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शांति की राह: नक्सल आत्मसमर्पित महिलाओं से मिलीं ,मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

नारायणपुर/बस्तर न्यूज़ – 29 जून 2026

हिंसा से विकास की राह पकड़ीं महिलाओं से महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आत्मीय बातचीत की और उन्होंने पुनर्वास नीति को नई जिंदगी की राह बताया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने एक दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान नक्सल पुनर्वास केंद्र पहुंचकर आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पुनर्वास केंद्र की व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा महिलाओं के अनुभव सुनते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

संवाद के दौरान आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति की सराहना करते हुए बताया कि नक्सल संगठन का जीवन भ्रम, भय और गुमराह करने वाली विचारधारा से भरा हुआ था।

उन्होंने कहा कि मुख्यधारा से जुड़ने के बाद उन्हें सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नई राह मिली है। शासन की पुनर्वास नीति के तहत उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर समाज में सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर रही हैं।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि शासन की मंशा है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

उन्होंने बताया कि कई पूर्व नक्सली आज सरकारी दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं या सामान्य नागरिक के रूप में सफल जीवन जी रहे हैं, जो पुनर्वास नीति की सफलता का प्रमाण है।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने उपस्थित सभी महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुनर्वास, कौशल विकास और रोजगार के माध्यम से आत्मसमर्पित नक्सलियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि वे समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।

हिंद महासागर को अवसरों का महासागर बनाना है – सेशेल्स में पीएम मोदी को मिला सर्वोच्च सम्मान

न्यूज/ पीएम मोदी /नमो-ऐप— 29/06/2026

सेशेल्स के ऐतिहासिक दौरे में प्रधानमंत्री मोदी नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने, जिसे उन्होंने विशेष सम्मान की बात बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स दौरे पर देश के सर्वोच्च राष्ट्रपति सम्मान ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइज़न’ से नवाज़ा गया। यह सम्मान ग्रहण करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वे सेशेल्स के लोगों, वहां की सरकार और राष्ट्रपति हर्मिनी के प्रति आभारी हैं।

उन्होंने इस सम्मान को उन सभी देशों को समर्पित किया जो जलवायु परिवर्तन की चुनौती से लड़ रहे हैं और पर्यावरण संरक्षण को आने वाली पीढ़ियों के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी मानते हैं।

पीएम मोदी ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि भारत हमारे ग्रह को हरा-भरा और टिकाऊ बनाने के लिए हर ज़रूरी कदम उठाने को तैयार है।

उन्होंने ‘मिशन LiFE’, ‘इंटरनेशनल सोलर अलायंस’ और ‘कोएलिशन फॉर डिज़ास्टर रेज़िलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर’ जैसी वैश्विक पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये भारत की उस प्रतिबद्धता के प्रतीक हैं जो घरेलू नीतियों से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक दिखाई देती है।

इस दौरे में पीएम मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में भी शामिल हुए, जो देश की आज़ादी की स्वर्ण जयंती का प्रतीक था। उन्होंने इसे पिछले पचास वर्षों में सेशेल्स के लोगों की शानदार यात्रा को एक उचित श्रद्धांजलि बताया।

पीएम ने कहा कि भारत को सेशेल्स के विकास के सफर में एक भरोसेमंद दोस्त और साझेदार के तौर पर साथ खड़े होने पर गर्व है।

भारत-सेशेल्स जॉइंट प्रेसमीट में पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों का विजन हिंद महासागर को अवसरों का महासागर बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों की साझेदारी साझा मूल्यों और लोगों के बीच आपसी संबंधों के साथ और मज़बूत होती जा रही है।

भारत: वैभव या भीड़? — एक नागरिक की बेबाक पड़ताल

रविवार / 28 जून 2026

ज्ञान के दो ही मुख्य स्त्रोत है किताब या संकलन, लेकिन यह कोई किताबी या संकलित ज्ञान नहीं, बल्कि एक तर्क के साथ नागरिक की अपनी मिट्टी और देश के प्रति चिंता है। आज हम ‘विश्व गुरु’ बनने की दौड़ में तो हैं, लेकिन हमारे पैरों में बढ़ती आबादी और घटती नैतिकता की बेड़ियाँ हैं। यह लेख संसाधनों की कमी, राजनीति के भटकाव और समाधान के कड़े रास्तों पर एक खुली चर्चा है।

