नई दिल्ली/ढाका
नई दिल्ली/ढाका: पड़ोसी देश बांग्लादेश एक बार फिर हिंसा और उपद्रव की आग में झुलस रहा है। राजधानी ढाका सहित कई हिस्सों में कल देर रात प्रदर्शनकारियों ने जमकर तांडव मचाया। इस हिंसा की सबसे भयावह तस्वीर तब सामने आई जब भीड़ ने मीडिया संस्थानों को निशाना बनाया और कई पत्रकारों को जिंदा जलाने का प्रयास किया।
हिंसा की मुख्य वजह: शरीफ उस्मान हादी की मौत
हालिया तनाव की जड़ में इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत है। गौरतलब है कि:12 दिसंबर: ढाका के बिजॉयनगर में चुनाव प्रचार के दौरान अज्ञात हमलावरों ने हादी को गोली मार दी थी।
- 15 दिसंबर: हालत बिगड़ने पर उन्हें एयर एंबुलेंस से सिंगापुर ले जाया गया।
- कल देर रात: सिंगापुर में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु की पुष्टि हुई।
हादी की मौत की खबर फैलते ही उनके समर्थक और प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और सुरक्षा में विफलता का आरोप लगाते हुए हिंसा पर उतारू हो गए।
मीडिया संस्थानों पर सुनियोजित हमला
गुस्साई भीड़ ने अभिव्यक्ति की आजादी के स्तंभों पर हमला बोला:
- द डेली स्टार (The Daily Star): कारवान बाजार स्थित इस प्रतिष्ठित अखबार की इमारत को आग के हवाले कर दिया गया।
- प्रथम आलो (Prothom Alo): प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की और फर्नीचर व अन्य सामानों को आग लगा दी।
- पत्रकारों पर हमला: खबरों के अनुसार, कवरेज कर रहे पत्रकारों को भीड़ ने घेर लिया और उन पर जानलेवा हमला किया।
राजनीतिक दफ्तरों को भी बनाया निशाना
हिंसा केवल मीडिया तक सीमित नहीं रही। प्रदर्शनकारियों ने राजशाही में अवामी लीग के कार्यालयों को भी फूंक दिया। शाहबाद चौराहे पर हजारों की संख्या में लोग जमा हुए और तख्तियां लहराते हुए अंतरिम सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
मोहम्मद यूनुस ने बुलाई आपात बैठक
देश की बिगड़ती कानून व्यवस्था को देखते हुए अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने एक हाई लेवल इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। सरकार ने शांति की अपील करते हुए उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय और सिंगापुर के अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर हादी की मौत की पुष्टि कर दी है।
नोट: स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रभावित इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है।


