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Friday, October 23, 2026
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इंदौर में प्रधान आरक्षक की 64 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा, लोकायुक्त ने इंदौर और देवास में मारे छापे

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मध्य प्रदेश :  इंदौर में लोकायुक्त की कार्रवाई के दौरान पुलिस विभाग में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक से जुड़ी कथित बेनामी संपत्तियों का बड़ा मामला सामने आया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रधान आरक्षक फिरोज खान, उनके परिजनों, सहयोगियों और उनसे जुड़ी कंपनियों के नाम पर 46 अचल संपत्तियों का पता चला है। इन संपत्तियों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 64.01 करोड़ रुपये बताई गई है। लोकायुक्त की टीम ने इस मामले में 14 अक्टूबर को इंदौर और देवास में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी।

शिकायत के बाद लोकायुक्त ने शुरू की जांच

लोकायुक्त के पुलिस उपाधीक्षक सुनील तालान के अनुसार, इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (पीटीसी) में चालक के पद पर तैनात प्रधान आरक्षक फिरोज खान के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वह लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे हैं। साथ ही, पुलिस विभाग में पदस्थ होने का कथित प्रभाव दिखाकर विवादित संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में भी शामिल हैं।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए लोकायुक्त ने मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच के आधार पर फिरोज खान और उनकी सहयोगी रोशनी वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

14 अक्टूबर को इंदौर और देवास में छापेमारी

जांच के सिलसिले में लोकायुक्त की टीम ने 14 अक्टूबर को इंदौर और देवास में एक साथ कार्रवाई की। इस दौरान प्रधान आरक्षक से जुड़ी कंपनियों, उनके परिजनों और सहयोगियों के ठिकानों की तलाशी ली गई।

छापेमारी के दौरान संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों और अन्य जानकारियों की जांच की गई। इसी प्रक्रिया में अलग-अलग व्यक्तियों और कंपनियों के नाम पर दर्ज 46 अचल संपत्तियों का पता चला। लोकायुक्त अब इन संपत्तियों के स्वामित्व, खरीद के स्रोत और संबंधित लेनदेन की पड़ताल कर रही है।

सरकारी दर पर 17.19 करोड़, बाजार मूल्य 64 करोड़ रुपये से अधिक

लोकायुक्त की जांच में सामने आई 46 अचल संपत्तियों के मूल्यांकन में सरकारी और बाजार दरों के बीच बड़ा अंतर मिला है।

  • सरकारी मूल्यांकन: करीब 17.19 करोड़ रुपये।
  • अनुमानित बाजार मूल्य: करीब 64.01 करोड़ रुपये।
  • संपत्तियों की संख्या: कुल 46 अचल संपत्तियां।
  • खरीद पर खर्च: अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, चल और अचल संपत्तियों की खरीद पर करीब 18.79 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

जांच एजेंसी के मुताबिक, ये संपत्तियां अलग-अलग लोगों के नाम पर खरीदी गई थीं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि संपत्तियों की खरीद के लिए धन कहां से आया और संबंधित लोगों की इसमें क्या भूमिका रही।

पत्नी की फर्म के नाम पर कृषि भूमि खरीदने की भी जांच

जांच के दौरान प्रधान आरक्षक की पत्नी की फर्म के नाम पर करोड़ों रुपये की कृषि भूमि खरीदे जाने की जानकारी भी सामने आई है। लोकायुक्त की टीम इस भूमि से जुड़े दस्तावेजों, लेनदेन और स्वामित्व का सत्यापन कर रही है।

फिलहाल जांच जारी है। एजेंसी की ओर से जुटाए जा रहे दस्तावेजों और वित्तीय जानकारी के आधार पर संपत्तियों के स्रोत तथा मामले में अन्य लोगों की संभावित भूमिका का पता लगाया जाएगा।

भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर 60 दिन तक प्रदर्शन पर रोक, पुलिस आयुक्त ने जारी किया आदेश

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भोपाल :  प्रमुख रोशनपुरा चौराहे पर अब अगले दो महीने तक धरना, प्रदर्शन, हड़ताल, आंदोलन और पुतला दहन जैसी गतिविधियां नहीं की जा सकेंगी। पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने 19 अक्टूबर 2026 को प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हुए इस क्षेत्र में आगामी 60 दिनों के लिए इन गतिविधियों पर रोक लगा दी है। आदेश लागू होने के बाद किसी भी राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन या व्यक्ति को यहां विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं होगी। इस फैसले के पीछे यातायात व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों को होने वाली परेशानी से बचाने की वजह बताई गई है।

धारा 163 के तहत जारी हुआ प्रतिबंधात्मक आदेश

भोपाल पुलिस कमिश्नरेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। इसके तहत रोशनपुरा चौराहे पर अगले 60 दिनों तक धरना-प्रदर्शन और अन्य विरोध गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा।

यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब दशहरे के अवसर पर कांग्रेस की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन करने का ऐलान किया गया है। इसके मद्देनजर भोपाल पुलिस ने शहर के इस प्रमुख चौराहे को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया है। आदेश का उद्देश्य सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना और व्यस्त मार्ग पर यातायात को सुचारू रखना है।

