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Saturday, March 7, 2026

आईजीपी दुर्ग गर्ग का बेमेतरा दौरा: पुलिसिंग को आधुनिक, पारदर्शी और जनोन्मुख बनाने पर जोर

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पुलिस को सशक्त और जन सहयोगी बनकर अपराध पर नियंत्रण करने और अत्याधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग कर अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने कहा।

बेमेतरा/छत्तीसगढ़/ 29 सितम्बर 2025

दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) श्री राम गोपाल गर्ग (भा.पु.से.) ने आज बेमेतरा जिले का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें पुलिस अधीक्षक कार्यालय बेमेतरा में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। दौरे के क्रम में आईजीपी ने जिले के राजपत्रित अधिकारियों, थाना और चौकी प्रभारियों की बैठक लेकर कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

बीट प्रणाली को मजबूत करने पर जोर
आईजीपी गर्ग ने बीट सिस्टम की समीक्षा करते हुए कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच संपर्क को और अधिक सशक्त बनाना है। उन्होंने बीट प्रभारियों और थाना/चौकी अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्थानीय नागरिकों के साथ सतत संवाद स्थापित करें, उनके बीच भ्रमण करते रहें और क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर रखें।

– अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा और नशीली दवा के कारोबारियों पर कठोर कार्रवाई
– निगरानी एवं सूचीबद्ध अपराधियों पर लगातार निगरानी
– बीट पुस्तिका को अद्यतन रखते हुए विवादग्रस्त क्षेत्र और आपराधिक गतिविधियों का रिकॉर्ड

जनता से मैत्रीपूर्ण व्यवहार की अपेक्षा

आईजीपी ने स्पष्ट कहा कि जनता सर्वोच्च प्राथमिकता है। थाना या चौकी में आने वाले फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता, धैर्य और संवेदनशीलता से सुना जाए तथा त्वरित निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस का मैत्रीपूर्ण व्यवहार ही समाज में भरोसा और सुरक्षित वातावरण स्थापित करेगा।

आधुनिक पोर्टल और डिजिटल व्यवस्था का क्रियान्वयन
बैठक में आईजीपी ने पुलिस अधिकारियों को नई तकनीकी व्यवस्थाओं के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी रजिस्टर और रिकॉर्ड कंप्यूटरीकृत होकर अपडेट रहें।

– सीसीटीएनएस योजनांतर्गत एमएलसी/पीएम रिपोर्ट ऑनलाइन भेजने पर जोर
– ई-समंस, एनसीसीआरपी, सीईआईआर, जेसीसीटीपी, सीएआईआर जैसे पोर्टलों का प्रभावी प्रयोग
– तकनीकी समस्याओं का टीमवर्क से निराकरण

नए आपराधिक कानूनों का पालन
उन्होंने हाल ही में लागू हुए *नवीन भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम* के समुचित पालन की बात पर बल दिया। तलाशी और जब्ती के दौरान फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी अनिवार्य करने की बात कही ताकि कार्यवाही पारदर्शी और निष्पक्ष हो।

साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी पर सख्ती
आईजीपी गर्ग ने साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि साइबर प्रहरी अभियान, त्रिनयन एप और *सशक्त एप* के माध्यम से अपराध नियंत्रण सुदृढ़ किया जाए।
– ऑनलाइन फ्रॉड और एटीएम धोखाधड़ी पर रोक
– म्यूल अकाउंट धारकों पर कानूनी कार्रवाई
– कॉलेजों, स्कूलों और बाजारों में जागरूकता अभियान

अपराध नियंत्रण और जनजागरूकता अभियान
– महिलाओं और बच्चों के मामलों में
ऑपरेशन मुस्कान चलाने की घोषणा
– गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के लिए
ऑपरेशन तलाश

– चोरी, सड़क दुर्घटना और आपराधिक गतिविधियों पर रोक हेतु रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग और कॉम्बिंग गश्त
– यातायात नियमों तथा साइबर अपराधों को लेकर व्यापक जनजागरूकता

अधिकारियों को सख्त संदेश
आईजीपी गर्ग ने साफ कहा कि अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने थाना और चौकी स्तर पर लंबित अपराधों, मर्ग, गुम इंसान और शिकायतों के शीघ्र निपटारे पर जोर दिया और कहा कि *60 से 90 दिनों में अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाना चाहिए।*

बैठक में मौजूद अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती ज्योति सिंह, एसडीओपी बेरला श्री विनय कुमार, डीएसपी श्रीमती कौशिल्या साहू, रक्षित निरीक्षक श्री प्रवीण खलखो, पीआरओ श्री प्रशांत शुक्ला और जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारी सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।

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