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Wednesday, June 17, 2026

राम मंदिर चढ़ावे मामले में SIT की जांच तेज, चंपत राय से हुई लंबी पूछताछ

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अयोध्या – 17 जून 2026

अयोध्या में राम मंदिर बने ज्यादा दिन हुआ नहीं है और बड़ा विवाद सामने आ गया है। राम मंदिर के चढ़ावे और दान के प्रबंधन को लेकर चल रही जांच तेज हो गई है।
लगता है अभी देश में धर्म के नाम पर राजनीति और धर्म के नाम पर ही लूट मची रहेगी।

मामला ऐसा हो गया है कि उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई।गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने सोमवार को सबसे पहले मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से लंबी बंद कमरे की बातचीत की और उनसे पूरे मामले की जानकारी ली।

घंटों चली पूछताछ के बाद आज से मंदिर के कर्मचारियों और अन्य जुड़े लोगों से पूछताछ का क्रम शुरू कर दिया गया है।

कर्मचारियों और गिनती की प्रक्रिया पर निगाह

सूत्रों के अनुसार SIT खासकर दानपेटियों से निकाले जाने वाले नोटों की गिनती और उन्हें गड्डियों में रखने की प्रक्रिया पर ध्यान दे रही है। जांच में अब तक लगभग 43 लोगों से जुड़ी बारीकियों की पड़ताल की जा रही है। टीम यह पता लगा रही है कि चढ़ावे की गिनती, रिकॉर्ड और भंडारण के दौरान कहीं कोई अनियमितता तो नहीं हुई।

शिकायत और पॉलिग्राफ की मांग

अयोध्या निवासी संतोष दुबे ने राम जन्मभूमि थाना में तहरीर देकर मामले की एफआईआर दर्ज करने और पॉलिग्राफ (ल lie‑डिटेक्टर) टेस्ट कराने की मांग की है। उनकी तहरीर में चंपत राय समेत चार लोगों के नाम बताए गए हैं। पुलिस और SIT इस तहरीर पर भी कार्रवाई के विकल्प पर विचार कर रहे हैं।

आरोप खारिज कर रहे सहयोगी

इसी बीच चंपत राय के सहकर्मी माने जाने वाले राम शंकर यादव उर्फ टीनू यादव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। एक टीवी चैनल से बात में उन्होंने कहा कि वे 1983 से संस्था से जुड़े हैं और उनकी सारी संपत्ति मंदिर निर्माण से पहले की है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ जो बातें कही जा रही हैं, वे मनगढ़ंत हैं और जलने‑जलाने वाले लोग अफवाह फैला रहे हैं। टीनू ने बताया कि उनकी जिम्मेदारी साफ‑सफाई और सामान्य व्यवस्थाओं तक सीमित रही है और अगर SIT बुलाएगी तो वे पूरा सहयोग करेंगे।

पूर्व घटनाओं का संदर्भ

मामले के सन्दर्भ में यह भी कहा जा रहा है कि देश के अन्य धार्मिक स्थलों पर भी चढ़ावे और दान राशि के दुरुपयोग को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। उदाहरण के तौर पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भी पहले इसी तरह के आरोप लगे थे, जहाँ CCTV फुटेज और शिकायतों के आधार पर जांच हुई थी।

जांच जारी, रिपोर्ट की प्रतीक्षा

अभी SIT की जांच जारी है और एजेंसी पूरी प्रक्रिया की पड़ताल कर रही है। जांच के निष्कर्ष और रिपोर्ट आने पर यह स्पष्ट होगा कि कहीं नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। स्थानीय प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट दोनों ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच में सहयोग का आश्वासन दिया है।




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