लगातार होने वाले प्रदर्शनों से यातायात प्रभावित

पुलिस आयुक्त की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, रोशनपुरा चौराहे पर विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, समितियों और अन्य समूहों की ओर से अपनी मांगों को लेकर समय-समय पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन आयोजित किए जाते हैं।

इन गतिविधियों के कारण मुख्य सड़क पर यातायात बाधित होता है। इससे आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। व्यस्त चौराहे पर विरोध प्रदर्शन के चलते यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने यह कदम उठाया है।

एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड को मिलेगी निर्बाध आवाजाही

इस प्रतिबंध का एक प्रमुख उद्देश्य आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही को सुचारू बनाए रखना भी है। पुलिस के अनुसार, रोशनपुरा चौराहे से राजभवन, एयरपोर्ट और हमीदिया अस्पताल की ओर जाने वाले मार्गों की अहमियत को देखते हुए यातायात बाधित होने से रोकना जरूरी है।

प्रदर्शनों के कारण इन रास्तों पर जाम की स्थिति बनने से एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आवश्यक सेवाओं को परेशानी हो सकती है। ऐसे में प्रशासन का प्रयास है कि आपातकालीन वाहनों के साथ आम नागरिकों को भी बिना किसी बाधा के आवागमन की सुविधा मिल सके।

अगले दो महीने तक लागू रहेगा प्रतिबंध

पुलिस आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार, रोशनपुरा चौराहे पर धरना, प्रदर्शन, हड़ताल, आंदोलन और पुतला दहन जैसी गतिविधियों पर 60 दिनों तक रोक रहेगी। इस अवधि में संबंधित क्षेत्र में विरोध कार्यक्रम आयोजित करने पर प्रतिबंधात्मक आदेश लागू रहेगा। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना और सार्वजनिक मार्गों पर लोगों की आवाजाही में बाधा को रोकना है।

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा, आरोपियों को विदेश भेजने का दिया गया था लालच

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बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी के मामले में मुंबई पुलिस ने राजस्थान के कोटा से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सोमवार, 19 अक्टूबर को तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से मुंबई पुलिस को पूछताछ के लिए 48 घंटे की रिमांड मिली। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम जानकारियां दी हैं। पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बदले उन्हें 35 हजार रुपये देने और विदेश भेजने का लालच दिया गया था।

फायरिंग के बदले मिलने थे 35 हजार रुपये

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि टाइगर श्रॉफ की कार पर गोली चलाने के लिए उन्हें 35 हजार रुपये देने का वादा किया गया था। यह रकम वारदात पूरी होने के बाद मिलनी थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

कोटा पुलिस के अनुसार, गोलीबारी में कथित तौर पर शामिल रितिक और रेहान करीब 10 दिन पहले मुंबई पहुंचे थे। जांच में सामने आया कि दोनों का संपर्क लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जा रहे अनिल पंडित से था। पुलिस के मुताबिक, करीब डेढ़ महीने पहले समीर ने रेहान की बातचीत अनिल पंडित से कराई थी। आरोप है कि अनिल पंडित ने ही उन्हें पैसे देने के साथ विदेश भेजने का प्रलोभन दिया था।

वारदात के बाद सूरत से होते हुए कोटा पहुंचे आरोपी

पुलिस के मुताबिक, फायरिंग की घटना के बाद आरोपी टैक्सी से मुंबई से सूरत पहुंचे। वहां रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों में उनकी तस्वीरें कैद हो गईं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके बाद उन्होंने जयपुर जाने वाली ट्रेन पकड़ी। बिना टिकट यात्रा करने के चलते उन पर जुर्माना भी लगाया गया।

पुलिस ने आरोपियों का पीछा करते हुए उन्हें राजस्थान के कोटा में पकड़ लिया। जांच एजेंसियों के अनुसार, उनका अगला ठिकाना नेपाल हो सकता था। बताया जा रहा है कि वे जयपुर पहुंचने के बाद नेपाल भागने की योजना बना रहे थे।

बैग में मिले कपड़े, मोबाइल और हथियार की तलाश

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से एक बैग मिला, जिसमें तीनों के कपड़ों की एक-एक जोड़ी रखी थी। इसके अलावा दो आरोपियों के पास से एक-एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। तीसरे आरोपी ने कथित तौर पर अपना मोबाइल रास्ते में कहीं फेंक दिया था।

पुलिस को यह भी संदेह है कि आरोपियों ने वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार रास्ते में कहीं फेंक दिया। अब जांच के तहत हथियार और अन्य सबूतों की तलाश की जा रही है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर इस मामले में अन्य संभावित लोगों की भूमिका और पूरी साजिश के बारे में जानकारी जुटा रही है।

धार में दिनदहाड़े SAF आरक्षक पर फायरिंग, बाइक सवार दो बदमाशों ने मधुबन होटल के पास मारी गोली, इंदौर के अस्पताल में चल रहा इलाज

