गांव‑नगर कनेक्शन: रायपुर‑बिलासपुर से बस्तर जुड़ने से छोटे ट्रांसपोर्टर, ठेकेदार, छोटे‑मोटे दुकानदार सबको फायदा।
रायपुर,06/04/2026
रावघाट-जगदलपुर रेललाइन पर ₹3513 करोड़ का बजट मिलते ही बस्तर में खुशी की लहर। 70 साल पुरानी मांग पूरी होने से इलाके का कायापलट होने वाला है। माओवाद का साया हटने के बाद बस्तर विकास की रफ्तार पकड़ चुकी है—अब रेल इसे पंख देगी।
बस्तर के लोहे के भंडार जगजाहिर हैं। रेल बनेगी तो लाखों टन खनिज सस्ते में जगदलपुर-रायपुर पहुंचेगा। स्टील प्लांट्स चहक उठेंगे, हजारों नौकरियां पैदा होंगी। दूरस्थ गांवों तक डॉक्टर-टीचर आसानी से पहुंचेंगे। पर्यटन फलेगा—चित्रकोट झरना, कांगेर घाटी रेल से पर्यटकों की कतार बढ़ेगी। एक दर्जन नई परियोजनाओं के सर्वे से बस्तर का रेल जाल और मज़बूत बनेगा।
“रावघाट‑जगदलपुर रेललाइन सिर्फ नक्शे पर नया ट्रैक नहीं, बस्तर के गांव‑मोहल्ले की रोजमर्रा की जिंदगी बदलने वाली सड़क है। किसान की फसल बाजार तक पहुंचेगी, आदिवासी बच्चा ट्रेन से शहर का स्कूल देख पाएगा, और गांव की दुकानें नए ग्राहकों से भर जाएंगी
छत्तीसगढ़ की बात करें तो यह रेल राज्य को आर्थिक मजबूती देगी। खनन पर निर्भर अर्थव्यवस्था को सस्ता ढुलाई मिलेगा, सालाना हजारों करोड़ का फायदा। जीडीपी बढ़ेगी, राजस्व चढ़ेगा, उद्योग लगेंगे। पिछला बजट भी रेल पर खर्च दोगुना कर चुका—अब बस्तर वाला कदम CG को टॉप ग्रोथ वाले राज्यों में धकेल देगा। विकास की यह ट्रेन रुकेगी नहीं!


