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Friday, October 23, 2026
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Chhattisgarh Railway News: छत्तीसगढ़ को मिलेगी 2 नई रेल लाइनों की सौगात, रायपुर में मेंटेनेंस फैसिलिटी का होगा शिलान्यास

छत्तीसगढ़ :  रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में 20 अक्टूबर को महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। रायपुर रेलवे स्टेशन पर होने वाले मुख्य समारोह में ताड़ोकी-रावघाट रेल लाइन और अभनपुर-कुरुद ब्रॉड गेज लाइन का उद्घाटन किया जाएगा। इसके साथ ही राजधानी में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला रखी जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान वे रावघाट, रायपुर और रायपुर-कुरुद रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम से जुड़ेंगे।

रायपुर और रावघाट में आयोजित होंगे कार्यक्रम

रेलवे से जुड़ा यह आयोजन दो स्थानों पर होगा। मुख्य समारोह रायपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित किया जाएगा, जबकि दूसरा कार्यक्रम रावघाट रेलवे स्टेशन पर होगा। 20 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे से शुरू होने वाले कार्यक्रम के लिए रेलवे प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।इस आयोजन में कई सांसद और जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इनमें राजीव शुक्ला, रंजीत रंजन, लक्ष्मी वर्मा, बृजमोहन अग्रवाल, विजय बघेल, भोजराज नाग और रूप कुमारी चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।

ताड़ोकी-रावघाट रेल लाइन से बस्तर की कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा

ताड़ोकी-रावघाट रेल लाइन का उद्घाटन बस्तर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेल संपर्क का विस्तार होने से इस इलाके में आवागमन की सुविधाएं बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही लोगों को राजधानी रायपुर और दूसरे प्रमुख शहरों तक पहुंचने के लिए परिवहन का एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।रेल कनेक्टिविटी बढ़ने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों, व्यापार और स्थानीय विकास को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यात्रियों को मिलने वाली वास्तविक सुविधा संबंधित रेल सेवाओं के संचालन और उनके निर्धारित मार्ग पर निर्भर करेगी।

अभनपुर-कुरुद ब्रॉड गेज लाइन से यात्रा और माल परिवहन होगा आसान

अभनपुर-कुरुद ब्रॉड गेज रेल लाइन का उद्घाटन रायपुर के आसपास के क्षेत्रों के लिए भी अहम है। इस रेल मार्ग से दोनों क्षेत्रों के बीच रेल संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। इससे यात्रियों के साथ माल परिवहन को भी सुविधा मिल सकती है।रेल संपर्क मजबूत होने से स्थानीय कारोबारियों को सामान लाने और ले जाने में सहूलियत मिलने की संभावना है। वहीं, आसपास के छोटे शहरों और कस्बों के लोगों के लिए रोजगार, व्यापार और अन्य जरूरी गतिविधियों तक पहुंच आसान हो सकती है।

रायपुर में बनेगी इलेक्ट्रिक रेल इंजन रखरखाव की आधुनिक सुविधा

इस कार्यक्रम के दौरान रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी का शिलान्यास भी किया जाएगा। इस परियोजना के तहत इलेक्ट्रिक इंजनों की मरम्मत और नियमित रखरखाव के लिए आधुनिक सुविधा विकसित करने की योजना है।इस केंद्र के स्थापित होने से रेल इंजनों के रखरखाव से जुड़ी गतिविधियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा तकनीकी कार्यों और संबंधित सेवाओं में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना भी है।

रेल नेटवर्क के विस्तार पर रहेगा जोर

दो रेल लाइनों के उद्घाटन और रायपुर में नई मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला के साथ छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं से बस्तर, रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के साथ यात्रियों तथा माल परिवहन की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

CG BJP Kanya Pujan: छत्तीसगढ़ भाजपा कार्यालय में होगा कन्या पूजन, 9 बालिकाओं को कराया जाएगा नवकन्या भोज

 CG BJP Kanya Pujan: छत्तीसगढ़ में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर कन्या पूजन का आयोजन विशेष रूप से किया जा रहा है। इसी कड़ी में भाजपा महिला मोर्चा की ओर से रायपुर स्थित प्रदेश कार्यालय में नवकन्या पूजन और भोज का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आमतौर पर घरों में होने वाली इस धार्मिक परंपरा को इस बार बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी है। कार्यक्रम में नौ कन्याओं का विधि-विधान से पूजन कर उन्हें भोजन कराया जाएगा। आयोजन में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगी।

कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में होगा कन्या पूजन का आयोजन

रायपुर के बोरियाकला स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में दोपहर 12 बजे से कन्या पूजन एवं नवकन्या भोज का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। भाजपा महिला मोर्चा की ओर से होने वाले इस आयोजन में नौ बालिकाओं को देवी स्वरूप मानकर उनकी पूजा-अर्चना की जाएगी।

धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार कन्याओं को लाल चुनरी ओढ़ाई जाएगी। उनके माथे पर तिलक लगाकर पुष्प और फल अर्पित किए जाएंगे। इसके बाद कन्याओं को भोजन कराया जाएगा और महाप्रसादी का वितरण होगा।

महिला मोर्चा की पदाधिकारी और कार्यकर्ता होंगी शामिल

इस धार्मिक कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष के साथ संगठन की कई महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन के जरिए नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन की परंपरा को सामूहिक रूप से निभाया जाएगा।हिंदू धर्म में छोटी कन्याओं को मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का प्रतीक मानकर उनकी पूजा करने की परंपरा है। नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि पर विशेष रूप से कन्या पूजन किया जाता है। इस दौरान बालिकाओं को सम्मानपूर्वक भोजन कराकर उनका आशीर्वाद लिया जाता है।

कन्या पूजन में हलवा, पूड़ी और चने का प्रसाद

नवरात्रि के दौरान कन्या भोज में हलवा, पूड़ी और काले चने का प्रसाद बनाने की परंपरा प्रचलित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कन्याओं को भोजन कराने से पहले तैयार पकवानों का भोग मां दुर्गा को अर्पित किया जाता है। इसके बाद कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराया जाता है।महाष्टमी और महानवमी के अवसर पर होने वाला कन्या पूजन नवरात्रि के प्रमुख धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल है। इस परंपरा में बालिकाओं को देवी का स्वरूप मानकर सम्मान देने और सेवा भाव प्रकट करने का विशेष महत्व माना जाता है।

Crime News: रेलवे ट्रैक पर मिला पटवारी का शव, पार्किंग में कार के अंदर मृत मिले दोनों बच्चे

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मध्य प्रदेश :  नर्मदापुरम जिले में एक पटवारी और उसके दो बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। पिपरिया रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर पटवारी का शव मिला, जबकि स्टेशन परिसर की पार्किंग में खड़ी एक कार से उसके दोनों बच्चों के शव बरामद किए गए। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक पटवारी रायसेन जिले के उदयपुरा में पदस्थ था।

रेलवे ट्रैक पर मिला पटवारी का शव

यह घटना रविवार, 18 अक्टूबर की बताई जा रही है। दोपहर करीब 3 बजे पुलिस को सूचना मिली कि पिपरिया रेलवे स्टेशन के नजदीक रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें मृतक की पहचान रायसेन जिले के अलीगंज गांव निवासी पटवारी अजय धाकड़ के रूप में हुई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अजय धाकड़ की मौत संघमित्रा एक्सप्रेस की चपेट में आने से हुई। घटनास्थल पर उनका शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। पुलिस ने घटना की जानकारी मृतक के चाचा प्रताप सिंह धाकड़ को दी। इसके बाद परिवार के अन्य सदस्यों और दोनों बच्चों के बारे में जानकारी जुटाई जाने लगी।

स्टेशन की पार्किंग में कार से मिले दोनों बच्चों के शव

पटवारी की मौत की सूचना मिलने के बाद पता चला कि उनके दोनों बच्चे भी लापता हैं। इसके बाद उनकी तलाश शुरू की गई। शाम करीब 6 बजे पिपरिया रेलवे स्टेशन परिसर की पार्किंग में खड़ी एक कार से दोनों बच्चों के शव बरामद हुए।

मृत बच्चों की पहचान शिवम और समर्थ के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, समर्थ नौवीं कक्षा में और शिवम छठी कक्षा में पढ़ता था। बताया जा रहा है कि अजय धाकड़ दोनों बच्चों को फिल्म दिखाने के लिए गांव से पिपरिया लेकर आए थे।

पुलिस को बच्चों की गर्दन पर निशान मिले हैं। शुरुआती जांच में गला घोंटे जाने की आशंका जताई गई है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

पिपरिया के एसडीओपी आशीष कुमार के अनुसार, दोनों बच्चों के गले पर निशान पाए गए हैं, जो गला घोंटे जाने की आशंका की ओर संकेत करते हैं। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पटवारी अजय धाकड़ की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इस घटना से पहले क्या कुछ हुआ था। बच्चों की मौत के कारणों की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

छत्तीसगढ़ में 243.81 करोड़ रुपये के सड़क और पुल निर्माण कार्यों को मंजूरी, रायपुर में बनेगा फुंडहर चौक ओवरपास

 छत्तीसगढ़ में सड़क और पुलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 243.81 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं के तहत प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में 12 पुलों और 6 सड़कों का निर्माण तथा उन्नयन किया जाएगा। राजधानी रायपुर में फुंडहर चौक पर ओवरपास बनाने के साथ रायपुरा चौक फ्लाईओवर की सर्विस रोड को भी चौड़ा किया जाएगा। वहीं, बीजापुर जिले में इंद्रावती नदी पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कराया जाएगा। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाने और निर्माण शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।

