डिजिटल डेस्क 08 जुलाई 2026
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरदार सरोवर परियोजना से विशेष रूप से मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान को सिंचाई, पेयजल और बिजली के क्षेत्र में व्यापक लाभ मिला है।
उन्होंने यह भी कहा कि पानी देश की साझा संपत्ति है और इसका लाभ अंततः देश के किसानों एवं नागरिकों को ही मिलता है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल की उपस्थिति में आज नई दिल्ली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। बैठक में केन्द्र एवं चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
केन्द्रीय गृह मंत्री की पहल पर महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच दशकों से जारी विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान हुआ।चाहे किशाऊ बांध परियोजना का मुद्दा हो या राजस्थान, हरियाणा के बीच जल विवाद हो या आज का यह समझौता, ये सभी सहकारी संघवाद के स्वर्णिम उदाहरण हैं
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच नर्मदा अवॉर्ड से जुड़े वर्षों पुराने लंबित भुगतान विवाद का ऐतिहासिक समाधान हो गया। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
यह समझौता सरदार सरोवर परियोजना की लागत साझाकरण और लंबित देयों के अंतिम निपटारे से संबंधित है। वन-टाइम सेटलमेंट (एकमुश्त भुगतान) के माध्यम से लंबे समय से चले आ रहे वित्तीय विवाद का समाधान किया गया।
इस अवसर पर अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल सुरक्षा को मजबूत करने और सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार ऐतिहासिक पहल की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच संवाद और सहयोग बढ़ने से लंबे समय से लंबित विवादों का तेजी से समाधान संभव हो रहा है।
केंद्रीय मंत्री श्री शाह ने हाल ही में हरियाणा-राजस्थान जल विवाद के समाधान का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे समझौते सहकारी संघवाद के मजबूत उदाहरण हैं और राष्ट्रीय हित में राज्यों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ावा देते हैं।