— आंकड़ों की जुबानी — जनसंख्या वृद्धि का असली सच
जब हम जनसंख्या की बात करते हैं, तो अक्सर हम केवल ‘भीड़’ देखते हैं, लेकिन आंकड़ों के पीछे छिपे संकेत भविष्य की रणनीति तय करते हैं। 1961-1981 के बीच भारत की वृद्धि दर लगभग 2.22% थी, जो अब घटकर 0.9% के पास है। लेकिन समस्या ‘आधार जनसंख्या’ की विशालता है। दर कम होने के बावजूद हम हर साल एक ऑस्ट्रेलिया जितना नया बोझ ढो रहे हैं।

संवाद – पहला
ज्वाला: “भैया, दर कम हो रही है तो चिंता क्यों?”
ज्योतिपति: “ज्वाला, मान ले एक भारी ट्रक 100 की रफ्तार से दौड़ रहा था, अब उसकी रफ्तार 60 है। रफ्तार कम हुई, लेकिन ट्रक अभी भी आगे बढ़ रहा है और उसका वजन उतना ही भारी है। सामने संसाधनों का छोटा पुल आया, तो खतरा तो रहेगा ही न?”

— युवा भारत और घटते संसाधन
दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी (65%) हमारे पास है, लेकिन हमारे पास दुनिया की कुल जमीन का मात्र 2.4% हिस्सा है। पिछले दशकों में प्रति व्यक्ति खेती योग्य भूमि और पानी की उपलब्धता में 60% से अधिक की गिरावट आई है।

संवाद – दूसरा
ज्वाला: “भैया, जब बाप-दादा के समय जैसा पानी ही नहीं बचा, तो ये युवा करेंगे क्या?”
ज्योतिपति: “यही परीक्षा है ज्वाला! अब पुराने तरीके नहीं चलेंगे। अगर पानी कम है, तो हमें ‘ड्रिप इरिगेशन’ और नई तकनीक की तरफ जाना होगा। वरना ये 65% युवा आबादी केवल हताशा में बदल जाएगी।”

—रोटी, रोजगार और बेरोजगारी का दर्द
युवा हैं, जोश है, डिग्री है — लेकिन नौकरी नहीं। हर साल दो करोड़ से अधिक युवा नौकरी बाजार में उतरते हैं और सरकारी नौकरियों की कुर्सियाँ गिनती की हैं। NEET का पेपर लीक हो जाता है, परीक्षाएं स्थगित होती हैं और युवा सड़कों पर थाली बजाने को मजबूर हैं। यह थाली किसी उत्सव की नहीं — यह व्यवस्था पर प्रहार है।

संवाद – तीसरा
ज्वाला: “भैया, पढ़ाई की, मेहनत की — फिर भी नौकरी नहीं। आखिर गलती किसकी है?”
ज्योतिपति: “गलती उस व्यवस्था की है ज्वाला, जो परीक्षा का पेपर बेचती है और युवा का सपना खरीद लेती है। लेकिन गलती हमारी भी है — हमने उस व्यवस्था को पालने में मत दिया, सवाल नहीं किया।”

— नैतिकता का संकट — असली बेड़ी यही है
जनसंख्या बढ़ना प्रकृति है। लेकिन नैतिकता का गिरना — यह मनुष्य की चुनी हुई तबाही है। आज नेता झूठ बोलते हैं और हम ताली बजाते हैं। अधिकारी रिश्वत लेते हैं और हम चुप रहते हैं। परीक्षाओं में धांधली होती है और हम अगली परीक्षा का इंतजार करते हैं। जब तक नागरिक जागरूक नहीं होगा — कोई भी नीति, कोई भी योजना, कोई भी नेता देश नहीं बचा सकता।

संवाद – चौथा
ज्वाला: “भैया, हम आम आदमी क्या कर सकते हैं?”
ज्योतिपति: “ज्वाला, जब हर आम आदमी ने यह सोचना बंद कर दिया कि ‘मैं क्या कर सकता हूँ’ — तभी से देश बीमार हुआ। एक वोट सोचकर दो। एक सवाल नेता से पूछो। एक बच्चे को ईमानदारी सिखाओ। बदलाव वहीं से शुरू होता है।”