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 मध्य प्रदेश :  धार जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली वारदात सामने आई है। धामनोद में एबी रोड पर मधुबन होटल के नजदीक बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने इंदौर में पदस्थ विशेष सशस्त्र बल (SAF) के एक आरक्षक को गोली मार दी। हमले में जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायल आरक्षक को पहले धामनोद के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया।

न्यायाधीश के आवास पर ड्यूटी करने जाते थे आरक्षक

घायल जवान की पहचान रामेश्वर गोयल, उम्र 36 वर्ष, पिता स्वर्गीय सोभाराम, निवासी ग्राम उठावद, थाना धरमपुरी के रूप में हुई है। वह प्रथम वाहिनी विशेष सशस्त्र बल, इंदौर में आरक्षक क्रमांक 05 के पद पर तैनात हैं। पिछले छह वर्षों से वह धामनोद थाना क्षेत्र के ग्राम बिखरोन में अपने ससुराल में रह रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, रामेश्वर गोयल रोजाना की तरह अपनी स्कूटी क्रमांक MP-11-MZ-4345 से दूधी बायपास स्थित कुंदा फाटे के पास मधुबन होटल जा रहे थे। वहां स्कूटी खड़ी करने के बाद वह बस से इंदौर पहुंचकर एक न्यायाधीश के आवास पर ड्यूटी करने जाते थे।

इसी दौरान एबी रोड पर मधुबन होटल के नजदीक मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात बदमाशों ने उन पर गोली चला दी। हमले में आरक्षक घायल होकर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों के संबंध में पुलिस जांच कर रही है।

धामनोद में प्राथमिक उपचार, इंदौर के अस्पताल में भर्ती

गोली लगने के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल आरक्षक को तत्काल धामनोद के शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉ. श्वेता सावले ने उनका प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें आगे के इलाज के लिए इंदौर स्थित सीएचएल अपोलो अस्पताल रेफर कर दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, उपचार के बाद आरक्षक की स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है। उनके लिए ए पॉजिटिव रक्त की व्यवस्था भी की गई है।

पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का किया निरीक्षण

फायरिंग की सूचना मिलते ही धामनोद एसडीओपी अर्चना रावत और थाना प्रभारी संतोष यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए धार के पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय कुमार डावर ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को जांच से संबंधित आवश्यक निर्देश दिए।

साइबर सेल और FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य, हमलावरों की तलाश जारी

पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए साइबर सेल और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को बुलाया। टीम ने मौके पर जरूरी जांच की और साक्ष्य एकत्र किए।

वारदात के बाद पुलिस ने नाकेबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। हमले के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। फिलहाल बाइक सवार दोनों आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी पुलिस के लिए प्राथमिकता बनी हुई है।

RSS के कार्यक्रम पर दिग्विजय सिंह की आपत्ति के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया का पलटवार, बोले- डेली कॉलेज सिंधिया परिवार का संस्थान है

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 मध्य प्रदेश :  राजनीति में इंदौर के डेली कॉलेज में प्रस्तावित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यक्रम को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कॉलेज परिसर में संघ का कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर सवाल उठाए थे। अब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उनके बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि डेली कॉलेज सिंधिया परिवार का संस्थान है और इसकी स्थापना परिवार ने ही की थी। इस बयान के बाद कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है।

28 अक्टूबर को प्रस्तावित है RSS का बड़ा आयोजन

इंदौर के डेली कॉलेज परिसर में 28 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एक बड़ा कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस आयोजन में संघ प्रमुख मोहन भागवत सहित देशभर के वरिष्ठ पदाधिकारियों के शामिल होने की बात कही जा रही है। कार्यक्रम में करीब एक लाख स्वयंसेवकों के जुटने का दावा भी किया गया है।

इसी आयोजन के स्थान और कॉलेज परिसर में इसकी अनुमति को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है। दिग्विजय सिंह ने इस पर आपत्ति जताते हुए आयोजन के लिए किसी दूसरे स्थान का चयन करने की मांग की थी।

दिग्विजय सिंह ने कॉलेज परिसर में कार्यक्रम की अनुमति पर उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में दावा किया था कि डेली कॉलेज के प्रेसिडेंट या चेयरमैन विक्रम सिंह पंवार के साथ हुई एक बैठक में यह सहमति बनी थी कि कॉलेज परिसर में राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ऐसी सहमति बनी थी, तो फिर RSS के कार्यक्रम को मंजूरी कैसे मिली। दिग्विजय सिंह ने संघ प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर आयोजन का स्थान बदलने की मांग भी की थी।

सिंधिया ने पूछा- क्या मुझे दिग्विजय सिंह के निमंत्रण की जरूरत है?

इस विवाद में उस समय नया मोड़ आया, जब दिग्विजय सिंह ने एक चर्चा के दौरान कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी इस विषय पर बात की थी। उन्होंने सवाल उठाया था कि ऐसा आयोजन ग्वालियर स्थित सिंधिया स्कूल में क्यों नहीं कराया जाता।

दिग्विजय सिंह की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “क्या मुझे सच में दिग्विजय सिंह से निमंत्रण की जरूरत है?”

