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Friday, October 23, 2026
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छत्तीसगढ़ में दिवाली से पहले प्रशासनिक फेरबदल, जल संसाधन विभाग के 12 अधीक्षण अभियंताओं का तबादला, नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं

 रायपुर : छत्तीसगढ़ में दिवाली से पहले राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर एक और बड़ा बदलाव किया है। जल संसाधन विभाग में पदस्थ 12 अधीक्षण अभियंताओं के तबादले किए गए हैं। विभाग की ओर से जारी आदेश में अधिकारियों की नई पदस्थापना निर्धारित की गई है। इस फेरबदल के बाद विभागीय कामकाज और विभिन्न क्षेत्रों में चल रही जल संसाधन परियोजनाओं की निगरानी की जिम्मेदारी में बदलाव होगा।

जल संसाधन विभाग में बदली अधिकारियों की पदस्थापना

राज्य सरकार के इस फैसले के तहत जल संसाधन विभाग में कार्यरत 12 अधीक्षण अभियंताओं को नई जगहों पर पदस्थ किया गया है। जारी आदेश के अनुसार, अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपने की प्रक्रिया पूरी की गई है। इस प्रशासनिक बदलाव का उद्देश्य विभागीय व्यवस्था के तहत अधिकारियों की तैनाती में परिवर्तन करना है।

लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों को नई पोस्टिंग

जारी जानकारी के मुताबिक, इस फेरबदल में उन अधिकारियों को नई पदस्थापना दी गई है, जो लंबे समय से एक ही स्थान पर सेवाएं दे रहे थे। सरकार के आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों को निर्धारित स्थानों पर नई जिम्मेदारियों के अनुसार कार्यभार संभालना होगा।

तबादला आदेश जारी, विभागीय व्यवस्था में होगा बदलाव

जल संसाधन विभाग में अधीक्षण अभियंताओं के तबादले से विभिन्न कार्यालयों में जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण होगा। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में सभी 12 अधिकारियों के नाम और उनकी नई पदस्थापना का विस्तृत ब्योरा प्रकाशित नहीं किया गया है।

फर्जी WhatsApp प्रोफाइल बनाकर कंपनी से 2 करोड़ की ठगी, शिकायत के बाद एक करोड़ रुपये होल्ड

 रायपुर :  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। ठगों ने एक कंपनी के अधिकृत अधिकारी के नाम और पहचान का दुरुपयोग कर फर्जी WhatsApp प्रोफाइल बनाई और उसके जरिए दो करोड़ रुपये दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए। हालांकि, कंपनी को धोखाधड़ी का पता चलते ही बैंक और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करा दी गई। समय रहते कार्रवाई होने से ठगी की रकम में से करीब एक करोड़ रुपये अलग-अलग बैंक खातों में होल्ड करा दिए गए हैं। वहीं, शेष रकम के एक हिस्से को निकाले जाने की आशंका जताई जा रही है।मामले में तेलीबांधा पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत वंकाल केबल्स एंड ट्रांसमिशन लिमिटेड के मुख्य वित्त अधिकारी ओमकार वरु ने दर्ज कराई है। कंपनी का कार्यालय रायपुर के तेलीबांधा इलाके में स्थित मैग्नेटो मॉल में है।

फर्जी WhatsApp प्रोफाइल से भेजे गए रुपये ट्रांसफर करने के निर्देश

प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपियों ने कंपनी के एक अधिकृत अधिकारी के मोबाइल नंबर और पहचान का इस्तेमाल करके WhatsApp पर फर्जी प्रोफाइल तैयार की। इसके बाद इसी प्रोफाइल के माध्यम से रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए। निर्देशों पर भरोसा करते हुए कंपनी की ओर से बताए गए बैंक खाते में दो करोड़ रुपये भेज दिए गए।पुलिस की जांच में पता चला है कि जिस बैंक खाते में सबसे पहले रकम जमा कराई गई, वह कोलकाता का है। आरोपियों ने खाते में पैसे पहुंचने के बाद उन्हें दूसरे बैंक खातों में भी ट्रांसफर किया। जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि शिकायत दर्ज होने से पहले ही करीब एक करोड़ रुपये विभिन्न खातों से निकाले जा चुके थे।

