बच्ची की हालत गंभीर थी और उसे तत्काल रक्त की जरूरत थी। परिवार की चिंता के बीच रवि सरकार ने बिना किसी स्वार्थ के रक्तदान कर बच्ची के इलाज में सहयोग किया।
महज तीन माह की मासूम जिंदगी, हीमोग्लोबिन बेहद कम और सांस लेने में गंभीर परेशानी… ऐसे मुश्किल वक्त में समाजसेवक रवि सरकार मदद के लिए आगे आए और अपना 25वीं बार रक्तदान किया।
बताया गया कि रवि सरकार पिछले 17 वर्षों से लगातार रक्तदान कर रहे हैं। सिर्फ स्वयं रक्तदान ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की व्यवस्था कराने में भी उनकी टीम सक्रिय रहती है।
उनका मानना है कि रक्तदान किसी अनजान व्यक्ति के जीवन में नई उम्मीद बन सकता है। दुर्घटना, बीमारी, ऑपरेशन या अन्य आपात परिस्थितियों में समय पर रक्त मिलना किसी की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
रवि सरकार युवाओं और समाज के सक्षम लोगों से भी रक्तदान के लिए आगे आने की अपील करते हैं। उनका कहना है कि रक्त न जाति पूछता है, न धर्म और न पहचान—जरूरत के वक्त सिर्फ इंसानियत काम आती है।
तीन माह की मासूम के लिए किया गया यह रक्तदान इसी इंसानी जज्बे की मिसाल है। रवि सरकार का कहना है कि पिछले 17 वर्षों से जारी सेवा का यह सफर आगे भी जारी रहेगा।
एक यूनिट रक्त किसी के लिए सिर्फ रक्त नहीं, बल्कि जिंदगी की एक नई उम्मीद हो सकता है।