सिंधिया ने आगे कहा कि दिग्विजय सिंह को यह नहीं भूलना चाहिए कि डेली कॉलेज सिंधिया परिवार का संस्थान है और इसकी स्थापना परिवार ने ही की थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह अक्सर चीजें भूल जाते हैं, इसलिए उन्हें याद दिलाना उनका काम बन जाता है। इस संदर्भ में उन्होंने साल 2020 का भी उल्लेख किया।

MITS पहुंचे थे ज्योतिरादित्य सिंधिया, 70 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की रखी आधारशिला

RSS कार्यक्रम को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया माधव इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (MITS) के दौरे पर भी पहुंचे थे। यहां उन्होंने संस्थान के विकास से जुड़ी नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी।

सिंधिया ने इसे MITS के लिए ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि संस्थान अपने 70वें वर्ष के पड़ाव के करीब है। ऐसे में अगले 70 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए विकास कार्यों की शुरुआत करने का फैसला लिया गया है।

उन्होंने बताया कि संस्थान में एक नया अकादमिक ब्लॉक और 1,500 लोगों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। इन परियोजनाओं पर करीब 70 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सिंधिया के मुताबिक, इन विकास कार्यों की आधारशिला रखे जाने के साथ ही संस्थान के भविष्य के विस्तार की दिशा में एक नई शुरुआत हुई है।

डेली कॉलेज का आयोजन बना राजनीतिक चर्चा का विषय

इंदौर के डेली कॉलेज में प्रस्तावित RSS कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बयानों तक पहुंच गया है। एक ओर दिग्विजय सिंह कॉलेज परिसर में राजनीतिक आयोजनों की अनुमति को लेकर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर सिंधिया ने संस्थान की स्थापना में अपने परिवार की भूमिका का उल्लेख करते हुए पलटवार किया है।अब इस पूरे मामले में 28 अक्टूबर को प्रस्तावित कार्यक्रम पर सभी की नजरें टिकी हैं।

पंचांग: आज विजयादशमी, सुबह 11:48 से दोपहर 12:34 बजे तक अभिजीत मुहूर्त, जानें राहुकाल का समय

Aaj Ka Panchang: हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है. 20 अक्टूबर को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि सुबह 10:52 बजे से शुरू होकर रात 12:50 तक रहेगी. इसके बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी. मंगलवार को सुबह 6:29 बजे सूर्योदय और शाम 5:53 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, दोपहर 2:16 बजे चंद्रोदय और रात 1:39 बजे चंद्रास्त होगा.

आज का पंचांग

पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य देव चित्रा नक्षत्र में रहेंगे. ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य देव चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करते हैं या इस नक्षत्र में स्थित होते हैं, तो इसके विशेष और गहरे प्रभाव देखने को मिलते हैं. मंगलवार रात 12:49 बजे तक शूल योग रहेगा. शूल योग एक अशुभ योग माना जाता है.

अभिजीत मुहूर्त का समय

इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 से दोपहर 12:34 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ और फलदायी समय माना जाता है. इस मुहूर्त में किए गए कार्यों से सभी प्रकार के अशुभ प्रभाव या दोष स्वतः नष्ट हो जाते हैं. जब सूर्य ठीक सिर के ऊपर रहते हैं, तब अभिजीत मुहूर्त की बेला होती है.

अमृतकाल

मंगलवार को सुबह 6:34 से 8:20 बजे तक अमृतकाल रहेगा. इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना सबसे अधिक होती है. यह समय नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए श्रेष्ठ माना गया है.

Aaj Ka Rashifal: कर्क और तुला राशि वालों को मिलेगा रुका पैसा, मीन राशि वालों की बढ़ेगी जिम्मेदारी, अन्य जातक जानें अपना राशिफल

Aaj Ka Rashifal 20 October 2026: आचार्य मदन मोहन ने बताया कि मेष, मकर और मीन राशि वालों को धन लाभ और तरक्की के अवसर मिल सकते हैं. जानें सभी 12 राशियों का भविष्य, शुभ रंग, भाग्य अंक और दान.

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए दिन प्रगति के नए अवसर लेकर आ सकता है. आचार्य मदन मोहन के अनुसार, मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है और नेताओं या प्रभावशाली लोगों से संपर्क का फायदा हो सकता है. कोई शुभ समाचार मिलने और कानूनी विवाद सुलझने की संभावना है. दांपत्य जीवन में सुख बना रह सकता है. हालांकि, स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें और बातचीत करते समय अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें. यात्रा या प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई मामला भी सामने आ सकता है.

भाग्य अंक: 8

शुभ रंग: नारंगी

दान: पक्षियों को दाना डालें

वृष राशि

वृष राशि वालों के लिए मित्रों का सहयोग महत्वपूर्ण रहेगा. उनकी मदद से किसी योजना को पूरा करने में सफलता मिल सकती है. परिवार में चहल-पहल बढ़ेगी और व्यापाार को आगे बढ़ाने के लिए नई रूपरेखा तैयार हो सकती है. इस दौरान दूसरे लोगों के विवादों में पड़ने से बचें. आापसी मतभेद बढ़ने न दें और विरोधियों की गतिविधियों को लेकर सतर्क रहें.