एक चिंतन— वैभव चाहिए तो भीड़ नहीं, चेतना चाहिए
भारत के पास सब कुछ है — इतिहास, संस्कृति, युवा, प्रतिभा।लेकिन जब तक हम संसाधनों को बचाना नहीं सीखेंगे, जब तक नैतिकता को राजनीति से ऊपर नहीं रखेंगे, जब तक हर नागरिक सिर्फ अधिकार नहीं बल्कि जिम्मेदारी भी नहीं समझेगा —

तब तक यह देश वैभव नहीं, सिर्फ भीड़ बना रहेगा।
विश्व गुरु बनना है — तो पहले खुद का गुरु बनो।

डिस्क्लेमर
“यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी एवं लेखक के निजी विचारों पर आधारित है। इसमें किसी व्यक्ति, संस्था या विचारधारा पर कोई आरोप या दावा नहीं किया गया है। यह एक विचार मात्र है।”
(दीपक पाण्डेय)

बड़ी सड़क दुर्घटना सुबह की सैर बन गई आखिरी सफर — तीन दोस्त गए, लौटे नहीं

जांजगीर-चांपा – 28 जून 2026

सड़कें जितनी चौड़ी होगी दुर्घटनाएं उतनी ही बढ़ेगी यह आज इस बात से सच साबित हो रहा है कि तीन दोस्त निकले थे सुबह की सैर करने वह उनका आखिरी सैर हो गया।आखिर रफ्तार पर नियंत्रण कैसे किया जाय जिससे सड़क दुर्घटना रोकी जा सके।

रोज की तरह रविवार सुबह साढ़े चार बजे तीन दोस्त घर से निकले। मकसद था सेहत — सुबह की ताजी हवा और कुछ कदम। लेकिन भारत-माला सड़क पर वो कदम जिंदगी के आखिरी कदम साबित हुए।

जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डोंगरी स्थित भारतमाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर मॉर्निंग वॉक के लिए निकले तीन लोगों को एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने कुचल दिया और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतकों की पहचान दलहरण दास वैष्णव 62 वर्ष, केदार बरेट 52 वर्ष और संतु यादव 70 वर्ष के रूप में हुई है। हादसा सुबह 5 से 6 बजे के बीच हुआ।

तीनों के शव सड़क पर 5 से 10 मीटर की दूरी पर बिखरे मिले। टक्कर की भीषणता ने इलाके को हिला कर रख दिया। वाहन चालक मौके से फरार हो गया।

बलौदा थाना प्रभारी मनोहर सिन्हा ने बताया कि अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और तीनों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा गया।

आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

जानकारी के अनुसार दलहरण दास वैष्णव सेवा सहकारी समिति में शाखा प्रबंधक पद से सेवानिवृत्त थे। केदार बरेट और संतु यादव किसान थे। तीनों पक्के दोस्त थे और रोज एक साथ मॉर्निंग वॉक पर जाते थे। उनकी एक साथ हुई मौत से डोंगरी और कोरबी गाँव में शोक की लहर है।

एक सवाल जो हर बार उठता है —
भारतमाला जैसी चौड़ी और आधुनिक सड़कें बनाई जाती हैं तेज रफ्तार के लिए। लेकिन उसी सड़क के किनारे पैदल चलने वालों की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं। न फुटपाथ, न रोशनी, न स्पीड कैमरा।

सड़क बनी — इंसान की जान सस्ती हो गई।

मेड इन इंडिया” समुद्र से आसमान तक — मन की बात में मोदी बोले, भारत अब रुकने वाला नहीं

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नई दिल्ली /छत्तीसगढ़ – 28 जून 2026

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा कि भारत अब सांस्कृतिक विरासत के साथ उच्च तकनीक को अपनाकर, समुद्र की गहराई से लेकर आसमान की उड़ान तक ‘मेड इन इंडिया’ की ओर कदम बढ़ा रहा है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देशवासियों से सीधा संवाद किया। रक्षा, विमानन, जल संरक्षण, योग, संस्कृति और पर्यावरण — हर मोर्चे पर देश की उपलब्धियाँ गिनाईं और नागरिकों से कई अपीलें भी कीं।

देश का समुद्री सामर्थ्य बढ़ा
पीएम मोदी ने कहा कि INS दुनागिरि, INS संशोधक और INS अग्रय — तीनों युद्धपोत पूरी तरह स्वदेशी हैं। डिजाइन से लेकर निर्माण तक सब कुछ भारत में हुआ। उन्होंने कहा कि समुद्र से आसमान तक भारत लगातार अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर बन रहा है।