समय पर बैंक और साइबर हेल्पलाइन को दी सूचना, एक करोड़ रुपये रुके

कंपनी को जैसे ही ठगी का पता चला, उसने संबंधित बैंक को ईमेल के जरिए इसकी सूचना दी। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई।शिकायत पर तेजी से कार्रवाई होने के कारण करीब एक करोड़ रुपये को अलग-अलग बैंक खातों में होल्ड कराने में सफलता मिली। इस कार्रवाई से ठगी की पूरी रकम के हाथ से निकल जाने की आशंका के बीच कुछ धनराशि सुरक्षित रखने में मदद मिली।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी WhatsApp प्रोफाइल किसने बनाई, रकम ट्रांसफर कराने में किन लोगों की भूमिका रही और पैसे किन-किन बैंक खातों के जरिए आगे भेजे गए।

17 अक्टूबर को दर्ज हुई FIR, तकनीकी साक्ष्यों की जांच जारी

एसीपी सिविल लाइंस रमाकांत साहू के मुताबिक, इस मामले में 17 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की गई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कंपनी के अधिकृत व्यक्ति की पहचान और मोबाइल नंबर का दुरुपयोग करके धोखाधड़ी की गई। मामले से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।पुलिस बैंक खातों के लेनदेन, डिजिटल गतिविधियों और आरोपियों के संभावित संपर्कों की पड़ताल कर रही है, ताकि ठगी के पूरे घटनाक्रम का पता लगाया जा सके।

कई बैंक खाते सीज, आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस

रायपुर पुलिस के अनुसार, मामले में कई बैंक खातों को सीज कराने की कार्रवाई की गई है। अब जांच का प्रमुख उद्देश्य ठगी में शामिल लोगों की पहचान करना, रकम के लेनदेन की कड़ियां जोड़ना और शेष धनराशि का पता लगाना है।कंपनी की ओर से शुरुआती समय में शिकायत किए जाने के कारण करीब एक करोड़ रुपये होल्ड कराए जा सके। हालांकि, पूरी रकम की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर जांच के अंतिम नतीजों का इंतजार है।

CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में बदलने लगा मौसम का मिजाज, अगले 3 दिन बारिश और वज्रपात की संभावना, अब रात में बढ़ेगी ठंडक

छत्तीसगढ़ :  मानसून की विदाई के बाद मौसम का रुख धीरे-धीरे बदलने लगा है। प्रदेश के कुछ इलाकों में अगले तीन दिनों तक हल्की बारिश, मेघगर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर इसका असर देखने को मिल सकता है। बारिश की गतिविधियां कम होने के बाद सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस होने लगेगी। साथ ही न्यूनतम तापमान में गिरावट का नया दौर शुरू होने के संकेत हैं।

न्यूनतम तापमान में गिरावट के आसार, रात में बढ़ेगा ठंड का असर

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, बीते कुछ दिनों से न्यूनतम तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा था। अब मौसम में बदलाव के साथ रात के तापमान में गिरावट आने की संभावना है। अगले सप्ताह तक, हवा की दिशा में बदलाव होने के साथ ही न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर के करीब पहुंच सकता है।इसके बाद रात के समय ठंडक का प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ने के आसार हैं। हालांकि, दिन के समय तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहने से गर्मी का असर बना रह सकता है।

CG Weather Today: रायपुर में आज आसमान रहेगा साफ, 33 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा

राजधानी रायपुर में 19 अक्टूबर को मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, शहर में आसमान साफ रहने की संभावना है। दिन के समय अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस रह सकता है, जबकि रात का पारा लगभग 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।ऐसे में राजधानी के लोगों को दिन में गर्मी का सामना करना पड़ सकता है, जबकि देर शाम और रात के समय मौसम कुछ राहत दे सकता है।

लगातार चौथे दिन रायपुर प्रदेश में सबसे गर्म

पिछले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। इसके बावजूद राजधानी रायपुर लगातार चौथे दिन प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। रविवार को यहां अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।वहीं, अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। तापमान के इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में दिन और रात के मौसम में अंतर बना हुआ है।

दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले तीन दिनों के दौरान दक्षिण छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। अगले दो दिनों तक भी मौसम का यही रुख बने रहने की संभावना है।ऐसे में जिन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की आशंका है, वहां लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। वहीं, प्रदेश के बाकी हिस्सों में मौसम की स्थिति अपेक्षाकृत सामान्य रहने का अनुमान है।

गौहत्या मामले में बड़े खुलासे, नागपुर से बुलाए जाते थे कसाई, 300 रुपये किलो बिकता था गो-मांस, अब तक 14 गिरफ्तार

 राजनांदगांव : छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में गौहत्या से जुड़े मामले की जांच के दौरान पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अब्दुल अलीम उर्फ कनवा कथित तौर पर नागपुर से कसाई बुलाता था। इसके बाद आधी रात को घुमंतू गोवंश को घर लाकर उनकी हत्या की जाती थी और गो-मांस को 300 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा जाता था। पुलिस इस मामले में आरोपियों की भूमिका, मांस की आपूर्ति और खरीद-बिक्री से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

तीन और आरोपियों की गिरफ्तारी, अब तक 14 लोग पुलिस की कार्रवाई के दायरे में

पुलिस ने नागपुर निवासी एजाज अहमद उर्फ कसाई (39), गौरीनगर निवासी खैरून निशा (60) और नसीमा बेगम उर्फ रानी (57) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों महिलाओं ने गो-मांस खरीदा था।इससे पहले 17 अक्टूबर को 10 आरोपियों को जेल भेजा गया था, जबकि एक नाबालिग को बालिका गृह भेजा गया है। अब तक इस मामले में चार महिलाओं समेत कुल 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

10-11 और 13-15 अक्टूबर की दरम्यानी रात हुई गौहत्या की घटनाएं

पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने कथित तौर पर 10 और 11 अक्टूबर के बीच तथा 13 से 15 अक्टूबर के बीच की रातों में दो गौहत्या की थीं। इन घटनाओं से जुड़े कटे हुए सिर अलग-अलग स्थानों पर मिले थे। 12 अक्टूबर को गौरीनगर में और 14 अक्टूबर को शीतला तालाब में गोवंश के कटे हुए सिर बरामद हुए थे।इन घटनाओं के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी। अब जांच का दायरा कथित वारदातों के साथ-साथ मांस की खरीद-बिक्री और इसमें शामिल अन्य लोगों तक बढ़ाया जा रहा है।

चिकन-मटन दुकानों तक पहुंचा था गो-मांस की बिक्री का नेटवर्क

जांच के दौरान पुलिस को शहर के कई चिकन-मटन केंद्रों पर कथित तौर पर गो-मांस बेचे जाने की जानकारी भी मिली है। इसी कार्रवाई के तहत आरोपी आरिफ कुरैशी की गौरीनगर मैदान के पास स्थित चिकन दुकान को रविवार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया।पुलिस का कहना है कि गो-मांस की आपूर्ति नागपुर से भी की जाती थी। कुछ खरीदार कथित तौर पर कसाइयों के सीधे संपर्क में थे। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और मांस की आपूर्ति किन-किन स्थानों पर की जाती थी।

तकनीकी साक्ष्यों की जांच जारी, और गिरफ्तारियों के संकेत

नगर पुलिस अधीक्षक सत्यप्रकाश तिवारी के मुताबिक, मामले से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस ने आगे भी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई है।फिलहाल जांच का मुख्य फोकस आरोपियों के बीच संपर्क, गो-मांस की आपूर्ति और बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क की पहचान करना है। पुलिस की आगे की कार्रवाई से इस मामले में और जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।

मध्य प्रदेश को जल्द मिल सकते हैं 13 नए IAS अधिकारी, पदोन्नति के लिए 39 अफसरों के नामों पर होगा मंथन; चार नाम विवादों में

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 मध्य प्रदेश : प्रशासनिक सेवा के 13 अधिकारियों को जल्द ही भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी IAS में पदोन्नति मिलने की संभावना है। इस संबंध में सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय कार्मिक विभाग के स्तर पर विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक प्रस्तावित है। बैठक में राज्य प्रशासनिक सेवा के 39 अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा। वरिष्ठता के आधार पर अधिकारियों को IAS अवॉर्ड देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। संभावित सूची में नौ महिला अधिकारियों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं, सूची में शामिल चार अधिकारियों को लेकर अलग-अलग स्तर पर आपत्तियां और विवाद सामने आने की बात कही गई है।