रायपुर में फुंडहर चौक पर बनेगा ओवरपास

राजधानी रायपुर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए फुंडहर चौक पर 29.80 करोड़ रुपये की लागत से ओवरपास का निर्माण किया जाएगा। इस चौराहे पर वाहनों की अधिक आवाजाही के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती है। ओवरपास बनने से यातायात का दबाव कम करने और वाहन चालकों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा रायपुरा चौक फ्लाईओवर की 3.66 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड का चौड़ीकरण भी प्रस्तावित कार्यों में शामिल है। इससे सड़क की क्षमता बढ़ाने और यातायात को सुचारु बनाने में मदद मिल सकती है।

प्रदेश में 12 पुल और 6 सड़कों का होगा निर्माण

राज्य सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में 12 पुलों और 6 सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहरी और ग्रामीण इलाकों के बीच संपर्क बेहतर बनाना है। सड़क और पुलों की सुविधा बढ़ने से लोगों की आवाजाही के साथ स्थानीय व्यापार और परिवहन को भी लाभ मिल सकता है।

इन कार्यों के माध्यम से उन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने पर जोर दिया जा रहा है, जहां बेहतर सड़क संपर्क की जरूरत है। इससे ग्रामीण आबादी को प्रमुख शहरों और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंचने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

बीजापुर में इंद्रावती नदी पर बनेगा 36 करोड़ रुपये से अधिक का पुल

बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में इंद्रावती नदी पर 36 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से उच्च स्तरीय पुल बनाया जाएगा। बरसात के दौरान नदी में जलस्तर बढ़ने से आसपास के कई गांवों का संपर्क प्रभावित होता है। ऐसे में इस पुल का निर्माण स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

पुल तैयार होने के बाद नदी के दोनों ओर बसे क्षेत्रों के बीच सालभर आवागमन बनाए रखने में मदद मिलेगी। इससे ग्रामीणों को आने-जाने के लिए बेहतर सुविधा मिलने के साथ जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।

निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयसीमा पर जोर

उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को स्वीकृत परियोजनाओं के लिए आवश्यक कार्यादेश जारी कर निर्माण प्रक्रिया जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने और निर्धारित समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।

सरकार की ओर से इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के साथ निर्माण कार्यों की निगरानी पर भी ध्यान देने की बात कही गई है, ताकि स्वीकृत योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच सके।

पंचांग: नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि आज, मां महागौरी और सिद्धिदात्री स्वरूप की करें आराधना

 पंचांग : आज 19 अक्टूबर, 2026 सोमवार के दिन आश्विन महीने की शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि है. इस तिथि पर माता दुर्गा का शासन है. इस दिन पितृ पूजा की जा सकती है, लेकिन अधिकांश कार्यों के लिए अशुभ तिथि मानी जाती है.

19 अक्टूबर का पंचांग :

  • विक्रम संवत : 2083
  • मास : आश्विन
  • पक्ष : शुक्ल पक्ष अष्टमी
  • दिन : सोमवार
  • तिथि : शुक्ल पक्ष अष्टमी
  • योग : ध्रुति
  • नक्षत्र : उत्तराषाढा
  • करण : बव
  • चंद्र राशि : मकर
  • सूर्य राशि : तुला
  • सूर्योदय : 06:24:00 AM
  • सूर्यास्त : 05:47:00 PM
  • चंद्रोदय : 01:49 पी एम
  • चंद्रास्त : 12:24 ए एम, अक्टूबर 20
  • राहुकाल : 07:50 से 09:15

आज का नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा मकर राशि और उत्तराषाढा नक्षत्र में रहेगा. यह नक्षत्र धनु राशि में 26:40 से लेकर मकर राशि में 10:00 डिग्री तक फैला है. इसके शासक सूर्य है. यह स्थिर प्रकृति का नक्षत्र है, इसके देवता विश्वदेव है. कुआं खोदने, नींव या शहर बनाने, कर्मकांड, राज्याभिषेक, भूमि खरीदना, मेधावी कर्म, बीज बोना, देवताओं की पूजा, मंदिर का निर्माण, विवाह, या स्थायी सफलता चाहने वाले कोई भी काम इस नक्षत्र में किए जा सकते हैं.

आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 07:50 से 09:15 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.