आसमान में उड़ा Made in India विमान
जून महीने में देश ने विमानन क्षेत्र में भी बड़ी छलाँग लगाई। C-295 विमान — जो पूरी तरह भारत में बना है — ने अपनी पहली उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की। ऐसे 40 विमान अब भारत में ही बनाए जा रहे हैं। पीएम ने कहा कि इससे MSME और एयरोस्पेस क्षेत्र को नई ताकत मिलेगी और रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे।

जीवन का अमृत पानी बचाओ — बूँद-बूँद का हिसाब रखें
पीएम मोदी ने जल संरक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा —
“जल ही जीवन है। बारिश की एक-एक बूँद को धरती में जाने दें। ‘Catch the Rain’ अभियान जरा भी ढीला नहीं होने देना है।”

योग में भारत सबसे आगे
इस बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दुनियाभर के 2500 से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम हुए। अहमदाबाद में आयोजित विश्व योगासन चैंपियनशिप में भारत ने 102 स्वर्ण सहित कुल 114 पदक जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया।

यूनेस्को हेरिटेज में जड़ों का पुल —विश्व पहचान की दहलीज पर
मेघालय के जीवित रूट ब्रिज को UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल कराने के लिए भारत ने आवेदन किया है। ये पुल रबर के पेड़ों की जड़ों से दशकों में तैयार होते हैं — और जीवित रहते हैं। पीएम ने कहा यह भारत की प्रकृति के साथ जीने की सोच का प्रमाण है।

नए भारत में नालंदा फिर जाग उठा
पीएम ने कहा कि हजारों साल पुराना नालंदा विश्वविद्यालय अब नए रूप में भारत की दिशा तय कर रहा है। शास्त्रार्थ की प्राचीन परंपरा फिर से जीवंत हुई है — जहाँ तर्क और तथ्य के साथ अपनी बात रखना सिखाया जाता है।

कचरा प्लास्टिक से ईंट — ब्यावरा की बहनों का कमाल
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की महिलाओं ने शहरभर से प्लास्टिक कचरा इकट्ठा कर उसे eco-bricks में बदला। आज उन्हीं ईंटों से सार्वजनिक स्थान सँवारे जा रहे हैं। पीएम ने इसे आत्मनिर्भर भारत की असली तस्वीर बताया।

स्वदेश की मिट्टी के खुशबू से तैयार हो गणपति की मूर्ति —
कोई भी पूजा में मूर्ति के रूप में देसी मिट्टी से बने भगवान को ही स्थापित करें।पीएम मोदी ने अपील की कि इस बार गणेश उत्सव में देश की मिट्टी से बनी और स्थानीय कुम्हारों के हाथों तैयार मूर्तियाँ ही स्थापित करें। विदेशी मूर्तियों से बचें।

अंधविश्वास से परे दुर्लभ हरगिला — अशुभ से अनमोल तक
असम में ‘हरगिला’ नाम के दुर्लभ पक्षी को कभी अशुभ माना जाता था। जीव वैज्ञानिक पूर्णिमा देवी बर्मन ने हजारों ग्रामीण महिलाओं को जोड़कर इस धारणा को बदला। आज यही महिलाएं ‘हरगिला आर्मी’ के नाम से जानी जाती हैं।

Baby league से नागालैंड के नन्हे फुटबॉलर

पीएम ने नागालैंड की ‘Baby League’ का जिक्र किया जहाँ 5 से 12 साल के बच्चे फुटबॉल के मैदान में अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। नागालैंड वुमेन फुटसल लीग बेटियों को भी आगे बढ़ने का मंच दे रही है।

पीएम की देशवासियों से अपील
पीएम ने पश्चिम एशिया की युद्ध स्थिति का हवाला देते हुए नागरिकों से कहा — कुछ समय के लिए सोना खरीदने से बचें, विदेश यात्रा टालें, कार पूलिंग अपनाएं और किसान रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खाद की ओर लौटें।

एक देश जो समुद्र में युद्धपोत उतार रहा है, आसमान में अपना विमान उड़ा रहा है और गाँव की बहनें प्लास्टिक से ईंट बना रही हैं — यही है नया भारत।

मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति विद्यार्थी एवं आमजन के बीच जागरूकता शिविर

बेमेतरा 27 जून 2026

विद्यालयों एवं पंचायतों में हुआ आयोजन।26 जून को “मादक पदार्थों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय दिवस” के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्रों द्वारा जिले के विभिन्न स्थानों पर जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं, ताकि विशेषकर युवा वर्ग को नशा मुक्त भारत के निर्माण के लिए प्रेरित किया जा सके।

