बॉलीवुड में एक मशहूर फिल्म ‘लेडीज वर्सेज रिकी बहल’ तो आपको याद होगी, जिसमें नायक फर्जी पहचान बनाकर महिलाओं को प्यार के जाल में फंसाता और करोड़ों लूटकर चंपत हो जाता था। ठीक 15 साल बाद, दिल्ली में एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसने रिकी बहल के फिल्मी किरदार को हकीकत में बदल दिया। दिल्ली पुलिस की साइबर विंग ने एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो मेट्रोमोनियल साइट्स और डेटिंग ऐप्स के जरिए महिलाओं को अपनी ठगी का शिकार बनाता था।
पश्चिम बंगाल से चलता था ठगी का खेल
एएनआई (ANI) की रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान आनंद कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। आनंद लंबे समय से रोमांस स्कैम, हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग जैसी वारदातों को अंजाम दे रहा था। वह न केवल महिलाओं की भावनाओं से खेलता था, बल्कि उनके बैंक खातों पर भी हाथ साफ कर देता था। कई मामलों में तो पीड़ितों के परिवारों की जीवन भर की जमापूंजी इस ठग ने लूट ली।
ठगी का ‘मॉडस ऑपेरंडी’: प्यार से लेकर ब्लैकमेल तक
साइबर ठगों का यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता है:
प्लेटफॉर्म: फेसबुक, इंस्टाग्राम, डेटिंग ऐप्स और फेक मेट्रोमोनियल वेबसाइट्स।
भरोसा जीतना: शुरुआत में मीठी बातों से महिलाओं का विश्वास जीता जाता है।
गिफ्ट का लालच– कीमती गिफ्ट भेजने के बहाने पीड़ित का पता और निजी जानकारी हासिल करना।
ब्लैकमेलिंग: एक बार निजी जानकारी या फोटो हाथ लगने के बाद शुरू होता है वसूली और ब्लैकमेलिंग का खेल।
कैसे पहचानें ‘डिजिटल रिकी बहल’ को?
रोमांस स्कैमर्स की पहचान करना कठिन हो सकता है, लेकिन इन संकेतों से आप सावधान रह सकते हैं:
अति-सुंदर प्रोफाइल– प्रोफाइल फोटो अक्सर किसी मॉडल या एक्टर जैसी ‘परफेक्ट’ लगती है। |
NRI का चोला-ठग अक्सर खुद को विदेश में रहने वाला डॉक्टर, इंजीनियर या बिजनेसमैन बताते हैं। |
जल्दबाजी :बातचीत के 2-3 दिनों के भीतर ही ‘आई लव यू’ कहना और गहरा इमोशनल कनेक्शन दिखाना।
पैसे की मांग किसी इमरजेंसी या कस्टम क्लीयरेंस के नाम पर अचानक पैसों की मांग करना। |
बचाव के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों और पुलिस ने महिलाओं को सचेत रहने की सलाह दी है:
वीडियो कॉल:पैसे देने से पहले हमेशा वीडियो कॉल करें और सामने वाले की असलियत जांचें।
गोपनीयता:किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी बैंक डिटेल्स या संवेदनशील फोटो न भेजें।
तुरंत एक्शन:शक होने पर व्यक्ति को ब्लॉक करें।
रिपोर्ट करें:साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल (संचार साथी) पर शिकायत दर्ज कराएं।
याद रखें: इंटरनेट पर हर चमकती चीज सोना नहीं होती। आपका एक छोटा सा लालच या भावुकता आपको उम्र भर की आर्थिक चपत लगा सकती है।


