बेमेतरा | 17 दिसंबर, 2025
निवेशकों को रकम दोगुना करने का लालच देकर करोड़ों की ठगी करने वाली पी.ए.सी.एल. (PACL) इंडिया लिमिटेड के खिलाफ बेमेतरा पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने उत्तर प्रदेश की जेल में बंद कंपनी के दो फरार डायरेक्टरों को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है।
धोखाधड़ी का जाल और पुलिस की दबिश
पूरा मामला साल 2017 का है, जब प्रार्थी अंजोर दास कोसले सहित दर्जनों निवेशकों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कंपनी ने 5 साल में पैसा दोगुना करने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम जमा कराई। समय पूरा होने पर न केवल ऑफिस बंद कर दिया गया, बल्कि निवेशकों की मेहनत की कमाई लेकर आरोपी फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना बेमेतरा और बेरला पुलिस की संयुक्त टीम लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
कानपुर और उरई जेल से हुई गिरफ्तारी
विवेचना के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कंपनी के दो वांछित डायरेक्टर पंजाब निवासी गुरजंत सिंह गिल (80 वर्ष) और गुरनाम सिंह (69 वर्ष) उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर और उरई जेल में अन्य मामलों में निरुद्ध हैं। माननीय न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर बेमेतरा पुलिस की टीम दोनों आरोपियों को लेकर पहुंची और आज 17 दिसंबर को उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
अब तक कई गिरफ्तारियां, बाकी की तलाश जारी
इस मामले में अब तक निर्मल सिंह भंगू और तरलोचन सिंह सहित 8 आरोपियों को पहले ही सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चिटफंड कंपनियों के माध्यम से मासूम लोगों को लूटने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरी कार्यवाही में निरीक्षक मयंक मिश्रा, उप निरीक्षक राजकुमार साहू और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


