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Thursday, September 17, 2026

डॉक्टर बनना मंजिल नहीं, समाज सेवा ही असली लक्ष्य : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

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शासकीय मेडिकल कॉलेज कवर्धा में प्रथम बैच की कक्षाएं शुरू, नवप्रवेशी छात्रों का एप्रॉन-स्टेथोस्कोप देकर स्वागत

कवर्धा- 17 सितंबर 2026:_शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कवर्धा में सोमवार को नए अध्याय की शुरुआत हुई। महाविद्यालय के प्रथम शैक्षणिक सत्र और प्रथम बैच की पढ़ाई का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा और सांसद संतोष पाण्डेय विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में दोनों जनप्रतिनिधियों ने नवप्रवेशी एमबीबीएस विद्यार्थियों को एप्रॉन, स्टेथोस्कोप, पेन और गुलाब का फूल भेंट कर उनका स्वागत किया। सफेद एप्रॉन पहने छात्रों के चेहरे पर डॉक्टर बनने के सपने को साकार होते देखने का उत्साह साफ झलक रहा था।

विद्यार्थियों से किया संवाद, जानी संघर्ष की कहानियां

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने छात्रों से उनकी नीट की तैयारी, संघर्ष और सफलता की कहानियां जानीं। कई विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिन्हें सुनकर सभागार तालियों से गूंज उठा।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए श्री शर्मा ने कहा, “डॉक्टर बनना मंजिल नहीं, बल्कि एक पड़ाव है। असली लक्ष्य चिकित्सा के माध्यम से समाज की सेवा करना होना चाहिए।” उन्होंने छात्रों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अनावश्यक तनाव से दूर रहने और संवेदनशीलता के साथ एक अच्छे चिकित्सक बनने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि चिकित्सा का पेशा केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवता की सेवा का माध्यम है। ग्रामीण और जरूरतमंद क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना हर डॉक्टर का नैतिक दायित्व है।

चिकित्सा शिक्षा को मिल रही नई दिशा

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। कवर्धा में मेडिकल कॉलेज का शुरू होना इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल कबीरधाम सहित आसपास के जिलों के युवाओं को अपने गृह क्षेत्र में ही चिकित्सा शिक्षा का अवसर मिलेगा, बल्कि क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के डीन, प्राध्यापकगण, चिकित्सक, छात्र-छात्राएं और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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