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Friday, June 5, 2026

जल,थल,नभ में महिला शक्ति से बढ़ेगी राष्ट्र की शक्ति: समुद्री क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी 340% बढ़ी

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डिजिटल डेस्क, 08 मई 2026/नई दिल्ली/रायपुर:

देश के विकास में नारी शक्ति अब केवल घरों तक सीमित नहीं है, बल्कि समंदर की लहरों पर भी अपनी कामयाबी के झंडे गाड़ रही है। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने नई दिल्ली में आयोजित ’10वें हिंद महासागर संवाद’ में एक चौंकाने वाला और सुखद आंकड़ा पेश किया है। उन्होंने बताया कि साल 2020 के बाद से भारत के समुद्री क्षेत्र (Maritime Sector) में महिलाओं की भागीदारी में 340 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है।

नारी शक्ति: समुद्री विकास का मुख्य स्तंभ

केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘नारी शक्ति’ को भारत के समुद्री विकास का केंद्रीय स्तंभ माना गया है। ‘सागर में सम्मान’ जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के लिए गरिमा और समावेशिता के नए द्वार खुले हैं। यह बदलाव न केवल आर्थिक है, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का भी एक बड़ा उदाहरण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी देश अकेले समुद्री चुनौतियों का सामना नहीं कर सकता, इसके लिए महिलाओं सहित समाज के हर वर्ग की सामूहिक भागीदारी जरूरी है।

छत्तीसगढ़ का गौरव: राजनीति से लेकर समाज सेवा तक बढ़ता प्रभाव,छत्तीसगढ़ की बेटियाँ भी नहीं हैं पीछे।
जब हम राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं की इस कामयाबी को देखते हैं, तो हमारे छत्तीसगढ़ की महिलाओं का योगदान भी गर्व करने लायक है। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और शहरी इलाकों में महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक स्तर पर प्रभाव तेजी से बढ़ा है। आज प्रदेश की महिलाएँ केवल खेती-किसानी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं।

इतना ही नहीं, छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी महिलाएँ अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। पंचायती राज से लेकर विधानसभा तक, नीति निर्धारण में उनकी आवाज अब पहले से कहीं ज्यादा बुलंद है। “महिला शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है” का नारा आज छत्तीसगढ़ की गलियों में हकीकत बनता दिख रहा है।

क्या है ‘हिंद महासागर संवाद’?
बता दें कि भारत साल 2025-27 के लिए हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (IORA) की अध्यक्षता कर रहा है। इस मंच का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी और आपदा प्रबंधन के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। भारत इस क्षेत्र में एक ‘नेट सुरक्षा प्रदाता’ की भूमिका निभा रहा है, जहाँ विकास के साथ-साथ मानवीय पहलू को प्राथमिकता दी जाती है।

जन चौपाल 36 सार:हिंद की बेटियां
समुद्री क्षेत्र में 340% की वृद्धि यह दर्शाती है कि भारत की बेटियाँ अब हर कठिन चुनौती के लिए तैयार हैं। चाहे वह समंदर की लहरें हों या छत्तीसगढ़ की राजनीतिक और सामाजिक जमीन, महिलाओं का बढ़ता दखल एक उज्जवल और सुरक्षित भारत की नींव रख रहा है।






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