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Friday, June 5, 2026

‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेड इन इटली’ साथ-साथ:रक्षा और तकनीक में नया अध्याय

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नई दिल्ली/रायपुर:20 मई 2026

2029 तक 20 बिलियन यूरो के व्यापार का बड़ा लक्ष्य के साथ
भारत और इटली के बीच द्विपक्षीय संबंध अब एक ऐतिहासिक और निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुके हैं। हाल के वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों में न केवल अभूतपूर्व तेज़ी आई है, बल्कि यह पारंपरिक मित्रता से आगे बढ़कर अब भविष्य के साझा विज़न और लोकतंत्र पर आधारित एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) में बदल चुकी है।

बदलती हुई वैश्विक व्यवस्था के बीच, भारत और इटली का यह नया कदम आर्थिक गतिशीलता, सामाजिक रचनात्मकता और दोनों देशों की हजारों साल पुरानी सभ्यता के तालमेल को दिखाता है। यह साफ है कि 21वीं सदी में समृद्धि और सुरक्षा इस बात से तय होगी कि देश इनोवेशन, ऊर्जा बदलाव (Energy Transition) और अपनी रणनीतिक संप्रभुता को मजबूत करने में कितने सक्षम हैं।

सुपरकंप्यूटर और स्टार्ट-अप का अनूठा संगम
इस साझेदारी का सबसे बड़ा लक्ष्य दोनों देशों की ताकत को एक मंच पर लाना है। एक तरफ जहां इटली की विश्वस्तरीय डिजाइन क्षमता, मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस और वर्ल्ड-क्लास सुपरकंप्यूटर्स उसे एक ग्लोबल इंडस्ट्रियल पावरहाउस बनाते हैं; वहीं दूसरी तरफ भारत के पास दुनिया की सबसे तेज़ आर्थिक ग्रोथ, बेजोड़ इंजीनियरिंग टैलेंट और 100 से ज्यादा यूनिकॉर्न व 2 लाख से अधिक स्टार्ट-अप वाला एक मजबूत एंटरप्रेन्योरशिप इकोसिस्टम है।

इन दोनों ताकतों का मिलना सिर्फ एक सामान्य समझौता नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत है।

2029 तक बड़ा व्यापारिक लक्ष्य
यूरोपियन यूनियन (EU) और भारत के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) दोनों देशों के लिए व्यापार और निवेश के नए रास्ते खोल रहा है। दोनों देशों ने साल 2029 तक आपसी व्यापार को 20 बिलियन यूरो (लगभग 1.8 लाख करोड़ रुपये) के पार ले जाने का एक बड़ा लक्ष्य रखा है।

इसके लिए मुख्य रूप से इन सेक्टर्स पर फोकस किया जा रहा है:
रक्षा और एयरोस्पेस,क्लीन टेक्नोलॉजी और एनर्जी,ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और मशीनरी,केमिकल्स और फार्मास्युटिकल्स,टेक्सटाइल, एग्री-फूड और टूरिज्म।


आज दुनिया भर में एक्सीलेंस का प्रतीक माना जाने वाला “मेड इन इटली” ब्रांड, भारत के “मेक इन इंडिया” अभियान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा है। वर्तमान में दोनों तरफ से 1,000 से ज्यादा कंपनियां एक-दूसरे के देश में काम कर रही हैं, जो हमारी ग्लोबल सप्लाई चेन को और मजबूत बनाने का सकारात्मक संकेत है।

स्पेस और डिफेंस में मिलकर बढ़ेगा दम
आने वाले दशकों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, क्रिटिकल मिनरल्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी तकनीकें दुनिया को बदलने वाली हैं। भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) पहले ही ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) में अपनी धाक जमा चुका है।

इसके साथ ही, स्पेस एक्सप्लोरेशन और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी में भारत की शानदार प्रगति और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में इटली के अनुभव का फायदा अब दोनों देशों को मिलने जा रहा है। रक्षा और सुरक्षा के मोर्चे पर भी दोनों देश महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ आतंकवाद, ड्रग तस्करी, साइबर क्राइम और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ एकजुट होकर मुकाबला करेंगे।
(साभार: नमो ऐप)

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