कता और व्यापक जांच से ही सच्चाई उभरती है।

समाज के लिए यह एक चेतावनीपूर्ण सबक है:
रिश्तों की जटिलताओं को केवल भावनात्मक या पारिवारिक स्तर पर हल करना पर्याप्त नहीं”
जब संकेत असामान्य दिखें तो कानून और संस्थान सक्रिय रहना चाहिए। साथ ही, युवा जो मंगनी और विवाह के बहाने सार्वजनिक प्रदर्शन और निजी निर्णयों में असमंजस में हैं, उन्हें पारदर्शी संवाद, परिवारिक समर्थन और कानूनी ज्ञान की आवश्यकता है ताकि उनके बीच पैदा होने वाले तनावों का हिंसक नतीजा न निकले।

यह भी ध्यान देने योग्य है कि पुलिस की सतर्कता ने न सिर्फ दोषियों तक पहुंच के रास्ते खोले, बल्कि परिवार के लिए भी अनसुलझे सवालों का सामना कर आने वाली न्यायिक प्रक्रिया की उम्मीद जगाई। समाज को चाहिए कि वह ऐसे मामलों में जांच‑प्रक्रिया और न्याय सुनिश्चित करने के लिए संस्थागत विश्वास बनाये रखे, साथ ही प्रेम और विवाह जैसे संवेदनशील मुकदमों में पारिवारिक संवाद और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को बढ़ावा दे।


भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को सौंपा ज्ञापन

810 व्यावसायिक प्रशिक्षकों की सेवा निरंतरता और छात्रों के भविष्य को लेकर की मांग।

रायपुर (छत्तीसगढ़) दिनांक: 23 जून 2026

ज्ञापन में मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया गया कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘एनएसक्यूएफ (NSQF) समग्र शिक्षा’ के तहत देश भर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी विगत 10 वर्षों से व्यावसायिक शिक्षा का अध्यापन कार्य सुचारू रूप से संचालित हो रहा है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा राज्य के लगभग 1284 स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक व्यावसायिक शिक्षा की स्वीकृति दी गई है।

विद्यार्थियों की पढ़ाई और युवाओं के रोजगार पर संकट

प्रेस विज्ञप्ति में प्रदेश उपाध्यक्ष रविंद्र रामटेके ने बताया लिखा है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 652 समग्र शिक्षा स्कूलों व 41 ‘पीएमश्री’ स्कूलों के लिए विभिन्न 15 ट्रेडों में कुल 1386 व्यावसायिक प्रशिक्षकों की भर्ती निजी कंपनियों (VTP) के माध्यम से की गई थी। इस प्रक्रिया के तहत छत्तीसगढ़ के लगभग 810 तकनीकी रूप से शिक्षित बेरोजगार युवाओं को नियुक्ति मिली थी, जो पूरी निष्ठा से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

काउंसिल ने चिंता व्यक्त की है कि वर्तमान में नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो चुका है और छात्र कक्षा 9वीं, 10वीं व 11वीं में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई शुरू कर चुके हैं। ऐसे में सत्र के बीच में, पूर्व से कार्यरत इन प्रशिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया (जो कि जेम्स पोर्टल के माध्यम से 20 जून 2026 को लगभग 1506 पदों के लिए मंगाई गई है) कराने से छात्रों की पढ़ाई सीधे तौर पर प्रभावित होगी।

काउंसिल द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई प्रमुख मांगें:

सेवाओं की निरंतरता:
सत्र 2025-26 में नियुक्त लगभग 810 व्यावसायिक प्रशिक्षकों की सेवाएं नवीन सत्र 2026-27 के लिए भी यथावत रखी जाएं।

भविष्य की सुरक्षा:
समग्र शिक्षा विभाग और वीटीपी (VTP) कंपनी के बीच यदि किसी तकनीकी या अन्य कारण से एमओयू (MoU) बाधित होता है, तब भी कार्यरत प्रशिक्षकों की सेवाएं प्रभावित न की जाएं।

अनुभव को प्राथमिकता:
यदि नई टेंडर प्रक्रिया में किसी नई वीटीपी (VTP) कंपनी का चयन होता है, तो पूर्व से कार्यरत प्रशिक्षकों के भविष्य और उनके अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें ही पद पर बनाए रखा जाए।

“नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। ऐसे में अनुभवी प्रशिक्षकों को हटाकर नई टेंडर प्रक्रिया अपनाना युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ और विद्यार्थियों की शिक्षा के साथ अन्याय होगा।

हमें पूर्ण विश्वास है कि संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उचित निर्णय लेंगे।”

इन विभागों को भी भेजी गई प्रतिलिपि
संगठन द्वारा इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए ज्ञापन की प्रतिलिपि छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के मंत्री गजेंद्र यादव एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई है।


‘कॉकटेल 2’ का धमाल, वीकेंड पर बॉक्स ऑफिस 75 करोड़ पार लेकिन 150 करोड़ी बजट अब भी बड़ी चुनौती

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मुंबई फिल्म डेस्क – 23 जून 2026

बॉलीवुड स्टार शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना की मच-अवेटेड फिल्म ‘कॉकटेल 2’ को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। सिनेमाघरों में एक बार फिर लव ट्राएंगल का जादू लौट आया है।होमी अदजानिया के निर्देशन में बनी यह फिल्म कुणाल (शाहिद) और दिया (रश्मिका) की कहानी है, जो बचपन के प्रेमी हैं लेकिन शादी से हिचकिचाते हैं।

सिसिली की छुट्टियों में जब इनकी जिंदगी में दिया की दोस्त एली (कृति सेनन) की एंट्री होती है, तो कहानी में एक दिलचस्प मोड़ आता है। हालांकि फिल्म को लेकर समीक्षकों और दर्शकों की राय थोड़ी बंटी हुई है, लेकिन इसके बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार अपने पैर जमाए हुए है।

वीकेंड का फिल्म को भरपूर फायदा मिला है, जिससे मेकर्स ने थोड़ी राहत की सांस जरूर ली होगी।रविवार को कलेक्शन में आया उछाल, वर्किंग डेज की परीक्षा बाकी

Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘कॉकटेल 2’ ने रिलीज के तीसरे दिन यानी रविवार को देशभर के करीब 10,462 शोज़ से 17.75 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। शनिवार (16.25 करोड़) के मुकाबले रविवार की कमाई में 9.2% का उछाल देखा गया।

इस शानदार संडे की बदौलत घरेलू बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 47.50 करोड़ रुपये (ग्रॉस 57 करोड़ रुपये) पहुंच गया है। वहीं विदेशी बाजारों से मिले 19.25 करोड़ रुपये के ओवरसीज ग्रॉस को मिलाकर फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन महज 3 दिनों में 76.25 करोड़ रुपये हो चुका है।

खबर सूत्रों पर फिल्म का कुल बजट करीब 150 करोड़ रुपये होने के कारण इस शुरुआती कमाई को एक मिला-जुला रिस्पॉन्स ही माना जा रहा है। अपनी भारी-भरकम लागत निकालने और मुनाफे की तरफ बढ़ने के लिए ‘कॉकटेल 2’ को आने वाले वर्किंग डेज (सोमवार से गुरुवार) में भी इसी मजबूत रफ्तार को बनाए रखना होगा।

किसानों की कर्जमाफी पर गरमाई सियासत, बिना शर्त पूर्ण कर्ज-माफी को लेकर महाराष्ट्र में विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन

महाराष्ट्र/मुंबई:_23 जून 2026

राज्य सरकार द्वारा घोषित 36,585 करोड़ रुपये की ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्ज-मुक्ति योजना’ में लगी सख्त शर्तों के खिलाफ मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही महाराष्ट्र में किसानों की कर्जमाफी को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है।

विपक्षी दलों ने सोमवार को विधानसभा परिसर की सीढ़ियों पर जमकर विरोध-प्रदर्शन किया।

शिवसेना (UBT) के विधायक आदित्य ठाकरे, अंबादास दानवे और कांग्रेस नेता सतेज पाटिल के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इससे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने भी इन सख्त शर्तों को हटाने की मांग को लेकर मोर्चा खोला था।

विपक्ष का आरोप है कि भले ही सरकार ने कर्जमाफी की घोषणा कर दी है, लेकिन इसमें जोड़ी गई पेचीदा शर्तों के कारण बड़ी संख्या में जरूरतमंद किसान इस लाभ से वंचित रह जाएंगे। विपक्षी दलों ने मांग की है कि 56 लाख पात्र किसानों के लिए बिना किसी जटिल प्रक्रिया के पूर्ण और बिना शर्त कर्जमाफी लागू की जाए ताकि योजना को असल मायने में आसान और प्रभावी बनाया जा सके।

