लेखक -धनंजय राठौर संयुक्त संचालक ,जनसंपर्क, रायपुर रायपुर। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली 1,000 रुपये की मासिक राशि छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाओं के लिए घर-गृहस्थी में मदद से कहीं ज्यादा साबित हो रही है। यह राशि कर्ज, स्वयं सहायता समूहों और आजीविका के अवसरों के साथ मिलकर महिलाओं की आय का स्थायी जरिया बन रही है। महतारी वंदन योजना राज्य की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है, जिसमें लगभग 68 लाख महिला लाभार्थी शामिल हैं। इस योजना के तहत लाभार्थियों को अब तक 31 किस्तों में 20,075.38 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इस साल राज्य के बजट में इस योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसी योजना की पूरक महतारी शक्ति ऋण योजना के तहत नवंबर 2024 से अब तक लगभग 41,124 लाभार्थियों ने 102.38 करोड़ रुपये के बिना गारंटी वाले स्वरोजगार ऋण का लाभ उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, ष्इस योजना के तहत मिलने वाले लोन से सब्जी बेचने, कारीगरी और दूसरे छोटे-मोटे काम करने वाली महिलाओं को अपना कारोबार बढ़ाने और घर की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिलती है। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के श्लखपति दीदीश् के विजन को साकार करने में भी मदद मिल रही है। इनकी कहानियां बनीं मिसाल रानू कैवर्त, आंदी गांव, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही सिलाई, कपड़े और किराने के कारोबार के साथ-साथ बटेर और देसी मुर्गी पालन एवं हैचरी का काम करके सालाना 3 लाख रुपये की आमदनी। सीता मरावी, गुडुमदेवारी किराने की दुकान के लिए बैंक से 25 हजार और मुर्गी पालन के लिए स्वयं सहायता समूह से 50 हजार रुपये का लोन लेकर सालाना कमाई 2.5 लाख रुपये तक पहुंचाई। सुमन लता वाकरे, गुडुमदेवारी स्वयं सहायता समूह से 15 हजार रुपये लेकर किराने की दुकान शुरू की, बाद में बैंक लोन से विस्तार किया। अब सालाना 1 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई। केजू बाई सलामे, रामगढ़, मोहला-मानपुर- अंबागढ़ चौकी महतारी वंदन के हर महीने मिलने वाले 1,000 रुपये का इस्तेमाल किराने के सामान का स्टॉक भरने में करती हैं, जिससे बिक्री बढ़ी और वे लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। 13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी 10 मार्च, 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्चुअल मौजूदगी में शुरू हुई महतारी वंदन योजना ने लखपति दीदी के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाई है। प्रदेश में स्वयं-सहायता समूहों की 13.85 लाख महिला सदस्य पहले ही लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं। राज्य सरकार द्वारा लखपति दीदी भ्रमण योजना के तहत भी बजटीय प्रावधान किया गया है, ताकि लखपति दीदियां देश भर के व्यापारिक और आर्थिक केंद्रों के साथ-साथ प्रमुख शक्तिपीठों का भी दौरा कर सकें।
00 जल संरक्षण से लेकर सड़क, स्कूल, पंचायत भवन, आजीविका, कृषि, पशुपालन और आपदा प्रबंधन के कार्य शामिल
00 छत्तीसगढ़ के बजट में 4 हजार करोड़ का प्रावधान, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को मिलेगा विस्तार रायपुर। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास को रोजगार, आजीविका और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण से जोडऩे की दिशा में विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जीरामजी) का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। मिशन के अंतर्गत अनुमेय कार्यों की संख्या अब 318 से बढ़ाकर 375 कर दी गई है। उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने अनुमेय कार्यों की संख्या में वृद्धि पर हर्ष जताते हुए कहा कि वीबी-जीरामजी के अंतर्गत अनुमेय कार्यों की संख्या 318 से बढ़कर 375 होने से विकास कार्यों को गति प्राप्त होगी और ग्रामीण विकास सुदृढ होगा। छत्तीसगढ़ शासन ने मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 4 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रावधान का लाभ केवल मजदूरी भुगतान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से गांवों में ऐसी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा, जो आने वाले वर्षों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करेंगी। शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए वीबी-जीरामजी के तहत 3,354.85 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन प्रदान किया गया है। मिशन के अंतर्गत अकुशल श्रमिकों की मजदूरी दर 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन की गई है। रोजगार के दिनों में वृद्धि, मजदूरी दर में सुधार और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण का यह समन्वय ग्रामीण परिवारों की आर्थिक सुरक्षा तथा गांवों के समग्र विकास को नई गति देगा। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत/2047 की परिकल्पना में गांवों को विकास की केंद्रीय इकाई के रूप में महत्व दिया है। वीबी-जीरामजी के माध्यम से रोजगार, आजीविका, जल संरक्षण, कृषि उत्पादकता, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अधोसंरचना को एक साथ जोडऩे का प्रयास इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन तथा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में ग्रामीण विकास को नई दिशा मिली है।
क्यूआर कोड से मिलेगी अनुमेय कार्यों की जानकारी उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि वीबी-जीरामजी के अंतर्गत 375 अनुमेय कार्यों को 4 मुख्य श्रेणियों और 30 उप-श्रेणियों में व्यवस्थित किया गया है। इनमें 68 प्रकार के व्यक्तिगत कार्य, 99 प्रकार के मरम्मत एवं रखरखाव संबंधी कार्य तथा समूह और सामुदायिक उपयोगिता से जुड़े कार्य शामिल हैं। अनुमेय कार्यों की जानकारी प्रत्येक ग्रामीण तक आसानी से पहुंचे, इसके लिए राज्य में क्यूआर कोड भी जारी किया गया है, जिसके माध्यम से ग्रामीण अनुमेय कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 2027 तक हर बालिका के लिए स्कूलों में शौचालय का लक्ष्य वीबी-जीरामजी की कार्य-सूची में शासकीय विद्यालयों की अधोसंरचना को विशेष महत्व दिया गया है। विद्यालयों में शौचालयों की मरम्मत, अतिरिक्त कक्षों का निर्माण, प्रयोगशालाएं, रसोई शेड, परिसर की दीवार और खेल मैदान जैसे कार्य इसके अंतर्गत किए जा सकेंगे। इसी दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा मेरी बेटी-मेरा अभिमान अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 26 जनवरी 2027 तक ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय विद्यालयों में 6,671 बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। यह पहल बालिकाओं की गरिमा, स्वच्छता और विद्यालयों में बेहतर सुविधाजनक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हर गांव में मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय की दिशा में आगे बढ़ रहा राज्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक सामुदायिक अधोसंरचना के विस्तार के लिए राज्य सरकार द्वारा हर गांव में मुक्तिधाम निर्माण का संकल्प लिया गया है। 6,524 गांवों में प्रतीक्षालय सहित मुक्तिधाम के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वीबी-जीरामजी में श्मशान घाट तथा अन्य सामुदायिक अधोसंरचना से संबंधित निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को भी अनुमेय बनाया गया है। इसके अतिरिक्त जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए राज्य के 10 हजार से अधिक बंद अथवा डिफंक्ट बोरवेलों में सैंड फिल्टर एवं रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा। जल सुरक्षा से लेकर भूजल पुनर्भरण तक अनुमेय कार्यों की पहली मुख्य श्रेणी में जल संरक्षण और जल सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं। इनमें नहर, बाढ़ नियंत्रण चौनल, चेकडैम, गली प्लग, भूमिगत डाइक, तालाबों का पुनर्जीवन, परकोलेशन टैंक, रिचार्ज पिट और रिचार्ज शाफ्ट, इंजेक्शन वेल, सिंचाई कुएं, माइक्रो एवं ड्रिप सिंचाई चौनल, वाटरशेड भूमि का पुनरुद्धार, वनीकरण एवं पौधरोपण, मृदा-नमी संरक्षण तथा रूफटॉप वर्षाजल संचयन जैसे कार्य शामिल हैं। इन कार्यों से गांवों में जल संचयन क्षमता बढ़ाने, भूजल पुनर्भरण, सिंचाई सुविधा के विस्तार और कृषि भूमि की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। व्यक्तिगत और सामुदायिक दोनों स्तरों पर जल संरक्षण से जुड़ी संरचनाओं के निर्माण एवं रखरखाव को भी इसमें स्थान दिया गया है। सड़क, स्कूल, पंचायत भवन और स्वच्छता सहित मजबूत होगी ग्रामीण अधोसंरचना कार्यों की दूसरी मुख्य श्रेणी में ग्रामीण अधोसंरचना से संबंधित है। इसमें ग्रामीण सड़कें, पुलिया