बेमेतरा से अयोध्या: सरयू पर 160 साड़ियों की माला, 1.25 लाख बत्तियों से महाआरती
ब्यूरो रिपोर्ट, बेमेतरा / अयोध्या 12 जून 2026
— श्रीराम जन्मभूमि स्थित जानकी भवन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का भव्य समापन 11 जून को हुआ। 5 जून से चलने वाले इस आयोजन में सिलहाटी निवासी सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य गोपेश्वर शरण मिश्र ने संस्कृत श्लोकबद्ध अपने मुखारविंद से कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान किया।
बेमेतरा, दुर्ग, भिलाई, रायपुर, राजनांदगांव और बिलासपुर से लगभग 350 श्रद्धालु राकेश कुमार मिश्रा साजा के नेतृत्व में अयोध्या आये थे और जानकी भवन में कथा में भाग लिया।
कथा के दौरान आचार्य गोपेश्वर शरण मिश्र ने भगवान कृष्ण के जन्म, रुक्मणी विवाह, रासलीला, प्रभु श्री राम के जन्म तथा राजा परीक्षित के मोक्ष जैसी प्रमुख कथाओं का मार्मिक विवरण प्रस्तुत किया। पांडाल बार-बार ‘जय श्री कृष्णा’ और ‘जय सिया राम’ के जयकारों से गुंजायमान रहा। आचार्य ने विशेष रूप से सरयू माता की महिमा पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को उसके आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराया।
इस आयोजन की सबसे प्रभावशाली कड़ी सरयू माता की भव्य महाआरती रही। श्रद्धालुओं ने इतिहासिक रूप से 160 साड़ियों की एक विशाल माला बनाई और उसे नदी के दोनों तटों पर अर्पित कर सरयू का अभिषेक किया।
साथ ही छत्तीसगढ़ से आए श्रद्धालु तथा स्थानीय नागरिकों ने मिलकर लगभग सवा लाख (1.25 लाख) बत्तियों से महाआरती अर्पित की, जिसका दृश्य अत्यंत भावविभोर करने वाला था।
ज्ञान यज्ञ के समापन पर आचार्य गोपेश्वर शरण मिश्र ने बताया कि यह कार्यक्रम उनके ‘सप्त पुरी’ अभियान की सातवीं और अंतिम कड़ी थी, जिसमें उन्होंने सनातन धर्म की प्रमुख पवित्र स्थलों में श्रीमद्भागवत कथा का संकल्प पूरा किया।
इस भव्य धार्मिक यात्रा और कार्यक्रम की सफलता से बेमेतरा एवं पूरे छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं में उत्साह और हर्ष व्याप्त है।
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