आज का राशिफल: सप्ताह के पहले दिन इन राशियों को मिल सकती है बड़ी खुशखबरी, जानें अपना भविष्यफल

 मेष- चंद्रमा राशि बदलकर आज 19 अक्टूबर, 2026 सोमवार के दिन मकर राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति दसवें भाव में होगी. आज आप घर की समस्याओं पर अधिक ध्यान देंगे. परिजनों के साथ बैठकर महत्वपूर्ण चर्चा करेंगे. घर के इंटीरियर पर आप धन खर्च कर सकते हैं. आज आपको अपने काम में संतोष का अनुभव होगा. मित्रों से आपको सम्मान मिल सकता है. माता के साथ संबंध अच्छे रहेंगे. हर काम उत्साह से पूरा करेंगे. घर में किसी मेहमान के आने से खुशी मिलेगी. आज आप कार्यस्थल पर अपने काम को जल्दी पूरा करने की स्थिति में रहेंगे हालांकि जल्दबाजी से आपको बचना होगा.

वृषभ- चंद्रमा राशि बदलकर आज 19 अक्टूबर, 2026 सोमवार के दिन मकर राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति नवें भाव में होगी. विदेश में रहने वाले स्वजन या मित्रों का समाचार मिलने से मन प्रसन्नता का अनुभव करेगा. विदेश जाने के इच्छुक लोगों के लिए अनुकूल संयोग बनेंगे. लंबी दूरी की यात्रा करने का अवसर आएगा. ऑफिस या व्यावसायिक स्थल पर कार्य भार बढ़ेगा. इस कारण आपको थकान भी रह सकती है. व्यापार में लाभ की संभावना है. स्वास्थ्य सामान्य रूप से मध्यम रहेगा. विद्यार्थियों को निश्चित असाइमेंट्स पूरा करने के लिए अतिरिक्त मेहनत करना होगी.

मिथुन- चंद्रमा राशि बदलकर आज 19 अक्टूबर, 2026 सोमवार के दिन मकर राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति आठवें भाव में होगी. आज आप क्रोध पर लगाम रखें. नकारात्मक विचारों से दूर रहना आपके हित में होगा. अत्यधिक खर्च से आर्थिक तंगी का अनुभव होगा. पारिवारिक सदस्य और ऑफिस में सहकर्मियों से मनमुटाव या विवाद हो सकता है. इस कारण मन उदास होगा. कार्यस्थल पर काम समय पर पूरा नहीं होने से तनाव हो सकता है. आज ऑपरेशन कराना उचित नहीं होगा. स्वास्थ्य की दृष्टि से समय थोड़ा चिंतित करने वाला है. ईश्वर की आराधना, जाप और आध्यात्मिकता से आपको शांति का अनुभव होगा.

कर्क- चंद्रमा राशि बदलकर आज 19 अक्टूबर, 2026 सोमवार के दिन मकर राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति सातवें भाव में होगी. वैभवी जीवनशैली तथा मनोरंजक प्रवृत्तियों से आज आप आनंदित रहेंगे. प्रेम जीवन में भी सकारात्मक रवैया आपके पुराने मतभेदों को दूर कर देगा. व्यापार में आपको लाभ होगा. नौकरीपेशा लोग भी अपने टारगेट को पूरा करने की कोशिश करेंगे. आज नौकरी या व्यवसाय में आप ऊर्जावान बने रहेंगे. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. हालांकि तनावमुक्त रहने के लिए आध्यात्मिकता का सहारा ले सकते हैं. मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. परिवार के साथ दिन अच्छा गुजरेगा. परिजनों के साथ मतभेद दूर होंगे. निवेश की कोई योजना बना सकते हैं.

सिंह- चंद्रमा राशि बदलकर आज 19 अक्टूबर, 2026 सोमवार के दिन मकर राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति छठे भाव में होगी. आज का दिन औसत रहने वाला है. घर में शांति का वातावरण रहेगा. दफ्तर में सहकर्मियों से कम सहयोग मिलेगा. दैनिक कामों में कुछ रुकावटें आएंगी. शत्रुओं तथा विरोधियों की वजह से परेशानी होगी. उच्चाधिकारियों के साथ विवाद टालें. महिलाओं को मायके की चिंता रह सकती है. नए काम में आज उदासीनता रहेगी. दोपहर के बाद किसी काम में मन नहीं लगेगा. स्वास्थ्य साधारण रहेगा. खूब परिश्रम के बाद भी दोपहर के बाद सफलता कम ही मिलेगी. किसी बीमारी के ट्रीटमेंट पर पैसा खर्च हो सकता है.

कन्या- चंद्रमा राशि बदलकर आज 19 अक्टूबर, 2026 सोमवार के दिन मकर राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति पांचवें भाव में होगी. आज संतान संबंधी मामलों को लेकर चिंता रहेगी. पेट संबंधी परेशानियां होंगी. विद्या अध्ययन के लिए समय अनुकूल नहीं है. आज आपको बौद्धिक वाद-विवाद से दूर रहना चाहिए, हालांकि प्रेमीजनों को प्रणय में सफलता मिलेगी. प्रिय व्यक्तियों के साथ मुलाकात से आनंद का अहसास होगा. शेयर-सट्टे में सावधानी बरतना जरूरी है. गलत जगह निवेश से नुकसान हो सकता है. कार्यस्थल पर कोई नया काम भी आपको मिल सकता है. व्यापारियों को लाभ मिलेगा.

