नई दिल्ली – 2 जून 2026
देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था, सुप्रीम कोर्ट को पांच नए न्यायाधीश मिल गए हैं। सोमवार को आयोजित एक समारोह में नव नियुक्त न्यायाधीशों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इन नियुक्तियों के साथ ही सुप्रीम Court अपनी स्वीकृत न्यायाधीश क्षमता के लगभग पूर्ण स्तर पर पहुंच गया है, जिससे लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
मुख्य न्यायाधीश द्वारा दिलाई गई शपथ के बाद नए न्यायाधीशों ने औपचारिक रूप से अपना कार्यभार संभाल लिया। लंबे समय से रिक्त पदों को भरने की मांग की जा रही थी, क्योंकि बढ़ते मामलों और न्यायिक कार्यभार के कारण अदालत पर दबाव बढ़ रहा था।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से विभिन्न संवैधानिक, नागरिक और आपराधिक मामलों की सुनवाई अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। साथ ही महत्वपूर्ण मामलों के लिए अतिरिक्त पीठों के गठन का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
सुप्रीम कोर्ट देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था होने के साथ-साथ संविधान की व्याख्या और मौलिक अधिकारों की रक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाता है। ऐसे में न्यायाधीशों के रिक्त पद भरने को न्यायिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
न्यायपालिका से जुड़े जानकारों का कहना है कि नई नियुक्तियों से लंबित मामलों के बोझ को कम करने और न्याय वितरण प्रणाली को अधिक सुचारु बनाने में सहायता मिलेगी। इसके अलावा, अदालत की कार्यक्षमता और निर्णय प्रक्रिया में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।