शिविर में उपस्थित विद्यार्थियों एवं आमजनों को मादक पदार्थों के अवैध व्यापार की रोकथाम, नशा मुक्ति, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा उपलब्ध विधिक सहायता संबंधी जानकारी दी गई। साथ ही नशा मुक्ति से जुड़े प्रेरक संदेश एवं जानकारी साझा कर जागरूकता बढ़ाई गई।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की DAWN (Drug Awareness and Wellness Navigation for a Drug Free India) योजना तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार, माननीय अध्यक्ष/प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमती सरोजनंद दास के मार्गदर्शन में जिले में जागरूकता अभियान चलाया गया।

श्रीमती स्वर्णलता ओम यादव, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बेमेतरा की उपस्थिति में शासकीय हाई स्कूल लोलेसरा, स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल सिंघौरी, शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोबिया तथा ग्राम पंचायत कुसमी, बहेरा, पीपरभट्ठा, अमोरा एवं तालुका साजा की ग्राम पंचायत माटरा में मादक पदार्थों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध जागरूकता शिविर आयोजित किए गए।

सचिव श्रीमती स्वर्णलता ओम यादव ने विद्यार्थियों को नशे की लत के दुष्परिणामों तथा इसके शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक प्रभावों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार एवं समाज के विकास में भी गंभीर बाधा उत्पन्न करता है। विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया।



जागरूकता रथ रवाना: 28 जून से बेमेतरा में चलेगा तीन दिवसीय राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान

बेमेतरा/छत्तीसगढ़- 27 जून 2026

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु जिला चिकित्सालय बेमेतरा से आज आई.ई.सी. सामग्री एवं माइकिंग से युक्त जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. लोकेश साहू, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. शरद कोहाड़े एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ दीपक कुमार निराला,स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.पी. कोसरिया ने संयुक्त रूप से रथ को रवाना किया।

यह रथ जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर अभियान की जानकारी देकर लोगों को जागरूक करेगा।

कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमृत लाल रोहलेडर के मार्गदर्शन में तीन दिवसीय राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ 28 जून 2026, रविवार को होगा।

अभियान एक नजर में – जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ शरद कोहाड़े :
1. लक्ष्य: 0 से 5 वर्ष तक के 96,085 बच्चों को पोलियो खुराक
2. 28 जून, रविवार: बूथ दिवस – सभी 801 पोलियो बूथों पर दवा पिलाई जाएगी
3. 29-30 जून:छूटे हुए बच्चों को घर-घर जाकर टीम द्वारा प्रतिरक्षित किया जाएगा

विकासखंडवार लक्ष्य:
– बेमेतरा: 26,776 बच्चे
– साजा: 22,074 बच्चे
– नवागढ़:25,009 बच्चे
– बेरला:22,230 बच्चे

विशेष व्यवस्थाएं:
1. कुल बूथ:801
2. ट्रांजिट टीम: 14 ट्रांजिट स्थलों पर 44 सदस्य ईंट-भट्ठों, घुमंतू समूहों व मलीन बस्तियों में बच्चों को कवर करेंगे
3. मोबाइल टीम: 6 मोबाइल टीम सभी ट्रांजिट स्थलों का भ्रमण करेंगी

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. शरद कोहाड़े ने बताया कि अभियान की सभी तैयारियां पूर्ण हैं। स्वास्थ्य विभाग के साथ जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, मितानिन कार्यक्रम व शिक्षा विभाग का सहयोग लिया जा रहा है।

कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं की अपील:
“28 जून रविवार को अपने 0-5 वर्ष के बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर ले जाकर ‘दो बूंद जिंदगी की’ अवश्य पिलाएं। पोलियो को देश में दोबारा प्रवेश से रोकने के लिए हर नागरिक की सहभागिता जरूरी है।”

सभी जनप्रतिनिधियों से अभियान में सक्रिय सहयोग एवं मीडिया से व्यापक प्रचार-प्रसार का आग्रह किया गया है।


