नई दिल्ली/डिजिटल डेस्क, 14 अप्रैल 2026
देशभर में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति फिलहाल पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, उपभोक्ताओं के बीच ऑनलाइन बुकिंग का रुझान तेजी से बढ़ा है और यह आंकड़ा करीब 98 प्रतिशत तक पहुंच गया है। निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए अधिकांश एलपीजी वितरक केंद्र रविवार को भी खुले रखे गए।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रमों के बावजूद, देश में पेट्रोलियम उत्पादों और रसोई गैस की उपलब्धता पर कोई असर नहीं पड़ा है। सरकार लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
मार्च 2026 से अब तक देशभर में 1.28 लाख से अधिक छापेमारी की कार्रवाई की गई है, जिसमें 59 हजार से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है।
मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराहट में पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की अतिरिक्त खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें। साथ ही उपभोक्ताओं को डिजिटल माध्यमों से बुकिंग करने और गैस एजेंसियों पर भीड़ से बचने की सलाह दी गई है।
सरकार ने वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया है। पीएनजी, इलेक्ट्रिक और इंडक्शन कुकटॉप जैसे विकल्पों को अपनाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि एलपीजी की मांग पर दबाव कम किया जा सके। ऊर्जा बचत को भी इस समय प्राथमिकता देने की अपील की गई है।
इसके अलावा, व्यावसायिक एलपीजी आपूर्ति में अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि फार्मा, इस्पात, ऑटोमोबाइल और कृषि क्षेत्र जैसे प्रमुख उद्योगों को भी प्राथमिकता के आधार पर ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम सिलेंडर की आपूर्ति भी बढ़ाई गई है।
सरकार ने आपूर्ति और मांग के संतुलन के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना, शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल को 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना शामिल है। इसके साथ ही कोयला और केरोसिन जैसे वैकल्पिक ईंधनों की उपलब्धता भी बढ़ाई गई है।
मंत्रालय का कहना है कि देश में घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति पूरी तरह सुचारु है और आम जनता को किसी भी तरह की कमी की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।


