मुफ्त बिजली-खाना बांटने पर CJI सूर्यकांत ने तमिलनाडु से पूछा: ‘किस कल्चर का निर्माण?
नई दिल्ली _20/02/2026
कोर्ट ने घाटे में चल रहे राज्यों द्वारा मुफ्त बिजली, खाना और साइकिल जैसी योजनाओं पर सवाल उठाए, कहा कि इससे आर्थिक विकास रुकता है और काम करने की संस्कृति खराब होती है। CJI ने रोजगार सृजन पर जोर दिया तथा पूछा कि टैक्सपेयर्स का पैसा कहां से आएगा। बेंच ने सभी दलों से इस पर पुनर्विचार की सलाह दी, अभी कोई रोक या आदेश नहीं दिया है।
मामले का संदर्भ में यह टिप्पणी तमिलनाडु विद्युत वितरण निगम बनाम केंद्र की सुनवाई में आई, जहां राज्य ने सभी को मुफ्त बिजली का प्रस्ताव रखा। कोर्ट ने पूछा कि चुनाव से पहले ऐसी घोषणाएं क्यों, और बड़े जमींदारों को भी फायदा पहुंचाने का औचित्य क्या है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और अन्य को नोटिस जारी किया है।
यह नोटिस तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन की याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी हुआ, जहां राज्य सरकार द्वारा सभी को मुफ्त बिजली देने की योजना को चुनौती दी गई। कोर्ट ने केंद्र, राज्य सरकार और प्रभावित पक्षकारों से जवाब मांगा है।
कोर्ट ने इस मामले में तमिलनाडु सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसमें पूछा गया है कि सरकार फ्री बिजली के अपने वादे को पूरा करने के लिए पैसा कहां से ला रही है?