नवागढ़ में डायल-112 की तत्परता से बची युवक की जान, डीआईजी ने की टीम की सराहना

बेमेतरा – 27 जून 2026

बेमेतरा जिले के नवागढ़ क्षेत्र में डायल-112 सेवा टीम की सूझबूझ और तेज कार्रवाई से एक युवक की जान बच गई। घटना वार्ड क्रमांक 15 तिलका पारा की है, जहां एक युवक शराब के नशे में अपने कमरे में पंखे से लुंगी का फंदा बनाकर आत्महत्या का प्रयास कर रहा था। सूचना मिलते ही डायल-112 टीम और थाना नवागढ़ पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।

मौके पर पहुंचकर आरक्षक विजय कुमार घृतलहरे, चालक सोमेश साहू, प्रधान आरक्षक राजीव शर्मा, आरक्षक भूपेंद्र चंद्रवंशी और राहुल दुबे ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कमरे की खिड़की तोड़ी और फंदे पर झूल रहे युवक को सुरक्षित नीचे उतारा। इसके बाद टीम ने युवक को तत्काल डायल-112 वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवागढ़ पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस उप महानिरीक्षक श्री रामकृष्ण साहू (IPS) ने पूरी टीम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश यादव, डीएसपी राजेश कुमार झा, डीएसपी श्रीमती कौशिल्या साहू, डीएसपी श्रीमती शशीकला उईके, एसडीओपी विनय कुमार, एसडीओपी भूषण एक्का सहित जिले के सभी थाना प्रभारियों ने भी टीम को बधाई दी।

बेमेतरा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सड़क दुर्घटना, अपराध, घरेलू हिंसा, आगजनी या किसी भी आपात स्थिति में तुरंत 112 नंबर पर संपर्क करें। पुलिस हर समय लोगों की सुरक्षा और मदद के लिए तैयार है।

केतन मर्डर केस – ​लोहागढ़ किले में ‘हादसा’ नहीं ‘हत्या’ थी, तफ्तीश और बयान

खबर डेस्क 27 जून 2026

  • ज्योतिपति: गांव के वरिष्ठ पुरुष, जो समाज और रिश्तों के ताने-बाने को गहराई से समझते हैं।
  • ​ज्वाला: ‘जन चौपाल 36’ के युवा पत्रकार पुरुष, जो हर खबर की तह तक जाते हैं।

​(दृश्य: चौपाल पर खाट पर बैठे ज्योतिपति और ज्वाला आपस में चर्चा कर रहे हैं। हाथ में मोबाइल लिए ज्वाला इस नए सनसनीखेज केस की परतें खोल रहा है।)

​ज्योतिपति: (गंभीर मुद्रा में) अरे ज्वाला भैया, ये पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत का जो मामला सामने आया है, उसने तो इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। पहले तो पुलिस और सब लोग इसे लोहागढ़ किले की ऊंचाई और फिसलन के कारण हुआ एक हादसा ही मान रहे थे ना?

​ज्वाला: (तेवर बदलते हुए) हां काका, शुरुआत में तो इसे बिल्कुल सीधा-साधा ‘एक्सीडेंट’ ही मान लिया गया था। पूरा परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। लेकिन कहते हैं ना कि गुनहगार चाहे कितना भी शातिर हो, कोई न कोई सुराग छोड़ ही जाता है। इस केस में असली ‘टर्निंग पॉइंट’ तब आया जब केतन की बहन को सिया गोयल पर शक हुआ। उसने हार नहीं मानी और पुलिस को दोबारा गहराई से जांच करने के लिए मजबूर कर दिया।

​ज्योतिपति: (हैरान होकर) बहन का शक सही निकला! पर पुलिस को सुराग मिला कहाँ से?

​ज्वाला: (आंकड़े समझाते हुए) काका, पुलिस ने जब स्थानीय सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालना शुरू किया, तो उन्हें एक अजीब और संदेहास्पद नजारा दिखा। 32 डिग्री की कड़कड़ाती गर्मी में एक आदमी हुडी (पूरी आस्तीन और टोपी वाला जैकेट) पहने घूम रहा था। बस, पुलिस का माथा ठनका! जब कड़ियाँ जोड़ी गईं, तो पता चला कि वो हुडी वाला शख्स कोई और नहीं, बल्कि सिया का प्रेमी चेतन चौधरी था। इसके बाद जब पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो सारा झूठ ताश के पत्तों की तरह ढह गया और दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

​ज्योतिपति: (माथा सिकोड़ते हुए) हे भगवान! शादी से पहले ही ऐसा खूनी खेल? वैसे सोशल मीडिया और खबरों में तो सिया गोयल के कुछ अजीब बयान भी तैर रहे हैं ना?