इन 13 अधिकारियों के नामों पर हो सकता है विचार

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, IAS अवॉर्ड के लिए जिन अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं, उनमें सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के उप सचिव जयेंद्र कुमार विजयवत, राज्य निर्वाचन आयोग के उप सचिव मनोज मालवीय और परिवहन विभाग के उप सचिव कमल चंद्र नागर शामिल हैं।इसके अलावा शहडोल की अपर कलेक्टर मिनिषा पांडेय, भोपाल जिला पंचायत की CEO इला तिवारी, इंदौर संभाग में राजस्व उपायुक्त सपना एम लोवंशी और बुरहानपुर की अपर कलेक्टर नीता राठौर के नाम भी संभावित सूची में बताए जा रहे हैं।सूची में शाजापुर जिला पंचायत के CEO शैलेंद्र सिंह सोलंकी, लोकायुक्त कार्यालय भोपाल की उप सचिव रानी पासी, आयुष विभाग की उप सचिव रंजना देवड़ा और महिला एवं बाल विकास विभाग की उप सचिव माधवी नागेंद्र का नाम भी शामिल है।वहीं, पर्यावरण विभाग की उप सचिव और मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की प्रभारी सदस्य सचिव वर्षा सोलंकी के साथ माध्यमिक शिक्षा मंडल में पदस्थ अतिरिक्त सचिव प्रियंका गोयल भी इस सूची का हिस्सा बताई जा रही हैं।

चार अधिकारियों के नामों पर उठे सवाल

संभावित पदोन्नति सूची में शामिल कुछ अधिकारियों को लेकर आपत्तियों की चर्चा भी सामने आई है। इनमें महीप किशोर तेजस्वी और सपना एम लोवंशी के नाम प्रमुखता से बताए गए हैं। हालांकि, विवादों की प्रकृति और उनका पदोन्नति प्रक्रिया पर क्या असर पड़ सकता है, इस बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

कांग्रेस नेता ने जताई आपत्ति, RTI कार्यकर्ता ने भी किया विरोध

समाचार समूह पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने महीप किशोर तेजस्वी के नाम पर आपत्ति जताई है। वहीं, सपना एम लोवंशी के नाम को लेकर एक RTI कार्यकर्ता ने सार्वजनिक रूप से विरोध दर्ज कराया था।इन आपत्तियों के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग को जानकारी है या नहीं, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। ऐसे में विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक और उसके बाद होने वाले निर्णय पर नजर रहेगी। फिलहाल इन अधिकारियों को IAS कैडर में पदोन्नति मिलना अंतिम निर्णय और निर्धारित प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

छत्तीसगढ़ में मूर्ति पूजा पर सियासी संग्राम, भूपेश बघेल के बयान पर बीजेपी ने उठाए सवाल

छत्तीसगढ़ :  भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मूर्ति पूजा और गरबा में भागीदारी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है। बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर आपत्ति जताते हुए उन पर सनातन धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया है। वहीं, इस मुद्दे पर बीजेपी नेताओं ने भी कांग्रेस नेता को घेरना शुरू कर दिया है।

भूपेश बघेल ने भारतीय दर्शन का दिया हवाला

विवाद की शुरुआत छत्तीसगढ़ के संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं रखने वालों को गरबा में शामिल होने की क्या जरूरत है। उनके इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय दर्शन और देश की विविध धार्मिक परंपराओं का उल्लेख किया।बघेल ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी करने वालों को पहले भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को समझना चाहिए। उन्होंने कबीर पंथ, सिख धर्म और सतनाम पंथ का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि इन परंपराओं में मूर्ति पूजा की क्या भूमिका है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में कई ऐसे पंथ हैं, जहां गुरु परंपरा को विशेष महत्व दिया जाता है और मूर्ति पूजा अनिवार्य धार्मिक प्रथा नहीं है। उनके मुताबिक, किसी भी धार्मिक परंपरा पर टिप्पणी करने से पहले उसके मूल विचारों और मान्यताओं को समझना जरूरी है।