एवं क्रॉस-ड्रेनेज संरचनाएं, ग्राम संपर्क सुविधाएं, ग्राम पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्रामीण पुस्तकालय, सार्वजनिक भवन, स्कूल अधोसंरचना, रसोई शेड, अतिरिक्त कक्ष, प्रयोगशालाएं, स्कूल परिसर की दीवारें और खेल मैदान जैसे कार्य शामिल हैं। इसके साथ श्मशान घाट, कब्रिस्तान, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता परिसर, अपशिष्ट पृथक्करण एवं संग्रहण केंद्र, सौर प्रकाश व्यवस्था, बायोगैस प्लांट, पार्किंग एवं परिवहन शेड सहित अन्य सामुदायिक सुविधाओं के निर्माण और विकास को भी अनुमेय कार्यों में शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत अनुमेय ग्रामीण आवास कार्य तथा जल जीवन मिशन के तहत निर्मित जलापूर्ति परिसंपत्तियों की मरम्मत एवं रखरखाव भी इस श्रेणी में शामिल हैं। आजीविका के साथ स्थानीय स्तर पर आय के अवसर कार्यों की तीसरी मुख्य श्रेणी आजीविका संबंधी अधोसंरचना की है। इसके अंतर्गत प्रशिक्षण-सह-कौशल विकास केंद्र, स्वयं सहायता समूहों के लिए वर्कशेड, ग्रामीण हाट एवं साप्ताहिक बाजार, खाद्यान्न एवं कृषि उपज भंडारण, कोल्ड स्टोरेज, कृषि मूल्य श्रृंखला से जुड़ी संरचनाएं, स्वयं सहायता समूह एवं फेडरेशन स्तर के भवन, वर्मी कम्पोस्ट एवं नाडेप इकाइयां, सिल्विपास्चर, डेयरी एवं दुग्ध संग्रहण केंद्र, पशु आश्रय, मत्स्य पालन अधोसंरचना, नर्सरी एवं पौधरोपण तथा भवन निर्माण सामग्री के उत्पादन से जुड़े कार्य शामिल हैं। कृषि आधारित प्रसंस्करण को भी इस श्रेणी में स्थान दिया गया है। मिनी फ्लोर मिल, खाद्य प्रसंस्करण, तेल प्रसंस्करण, एकीकृत कृषि प्रसंस्करण, वन उत्पाद प्रसंस्करण, हस्तशिल्प प्रसंस्करण, जैव-अवक्रमणीय उत्पाद प्रसंस्करण तथा बांस शिल्प जैसी गतिविधियों के लिए अधोसंरचना विकसित की जा सकेगी। इससे स्थानीय संसाधनों के स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन की संभावनाएं बढ़ेंगी। महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमिता को मिलेगा आधार स्व-सहायता समूहों के लिए वर्कशेड और समूह स्तर की गतिविधियों के लिए अधोसंरचना को अनुमेय कार्यों में शामिल किए जाने से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों को आवश्यक स्थान और सुविधाएं उपलब्ध कराने के अवसर बढ़ेंगे। वर्मी कम्पोस्ट, नाडेप, नर्सरी, कृषि उत्पाद भंडारण, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़ी परिसंपत्तियां ग्रामीण परिवारों के लिए आय के विविध स्रोत विकसित करने में सहायक होंगी। आपदा और चरम मौसम से निपटने के लिए भी होंगे कार्य चौथी मुख्य श्रेणी में अति विषम मौसमी घटनाओं के न्यूनीकरण और आपदा सजगता से संबंधित कार्य शामिल हैं। इनमें चक्रवात आश्रय, बाढ़ आश्रय, तटबंध, मिट्टी एवं गेबियन संरचनाएं, रिटेनिंग वॉल, बाढ़ सुरक्षा दीवार, लेवल बेंच टेरेस, अपलैंड बेंच टेरेस, स्थिरीकरण तालाब, आपदा के बाद ग्रामीण सड़कों एवं सामुदायिक परिसंपत्तियों का पुनर्स्थापन, विंडब्रेक एवं शेल्टरबेल्ट पौधरोपण तथा वन अग्नि प्रबंधन से जुड़े कार्य शामिल हैं।वन अग्नि प्रबंधन के अंतर्गत फायर ब्रेक हेज, वन अग्नि रेखा और फ्यूल बफर जोन सहित अन्य सहायक कार्य भी अनुमेय हैं। इससे प्राकृतिक आपदाओं और चरम मौसमी परिस्थितियों के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा तथा सार्वजनिक और सामुदायिक परिसंपत्तियों की संरक्षण क्षमता को मजबूत करने में सहायता मिलेगी। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि वीबी-जीरामजी केवल ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह गांवों की आर्थिक क्षमता बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, स्थानीय आजीविका को मजबूत करने और टिकाऊ ग्रामीण अधोसंरचना विकसित करने का व्यापक अवसर है। 375 अनुमेय कार्यों के माध्यम से रोजगार को परिसंपत्ति निर्माण और परिसंपत्तियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए विकसित गांव की दिशा में ठोस आधार तैयार किया जा रहा है।