तुला- चंद्रमा राशि बदलकर आज 19 अक्टूबर, 2026 सोमवार के दिन मकर राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति चौथे भाव में होगी. आपके लिए समय मध्यम फलदायक है. किसी बात को लेकर मन इमोशनल रहेगा. अपने प्रिय के साथ मन की बात शेयर करने में दिक्कत महसूस कर सकते हैं. स्वास्थ्य की दृष्टि से भी देखें तो शारीरिक ताजगी का अभाव रहेगा. मानसिक चिंता भी रहेगी. धन और यश की हानि हो सकती है. आज निवेश से बचना चाहिए. मां के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी. रिश्तेदारों के साथ किसी बात पर वाद-विवाद हो सकता है. मौन रहकर विवाद टाल सकेंगे. व्यवसाय में अतिरिक्त मेहनत की आवश्यकता होगी.

वृश्चिक- चंद्रमा राशि बदलकर आज 19 अक्टूबर, 2026 सोमवार के दिन मकर राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति तीसरे भाव में होगी. आज का दिन लाभदायी है. आज आर्थिक लाभ होने के साथ-साथ भाग्य वृद्धि भी होगी. आप भविष्य को देखते हुए कोई बड़ा अमाउंट निवेश करने की योजना भी बना सकते हैं. स्नेहीजनों के साथ संबंधों में प्रेम की अधिकता रहेगी. आज प्रेम जीवन में आपके लिए आनंददायक समय रहेगा. व्यवसाय में नए काम का आरंभ करने के लिए समय शुभ है. किसी बिजनेस मीटिंग के लिए छोटी यात्रा पर जाना हो सकता है. मानसिक रूप से प्रसन्नता बनी रहेगी. विरोधियों पर विजय प्राप्त होगी. कार्यस्थल पर आपके अधीनस्थ लोग आपका सहयोग करेंगे.

धनु- चंद्रमा राशि बदलकर आज 19 अक्टूबर, 2026 सोमवार के दिन मकर राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति दूसरे भाव में होगी. पारिवारिक सदस्यों से कोई मतभेद हो, तो इगो को अलग रखकर मतभेद दूर करें. गलत जगह पैसे खर्च हो सकते हैं. मन में दुविधा रहने से कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने में कठिनाई हो सकती है. निर्धारित काम में सफलता नहीं मिलने की संभावना है. कार्यस्थल पर आपका मन नहीं लगेगा. काम आज आपको बोझ लगेगा. प्रेम जीवन में संतुष्टि का अभाव रहेगा. स्वास्थ्य की दृष्टि से समय मध्यम है. आप ध्यान रखें.

मकर- चंद्रमा राशि बदलकर आज 19 अक्टूबर, 2026 सोमवार के दिन मकर राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति पहले भाव में होगी. आज का दिन ईश्वर के स्मरण में गुजरेगा. धार्मिक काम में आप व्यस्त रहेंगे. नौकरी या व्यवसाय में भी अनुकूल परिस्थिति रहेगी. आज आपके हर काम सरलता से पूरे होंगे. मान-सम्मान मिलेगा. नौकरीपेशा लोगों के काम आसानी से पूरे होंगे. टीम वर्क में आपके काम की प्रशंसा हो सकती है. कोई नए टारगेट भी आपको मिल सकते हैं. प्रेम जीवन में आज का दिन संतुष्टि से भरा रहेगा. मित्रों और स्नेहीजनों से कोई उपहार मिल सकता है. गृहस्थ जीवन अच्छा बना रहेगा, हालांकि स्वास्थ्य के मामले में अनदेखी से नुकसान हो सकता है. किसी दुर्घटना की वजह से चोट लगने का भय रहेगा. वित्तीय मोर्चे पर निवेश सोच-समझकर करें.

कुंभ- चंद्रमा राशि बदलकर आज 19 अक्टूबर, 2026 सोमवार के दिन मकर राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति बारहवें भाव में होगी. शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बने रहेंगे, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य में कमी रहेगी. किसी बात की अनावश्यक चिंता रहेगी. इससे आपको तनाव होगा. कोर्ट-कचहरी की झंझट में न फंसें. अनुचित स्थान पर पूंजी-निवेश हो सकता है, इसलिए विशेषज्ञ की सलाह से काम करें. परिजनोंसे वाद-विवाद हो सकता है. जीवनसाथी के साथ गुस्से से बात ना करें. गुस्से पर नियंत्रण रखें. परिवार की जरूरत पर धन खर्च हो सकता है. नौकरीपेशा लोगों का दिन सामान्य बना रहेगा. व्यापार में अतिरिक्त मेहनत के बावजूद सामान्य लाभ प्राप्त होगा.

