रायपुर/कवर्धा, 08 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के कवर्धा परियोजना मंडल द्वारा वनों को आग से बचाने के लिए आधुनिक तकनीक और त्वरित कार्रवाई की प्रभावी व्यवस्था लागू की गई है। लगभग 25 हजार 436 हेक्टेयर वन क्षेत्र, जो 25 बीटों में विभाजित है, की सुरक्षा के लिए ‘फायर अलर्ट’ सिस्टम सक्रिय किया गया है।
वन विभाग द्वारा एफएमआईएस (Forest Management Information System) पोर्टल के माध्यम से सभी मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल नंबर दर्ज किए गए हैं। जैसे ही किसी क्षेत्र में आग लगती है, संबंधित कर्मचारियों को तत्काल अलर्ट संदेश प्राप्त होता है, जिससे मौके पर मौजूद टीम तुरंत पहुंचकर आग पर नियंत्रण पा लेती है।
वनों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक बीट में अग्नि सुरक्षा श्रमिकों की नियुक्ति की गई है, जो पूरे फायर सीजन में सक्रिय रहते हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से फायर लाइन तैयार की गई है तथा सभी परिक्षेत्रों में फायर ब्लोअर जैसे आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा त्वरित कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) भी गठित की गई है।
अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए सोशल मीडिया समूह बनाए गए हैं, जिससे आग की सूचना तुरंत साझा की जा सके। साथ ही वन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को जागरूक कर उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अग्नि नियंत्रण के बाद पूरी जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज की जाती है, जिससे कार्यों की निगरानी और मूल्यांकन में आसानी होती है।विभाग की सतर्कता और ग्रामीणों के सहयोग का ही परिणाम है कि मार्च 2026 तक इस क्षेत्र में केवल 23 अग्नि घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें से कई घटनाएं राजस्व भूमि और वन अधिकार पत्र वाली जमीन से संबंधित थीं, लेकिन सभी मामलों में समय पर कार्रवाई कर आग पर नियंत्रण पा लिया गया।
वनों को आग से बचाने ‘फायर अलर्ट’ सिस्टम: 25 हजार हेक्टेयर वन क्षेत्र की प्रभावी निगरानी


