राष्ट्रपति लूला और उनके डेलीगेशन का भारत में स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है।भारत और ब्राजील —दो प्रभावशाली देश एक बार फिर दुनिया को यह संदेश देने में जुटे हैं कि विकासशील राष्ट्र मिलकर वैश्विक व्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं_पीएम मोदी
नई दिल्ली_22/02/2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में दोनों नेताओं ने रिश्तों को और गहरा करने का संकल्प लिया। पीएम मोदी ने इस साझेदारी को “विन-विन” करार देते हुए अगले पाँच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर के पार ले जाने की प्रतिबद्धता जताई।
व्यापार से परे, रिश्ते की गहराई
ब्राजील पहले से ही लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच अब केवल व्यापार नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, रक्षा, स्वास्थ्य, फार्मा, आयुर्वेद और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भी सहयोग तेज़ी से बढ़ रहा है। क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ पर हुआ समझौता मजबूत सप्लाई चेन की नींव रखने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
लूला का बड़ा बयान — डॉलर से आज़ादी की राह
राष्ट्रपति लूला ने इस साझेदारी को “दुनिया की फार्मेसी और दुनिया के अन्न भंडार” तथा “डिजिटल सुपरपावर और रिन्यूएबल एनर्जी सुपरपावर” का मिलन बताया। उन्होंने एक महत्वपूर्ण संकेत यह भी दिया कि दोनों देश आपसी व्यापार अपनी-अपनी मुद्राओं में करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं, जिससे अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता धीरे-धीरे कम होगी।
साझा मंच, साझा सोच
BRICS, G20 और संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंचों पर भारत और ब्राजील कंधे से कंधा मिलाकर काम करते आए हैं। दोनों देशों के बीच 2025 में द्विपक्षीय व्यापार 15.21 अरब डॉलर तक पहुँचा, जबकि ब्राजील में भारतीय निवेश 15 अरब डॉलर से अधिक रहा।
डिजिटल और ऊर्जा क्षेत्र में नई उड़ान
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, डिजिटल पेमेंट सिस्टम और बायोफ्यूल जैसे भविष्य के क्षेत्रों में भी सहयोग मजबूत हो रहा है। लगभग चार हज़ार भारतीय मूल के पेशेवरों की ब्राजील में मौजूदगी दोनों देशों के बीच मानवीय संबंधों की मज़बूत कड़ी बनी हुई है।
भारत और ब्राजील की यह साझेदारी केवल दो देशों का नहीं, बल्कि ग्लोबल साउथ के उस सपने का प्रतिनिधित्व करती है जो एक न्यायसंगत और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की कामना करता है।