फसल नुकसान और कृषि संकट पर घेरा, सरकार ने दी 2 लाख तक की राहत

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी विधायकों ने केवल कर्जमाफी ही नहीं, बल्कि किसानों से जुड़े अन्य गंभीर मुद्दों को लेकर भी महायुति सरकार पर तीखा निशाना साधा। प्रदर्शनकारियों ने जमीन के रिकॉर्ड (land records) से जुड़ी विसंगतियों, बेमौसम बारिश व फसल नुकसान और कृषि क्षेत्र की अन्य चुनौतियों को प्रमुखता से उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार अन्नदाता की वास्तविक समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है।

दूसरी ओर, सरकार के अनुसार इस 36,585 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना से राज्य के करीब 56 लाख किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, जिसके तहत 2 लाख रुपये तक का कृषि कर्ज माफ किया जाएगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस योजना में कर्जमाफी, एकमुश्त निपटान (OTS) और प्रोत्साहन लाभ जैसे तीन मुख्य हिस्से शामिल हैं और इसके लिए जमीन के मालिकाना हक जैसी कोई अनिवार्य शर्त नहीं रखी गई है। बहरहाल, विपक्ष के आक्रामक रुख को देखते हुए साफ है कि आगामी दिनों में किसानों का यह मुद्दा सदन से लेकर सड़क तक बेहद गरमाने वाला है।

महिला टी-20 वर्ल्ड कप: दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद फंसा सेमीफाइनल का पेंच, अब हर मैच बना नॉकआउट

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खेल डेस्क 23 जून 2026

महिला टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान और नीदरलैंड्स को हराकर शानदार शुरुआत करने वाली भारतीय टीम की राह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली छह विकेट की हार के बाद मुश्किल हो गई है।हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने फिलहाल तीन मैचों में दो जीत के साथ चार अंक जुटाए हैं और उसका नेट रन रेट +2.511 है।

इस हार ने ग्रुप-ए के समीकरणों को पूरी तरह से उलट-पुलट कर दिया है, जिससे अब भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच सेमीफाइनल की रेस बेहद रोमांचक हो गई है।

ग्रुप-ए में फिलहाल सबसे मजबूत स्थिति में ऑस्ट्रेलियाई टीम है, जो लगातार तीन जीत और +4.391 के नेट रन रेट के साथ छह अंक हासिल कर चुकी है। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका ने भारत को हराकर अपनी उम्मीदों को नई जान दे दी है। लॉरा वोलवार्ट की कप्तानी वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम के अगले मुकाबले नीदरलैंड्स और बांग्लादेश जैसी कमजोर टीमों से हैं, जिन्हें जीतकर वह आठ अंकों तक पहुंच सकती है।

हालांकि, कमजोर नेट रन रेट (-0.546) के कारण उन्हें अब बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी।

भारतीय टीम के लिए अब आगे का समीकरण बिल्कुल साफ है- अगले दोनों मैच जीतो और बिना किसी जोड़-घटाव के सेमीफाइनल में कदम रखो।भारत का अगला मुकाबला बांग्लादेश से है, जहां कागज़ पर टीम इंडिया का पलड़ा भारी है। लेकिन यहाँ सिर्फ जीत काफी नहीं होगी, हरमनप्रीत कौर की टीम को एक बड़ी और एकतरफा जीत दर्ज करनी होगी ताकि नेट रन रेट इतना मजबूत हो जाए कि बाद में किसी दूसरी टीम के नतीजों पर निर्भर न रहना पड़े।

असली परीक्षा 28 जून को होगी, जब भारत का सामना सबसे मजबूत दावेदार ऑस्ट्रेलिया से होगा।यदि ऑस्ट्रेलिया अपने अगले मैचों में लड़खड़ाती है और भारत उसे हरा देता है, तो सेमीफाइनल का टिकट पक्का हो जाएगा।लेकिन अगर तीनों टीमें आठ-आठ अंकों पर टाई कर जाती हैं, तो फैसला नेट रन रेट के आधार पर होगा।यही वजह है कि 28 जून को होने वाला भारत-ऑस्ट्रेलिया मुकाबला महज एक लीग मैच न होकर ग्रुप-ए का ‘वर्चुअल क्वार्टर फाइनल’ बन चुका है।