मीन- चंद्रमा राशि बदलकर आज 19 अक्टूबर, 2026 सोमवार के दिन मकर राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति ग्यारहवें भाव में होगी. आज मित्रों से आपको लाभ होगा और उनके पीछे धन खर्च भी होगा. सामाजिक कामों में अधिक रुचि रहेगी. किसी नए व्यक्ति से रोमांचकारी मुलाकात हो सकती है. प्रेम जीवन में संतुष्टी का भाव रहेगा. अविवाहित लोगों का रिश्ता पक्का हो सकता है. आज ऐसे लोगों से संपर्क होगा जो कि भविष्य में आपके लिए लाभदायक होंगे. घर से शुभ समाचार प्राप्त हो सकते हैं. संतान से लाभ होगा. आकस्मिक धन लाभ के योग हैं. दूर के रिश्तेदारों से बातचीत होगी. व्यावसायिक लाभ के लिए किसी छोटी यात्रा पर जाना हो सकता है. आज आपको स्वास्थ्य की दृष्टि से विशेष ध्यान रखना होगा. बाहर खाने-पीने से बचना होगा.

बेमेतरा में राष्ट्रीय बाइक रैली का भव्य स्वागत, “नशामुक्त भारत, सशक्त भारत” का दिया संदेश

बेमेतरा, 18 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में “FIGHT AGAINST DRUGS” थीम पर निकली राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली रविवार को बेमेतरा पहुंची। भारत माता चौक पर पुलिस अधीक्षक श्री त्रिलोक बंसल (IPS) और नगरपालिका टीम ने रैली का आत्मीय स्वागत किया।

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर में होने वाली मुख्य परेड में शामिल होने के लिए यह रैली देशभर में निकाली जा रही है। इस वर्ष पहली बार आयोजित इस रैली का उद्देश्य “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” और “नशामुक्त भारत, सशक्त भारत” का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है।

ओडिशा से छत्तीसगढ़ पहुंची यह रैली रायपुर से सिमगा होते हुए बेमेतरा-सिमगा सीमा पर पहुंची, जहां अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव ने जिले में प्रवेश कराया। इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग से होते हुए रैली भारत माता चौक पहुंची, जहां स्कूली छात्र-छात्राओं, NCC कैडेट्स, पुलिस अधिकारियों और आम नागरिकों ने बाइक राइडर्स का उत्साहपूर्वक अभिनंदन किया।

कार्यक्रम में एसपी त्रिलोक बंसल और नगरपालिका अध्यक्ष ने हरी झंडी दिखाकर रैली को कबीरधाम जिले की सीमा की ओर रवाना किया। इस अवसर पर एसपी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “नशा करना ही है, तो जिम्मेदारी और कर्तव्यों के प्रति समर्पण का नशा करें; नशे को कहें ‘ना’।” उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

नगरपालिका अध्यक्ष ने कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक रूप से भी परिवार को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने की अपील की।

रैली का नेतृत्व ओडिशा पुलिस दल के निरीक्षक समर सिंह, विकास किशोर प्रधान तथा छत्तीसगढ़ पुलिस दल के रवींद्र गिरी कर रहे हैं। कार्यक्रम में लगभग 350 से 400 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और आम नागरिक शामिल हुए।

बेमेतरा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नशे के खिलाफ इस लड़ाई में पुलिस का सहयोग करें और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार की सूचना पुलिस को दें।

चोरबागान हादसे में 19 लोगों की मौत, 25 घायल, अमित शाह ने रद्द किए कार्यक्रम, अस्पताल पहुंचकर जाना घायलों का हाल

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 कोलकाता :  चोरबागान इलाके में शनिवार रात दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ ने गंभीर हादसे का रूप ले लिया। इस घटना में 19 लोगों की जान चली गई, जबकि 25 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद पुलिस ने आयोजकों समेत कई लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है और सात लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए और घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे।

अमित शाह ने रद्द किए कार्यक्रम, कालीघाट मंदिर में की पूजा

हादसे के बाद अमित शाह ने कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडालों के अपने सभी निर्धारित दौरे रद्द कर दिए। रविवार सुबह वे कालीघाट मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने अस्पताल जाकर हादसे में घायल लोगों का हाल जाना। इस दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे।पुलिस ने घटना के बाद प्रभावित क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा 20 अक्टूबर तक लागू की है।

तेज बारिश के बीच पंडाल में बढ़ी भीड़, फिर मची अफरा-तफरी

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात चोरबागान के दुर्गा पूजा पंडाल में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इसी दौरान तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए बाहर खड़े लोगों ने पंडाल के भीतर जाने की कोशिश की।बताया जा रहा है कि पंडाल के अंदर रोशनी कम होने के कारण वहां मौजूद भीड़ का सही अंदाजा लगाना मुश्किल था। ऐसे में बाहर से लोग लगातार अंदर प्रवेश करते रहे और भीड़ का दबाव बढ़ गया। इसी दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हो गए। हादसे के सटीक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