बीजेपी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए साधा निशाना

भूपेश बघेल के बयान के बाद बीजेपी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर उन पर सनातन धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री के बयान से जुड़ा वीडियो साझा करते हुए लोगों से इसे अंत तक देखने की अपील की।बीजेपी ने अपने पोस्ट में सवाल उठाया कि भूपेश बघेल ने सनातन धर्म का अपमान क्यों किया। इस पोस्ट के जरिए पार्टी ने उनके बयान को लेकर राजनीतिक हमला तेज कर दिया है।इस घटनाक्रम के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक मान्यताओं को लेकर बहस तेज हो गई है। बीजेपी जहां बघेल के बयान को सनातन धर्म के अपमान से जोड़ रही है, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी बात के समर्थन में भारत की विभिन्न धार्मिक परंपराओं का हवाला दिया है।

पूर्व विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी जताई नाराजगी

इस विवाद में बीजेपी के पूर्व विधायक पुरंदर मिश्रा भी कूद पड़े हैं। उन्होंने भूपेश बघेल के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति के प्रति संवेदनशील होने का दावा करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री को इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।मिश्रा ने मूर्ति पूजा को लेकर दिए गए बयान को अनुचित बताया। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ के लोग मूर्ति पूजा में आस्था रखते हैं और बघेल की टिप्पणी राज्य की सांस्कृतिक मान्यताओं के अनुरूप नहीं है।

धार्मिक परंपराओं को लेकर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी

मूर्ति पूजा और गरबा में भागीदारी को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव का नया मुद्दा बन गया है। एक ओर बीजेपी ने बघेल के बयान को धार्मिक भावनाओं से जोड़कर सवाल उठाए हैं, तो दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री ने देश की विविध धार्मिक परंपराओं को समझने की जरूरत पर जोर दिया है।अब इस मामले में दोनों दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बीच सियासी बहस और तेज होने के आसार हैं।

Salman Khan: टाइगर श्रॉफ पर हमले के बीच सलमान खान का बड़ा फैसला, अगले हफ्ते बिग बॉस से रहेंगे दूर

मुंबई : अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की घटना ने फिल्म जगत में हलचल मचा दी है। 18 अक्टूबर 2026 को जुहू इलाके में हुए इस हमले में टाइगर श्रॉफ घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक, अज्ञात हमलावरों ने उन पर पांच राउंड गोलियां चलाईं। इस घटना के बाद अभिनेता सलमान खान के एक फैसले की भी चर्चा हो रही है। सलमान ने घोषणा की है कि वह अगले सप्ताह रियलिटी शो बिग बॉस के मंच पर नजर नहीं आएंगे।

अगले वीकेंड बिग बॉस की कमान संभालेंगे रोहित शेट्टी

बिग बॉस का 20वां सीजन इन दिनों प्रसारित हो रहा है और सलमान खान इसकी मेजबानी कर रहे हैं। रविवार को प्रसारित हुए वीकेंड का वार एपिसोड में सलमान ने घर के सदस्यों को बताया कि वह अगले सप्ताह शो की शूटिंग के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे।

अभिनेता ने इसकी वजह पहले से निर्धारित काम को बताया। उनकी गैरमौजूदगी में फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी शो की मेजबानी करते दिखाई देंगे। ऐसे में अगले वीकेंड पर दर्शकों को शो का एक अलग अंदाज देखने को मिल सकता है।

नई फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं सलमान खान

सलमान खान इन दिनों अपनी आगामी फिल्म SVC63 की शूटिंग में व्यस्त बताए जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट में उनके साथ अभिनेत्री नयनतारा भी नजर आएंगी। इसके अलावा चर्चा है कि दिग्गज अभिनेता जैकी श्रॉफ भी फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

फिल्म का निर्माण राजू कर रहे हैं, जबकि निर्देशन की जिम्मेदारी वामशी पेड्डिपल्ली के पास है। माना जा रहा है कि फिल्म से जुड़ी व्यस्तताओं के चलते सलमान अगले सप्ताह बिग बॉस के मंच से दूरी बनाए रखेंगे।

टाइगर श्रॉफ पर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा

टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग के मामले में सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो क्लिप प्रसारित हो रही है। इसमें लॉरेंस गैंग की ओर से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इस ऑडियो की प्रामाणिकता और दावे की आधिकारिक पुष्टि को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है।