भाग्य अंक: 1

शुभ रंग: सफेद

दान: दूध

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए साझेदारी में कारोबार करने के अवसर बन सकते हैं. घर-परिवार में मधुरता बढ़ने के साथ विवाह से जुड़ा कोई मामला आगे बढ़ सकता है. हालांकि, बड़े अधिकारियों से बातचीत में संयम रखें और जल्दबाजी में स्थान बदलने या बड़ा फैसला लेने से बचें. प्रतियोगिता से जुड़े मामलों में अच्छे परिणाम मिलने की उम्मीद है. आलस्य से दूरी बनाए रखना जरूरी होगा.

भाग्य अंक: 6

शुभ रंग: हरा

दान: मूंग

कर्क राशि

कर्क राशि वालों को इस दिन मन शांत रखने और सोच-समझकर फैसले लेने की जरूरत है. कानूनी विवाद में नया मोड़ आ सकताा है, जबकि किसी मित्र की मदद से अधूरा काम पूरा होने की संभावना है. परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं. धन लाभ के अवसर बन सकते हैं, लेकिन निवेश करते समय सावधानी बरतें. अपनी बात दूसरों के साामने सोच-समझकर रखें.

भाग्य अंक: 7

शुभ रंग: सिल्वर

दान: पक्षियों को दाना डालें.

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए कामकाज के लिहाज से दिन व्यस्त रह सकता है. कारोबार में किसी नए समझौते या अवसर पर बातचीत हो सकती है. नए लोगों से मुलाकात भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती है. पढ़ाई और प्रतियोगिता से जुड़े कामों में मेहनत करने का समय है. विदेश यात्रा से संबंधित प्रयासों में भी आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं. सफलता के लिए निरंतर मेहनत करते रहें.

भाग्य अंक: 7

शुभ रंग: लाल

दान: पेंसिल

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए नए काम की योजना बनााने का दिन है. कारोबार में आर्थिक सहयोग मिल सकता है और दांपत्य जीवन में सुख बढ़ने के संकेत हैं. छोटी-बड़ी यात्राएं भी हो सकती हैं. हालांकि, मित्रों से मिलने वाली उम्मीद पूरी न होने पर निराशा हो सकती है. इसलिए हर काम के लिए दूसरों पर निर्भर न रहें. वााणी पर नियंत्रण रखें और काम में उतार-चढ़ाव आने पर धैर्य बनाए रखें.

भाग्य अंक: 8

शुभ रंग: मैरून

दान: सेब

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए मेहनत का फल मिलने की संभावना है. कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए नई योजना बन सकती है. परिवार की समस्याओं को सुलझाने और वैवाहिक जीवन से जुड़ी खुशखबरी मिलने के संकेत हैं. रुका हुआ धन वापस मिलने की उम्मीद भी बन सकती है. हालांकि, उपयोगी चीजें खरीदते समय बजट का ध्यान रखें, क्योंकि बेवजह के खर्च बढ़ सकते हैं.

भाग्य अंक: 4

शुभ रंग: नारंगी

दान: क्रीम रंग के वस्त्र

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों को घूमने-फिरने या धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने का मौका मिल सकताा है. उच्च अधिकारियों के साथ संबंध बेहतर बनाने और सामाजिक सम्मान पाने के अवसर बनेंगे. कुछ मामलों में असमंजस की स्थिति रह सकती है और लााभ मिलने में देरी हो सकती है. ऐसे में जिम्मेदारियों से पीछे न हटें और सोच-समझकर आगे बढ़ें.

भाग्य अंक: 6

शुभ रंग: काला

दान: लाल मिर्च

धनु राशि

धनु राशि वालों को राजनीतिक या सामाजिक संपर्कों से फायदा मिल सकता है. मित्रों की मदद से रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है. परिवार की समस्याओं को सुलझाने और किसी मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिल सकता है. नई जान-पहचान करते समय सावधानी बरतें. सोशल मीडिया पर किसी के बारे में अनावश्यक टिप्पणी करने से बचना बेहतर होगा.

भाग्य अंक: 5

शुभ रंग: पीला

दान: चना दाल

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए दिन उम्मीद भरा रह सकता है. किसी पुराने मित्र से मुलाकाात हो सकती है और नए संपर्कों से फायदा मिलने की संभावना है. नौकरी से जुड़े अवसर, रुका हुआ धन और अचानक लाभ के संकेत बताए गए हैं. कानूनी मामलों में भी राहत मिल सकती है. हालांकि, कामकाज में मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है. किसी पर भरोसा करने से पहलले उसके व्यवहार और परिस्थितियों को समझ लें.