​ज्वाला: (व्यंग्य से हंसते हुए) अरे काका! सिया गोयल का वो बयान सुनेंगे तो आपका सिर घूम जाएगा। मीडिया और सोशल मीडिया पर सिया का कहना है कि केतन गंजा था इसलिए पसंद नहीं था और बोलते समय हकलाता था।आप बताइए ‘गंजा होना कोई मौत को दावत देना है। कहते हैं कि गंजे आदमी के पास खूब सारा पैसा होता है।’ मतलब देख रहे हैं काका, वो केतन के गंजेपन पर कैसा तंज कस रही थी! साथ ही सिया का यह भी दावा है कि उसने केतन को सगाई से पहले और सगाई के बाद भी साफ-साफ बोल दिया था कि वह उससे शादी नहीं करना चाहती। वह केतन के न मानने के बाद भी अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ ही रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहती थी। मजेदार बात देखिए, अब दोनों जेल में हैं और एक-दूसरे पर दोष मढ़ रहे हैं! सिया कह रही है कि मर्डर की पूरी प्लानिंग चेतन ने की थी, और चेतन का कहना है कि मास्टरमाइंड खुद सिया थी।

​ज्योतिपति: (हैरान होकर) पर ये प्लानिंग हुई कहाँ थी? कुछ वीडियो भी तो सामने आ रहे हैं ना?

​ज्वाला: बिल्कुल काका, अब रोज नए-नए वीडियो सामने आ रहे हैं। हाल ही में पुणे के एक नामी रेस्टोरेंट का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, जिसमें सिया और चेतन लगातार बैठकर गंभीर बातचीत करते दिख रहे हैं। रिपोर्ट्स का दावा है कि इसी रेस्टोरेंट की टेबल पर बैठकर इस खौफनाक हत्याकांड की स्क्रिप्ट लिखी गई थी। ये दोनों तो पहले भी लोहागढ़ किले का जायजा लेने और रेकी करने जा चुके थे।

​ज्योतिपति: (गहरी सांस लेते हुए) इसका मतलब खेल बहुत पहले से रचा जा रहा था?

​ज्वाला: (गंभीर लहजे में) बहुत खतरनाक खेल था, काका। सिया ने पुलिस के सामने कुबूला है कि वह एक बार पहले भी अकेले ही केतन को किले से नीचे धकेलने की कोशिश कर चुकी थी! लेकिन उस समय किस्मत अच्छी थी और केतन किसी तरह संभल गया और बच गया। जब पहला प्लान फेल हुआ, तो सिया ने चेतन को दोबारा बुलाया। दोनों ने किले में एक सुनसान जगह तय की। उन्होंने एक कोड वर्ड (संकेत) बनाया था—’झुकना’। जैसे ही तय जगह पर सिया झुककर इशारा करेगी, चेतन को धक्का मारना था। और हुआ भी यही; सिया के झुकते ही चेतन ने केतन को गहरी खाई में धकेल दिया, जिससे उसकी जान चली गई।

​ज्योतिपति: (दुखी होते हुए) बहुत विडंबना है भाई। आज की पीढ़ी रिश्तों की मर्यादा भूलकर अपराध के रास्ते पर निकल पड़ी है। परिवार के दबाव और जबरदस्ती के रिश्तों का अंत इतना खौफनाक होगा, किसी ने सोचा नहीं था।

​ज्वाला: (मोबाइल बंद करते हुए) सही कहा काका। अब दोनों सलाखों के पीछे हैं, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि अगर परिवार सजग हो और पुलिस बारीकी से जांच करे, तो ‘हादसे’ के पीछे छिपा ‘हत्यारा’ कभी बच नहीं सकता। फिलहाल चौपाल से लेकर शहर तक, हर कोई इस खौफनाक साजिश की ही चर्चा कर रहा है।

भारत जीता : मैदान ओल्ड ट्रैफर्ड का, सेमीफाइनल की उम्मीदें और छूटे कैचों का विश्लेषण

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क्रिकेट न्यूज – 27जून 2026

(दृश्य: चौपाल पर खाट बिछी है। ज्योतिपति हाथ में चाय का कुल्हड़ थामे जोश में बैठे हैं और ज्वाला लैपटॉप पर मैच का पूरा बही-खाता खोले गंभीर मुद्रा में है।)

​ज्योतिपति: (चाय की चुस्की लेते हुए) अरे ज्वाला भैया, कल रात तो छोरियों ने दिल खुश कर दिया! इंग्लैंड के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर बांग्लादेश को ऐसा पटका कि सेमीफाइनल की उम्मीदें बिल्कुल हरी हो गई हैं। शैफाली बिटिया ने जो 34 गेंदों में 53 रन कूट दिए, उसे देखकर तो हमारी छाती चौड़ी हो गई!