वायरल रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर फिल्म इंडस्ट्री के उन लोगों को धमकी दी गई है, जो सलमान खान के साथ काम करते हैं और गैंग की बात नहीं मानते। ऑडियो में टाइगर श्रॉफ का जिक्र करते हुए आगे भी ऐसी कार्रवाई किए जाने की चेतावनी देने का दावा किया गया है।

इससे पहले भी फिल्म जगत से जुड़ी हस्तियों पर हो चुके हैं हमले

फिल्म जगत से जुड़ी हस्तियों की सुरक्षा का मुद्दा पहले भी चर्चा में रहा है। इससे पहले फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के आवास पर गोलीबारी की घटना सामने आई थी। वहीं, सलमान खान के करीबी रहे राजनेता बाबा सिद्दीकी की भी हमले में हत्या कर दी गई थी।

टाइगर श्रॉफ पर हुई ताजा घटना के बाद एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, सलमान खान के बिग बॉस से दूर रहने के फैसले को फिलहाल उनके पहले से तय काम से जोड़कर बताया गया है। दोनों घटनाओं के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।

​सड़क पर संघर्षरत युवा: असंतोष, बौद्धिक चेतना और नीतिगत बदलाव का आह्वान

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न्यूज/लेख – 19 अक्टूबर 2026
दीपक पाण्डेय 9826157101

​प्रायः व्यवस्था और सत्ता से जुड़े तंत्र यह सिद्ध करने का प्रयास करते हैं कि सड़क पर उतरने वाले युवा भटके हुए, बहकावे में आए हुए या नासमझ हैं। जबकि कड़वी सच्चाई यह है कि ये वही युवा हैं जो इस देश की प्रगति और अपने भविष्य को लेकर सबसे अधिक चिंतित हैं।

​यदि देश के पढ़े-लिखे, जागरूक और वैचारिक रूप से परिपक्व युवा सही दिशा में एकजुट होकर अपनी आवाज़ उठाना जारी रखें, तो राजनीति, नीतियों और शासन के रवैये—तीनों को बदलना देश हित में एक अनिवार्यता बन जाता है।कैसे?!

​आज के दौर में जब भी देश के किसी कोने में युवा अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरते हैं, तो सबसे पहला सवाल यही उठाया जाता है कि आंदोलन करने वाले ये युवा कौन हैं? क्या वे अनपढ़ या दिशाहीन भीड़ हैं, अथवा वे समाज के पढ़े-लिखे, जागरूक और बौद्धिक वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं?

​इस प्रश्न पर यदि हम इतिहास समाजिक और वर्तमान ज़मीनी हकीकत के परिप्रेक्ष्य में विचार करें, तो दो मुख्य और बेहद महत्वपूर्ण दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से उभर कर सामने आते हैं।

​ “सड़क पर संघर्ष करने वाले युवा अनपढ़ नहीं हैं” — आज की यथार्थ स्थिति

​यह समाज और व्यवस्था में व्याप्त एक बहुत बड़ा भ्रम या गलतफहमी है कि केवल वही लोग आंदोलनों में शामिल होते हैं जिनके पास शिक्षा नहीं है या जो योग्यता की कमी के कारण असफल रहे हैं। आज के भारत की ज़मीनी सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है:

  • ​उच्च शिक्षित बेरोजगार: वर्तमान में जो युवा सड़कों पर परीक्षाओं में पारदर्शिता, पेपर लीक के विरोध, या रोजगार के अवसरों की मांग को लेकर आवाज़ उठा रहे हैं, उनमें से अधिकांश स्नातक (Graduates), परास्नातक (Post-Graduates), इंजीनियर, डॉक्टर और उच्च तकनीकी डिग्रियां प्राप्त युवा हैं।
  • योग्यता और असंतोष का विस्फोट: जब देश के सबसे योग्य और पढ़े-लिखे युवाओं को उनकी वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद भी उचित अवसर नहीं मिलते, और वे खुद को व्यवस्था के हाथों ठगा हुआ महसूस करते हैं, तो उनका यह असंतोष सड़कों पर प्रकट होता है। यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि यह संघर्ष केवल साधनहीनता का नहीं, बल्कि उन मेधावी युवाओं की पीड़ा का है जिनका भविष्य अनिश्चितता के दौर में अटका हुआ है।

