नई दिल्ली_21/03/2026
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में इंटरनेट उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव का प्रस्ताव रखा है। बार-बार होने वाली इंटरनेट कटौती और नेटवर्क व्यवधानों से आम जनता को होने वाली परेशानी को देखते हुए, उन्होंने मांग की है कि टेलीकॉम कंपनियों की जवाबदेही तय की जाए।
सांसद अग्रवाल ने जोर दिया कि डिजिटल युग में इंटरनेट एक बुनियादी जरूरत है, लेकिन खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और बिना किसी समाधान के बंद होने वाले ‘सपोर्ट टिकट’ उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक और मानसिक बोझ बन रहे हैं।
सांसद अग्रवाल ने तर्क दिया कि वर्तमान में उपभोक्ताओं को सेवा ठप रहने के बावजूद पूरे महीने का शुल्क देना पड़ता है, जो अनुचित है। उन्होंने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के नियमों में संशोधन की वकालत करते हुए ‘बिजली मीटर’ मॉडल का सुझाव दिया।
उनके अनुसार, जिस तरह बिजली कटने पर मीटर रुक जाता है, ठीक उसी तरह इंटरनेट सेवा बाधित होने पर बिलिंग भी तुरंत रुकनी चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ब्रॉडबैंड सेवाओं को ‘पे-पर-यूज़’ (उपयोग के अनुसार भुगतान) बनाया जाए ताकि जनता को केवल उसी समय का पैसा देना पड़े जब सेवा सक्रिय हो।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाई ‘पे-पर-यूज़’ इंटरनेट बिलिंग की मांग; बिजली मीटर की तर्ज पर हो सुधार


