सितंबर में होगा ‘चावल उत्सव’बिलासपुर में राशन कार्डधारकों के लिए बड़ी राहत
छत्तीसगढ़,बिलासपुर। 01 सितंबर 2026
बिलासपुर सहित प्रदेश की उचित मूल्य दुकानों में सितंबर महीने के दौरान ‘चावल उत्सव’ आयोजित किया जाएगा।
सितंबर में मिलेगा दो महीने का चावल
जिले के राशन कार्डधारकों के लिए खाद्य विभाग ने महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की है। सितंबर और अक्टूबर महीने का चावल पात्र राशन कार्डधारकों को सितंबर में ही एकमुश्त वितरित किया जाएगा।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति संचालनालय के आदेश के अनुसार यह व्यवस्था बारिश के मौसम में परिवहन और भंडारण से जुड़ी संभावित दिक्कतों को देखते हुए की गई है।
नई व्यवस्था के तहत पात्र हितग्राहियों को सितंबर और अक्टूबर दोनों महीनों का चावल एक साथ सितंबर में ही दिया जाएगा। यानी अक्टूबर के लिए अलग से राशन दुकान जाने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, चावल के अलावा अन्य राशन सामग्री का वितरण पहले की तरह मासिक आधार पर ही किया जाएगा।
शक्कर, चना, नमक और गुड़ का दो महीने का कोटा एक साथ नहीं मिलेगा। इनका वितरण संबंधित महीने के सामान्य आबंटन के अनुसार ही होगा।
APL कार्डधारकों को नहीं मिलेगा लाभ
एकमुश्त चावल वितरण की यह सुविधा सभी राशन कार्डधारकों के लिए नहीं है। APL यानी सामान्य राशन कार्डधारक इस व्यवस्था के दायरे में नहीं आएंगे।
इसका लाभ अंत्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित और निःशक्तजन राशन कार्ड धारकों को मिलेगा। इन कार्डधारकों को सितंबर में ही सितंबर और अक्टूबर दोनों महीनों का पात्रतानुसार चावल वितरित किया जाएगा।
बारिश और परिवहन की दिक्कत के कारण फैसला
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति संचालनालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, वर्षा ऋतु के दौरान परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना रहती है। आने वाले समय में त्योहारों और बारिश के कारण राशन के परिवहन में परेशानी न हो, इसलिए खाद्य विभाग ने पहले से व्यवस्था करते हुए दो महीने का चावल उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
खाद्य विभाग द्वारा इस संबंध में सभी कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
दो बार होगा बायोमेट्रिक सत्यापन
एकमुश्त चावल वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हितग्राही को ई-पॉस मशीन पर सितंबर और अक्टूबर के राशन उठाव के लिए अलग-अलग दो बार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करना होगा।
दुकानों पर लगाना होगा सूचना बोर्ड।
उचित मूल्य दुकान संचालक को दोनों महीनों के राशन की अलग-अलग रसीद निकालकर हितग्राही को देना अनिवार्य होगा। इससे यह रिकॉर्ड रहेगा कि दोनों महीनों का चावल निर्धारित मात्रा के अनुसार वितरित किया गया है।
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