भाग्य अंक: 9

शुभ रंग: नीला

दान: चावल

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए नया काम शुरू करने या पदोन्नति से जुड़ा अवसर सामने आ सकता है. प्रतियोगिता में अच्छे परिणाम मिलने और पड़ोसियों के साथ संबंध सुधरने की संभाावना है. धार्मिक यात्रा या पूजा-पाठ से मन को शांति मिल सकती है. हालांकि, कुछ उम्मीदें पूरी होने में समय लग सकता है. ऐसे में निराश होने के बजाय अपने प्रयास जारी रखें.

भाग्य अंक: 5

शुभ रंग: काला

दान: हरी पालक

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए धन प्राप्ति के नए अवसर बन सकते हैं. अधूरे काम पूरे होने और समाज में मान-सम्मान मिलने की संभावना है. धार्मिक गतिविधियों और देव दर्शन में समय बितााने का अवसर मिल सकता है. इस दौरान बढ़ती जिम्मेदारियों को समझदारी से संभालें. दोस्तों पर भरोसाा बनाए रखें, लेकिन आर्थिक मामलों में सतर्क रहें. स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें.

भाग्य अंक: 4

शुभ रंग: नारंगी

दान: चना दाल

राशन कार्ड में नाम जोड़ना या हटाना हुआ आसान, WhatsApp और टोल फ्री नंबर से घर बैठे दर्ज कराएं शिकायत, जानें पूरी प्रक्रिया

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राशन कार्ड धारकों के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की ओर से डिजिटल माध्यमों से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा की जानकारी सामने आई है। इसके जरिए राशन कार्ड में नए सदस्य का नाम जोड़ने, किसी सदस्य का नाम हटाने और कार्ड में संशोधन से जुड़ी समस्याओं के लिए मदद ली जा सकती है। अब इन कामों के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों या राशन दुकानों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि, आवेदन की प्रक्रिया और सुविधा की उपलब्धता संबंधित राज्य के नियमों पर निर्भर कर सकती है।

राशन कार्ड में बदलाव के लिए कैसे करें आवेदन?

राशन कार्ड में सदस्य जोड़ने या हटाने से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के लिए बताई गई प्रक्रिया के अनुसार इन चरणों का पालन करें:

  1. सबसे पहले संबंधित सहायता पोर्टल पर जाएं।
  2. वहां अन्न सहायता विकल्प खोलें और राशन कार्ड से संबंधित शिकायत का विकल्प चुनें।
  3. इसके बाद राशन कार्ड संशोधन वाले सेक्शन में जाएं।
  4. परिवार में नया सदस्य जोड़ने या किसी सदस्य का नाम हटाने का विकल्प चुनें।
  5. मांगी गई जानकारी भरकर अपनी समस्या दर्ज करें।

शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग के स्तर पर मामले की जांच और आगे की प्रक्रिया की जा सकती है। शिकायत दर्ज होना और संशोधन स्वीकृत होना अलग-अलग चरण हैं।

WhatsApp और IVRS के जरिए भी मिलेगी सहायता

राशन कार्ड से जुड़ी समस्याओं के लिए खबर में दो संपर्क माध्यम बताए गए हैं:

  • WhatsApp हेल्पलाइन: 9868200445
  • टोल फ्री नंबर: 14457

बताई गई जानकारी के अनुसार, WhatsApp नंबर पर संदेश भेजकर शिकायत दर्ज कराने और टोल फ्री नंबर पर कॉल करके IVRS प्रणाली के माध्यम से सहायता लेने का विकल्प दिया गया है। इन नंबरों की वर्तमान सक्रियता और आपके राज्य में उपलब्ध सेवाओं की पुष्टि संबंधित खाद्य विभाग के आधिकारिक माध्यम से कर लें।

राशन कार्ड में नाम जोड़ने के लिए जरूरी दस्तावेज

परिवार में किसी नए सदस्य का नाम शामिल कराने के लिए संबंधित परिस्थिति के अनुसार दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।

  • बच्चे का नाम जोड़ने के लिए: जन्म प्रमाण पत्र।
  • विवाह के बाद परिवार में सदस्य जोड़ने के लिए: विवाह प्रमाण पत्र और जरूरत के अनुसार निवास प्रमाण पत्र।
  • पहचान सत्यापन के लिए: परिवार के मुखिया और संबंधित सदस्य का पहचान प्रमाण।

राशन कार्ड से नाम हटाने के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?

