रायपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन। CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग। सुखदेव भगत के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट कूच। SIR और मतदाता सूची को लेकर विरोध।
SIR और मतदाता सूची के मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग पर पुलिस से झड़प, पीएम मोदी और ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका गया।
रायपुर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी सुखदेव भगत के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकालते हुए कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया। प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव सहित कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
कांग्रेस का यह प्रदर्शन SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण), मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े सवालों को लेकर था। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।
रायपुर में राजीव गांधी चौक से निकला पैदल मार्च कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ा। रास्ते में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।
रिपोर्टों के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले भी जलाए गए।
यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब कांग्रेस ने 28 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ देशव्यापी विरोध का आह्वान किया था।
सुखदेव भगत का कल का बयान भी आज के प्रदर्शन से जुड़ता है।
27 सितंबर को रायपुर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया था कि ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े हुए हैं और उन्होंने चुनाव आयोग को लेकर तीखी टिप्पणी की थी।मीडिया पर यह कांग्रेस नेता का आरोप है, तथ्य के रूप में स्थापित निष्कर्ष नहीं।