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Monday, June 15, 2026

आस्था का महासंगम: चारधाम यात्रा 2026 के लिए उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, 18 लाख के पार पहुँचा पंजीकरण

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ऋषिकेश/देहरादून -16 अप्रैल 2026

हिमालय की धवल चोटियों पर विराजमान देवताओं के दर्शन की अभिलाषा और सनातन संस्कृति के प्रति अटूट विश्वास एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़ रहा है। ‘मोक्ष’ की राह कही जाने वाली उत्तराखंड की पावन चारधाम यात्रा को लेकर इस वर्ष देश-दुनिया के श्रद्धालुओं में जो उत्साह दिख रहा है, वह केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि भारतीय जनमानस की गहरी आस्था का प्रमाण है।अप्रैल के मध्य तक ही पंजीकरण की संख्या ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार देवभूमि के आंगन में भक्तों का हुजूम पिछले सभी कीर्तिमानों को पीछे छोड़ने के लिए तैयार है।

भक्ति के शिखर पर केदारनाथ: पंजीकरण के मुख्य आंकड़े
पवित्र चारधाम और हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने से पहले ही श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करानी शुरू कर दी है। 15 अप्रैल की शाम तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल 18 लाख से अधिक श्रद्धालु अपना पंजीकरण करा चुके हैं।

बाबा केदार की गूँज: महादेव के प्रति दीवानगी का आलम यह है कि सबसे अधिक 5.96 लाख लोगों ने केदारनाथ धाम के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। मंदाकिनी के तट पर बसे इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन हेतु बर्फबारी की चुनौतियों के बावजूद भक्तों का हौसला बुलंद है।

बद्री विशाल के प्रति समर्पण:जगत के पालनहार भगवान बद्रीनाथ के दर्शन के लिए अब तक **5.10 लाख** श्रद्धालु अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
गंगा-यमुना का पावन बुलावा: मां गंगोत्री के लिए 3.06 लाख और मां यमुनोत्री के लिए 2.98 लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की इस डगर पर चलने का संकल्प लिया है।

सिख आस्था का केंद्र: सिखों के पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब के लिए भी 16,250 से अधिक पंजीकरण दर्ज हो चुके हैं, जो दुर्गम रास्तों पर अडिग विश्वास को दर्शाता है।चुनौतियां भी नहीं डिगा सकीं भक्तों का संकल्प।
हाल ही में हिमालयी क्षेत्रों में हुई ताज़ा बर्फबारी ने स्थानीय प्रशासन के लिए प्रबंधकीय चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

केदारनाथ पैदल मार्ग और बद्रीनाथ हाईवे के आसपास जमी बर्फ को हटाना एक कठिन कार्य बना हुआ है, लेकिन श्रद्धालुओं के लिए यह ‘ईश्वरीय आशीर्वाद’ जैसा है। प्रशासन का कहना है कि जैसे-जैसे यात्रा की तिथि नज़दीक आएगी, यह संख्या और भी तीव्र गति से बढ़ेगी। भक्तों की भीड़ को देखते हुए रुकने, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुगम आवागमन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

सावधान: आस्था के मार्ग में ‘साइबर ठगों’ का साया
जहाँ एक ओर लाखों भक्त श्रद्धा के वशीभूत होकर पहाड़ों की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं कुछ असामाजिक तत्व इस विश्वास का अनुचित लाभ उठाने की ताक में हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के साइबर विंग (I4C) ने तीर्थयात्रियों के लिए एक गंभीर ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।

सतर्क रहें श्रद्धालु:
साइबर ठगों ने चारधाम यात्रा की आधिकारिक वेबसाइटों से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट्स बना ली हैं। गूगल पर विज्ञापन चलाकर ये स्कैमर्स खुद को हेलीकॉप्टर बुकिंग और होटल बुकिंग का अधिकृत एजेंट बताते हैं। भोले-भाले यात्री जब इन साइट्स पर क्लिक करते हैं, तो उन्हें व्हाट्सएप के जरिए झांसे में लेकर मोटी रकम ऐंठ ली जाती है।

यात्रियों के लिए सलाह:हेलीकॉप्टर या होटल की बुकिंग केवल सरकार द्वारा जारी की गई आधिकारिक वेबसाइटों (www.registrationandtouristcare.uk.gov.in) के माध्यम से ही करें। किसी भी अनजान व्यक्ति को बुकिंग के लिए एडवांस पेमेंट न करें।

खबर सारांश :-विश्वास की विजय
चारधाम यात्रा केवल एक भौगोलिक भ्रमण नहीं, बल्कि आत्मा का परमात्मा से मिलन का एक वार्षिक उत्सव है। 18 लाख का यह आंकड़ा बताता है कि कठिन चढ़ाई, कड़ाके की ठंड और तकनीकी बाधाओं पर आज भी विश्वास‘ भारी है। देवभूमि एक बार फिर अपने भक्तों का स्वागत करने के लिए तैयार है, जहाँ मंत्रों की गूँज और घंटियों की आवाज़ के बीच हर श्रद्धालु अपनी आस्था के संगम में डुबकी लगाएगा।



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