पुलिस खंगाल रही CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि पंडाल खाली करने की घोषणा किसने की थी और क्या इस घोषणा से लोगों के बीच घबराहट फैली। जांच के तहत स्थानीय निवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।मामले में आयोजकों समेत कई लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। सात लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस हादसे से जुड़ी परिस्थितियों और संभावित लापरवाही के पहलुओं की जांच में जुटी है।

मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की सहायता

हादसे के बाद राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए 25-25 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। इसके अलावा, प्रत्येक मृतक के परिवार के एक सदस्य को ग्रुप डी श्रेणी में सरकारी नौकरी देने का भी ऐलान किया गया है।

नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर,नवरात्रि का पावन पर्व शक्ति की आराधना के साथ नारी शक्ति के सम्मान, सामाजिक एकता और हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है. भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है. हमारी सरकार इसी भावना के अनुरूप माताओं-बहनों के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है.

महिलाओं की प्रगति केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज और प्रदेश की प्रगति का आधार है. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न गरबा एवं नवरात्रि महोत्सवों में शामिल होकर प्रदेशवासियों को नवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए यह बात कही. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव  साय कालीबाड़ी स्थित मां काली मंदिर पहुंचे और माता के दर्शन-पूजन कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की. इसके साथ ही वे मंडी परिसर में श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज द्वारा आयोजित श्री पाटीदार नवरात्रि महोत्सव, भानपुरी में श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज के गरबा समारोह, गोवर्धन नगर में श्री कच्छ गुर्जर क्षत्रिय समाज द्वारा आयोजित नवरात्रि महोत्सव तथा अमलीडीह क्षेत्र में आयोजित ढोलिडा रास गरबा-2026 सहित विभिन्न आयोजनों में सम्मिलित हुए.

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवरात्रि के अवसर पर पूरे देश और प्रदेश में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत वातावरण निर्मित होता है. नौ दिनों तक शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना हमें जीवन में साहस, संयम, सकारात्मकता और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है. यह पर्व हमारी सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने के साथ समाज में प्रेम, सद्भाव और समरसता की भावना को भी मजबूत करता है.

गरबा हमारी आस्था और सामाजिक एकता का उत्सव

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गरबा केवल नृत्य का आयोजन नहीं, बल्कि मां दुर्गा के प्रति हमारी श्रद्धा और भक्ति की सुंदर अभिव्यक्ति है. गुजरात से प्रारंभ हुई गरबा की समृद्ध परंपरा आज पूरे देश में उत्साह और उमंग के साथ मनाई जाती है. यह भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता का सुंदर उदाहरण है. उन्होंने कहा कि हमारे पर्व और त्योहार समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं. अलग-अलग समाज और समुदाय जब एक साथ उत्सव मनाते हैं, तो आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना और मजबूत होती है. यही हमारी भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है. छत्तीसगढ़ में भी सभी समाजों ने अपनी परंपराओं और संस्कृति को सहेजते हुए प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. मुख्यमंत्री श्री साय ने गरबा महोत्सवों में माताओं, बहनों और बेटियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मातृशक्ति की भागीदारी से ऐसे आयोजन और अधिक सुंदर तथा गरिमामय बनते हैं. नवरात्रि का पर्व हमें नारी शक्ति के सम्मान के साथ उनके प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी स्मरण कराता है.

महतारी वंदन योजना ने बढ़ाया माताओं-बहनों का आत्मविश्वास

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से निरंतर कार्य कर रही है. महतारी वंदन योजना इसी संकल्प की महत्वपूर्ण कड़ी है. योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता राशि सीधे अंतरित की जा रही है. उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता की योजना नहीं है, बल्कि माताओं-बहनों के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की उनकी स्वतंत्रता को मजबूत करने का माध्यम भी बनी है. हमारी माताएं-बहनें इस राशि का उपयोग अपनी दैनिक आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, बचत और परिवार की जरूरतों के लिए कर रही हैं. जब महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं-बहनों के चेहरे पर आत्मविश्वास और संतोष देखकर सरकार को भी अपने प्रयासों की सार्थकता का अनुभव होता है. हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ की प्रत्येक महिला को आगे बढ़ने के अवसर मिलें और वह प्रदेश के विकास में अपनी पूरी क्षमता के साथ भागीदारी कर सके.

14 लाख लखपति दीदी छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति के सामर्थ्य का प्रमाण

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज प्रदेश की 14 लाख बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं. यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की महिलाओं की मेहनत, लगन, उद्यमशीलता और सामर्थ्य का प्रमाण है. स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से न केवल अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं, बल्कि गांव और समाज की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं. उन्होंने कहा कि महिलाओं के हाथों में आर्थिक सामर्थ्य आने से परिवारों में खुशहाली आती है, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य बेहतर होता है तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन की गति तेज होती है. विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में हमारी मातृशक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. राज्य सरकार महिलाओं को स्वावलंबी बनाने, कौशल विकास, आजीविका और उद्यमिता के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है.