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भुवनेश्वर प्रवास के दौरान प्रसिद्ध भगवान लिंगराज मंदिर पहुंचकर सपत्नीक दर्शन-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से भगवान लिंगराज की पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान लिंगराज के दर्शन और उनकी पावन भूमि पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मंदिर परिसर की दिव्यता और आध्यात्मिक वातावरण मन को असीम शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। उन्होंने भगवान लिंगराज से छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति तथा प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री साय ने लिंगराज मंदिर की भव्य स्थापत्य कला का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे प्राचीन मंदिर केवल आस्था के केंद्र ही नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता, संस्कृति और अद्भुत शिल्प परंपरा के जीवंत प्रतीक भी हैं। लिंगराज मंदिर की भव्यता और उत्कृष्ट वास्तुकला हमारी सनातन संस्कृति की समृद्ध विरासत का सुंदर दर्शन कराती है।
उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ भौगोलिक रूप से पड़ोसी होने के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से भी गहराई से जुड़े हुए हैं। दोनों राज्यों की लोक परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत में अनेक समानताएं देखने को मिलती हैं। ऐसी यात्राएं हमारी साझा सांस्कृतिक चेतना और आत्मीय संबंधों को और प्रगाढ़ करती हैं।
रायपुर: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में एमएसएमई, स्टार्टअप, उद्योग, रोजगार और निवेश की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत का निर्माण देश का लक्ष्य और ध्येय है। इसी विकास यात्रा में छत्तीसगढ़ भी देश के अग्रणी राज्यों के साथ कदमताल करते हुए आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार दीर्घकालिक रोडमैप के साथ काम कर रही है।
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के निर्माण के लिए स्पष्ट रोडमैप के साथ कार्य प्रारंभ किया है। विकास के साथ देश की विरासत और सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अब लंबी छलांग लगाने के लिए तैयार है और आने वाले वर्षों में देश के विकास की गति को और तेज करने के लिए संरचनात्मक सुधारों तथा दीर्घकालिक नीतियों की आवश्यकता है।
‘छत्तीसगढ़ अंज़ोर विजन डॉक्यूमेंट’ के माध्यम से 2047 के विकास का रोडमैप*
वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में योजना विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए ‘अंज़ोर विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार कराया गया है। इसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि राज्य को देश के साथ कदमताल करते हुए अग्रणी राज्यों की श्रेणी में आगे बढ़ना है और राष्ट्र के विकास के महायज्ञ में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करनी है
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 का लक्ष्य केवल दूरगामी लक्ष्य नहीं है। इसके लिए 2030 और 2035 जैसे मध्यकालिक लक्ष्यों के साथ अल्पकालिक और वार्षिक लक्ष्य भी निर्धारित किए जा रहे हैं, ताकि दीर्घकालिक विजन को चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जा सके।
*दीर्घकालिक सोच के साथ आर्थिक सुधारों पर जोर*
मंत्री चौधरी ने कहा कि देश के विकास के लिए दीर्घकालिक योजना और भविष्य को ध्यान में रखकर नीतियां बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत ने पहले भी 21वीं सदी और विजन 2020 जैसे लक्ष्य निर्धारित किए, लेकिन उनके अनुरूप दीर्घकालिक रोडमैप और आवश्यक नीतिगत सुधारों का अभाव रहा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1991 का आर्थिक संकट देश के लिए गंभीर चुनौती था और उस दौर की आर्थिक परिस्थितियों से सबक लेते हुए भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत आधार तैयार करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप अनेक क्षेत्रों में दीर्घकालिक निर्णय लिए जा रहे हैं। नवीकरणीय ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में बड़े निवेश इसी व्यापक विकास दृष्टिकोण का हिस्सा हैं। इनका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की नींव तैयार करना है।
*एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर रोजगार सृजन के महत्वपूर्ण आधार*
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में सर्विस सेक्टर का तेजी से विस्तार हुआ है, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग और विशेष रूप से लेबर इंटेंसिव मैन्युफैक्चरिंग को और विस्तार देने की आवश्यकता है। रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने के लिए लघु उद्योगों, एमएसएमई और विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि छोटे उद्योग स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा करने के साथ-साथ सप्लाई चेन को मजबूत करते हैं। इसलिए प्रदेश में एमएसएमई, स्टार्टअप, विनिर्माण, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल औद्योगिक वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
