श्रमिक 7 दिन से आंदोलनरत, फिर भी न अधिकारी पहुंचे, न जनप्रतिनिधियों ने ली सुध
पंडरिया/कबीरधाम-19 अगस्त 2026
भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर श्रमिकों का टूल-डाउन आंदोलन बुधवार को सातवें दिन भी जारी रहा। लगातार सात दिनों से श्रमिक अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन संगठन का आरोप है कि अब तक प्रशासन की ओर से न तो कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही किसी जनप्रतिनिधि या नेता ने श्रमिकों से संवाद करने की पहल की है।
श्रमिकों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर श्रमिकों की आवाज प्रशासन तक पहुंचने के लिए उन्हें और कितने दिनों तक आंदोलन करना पड़ेगा?
भारतीय मजदूर संघ ने प्रशासन की कथित उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सात दिनों से श्रमिक काम से दूर रहकर अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से बातचीत तक की पहल नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
संगठन का कहना है कि यह आंदोलन किसी एक श्रमिक की व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि कारखाने में काम करने वाले श्रमिकों के रोजगार, वेतन, अधिकार और सम्मान से जुड़ा मामला है। श्रमिकों का आरोप है कि उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए किया जा सकता है, लेकिन अब तक प्रशासन और प्रबंधन की ओर से सार्थक पहल नहीं हुई है।
भारतीय मजदूर संघ ने स्पष्ट किया कि आंदोलन को समाप्त करने के लिए केवल इंतजार करना समाधान नहीं है। संगठन ने प्रशासन और कारखाना प्रबंधन से जल्द श्रमिकों के साथ वार्ता कर उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेने की मांग की है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही श्रमिकों से बातचीत कर उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा और चक्का जाम किया जाएगा।
अब देखना यह है कि सातवें दिन भी जारी टूल-डाउन आंदोलन के बाद प्रशासन श्रमिकों की मांगों पर बातचीत के लिए आगे आता है या आंदोलन के अगले चरण का इंतजार करता है।