रायपुर, 22 दिसंबर 2025।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि विकसित भारत–जी राम जी” ग्रामीण गरीबों, श्रमिकों और मेहनतकश मजदूर वर्ग के जीवन में भरोसा, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने की एक सशक्त और दूरदर्शी पहल है। यह व्यवस्था समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक समय पर रोजगार, पूरा पारिश्रमिक और पारदर्शी प्रणाली पहुँचाने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी के माध्यम से रोजगार प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित और जवाबदेह बनाया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न्यूनतम रहे।
यह सुनिश्चित किया गया है कि श्रमिकों को उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित न किया जा सके और मेहनत का पूरा फल उन्हें समय पर मिले। मजदूरी का भुगतान सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में बिचौलियों की भूमिका समाप्त और आर्थिक सुरक्षा को मजबूती।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, रियल-टाइम निगरानी, एआई-आधारित विश्लेषण और नागरिक सहभागिता जैसे आधुनिक तकनीकी प्रावधान शामिल किए गए हैं।इससे कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा,साथ ही पूरी प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विश्वास का वातावरण बनेगा और श्रमिकों को सम्मानजनक कार्य स्थितियाँ मिलेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को साकार करता है। विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के अनुरूप यह पहल ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और सम्मानजनक आजीविका की दिशा में निर्णायक रूप से आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रमिकों का सम्मान, समय पर रोजगार और पारदर्शी व्यवस्था ही एक सशक्त राष्ट्र की मजबूत नींव है, और विकसित भारत–जी राम जी उसी नींव को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