श्री चौधरी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण की यात्रा में उद्योग जगत, उद्यमियों और लघु उद्योगों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सरकार का प्रयास है कि नीतिगत सुधारों, निवेश के अनुकूल वातावरण और उद्यमिता को प्रोत्साहन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को नई गति दी जाए।
रायपुर : जमीन, मकान या प्लॉट की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। रजिस्ट्री से जुड़े काम के लिए अब लोगों को मुख्य कार्यालय तक लंबी दूरी तय करने और घंटों इंतजार करने की परेशानी से राहत मिल सकती है। प्रशासन ने शहर में रजिस्ट्री कार्यालयों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके तहत अलग-अलग इलाकों में 7 नए रजिस्ट्री कार्यालय खोलने की तैयारी की जा रही है।नए केंद्र शुरू होने के बाद रायपुर में कुल 14 स्थानों पर रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध होगी। इसका सीधा फायदा उन लोगों को मिलेगा, जो शहर के बाहरी इलाकों में रहते हैं और मौजूदा कार्यालय तक पहुंचने में काफी समय लगाते हैं।
रोजाना करीब 400 रजिस्ट्री, मुख्य कार्यालय पर बढ़ रहा दबाव
जानकारी के मुताबिक रायपुर में हर दिन करीब 400 जमीनों की रजिस्ट्री होती है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण मुख्य रजिस्ट्री कार्यालय में लगातार भीड़ बनी रहती है। कई लोगों को रजिस्ट्री कराने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज से आने वाले लोगों के लिए यह परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है। कई बार कार्यालय में बैठने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाती। गर्मी और बारिश के मौसम में लोगों की मुश्किल और बढ़ जाती है।
इन इलाकों में खुलेंगे नए रजिस्ट्री केंद्र
प्रशासन की ओर से आउटर इलाकों में नए कार्यालयों के लिए भवन तलाशने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टाटीबंध-हीरापुर, अमलीडीह-अवंति विहार और बीरगांव-सिलतरा समेत अन्य बाहरी क्षेत्रों में नए रजिस्ट्री केंद्र खोले जाने की तैयारी है।इससे इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को रजिस्ट्री के लिए शहर के मुख्य कार्यालय तक जाने की जरूरत कम होगी। नजदीकी केंद्र पर ही जमीन, मकान या प्लॉट से जुड़ा पंजीयन कराया जा सकेगा।
डिजिटल सुविधाओं से आसान होगी रजिस्ट्री की प्रक्रिया
नए रजिस्ट्री कार्यालयों में आधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है। ऑनलाइन प्रक्रिया बढ़ने से दस्तावेजों और रजिस्ट्री से जुड़े काम को अधिक सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।प्रशासन को उम्मीद है कि डिजिटल व्यवस्था से प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका भी कम होगी। साथ ही लोगों को लंबे समय तक लाइन में खड़े रहने से राहत मिलने की संभावना है।
14 जगहों पर मिलेगी रजिस्ट्री की सुविधा
7 नए केंद्र शुरू होने के बाद रायपुर में कुल 14 स्थानों पर जमीन रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। प्रशासन का मानना है कि रजिस्ट्री कार्यालयों का विस्तार शहर में बढ़ते काम और लोगों की संख्या को देखते हुए जरूरी हो गया था। नए केंद्रों के शुरू होने से मुख्य कार्यालय पर दबाव कम करने के साथ ही लोगों को अपने क्षेत्र के करीब रजिस्ट्री की सुविधा मिल सकेगी।
सोने : अगस्त में शानदार तेजी दिखाने के बाद सितंबर में सोने की कीमतों में नरमी देखने को मिली है। हालांकि, बाजार में इस कीमती धातु को लेकर लंबी अवधि में तेजी की उम्मीद बनी हुई है। अमेरिकी बैंकिंग कंपनी JP Morgan ने अनुमान जताया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 2027 के मध्य तक 5000 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच सकती है।
अभी कहां पहुंचा सोने का भाव
