डोंगरगढ़ राजनांदगांव _04/03/2026
डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़) की पावन धरती पर 28 फरवरी से 1 मार्च तक राज्य स्तरीय जुजीत्सु रेफरी, जज एवं कोच प्रशिक्षण एवं परीक्षा का भव्य एवं सुव्यवस्थित आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह आयोजन केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रहकर प्रदेश में जुजीत्सु खेल को संगठित, अनुशासित और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आगे बढ़ाने का सशक्त प्रयास बना।
इस प्रशिक्षण में नेवाज़ा एवं फाइटिंग सिस्टम विधाओं के अंतर्गत प्रैक्टिकल और थ्योरी सत्र आयोजित किए गए। राजनांदगांव, कबीरधाम, बेमेतरा, बालोद, दुर्ग, रायपुर, कांकेर, बस्तर, महेंद्रगढ़, चिरमिरी, बलरामपुर, बिलासपुर और रायगढ़ सहित विभिन्न जिलों से आए 25 समर्पित रेफरियों ने सहभागिता कर अपनी प्रतिबद्धता और खेल भावना का परिचय दिया।
प्रशिक्षण प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से प्रारंभ होकर पूरे दिन गहन सत्रों में संचालित हुआ। प्रतिभागियों को अद्यतन नियम, अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मैच संचालन, स्कोरिंग प्रणाली की बारीकियां, फाउल एवं पेनल्टी, खिलाड़ियों की सुरक्षा, समय प्रबंधन तथा आपात स्थितियों में निष्पक्ष निर्णय लेने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। वास्तविक मैच परिस्थितियों का सृजन कर अभ्यास कराया गया, जिससे प्रतिभागियों के निर्णय कौशल, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
प्रथम दिवस ने बढ़ाया उत्साह
प्रथम दिवस जिला जूजित्सू संघ अध्यक्ष विवेक मोनू भंडारी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को नई ऊर्जा प्रदान की। उन्होंने प्रदेश संघ की आधिकारिक रेफरी किट एवं ड्रेस वितरित करते हुए कहा कि “रेफरी खेल की गरिमा और निष्पक्षता के संरक्षक होते हैं। उनका प्रत्येक निर्णय खिलाड़ियों के भविष्य को दिशा देता है।” उनके प्रेरक संबोधन से प्रतिभागियों में नई उमंग और आत्मविश्वास का संचार हुआ।
परीक्षा और विशेषज्ञ मार्गदर्शन
द्वितीय दिवस अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षक राणा अजय सिंह द्वारा प्रैक्टिकल एवं लिखित परीक्षा आयोजित की गई।
नेवाज़ा इवेंट: सुरेश प्रसाद शांडिल्य, असजद रजा
फाइटिंग सिस्टम: तेजस राहुल, दुर्गेश मोठघरे, शिवदयाल पाटिल
सहयोगी के रूप में अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता राणा वसुंधरा सिंह एवं राष्ट्रीय खिलाड़ी अनुज दमानी की उपस्थिति ने प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावशाली बनाया।
उत्कृष्ट व्यवस्थाएं और समापन
राजनांदगांव जिला जूजित्सू संघ द्वारा आवास, भोजन एवं अन्य व्यवस्थाओं की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई, जिससे वातावरण पूर्णतः अनुशासित और प्रेरणादायक बना रहा। समापन अवसर पर सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
यह आयोजन तकनीकी उन्नयन के साथ-साथ प्रदेश में जुजीत्सु खेल के विकास, संगठनात्मक मजबूती और खेल भावना के सशक्त प्रसार का प्रतीक सिद्ध हुआ। निस्संदेह, यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश के रेफरियों को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक कदम माना जाएगा।


