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Monday, August 17, 2026

रात 12 बजे वैद्य फूड में राजस्व, खाद्य औषधि एवं पुलिस की संयुक्त टीम की दबिश, 200 किलो पनीर जब्त

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रायपुर _ 17 अगस्त 2026


एनालॉग पनीर के निर्माण एवं विक्रय पर प्रतिबंध के उल्लंघन की आशंका को देखते हुए राजस्व, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने महासमुंद के भलेसर रोड स्थित वैद्य फूड में बीती देर रात दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान लगभग तीन घंटे तक संस्थान की जांच की गई।

रात्रि करीब 12 बजे राजस्व तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों की संयुक्त टीम वैद्य फूड पहुंची। जांच के दौरान मध्य रात्रि में पनीर का निर्माण किए जाने की स्थिति सामने आई। मौके पर उपलब्ध पनीर की गुणवत्ता एवं निर्माण में प्रयुक्त सामग्री को लेकर संदेह उत्पन्न होने पर लगभग 200 किलोग्राम पनीर को जब्त किया गया। अधिकारियों द्वारा मौके पर उपलब्ध खाद्य सामग्री एवं निर्माण प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी भी संकलित की गई। आज सुबह कार्रवाई के दौरान विभाग द्वारा सील किए गए कोल्ड स्टोरेज में रखी खाद्य सामग्री को नियमानुसार खोलकर उसकी जांच की गई। खाद्य सामग्री की पुष्टि एवं गुणवत्ता परीक्षण के लिए पनीर का नमूना लिया गया, जिसे जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है।

खराब, बासी और नकली पनीर सेहत के लिए बेहद खतरनाक: विशेषज्ञों के अनुसार खराब और बासी पनीर खाने से फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त, पेट में ऐंठन, बुखार और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, क्योंकि इसमें हानिकारक बैक्टीरिया जैसे साल्मोनेला और लिस्टेरिया तेजी से पनपते हैं। वहीं बाजार में बिकने वाला नकली या एनालॉग पनीर, जो दूध की जगह पाम ऑयल, मिल्क पाउडर, स्टार्च, डिटर्जेंट और हानिकारक केमिकल्स से बनाया जाता है, वह और भी ज्यादा घातक है। इसके लगातार सेवन से लिवर और किडनी पर बुरा असर पड़ता है, कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है, पाचन तंत्र कमजोर होता है और बच्चों व बुजुर्गों में रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है।
रिपोर्ट के आधार पर होगी आगामी कार्रवाई’
अभिहित अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि जब्त पनीर का नमूना राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया है। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा प्रतिबंधित अथवा मिलावटी खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण रखना है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देश अनुसार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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