​ “आंदोलन पढ़े-लिखे और अच्छे विचारों वाले लोगों द्वारा ही होना चाहिए” — वैचारिक दृष्टिकोण

​यह विचार अपने आप में अत्यधिक महत्वपूर्ण है कि किसी भी लोकतांत्रिक विरोध या आंदोलन को केवल अंधी भीड़ (Mob mentality) या अराजकता का रूप नहीं लेना चाहिए। आंदोलन में एक स्पष्ट वैचारिक दिशा और बौद्धिक परिपक्वता का होना अनिवार्य है:

  • ​बौद्धिक नेतृत्व (Intellectual Leadership): इतिहास इस बात का साक्षी है कि दुनिया के सबसे बड़े, परिवर्तनकारी और सफल आंदोलन—चाहे वह भारत का स्वतंत्रता संग्राम हो या दुनिया के महान सामाजिक सुधार आंदोलन—हमेशा दूरदर्शी, शिक्षित और उच्च विचारों वाले नेतृत्व द्वारा ही आगे बढ़ाए गए। जब किसी आंदोलन में वैचारिक स्पष्टता और नीतिगत तर्क होते हैं, तो वह सत्ता और व्यवस्था को झुकने पर मजबूर कर देता है।
  • ​सड़क और संवाद का संतुलन: जब पढ़े-लिखे, समझदार और नीतिगत समझ रखने वाले लोग अपनी आवाज़ उठाते हैं, तो उनका विरोध केवल एक सीमित ‘हंगामा’ बनकर नहीं रह जाता। वह एक ठोस ‘वैचारिक क्रांति’ का रूप ले लेता है। आज देश को इसी बात की सख्त जरूरत है कि भावनाओं के साथ-साथ तर्कों, आंकड़ों और नीतियों की समझ रखने वाली युवा पीढ़ी राष्ट्र के सामने अपनी बात रखे।

मां महामाया के दर्शन के बाद भूपेश बघेल ने सरकार को घेरा, भर्ती से लेकर महंगाई तक उठाए सवाल

 बिलासपुर। शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर पहुंचे और देवी के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। सीजीपीएससी भर्ती प्रक्रिया, सरकारी नौकरियों में कथित अनियमितताओं, महंगाई, बेरोजगारी और बिजली कटौती को लेकर उन्होंने सरकार से सवाल किए। बघेल ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर शिकायतें सामने आने के बावजूद निष्पक्ष जांच की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

सीजीपीएससी भर्ती और चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने सीजीपीएससी परीक्षा में कथित गलत उत्तरों और चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि यदि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें हैं, तो सरकार को उनकी निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। उन्होंने पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों का भी जिक्र करते हुए युवाओं के भविष्य से जुड़े इन मामलों पर जवाबदेही तय करने की मांग की।

बघेल ने बेरोजगारी, महंगाई, खराब सड़कों और सरकारी भर्तियों को लेकर प्रदेश सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि राज्य में सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि अभी चुनाव कराए जाएं, तो सत्ताधारी विधायकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। यह राजनीतिक स्थिति को लेकर उनका दावा है।

खराब सड़कें, बिजली कटौती और महंगाई पर सरकार को घेरा

बघेल ने प्रदेश की सड़कों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव के स्कूटी से गिरकर घायल होने की घटना का उल्लेख किया। उन्होंने इसे सड़क व्यवस्था से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा।

इसके अलावा उन्होंने बिजली कटौती और बस किराये के साथ पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस तथा राशन की कीमतों को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उनका आरोप है कि बढ़ती महंगाई से आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। किसानों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एग्रीस्टैक व्यवस्था और सर्वर संबंधी दिक्कतों के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मोहन भागवत के दौरे और मंत्रिमंडल पर भी की टिप्पणी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के दौरे को लेकर भी भूपेश बघेल ने अपनी प्रतिक्रिया दी। इस दौरान उन्होंने बजरंग दल की गतिविधियों पर सवाल उठाए। वहीं, राज्य में मंत्रिमंडल के पुनर्गठन को लेकर उन्होंने तंज कसते हुए मंत्रियों की कार्यशैली पर टिप्पणी की।