किसी सदस्य का नाम हटाने के लिए कारण के आधार पर अलग-अलग दस्तावेज जरूरी हो सकते हैं।

  • सदस्य की मृत्यु होने पर: मृत्यु प्रमाण पत्र।
  • शादी के बाद नए पते पर परिवार में शामिल होने की स्थिति में: नए पते या निवास से संबंधित दस्तावेज।
  • अन्य मामलों में: संबंधित सदस्य और परिवार के मुखिया का पहचान प्रमाण या विभाग द्वारा मांगे गए अतिरिक्त दस्तावेज।

दस्तावेजों की अंतिम सूची राज्य और आवेदन के प्रकार के अनुसार अलग हो सकती है। आवेदन जमा करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर इसकी पुष्टि करना उचित रहेगा।

ध्यान रखें: शिकायत और संशोधन की मंजूरी अलग प्रक्रिया है

WhatsApp या IVRS के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने का उद्देश्य राशन कार्ड से जुड़ी समस्या को विभाग तक पहुंचाना है। केवल शिकायत दर्ज कराने से नाम अपने आप नहीं जुड़ता या हटता। इसके लिए संबंधित विभाग द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन और आवेदन पर निर्णय लिया जा सकता है। इसलिए किसी भी अनजान नंबर पर राशन कार्ड का पूरा विवरण, OTP या संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचें।

राशन दुकान से 3.22 लाख रुपये का खाद्यान्न गायब, महिला समूह के 10 सदस्यों और विक्रेता पर FIR

 रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सरकारी राशन दुकान के स्टॉक की जांच के दौरान बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। कोतरा रोड थाना क्षेत्र के पचेड़ा गांव स्थित उचित मूल्य दुकान में चावल, शक्कर और नमक की कुल 3 लाख 22 हजार 193 रुपये की कमी पाई गई। ई-पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक और दुकान में मौजूद खाद्यान्न का मिलान करने पर यह अंतर सामने आया। खाद्य निरीक्षक की शिकायत पर पुलिस ने दुकान का संचालन करने वाले जय मां दुर्गा महिला समूह के पदाधिकारियों, सदस्यों और विक्रेता के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

जांच में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में मिला अंतर

जानकारी के अनुसार, खाद्य निरीक्षक ने 21 तारीख को पचेड़ा गांव की शासकीय उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण किया था। इस दौरान दुकान में उपलब्ध चावल, शक्कर और नमक का भौतिक सत्यापन किया गया। जब वास्तविक मात्रा की तुलना ई-पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक से की गई, तो खाद्यान्न की बड़ी कमी सामने आई।

72 क्विंटल से अधिक चावल की कमी

खाद्य विभाग के सत्यापन में दुकान में उपलब्ध खाद्यान्न और रिकॉर्ड में दर्ज मात्रा के बीच यह अंतर पाया गया:

  • चावल: रिकॉर्ड में 120.03 क्विंटल के मुकाबले दुकान में 48 क्विंटल उपलब्ध मिला। कुल कमी 72.03 क्विंटल रही।
  • शक्कर: रिकॉर्ड के अनुसार 5.44 क्विंटल होना चाहिए था, जबकि मौके पर 1.50 क्विंटल मिला। कमी 3.94 क्विंटल दर्ज की गई।
  • नमक: रिकॉर्ड में 5.99 क्विंटल के मुकाबले 4.50 क्विंटल मिला। इसमें 1.49 क्विंटल की कमी पाई गई।

खाद्य विभाग ने कम पाए गए खाद्यान्न का कुल मूल्य 3,22,193 रुपये आंका है।

महिला समूह के पदाधिकारियों और विक्रेता पर कार्रवाई

स्टॉक में अंतर मिलने के बाद खाद्य निरीक्षक ने कोतरा रोड थाने में लिखित शिकायत दी। इसके आधार पर पुलिस ने जय मां दुर्गा महिला समूह की अध्यक्ष सेवतीन चौहान, सचिव जमुना सिदार और सदस्य जानकी पटेल, कमला सिदार, प्यारीमती सिदार, भानुमति सिदार, शगुन चौहान, सजन मांझी, पद्मेश्वरी मांझी तथा मंगरा के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

राशन दुकान के विक्रेता पदमन चौहान को भी इस प्रकरण में आरोपी बनाया गया है। पुलिस की ओर से दर्ज मामला आरोपों और खाद्य विभाग की शिकायत पर आधारित है। संबंधित लोगों की भूमिका जांच के बाद स्पष्ट होगी।

आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला

कोतरा रोड पुलिस ने संबंधित आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और 7 के तहत अपराध दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दुकान के स्टॉक में इतनी बड़ी कमी कैसे हुई और खाद्यान्न के भंडारण तथा वितरण में किन परिस्थितियों के कारण अंतर आया।

सरकारी राशन वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल

उचित मूल्य दुकानों के जरिए पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में ई-पॉस मशीन में दर्ज आंकड़ों और वास्तविक स्टॉक के बीच इतना बड़ा अंतर सामने आने से खाद्यान्न के रखरखाव और वितरण प्रक्रिया की निगरानी पर सवाल खड़े हुए हैं।हालांकि, खाद्यान्न की कमी के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इसमें किसकी क्या भूमिका रही, इसका खुलासा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

रायपुर के गरबा उत्सवों में शामिल हुए CM विष्णुदेव साय, बोले- महिलाओं का सम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता सरकार की प्राथमिकता

 रायपुर। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न गरबा महोत्सवों और दुर्गा पूजा कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने मां दुर्गा के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरबा और दुर्गा पूजा जैसे आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक विरासत और मातृशक्ति के सम्मान को भी मजबूत करते हैं।