शक्ति आराधना की पावन भूमि है छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन धरती है. यह मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां चंद्रहासिनी जैसी आराध्य देवियों की भूमि है. प्रदेश में सदियों से शक्ति की उपासना और देवी आराधना की गौरवशाली परंपरा रही है. उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी से लेकर डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी, रतनपुर में मां महामाया और चंद्रपुर में मां चंद्रहासिनी के दरबार तक श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है. गांव-गांव और शहर-शहर में ज्योति कलश प्रज्ज्वलित होते हैं और पूरा छत्तीसगढ़ माता की भक्ति में सराबोर हो जाता है. यह हमारी गहरी धार्मिक आस्था के साथ प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की विशिष्ट पहचान है. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में प्रकृति, आस्था, लोकजीवन और अध्यात्म का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है. हमारे तीज-त्योहार और धार्मिक परंपराएं पीढि़यों को आपस में जोड़ती हैं. इन्हें सहेजना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है.

‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हुए आधुनिक विकास की नई ऊंचाइयों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री जी ने देश को ‘विकास भी, विरासत भी’ का मंत्र दिया है. इसी भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश के समग्र विकास के साथ अपनी संस्कृति, आस्था और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है. देवी शक्तिपीठों और आस्था केंद्रों में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं के विकास के साथ उन्हें प्रदेश की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत केवल अतीत की स्मृति नहीं है, बल्कि वर्तमान की शक्ति और भविष्य की प्रेरणा भी है. विकास की यात्रा में अपनी जड़ों और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े रहना आवश्यक है. हमारी सरकार का प्रयास है कि आधुनिक और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के साथ प्रदेश की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान भी और अधिक सशक्त हो. मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवरात्रि और गरबा जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं. ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करते हैं तथा समाज में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं.

मुख्यमंत्री श्री साय ने मां दुर्गा से प्रार्थना करते हुए कहा कि माता रानी की कृपा सभी प्रदेशवासियों पर बनी रहे. हर घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आए तथा छत्तीसगढ़ शांति, समृद्धि और विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे. इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री देवजी भाई पटेल, श्री जयंती पटेल, श्री जगदीश पटेल सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे.

CG College Yuktiyuktkaran: छत्तीसगढ़ के कम छात्र संख्या वाले सरकारी कॉलेजों का होगा पुनर्गठन? 7 संस्थानों में पिछले सत्र में एक भी दाखिला नहीं, 38 कॉलेजों में 200 से कम विद्यार्थी

 छत्तीसगढ़ :  उच्च शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार युक्तियुक्तकरण यानी कॉलेजों के पुनर्समायोजन की तैयारी कर रही है। प्रदेश के कई शासकीय कॉलेजों में विद्यार्थियों की कम संख्या को देखते हुए यह कदम उठाने पर विचार किया जा रहा है। सामने आई जानकारी के अनुसार, पिछले प्रवेश सत्र में करीब 7 सरकारी कॉलेज ऐसे रहे, जहां एक भी विद्यार्थी ने दाखिला नहीं लिया। वहीं, कई संस्थानों में कुल प्रवेश पाने वाले छात्रों की संख्या 100 तक भी नहीं पहुंच सकी। इसके अलावा, प्रदेश के 38 कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों को मिलाकर विद्यार्थियों की संख्या 200 से कम दर्ज की गई है।

कॉलेजों से जुटाई जा रही प्रवेश, सीट और बजट की जानकारी

उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि फिलहाल प्रदेश के कॉलेजों से जुड़ी विभिन्न जानकारियां एकत्र की जा रही हैं। इनमें संस्थानों में उपलब्ध सीटों की संख्या, विद्यार्थियों के प्रवेश की स्थिति और बजट से संबंधित विवरण शामिल हैं। इन आंकड़ों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।

उच्च शिक्षा संचालनालय ने क्षेत्रीय अधिकारियों से मांगा ब्योरा

कॉलेजों की मौजूदा स्थिति का आकलन करने के लिए उच्च शिक्षा संचालनालय ने क्षेत्रीय कार्यालयों में पदस्थ अपर संचालकों को पत्र भेजा है। उनसे संबंधित कॉलेजों के बारे में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।

कम छात्र संख्या वाले संस्थानों के आंकड़े सामने आने के बाद युक्तियुक्तकरण की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, किन कॉलेजों में बदलाव किया जाएगा और इस प्रक्रिया के तहत क्या कदम उठाए जाएंगे, इसे लेकर फिलहाल कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।