डिजिटल डेस्क, 10 अप्रैल 2026:
असम, केरलम और पुडुचेरी में गुरुवार को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया संपन्न हो गई। मतदाताओं के भारी उत्साह ने इस बार पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ईवीएम अब स्ट्रॉन्ग रूम में कैद हैं और सभी की निगाहें 4 मई को आने वाले परिणामों पर टिकी हैं।
मतदान के प्रमुख आंकड़े
इस बार का टर्नआउट पिछले चुनावों के मुकाबले बढ़त दिखाता है:सबसे ज्यादा मतदान पुडुचेरी: 89.08% (सर्वाधिक जागरूकता) असम:85.04%केरलम:77.38%।
तुलनात्मक दृष्टि: पिछले चुनावों में असम में 84.42%, केरलम में 76% और पुडुचेरी में 83.42% मतदान हुआ था। इस बार का बढ़ा हुआ प्रतिशत सत्ता विरोधी लहर या मजबूत समर्थन, दोनों की ओर इशारा कर सकता है।
छिटपुट हिंसा और तनाव
असम के श्रीभूमि जिले(पथारकंडी) में चुनावी उत्साह के बीच हिंसा की खबरें भी आईं। कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच हुई झड़प में 25 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है। पूरे राज्य में हिंसा के सिलसिले में अब तक 7 गिरफ्तारियां की गई हैं।
अब बारी बंगाल की
तीन राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में वोटिंग खत्म होने के बाद अब पूरा सियासी केंद्र पश्चिम बंगाल बन गया है। बंगाल की 294 सीटों के लिए दो चरणों में मतदान होना है:
1. प्रथम चरण: 23 अप्रैल
2. द्वितीय चरण: 29 अप्रैल
बंगाल में राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है और चुनाव आयोग के सामने सबसे बड़ी चुनौती शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना है। यहाँ भी मतगणना अन्य राज्यों के साथ **4 मई** को ही होगी।
*यह रिपोर्ट लोकतंत्र की मजबूती और जनता की सक्रिय भागीदारी को रेखांकित करती है।
लोकतंत्र का महाकुंभ: तीन राज्यों में रिकॉर्ड मतदान, अब नतीजों की बारी