कार्यक्रमों के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने महतारी वंदन योजना के तहत करीब 68 लाख महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने और प्रदेश की 14 लाख महिलाओं के लखपति दीदी बनने का उल्लेख किया।

रायपुर के कई गरबा और दुर्गा पूजा कार्यक्रमों में पहुंचे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी के अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजित धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान आयोजन समितियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री सबसे पहले माना बाजार सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति और सार्वजनिक श्री श्री दुर्गा पूजा समिति के पंडालों में पहुंचे। यहां उन्होंने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। इसके बाद हुकुम ललित महल में पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत युवा विंग की ओर से आयोजित रास गरबा विथ भजन डांडिया कार्यक्रम में शामिल हुए।

उन्होंने रामबाग में आयोजित रास गरबा, पचपेड़ी नाका स्थित राम मंगलम लॉन में श्री दशा सोरठिया वाणिक समाज के सोरठी रंग रंगीलो नवरात्रि उत्सव और शंकर नगर के बीटीआई मैदान में आयोजित संकल्प गरबा कार्यक्रम में भी सहभागिता की।

गरबा भारतीय संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि का पर्व केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और महिलाओं के सम्मान का भी प्रतीक है। गरबा के माध्यम से लोग मां दुर्गा के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं और सामूहिक रूप से उत्सव में भाग लेते हैं।

उन्होंने कहा कि गुजरात की सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा गरबा आज देश के विभिन्न हिस्सों में लोकप्रिय हो चुका है। ऐसे आयोजन अलग-अलग समाजों और समुदायों के लोगों को एक मंच पर लाते हैं। इससे आपसी सद्भाव बढ़ता है और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा मिलती है।

महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। नवरात्रि का पर्व महिलाओं की गरिमा, सम्मान और समाज के निर्माण में उनकी भूमिका को समझने का अवसर देता है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ने से परिवार और समाज दोनों की प्रगति होती है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है।

महतारी वंदन योजना के तहत 68 लाख महिलाओं को हर महीने मिल रही सहायता

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ की करीब 68 लाख पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस सहायता से महिलाओं को घरेलू जरूरतों, बच्चों की शिक्षा और परिवार से जुड़े खर्चों में मदद मिल रही है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहयोग देने के साथ उनमें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना भी है।

प्रदेश की 14 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी

महिला सशक्तिकरण के विषय पर मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने इसे महिलाओं की मेहनत, उद्यमशीलता और आर्थिक प्रगति का परिणाम बताया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार महिला स्व-सहायता समूहों और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों के जरिए महिलाओं की आय बढ़ाने तथा उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। इन प्रयासों का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उनकी भागीदारी को विकास की मुख्यधारा में बढ़ाना है।

दंतेश्वरी से महामाया तक, धार्मिक स्थलों के विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रदेश माता कौशल्या की पावन धरती है। यहां मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां चंद्रहासिनी जैसे प्रमुख देवी मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था के केंद्र हैं।

उन्होंने बताया कि नवरात्रि के दौरान दंतेवाड़ा, डोंगरगढ़, रतनपुर और चंद्रपुर सहित कई धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। राज्य सरकार इन प्रमुख शक्तिपीठों और धार्मिक स्थलों के विकास के लिए काम कर रही है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान मिले।

विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार भी बुनियादी विकास के साथ राज्य की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक विकास के साथ परंपराओं को सुरक्षित रखना भी महत्वपूर्ण है। इससे आने वाली पीढ़ियां अपनी संस्कृति और मूल्यों से जुड़ी रहेंगी।

बस्तर में शांति और विकास के नए दौर का दावा

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने भी प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नक्सलवाद विरोधी नीतियों के चलते बस्तर में शांति और विकास की दिशा में बदलाव देखने को मिल रहा है।

केदार कश्यप ने कहा कि जिस क्षेत्र में पहले हिंसा और बारूद का भय बना रहता था, वहां अब सांस्कृतिक गतिविधियों और उत्सवों को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने बस्तर की जनजातीय संस्कृति और लोक परंपराओं के संरक्षण को भी महत्वपूर्ण बताया।

गरबा और डांडिया की प्रस्तुतियों ने उत्सव में भरा रंग

रायपुर के विभिन्न आयोजनों में पारंपरिक परिधानों में पहुंचे प्रतिभागियों ने गरबा और डांडिया की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। भक्ति गीतों और पारंपरिक संगीत के बीच बड़ी संख्या में लोगों ने नवरात्रि उत्सव का आनंद लिया।

मुख्यमंत्री ने आयोजन समितियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हैं। त्योहारों के जरिए विभिन्न समुदायों के लोगों को एक-दूसरे के करीब आने का अवसर मिलता है।

जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों की मौजूदगी

इन कार्यक्रमों में कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सिंधी समाज के अमित चिमनानी और महेश दरयानी तथा श्री दशा सोरठिया वाणिक समाज के नितिन ढोलकिया सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी आयोजन में भाग लिया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मां दुर्गा से प्रदेशवासियों के अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और महिलाओं का सम्मान सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।