भाजपा की ‘परिवर्तन यात्रा’ राज्यव्यापी, बहु-स्तरीय और हाई-प्रोफाइल अभियान है—9 यात्राएं, 5000 किमी का सफर, 300 प्लस रैलियां और केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी—जिसका उद्देश्य पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के लिए निर्णायक माहौल बनाना है।
खबर प.बंगाल 18 फरवरी 2026
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में अब महज दो महीने का समय बचा है और सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सत्ता परिवर्तन के लक्ष्य के साथ 1 मार्च से राज्यव्यापी ‘परिवर्तन यात्रा’ शुरू करने जा रही है। यह अभियान सरकार के खिलाफ सत्ता-विरोधी माहौल को धार देने और 2021 के चुनावों में मिली बढ़त को इस बार सत्ता में तब्दील करने की रणनीति का हिस्सा है।
राज्य भाजपा अध्यक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ‘परिवर्तन यात्रा’ टीएमसी सरकार की “घटती प्रासंगिकता” के खिलाफ पार्टी के राजनीतिक संघर्ष का अगला चरण है। उनके मुताबिक, यह यात्रा भाजपा को राज्य के हर कोने तक पहुंचाने और संगठनात्मक मजबूती दिखाने का माध्यम बनेगी।
9 यात्राएं, 5000 किमी का सफर
भाजपा 1 और 2 मार्च को कुल 9 अलग-अलग परिवर्तन यात्राओं का आगाज करेगी। इनका शुभारंभ बड़ी जनसभाओं के साथ होगा, जिनमें भारी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने की उम्मीद है। पार्टी के नेता-कार्यकर्ता इस अभियान में लगभग 5000 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे।
होली को ध्यान में रखते हुए 3 और 4 मार्च को यात्राएं स्थगित रहेंगी, ताकि कार्यकर्ता और आमजन त्योहार मना सकें।
300 से अधिक रैलियां, हर सीट पर मौजूदगी
पार्टी की योजना 10 मार्च तक राज्य भर में 300 से ज्यादा रैलियां आयोजित करने की है। जिस विधानसभा क्षेत्र से यात्रा गुजरेगी, उसके अगले दिन वहीं बड़ी रैली और बैठक होगी, ताकि हर सीट पर भाजपा की सशक्त मौजूदगी दर्ज कराई जा सके।
केंद्रीय नेतृत्व भी होगा शामिल
दिल्ली से भाजपा के कई दिग्गज नेता इस अभियान का हिस्सा बनेंगे। उद्घाटन कार्यक्रमों (1–2 मार्च) में , , , और सहित कुल 9 राष्ट्रीय नेता शामिल होंगे।
ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होगा समापन
‘परिवर्तन यात्रा’ का समापन , कोलकाता में होगा। समापन समारोह में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। हालांकि, पीएम मोदी की रैली की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन इसे बंगाल चुनाव से पहले भाजपा का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।