​ज्वाला: (लैपटॉप से नजरें हटाते हुए) छाती तो चौड़ी होनी ही चाहिए काका, लेकिन इस जीत के पीछे जो ‘इंजीनियरिंग’ हुई है, उसका विश्लेषण भी जरूरी है। जीत तो गए हम 5 विकेट से और 137 का लक्ष्य भी 16.5 ओवर में पा लिया, लेकिन फील्डिंग देखकर ऐसा लग रहा था कि हमारी खिलाड़ी गेंद नहीं, हाथ में गरम रसगुल्ला पकड़ रही थीं!

​ज्योतिपति: (हैरान होकर) अरे, ऐसा क्यों बोल रहे हो? जीत के दिन तो बुरा मत बोलो।

​ज्वाला: (व्यंग्य से मुस्कुराते हुए) बुरा नहीं बोल रहा काका, आंखें खोल रहा हूँ। पूरे मैच में 4 कैच टपकाए हैं हमारी टीम ने! वो तो कहो गेंदबाजों ने अनुशासन की रस्सी ढीली नहीं होने दी, नहीं तो बांग्लादेश जो 20 ओवर में 136 रन पर 8 विकेट खोकर रुक गया, वो 160 पार जा रहा था। इसे कहते हैं ‘कैच छोड़ो, भगवान भरोसे मैच जीतो योजना’।

​ज्योतिपति: (सोचते हुए) हां, यह बात तो है। पर हमारी गेंदबाजों ने भी तो दम दिखाया। रेणुका ने पहले ही झटका दे दिया था। और वो अपनी बाएं हाथ की स्पिनर राधा यादव? क्या बढ़िया वापसी की है लड़की ने—4 ओवर में 28 रन देकर 3 विकेट चटकाए!

​ज्वाला: बिल्कुल काका, राधा का स्पेल कमाल था। लेकिन असली इतिहास तो हमारी 21 साल की युवा स्पिनर श्री चरणी ने रचा है। बांग्लादेश की पारी के आखिरी ओवर में जैसे ही उसने शोरना अख्तर को आउट किया, उसने टूर्नामेंट में अपने 12 विकेट पूरे कर लिए। इसके साथ ही वह किसी भी एक टी20 विश्व कप संस्करण में भारत की सबसे सफल गेंदबाज बन गई है। उसने पूनम यादव का 11 विकेट का पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया।

​ज्योतिपति: (गर्व से) वाह! श्री चरणी ने तो इतिहास लिख दिया। पर बीच में बांग्लादेश की कप्तान निगार सुल्ताना और वो जुआइरिया कुछ ज्यादा ही आंखें दिखा रही थीं ना?

​ज्वाला: (विश्लेषणात्मक लहजे में) वही तो असली चिंता की बात है काका। जुआइरिया ने 33 रन बनाए और कप्तान निगार ने 24 गेंदों में 32 रन ठोक दिए। हद तो तब हो गई जब 14वें ओवर में हमारी नंदिनी शर्मा के एक ही ओवर में निगार ने चार चौके जड़ दिए। रन गति ऐसे भागी जैसे सावन में नदी। वो तो भला हो कि 17वें ओवर में निगार स्टंप आउट हो गईं, वरना मैच फंस सकता था।

​ज्योतिपति: तो कुल मिलाकर बात यह है ज्वाला भाई, कि बल्लेबाजी में शैफाली की विस्फोटक पारी और गेंदबाजी में राधा-चरणी के चक्रव्यूह ने हमें बचा लिया। अब आगे की राह कैसी दिखती है?

​ज्वाला: (गंभीरता से) राह साफ़ है काका। सेमीफाइनल की उम्मीदें तभी तक बरकरार रहेंगी जब तक हम अगले मैचों में ये कैच टपकाना बंद नहीं करते। बड़ी टीमों के सामने 4 कैच छोड़ने का मतलब है सीधे घर का टिकट कटवाना। जीत का जश्न मनाइए, लेकिन कमजोरियों को ढंकिए मत।