डिजिटल डेस्क – नई दिल्ली 6 जून 2026
आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर टीवी समाचार और न्यूज चैनलों के माध्यम से पूरे देश ने देखा कि 47 डिग्री तापमान और कड़ी धूप के बीच युवा “अव्यवस्था के खिलाफ” आवाज बुलंद कर रहे हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले हजारों युवाओं ने दमखम दिखाते हुए साबित कर दिया कि “इस देश की युवा शक्ति किसी भी तरीके से कमजोर नहीं हुई है। जिस देश की युवा शक्ति मजबूत हो, वह देश हमेशा आगे बढ़ा है।”
डिजिटल से जमीन पर: बिना राजनीतिक समर्थन के जुटी भीड़
CJP फाउंडर अभिजीत दीपके अमेरिका से लौटकर जंतर-मंतर पहुंचे। बिना किसी बड़े राजनीतिक दल के समर्थन और भरपूर जन-संगठन के अभाव में भी उन्होंने केवल डिजिटल माध्यम से युवाओं को एक मंच पर लाने में जो सफलता दिखाई, वह अप्रत्याशित और काबिले-तारीफ है।
“जोश युवाओं का गहना है” हमें डरना नहीं है: दीपके का संबोधन
मंच से अभिजीत दीपके ने कहा, “मां मुझे आने से रोक रही थी। वह डर रही थी कि स्वदेश लौटोगे तो गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया जाएगा।” उनके मुताबिक उनके और उनके परिवार पर दबाव भी डाला गया कि “यह आंदोलन, यह विचार भूल जाओ।”
आगे क्या?
CJP ने साफ किया है कि अगर अगले शनिवार तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। “समस्याएं स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय भी हैं। उन्हें सामने लाना हर जिम्मेदार नागरिक, देश के सच्चे सिपाही का कर्तव्य है। अव्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाएं, लेकिन केवल जोर और जोश से नहीं, जिम्मेदारी के साथ।”
47 डिग्री की गर्मी में जंतर-मंतर पर उठी यह “चिंगारी” आगे क्या रूप लेती है, इस पर पूरे देश की नजर रहेगी।
कॉकरोच जनता पार्टी की बातों से लगता है “देश में एक नई कहानी शुरू होने जा रही है जैसे कहा सरकार से, अगले शनिवार तक का समय देते हैं कि अपनी भूल सुधार ले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा ले ले।”
CJP का आरोप: “छात्र सुसाइड के जिम्मेदार हैं शिक्षा मंत्री”
कॉकरोच जनता पार्टी ने मांग रखी कि NEET पेपर-लीक और लगातार हो रहे छात्र आत्महत्या के मामलों के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जिम्मेदार हैं। CJP का कहना है, “जिन बच्चों ने सुसाइड किए हैं, उनके हत्यारे को इस्तीफा देना चाहिए।”
सरकार जवाबदेही से भाग नहीं सकती”
CJP नेताओं ने कहा कि “हर सरकार की जिम्मेदारी बनती है, जवाबदेही बनती है। कोई भी सरकार जनता की जवाबदेही से भाग नहीं सकती। इतिहास गवाह है — जब-जब राजनीति अस्थिर हुई है, कमजोर हुई है, तो युवा और प्रबुद्ध जनता सड़क पर उतरे हैं।”
CJP के मुताबिक युवा समझ रहा है कि “देश में आज की राजनीति वह कर रही है जो उसे नहीं करना चाहिए। आज असली मुद्दा बेकारी, बेरोजगारी, शिक्षा की समस्या और महंगाई है।”
जनचौपाल 36 निष्कर्ष
“राजनीति दिशाहीन, असली मुद्दे गायब” प्रदर्शन को देखकर लगता है भारत की राजनीति अभी दिशाहीन हो गई है। स्वास्थ्य शिक्षा और रोजगार ही तो असली मुद्दे है।”बिहार, यूपी, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़ — हर राज्य अपने निजी मुद्दों में उलझा है।मुफ्त की योजनाएं और कर्जे तले दबें है।निजी मामलों को राष्ट्रीय मुद्दा नहीं कहा जा सकता।”
“जोश के साथ होश भी जरूरी”: जिम्मेदार संदेश के साथ। युवाओं का”सफर जोश का होता है और चाह जीत की रहती है।जोश तो है, जुनून है, लेकिन जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। बिना जिम्मेदारी के जोश किसी काम का नहीं है। जोश है तो होश भी दिखाना होगा।”
शुक्र है युवा जागृति से एक शुकून तो है युवा जाग रहा है।”जैसे सुंदरता औरतों के लिए कुदरती गहना है, वैसे ही युवाओं के लिए गहना ताकत है, जोश है, कुछ कर गुजरने का जज्बा है। बिना ताकत के युवा चल सकता है क्या? नहीं चल सकता। जहां जोश है वहीं जवानी है, और जहां जवानी है वहीं कहानी है।”लेकिन “हम नव लहरों की ओर नाव को कैसे घुमा सकते हैं, जिम्मेदारी पतवार सी होनी चाहिए। तय करना होगा कि क्या पतवार अपनी जिम्मेदारी से देश संभाल सकता है, क्योंकि जब देश के युवा अब नाव में सवार है।”


