रायपुर, 20 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ में बीएड और डीएड पास अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन धरना 117वें दिन भी जारी रहा। रायपुर के तूता धरना स्थल पर डटे अभ्यर्थी 2300 से अधिक सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। यह आंदोलन अब छत्तीसगढ़ की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में सबसे लंबे चले संघर्षों में से एक बन चुका है।
परशुराम जयंती के अवसर पर अभ्यर्थियों ने रामायण पाठ कर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया और शिक्षा मंत्री के बंगले की ओर रैली निकाली। हालांकि पुलिस ने इस मार्च को तूता धरना स्थल पर ही रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने गृहमंत्री के बंगले का घेराव करने की भी कोशिश की, लेकिन उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उच्च न्यायालय ने उनकी नियुक्ति के पक्ष में आदेश दिया था, इसके बावजूद सरकार ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। उनका यह भी कहना है कि यह आंदोलन अब केवल 2300 पदों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह अधिकार और सम्मान की लड़ाई बन चुका है जिसे व्यापक जन समर्थन मिल रहा है। इससे पहले बर्खास्त बीएड शिक्षकों ने भी 113 दिनों से अधिक समय तक संघर्ष किया था।
अभ्यर्थियों ने सरकार को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नियुक्तियां नहीं की गईं तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। यह मामला अब केवल रोजगार का नहीं, बल्कि न्यायिक आदेशों के पालन और शासन की जवाबदेही का सवाल भी बन गया है।
117 दिन से जारी B.Ed आंदोलन: परशुराम जयंती पर रामायण पाठ, पुलिस ने रोका मार्च


