मोबाइल पब्लिक चार्जिंग स्टेशन: मुफ्त की सुविधा या बैंक अकाउंट खाली करने का जाल?
डिजिटल डेस्क/21 जुलाई 2026
सावधान रहिए आप जो रेलवे सफ़र या पब्लिक USB केबल इस्तेमाल करते हैं, वह सिर्फ चार्ज नहीं करती, बल्कि डेटा ट्रांसफर भी करती है। हैकर्स पब्लिक चार्जिंग पॉइंट के अंदर एक छोटी हैकिंग डिवाइस या मालवेयर लगा देते हैं। जैसे ही आप फोन लगाते हैं, आपका फोन उस सिस्टम से कनेक्ट हो जाता है।
आजकल सफर में अक्सर लोग अपना चार्जर या पावर बैंक साथ रखना भूल जाते हैं। ऐसे में एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, कैफे या होटल में लगे पब्लिक USB चार्जिंग स्टेशन एक आसान विकल्प लगते हैं। लेकिन यही सुविधा आपके लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकती है। साइबर एक्सपर्ट्स इसे जूस जैकिंग (Juice Jacking) कहते हैं।
इसके बाद दो चीजें हो सकती हैं:
आपके फोन से फोटो, कॉन्टैक्ट, पासवर्ड और बैंकिंग ऐप की जानकारी चोरी हो सकती है।
आपके फोन में खतरनाक वायरस या स्पाईवेयर इंस्टॉल हो सकता है, जिससे बाद में ब्लैकमेलिंग या अकाउंट खाली होने का खतरा रहता है।
कैसे होता है फ्रॉड?
सबसे बड़ा अलर्ट तब है, जब फोन चार्ज पर लगाते ही स्क्रीन पर “Allow this device?” या “Trust this device?” या “Data Access” जैसा पॉप-अप आए। इसका मतलब है कि वह पोर्ट डेटा चोरी करने की कोशिश कर रहा है।
कैसे बचें?
हमेशा अपना खुद का चार्जर और केबल साथ रखें और सीधे वॉल सॉकेट से चार्ज करें।
पावर बैंक को पहले से फुल चार्ज रखकर उसी से फोन चार्ज करें।
अगर मजबूरी में पब्लिक पोर्ट यूज करना पड़े तो कभी भी किसी परमिशन को Allow न करें और USB डेटा ब्लॉकर (Juice Jack Defender) का इस्तेमाल करें।
थोड़ी सी सावधानी आपका डेटा और बैंक बैलेंस दोनों बचा सकती है।
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