नई दिल्ली/डिजिटल डेस्क, 15 अप्रैल 2026
मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच लेबनान की स्थिति एक बार फिर गंभीर हो गई है। 8 अप्रैल 2026 को इजरायल ने लेबनान पर अब तक का सबसे भीषण हमला किया, जिसमें महज 10 मिनट के भीतर 100 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया और 300 से अधिक लोगों की जान चली गई।
इस खतरनाक माहौल में इजरायल और लेबनान के बीच की सीमा पर संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना (UNIFIL) के तहत भारत के करीब 600 सैनिक तैनात हैं। मेजर जनरल एसके सिंह ने बताया कि भारतीय सेना की एक इन्फेंट्री बटालियन वहां शांति बनाए रखने के लिए मोर्चा संभाले हुए है और रक्षा मंत्रालय लगातार उनके संपर्क में बना हुआ है।
बंकरों में रहने के निर्देश और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
ब्लू लाइन के 120 किलोमीटर लंबे दायरे में भारतीय सैनिकों के साथ-साथ 50 अन्य देशों के सैनिक भी शांति दूत बनकर तैनात हैं। ताजा हमलों के बाद सेना के सूत्रों ने जानकारी दी है कि भारतीय जवानों को फिलहाल बंकरों में ही रहने का सख्त निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। स्थिति सामान्य होने तक जवानों को सभी जरूरी काम बंकर के भीतर से ही करने को कहा गया है। सुरक्षा के मद्देनजर जवान अब बख्तरबंद गाड़ियों से पेट्रोलिंग कर रहे हैं और बुलेटप्रूफ जैकेट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं।
भारत सरकार ने जताई गहरी चिंता
भारत ने अमेरिका व ईरान के बीच संघर्षविराम की सहमति के बावजूद लेबनान पर इजरायली हमलों में बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने पर गहरी चिंता जताई है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन व देशों की संप्रभुता के सम्मान पर जोर दिया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि UNIFIL में सैनिक भेजने वाले देश के रूप में, घटनाओं का यह रुख बहुत परेशान करने वाला है। भारत सरकार ने कहा है कि बेरूत में मौजूद भारतीय दूतावास वहां रह रहे सभी भारतीयों के साथ लगातार संपर्क में है।
जंग के बीच लेबनान में डटे हैं 600 भारतीय जवान,बंकरों में रहने के निर्देश — भारत सरकार सतर्क


