रक्त से लिखी सेवा की इबारत — महेश नवमी पर 52 वीरों ने दिया जीवन का उपहार
बेमेतरा – 20 जून 2026
पर्व हो और सेवा न हो — तो उत्सव अधूरा है।
महेश नवमी के पावन अवसर पर माहेश्वरी युवा संगठन बेमेतरा ने यह साबित कर दिया कि असली पूजा मंदिर में नहीं — जरूरतमंद की सेवा में होती है। माहेश्वरी भवन में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में 52 रक्तवीरों ने अपनी बाँह आगे बढ़ाई और 52 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।
जिला चिकित्सालय बेमेतरा के ब्लड बैंक के सहयोग से आयोजित इस शिविर का संचालन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमृत लाल रोहलेडर एवं सिविल सर्जन डॉ. लोकेश साहू के निर्देशन में हुआ। डॉ. पी.आर. पोपटानी सहित पूरी चिकित्सकीय टीम ने शिविर को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
माहेश्वरी युवा संगठन के अध्यक्ष हर्ष माहेश्वरी ने जो बात कही वो दिल को छू गई —
“एक यूनिट रक्त से तीन जिंदगियाँ बचती हैं।”
यानी आज जिन 52 हाथों ने रक्त दिया — उन हाथों ने 156 जिंदगियों को नई उम्मीद दी।
सिविल सर्जन डॉ. लोकेश साहू ने कहा कि गर्मी के मौसम में ब्लड बैंक में रक्त की भारी कमी रहती है। ऐसे में यह शिविर उन मरीजों के लिए संजीवनी बना जो रक्त की कमी से जूझ रहे हैं।
सभी 52 रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
रक्तदान महादान — यह सिर्फ एक नारा नहीं है।
जब कोई अपना खून देता है बिना किसी स्वार्थ के — तो वह भगवान का काम करता है। माहेश्वरी समाज ने महेश नवमी पर यही किया — शिव की पूजा नहीं, शिव का काम।
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