बघेल ने प्रदेश सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही जरूरी है। उनके बयानों में शासन व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर राजनीतिक असहमति भी सामने आई।

राहुल गांधी के साथ चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन का किया जिक्र

दिल्ली में राहुल गांधी के साथ चुनाव आयोग के खिलाफ किए गए प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए बघेल ने एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने की मांग दोहराई। उन्होंने बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई।

ट्रेनें रद्द होने और उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्रेनों के रद्द होने और भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी शिकायतों को लेकर भी प्रदेश सरकार की आलोचना की। उनका आरोप है कि इन समस्याओं के कारण आम नागरिकों और युवाओं को परेशानी उठानी पड़ रही है।

बघेल ने सरकार पर उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का आरोप भी लगाया। उनके बयान में रोजगार, परिवहन, महंगाई और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए गए। हालांकि, भर्ती में कथित अनियमितताओं और अन्य आरोपों की वास्तविक स्थिति संबंधित जांच और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

अंबिकापुर बस स्टैंड पर नशे में मिले दो पुलिसकर्मी, पास में लावारिस पड़ी थी सरकारी INSAS राइफल

छत्तीसगढ़ :  सरगुजा जिले के अंबिकापुर में पुलिस विभाग से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। यहां प्रतीक्षा बस स्टैंड परिसर में रविवार शाम दो पुलिसकर्मी कथित तौर पर नशे की हालत में मिले। उनके पास सरकारी INSAS राइफल भी असुरक्षित अवस्था में पड़ी हुई थी। घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और सरकारी हथियारों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने राइफल को अपने कब्जे में लेकर दोनों पुलिसकर्मियों को वहां से हटाया। मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है।

बस स्टैंड परिसर में असुरक्षित हालत में मिली सरकारी राइफल

जानकारी के अनुसार, अंबिकापुर के प्रतीक्षा बस स्टैंड परिसर में दो पुलिसकर्मी नशे की हालत में पाए गए। इसी दौरान उनके पास सरकारी INSAS राइफल लावारिस हालत में पड़ी होने की बात सामने आई। सार्वजनिक स्थान पर इस तरह हथियार का असुरक्षित रहना गंभीर चिंता का विषय है।

यदि कोई अनधिकृत व्यक्ति इस हथियार तक पहुंच जाता, तो किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राइफल को सुरक्षित कब्जे में लिया। इसके बाद दोनों पुलिसकर्मियों को वहां से हटाया गया।

कैदी को छोड़ने दुर्ग से अंबिकापुर आए थे पुलिसकर्मी

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दोनों पुलिसकर्मी दुर्ग जिले से अंबिकापुर आए थे। इनमें एएसआई जीवन राम एक्का और एक आरक्षक शामिल बताए जा रहे हैं। दोनों एक कैदी को छोड़ने के लिए यहां पहुंचे थे।

बताया जा रहा है कि कैदी को छोड़ने के बाद दोनों ने शराब का सेवन किया। इसके बाद वे सार्वजनिक स्थान पर नशे की हालत में पाए गए। हालांकि, घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

सरकारी हथियार की सुरक्षा में लापरवाही पर उठे सवाल

INSAS राइफल पुलिस का महत्वपूर्ण सरकारी हथियार है, जिसका सुरक्षित रखरखाव और निगरानी बेहद जरूरी है। ऐसे हथियार का सार्वजनिक स्थान पर बिना सुरक्षा के पड़ा मिलना विभागीय जिम्मेदारी और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई सवाल खड़े करता है।

इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि सरकारी हथियार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किस स्तर पर निभाई गई। यदि हथियार कुछ समय तक असुरक्षित अवस्था में रहा, तो इससे आम लोगों की सुरक्षा पर भी जोखिम पैदा हो सकता था।

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में होगी जांच

मामले की सूचना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है। अब जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटनाक्रम किन परिस्थितियों में हुआ और सरकारी हथियार को असुरक्षित अवस्था में क्यों छोड़ा गया।

जांच पूरी होने के बाद ही संबंधित पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी और उनके खिलाफ संभावित विभागीय कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल यह मामला सरकारी हथियारों की सुरक्षा और पुलिसकर्मियों की जवाबदेही के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।