अगस्त में सोने की कीमतों में तेज उछाल आया था, लेकिन सितंबर में इसमें कुछ गिरावट दर्ज की गई। World Gold Council के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में वैश्विक स्तर पर सोने की कीमत करीब 3.9 फीसदी नीचे आई, जबकि भारतीय बाजार में लगभग 4.6 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।ताजा बाजार भाव की बात करें तो Comex पर सोना करीब 4400 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं घरेलू बाजार में MCX पर 5 अक्टूबर एक्सपायरी वाला 24 कैरेट सोना पिछले शुक्रवार को कारोबार समाप्त होने पर 1,54,263 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था।
JP Morgan को क्यों दिख रही है आगे तेजी
JP Morgan के विश्लेषकों के मुताबिक सोने की कीमतों को कई ऐसे वैश्विक कारकों से सहारा मिल रहा है, जो आने वाले समय में इसकी मांग को मजबूत कर सकते हैं। बैंक का अनुमान है कि 2026 के अंत तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 4500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। इसके बाद 2027 के मध्य तक भाव 5000 डॉलर प्रति औंस का स्तर छू सकता है।हालांकि यह अनुमान बाजार की मौजूदा परिस्थितियों पर आधारित है और सोने की कीमत का सफर सीधा नहीं रहने की बात भी कही गई है।
डॉलर से लेकर केंद्रीय बैंकों की खरीदारी तक, ये फैक्टर अहम
सोने की कीमत पर अमेरिकी डॉलर की चाल का सीधा असर पड़ता है। डॉलर कमजोर होने पर दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है, जिससे मांग को सहारा मिल सकता है।इसके अलावा दुनिया के केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की खरीदारी भी कीमतों के लिए महत्वपूर्ण कारक बनी हुई है। चीन समेत कई देशों के केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से सोने की मांग को समर्थन मिलने की बात बाजार विश्लेषकों की ओर से कही जाती है।
भू-राजनीतिक तनाव भी बढ़ा सकता है सोने की मांग
युद्ध, व्यापारिक तनाव, प्रतिबंध और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के दौर में निवेशक अक्सर सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर देखते हैं। ऐसे माहौल में इसकी मांग बढ़ सकती है और कीमतों को समर्थन मिल सकता है।JP Morgan के मुताबिक कमजोर अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़े, डॉलर से जुड़ी चिंताएं और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी ने सोने को 4400 डॉलर के ऊपर पहुंचाने में भूमिका निभाई है। अमेरिकी सरकार के बढ़ते कर्ज को लेकर चिंता भी लंबी अवधि में सोने के प्रति निवेश रुचि को प्रभावित कर सकती है।
5000 डॉलर का रास्ता किन बातों पर निर्भर करेगा
सोने के 5000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान कई परिस्थितियों पर निर्भर है। डॉलर की दिशा, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी, निवेशकों की मांग और वैश्विक आर्थिक स्थिति में बदलाव इसके लिए अहम होंगे। इसलिए JP Morgan का यह आंकड़ा एक अनुमान है, निश्चित भविष्यवाणी नहीं।
Jefferies ने भी सोने को लेकर दिया बड़ा अनुमान
JP Morgan के अलावा Jefferies की ओर से भी सोने को लेकर लंबी अवधि में काफी ऊंचा अनुमान सामने आया है। Jefferies के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रैटेजी क्रिस वुड ने कहा है कि मौजूदा स्तर से सोने की कीमत दोगुनी होकर 10,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है।उनके मुताबिक अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को नियंत्रित करने की कोशिशों के बीच डॉलर में कमजोरी आती है तो इससे सोने की कीमतों को फायदा मिल सकता है। यह भी एक दीर्घकालिक बाजार अनुमान है और वास्तविक कीमतें आर्थिक परिस्थितियों तथा निवेश मांग में बदलाव के साथ ऊपर-नीचे हो सकती हैं।
पेट्रोल-डीजल : देश की सरकारी तेल कंपनियों ने 21 सितंबर 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी हैं। वाहन चालकों के लिए फ्यूल भरवाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जानना जरूरी है, क्योंकि पेट्रोल और डीजल की कीमतें अलग-अलग राज्यों में टैक्स और अन्य स्थानीय खर्चों के कारण अलग रहती हैं। तेल कंपनियां हर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए दाम अपडेट करती हैं।
आज भी पेट्रोल-डीजल के दाम में बदलाव नहीं
सोमवार को जारी कीमतों के मुताबिक देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के रेट में कोई नया बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.31 रुपये और डीजल की कीमत 97.97 रुपये प्रति लीटर है।
प्रमुख शहरों में आज का पेट्रोल-डीजल रेट
शहर
पेट्रोल रुपये प्रति लीटर
डीजल रुपये प्रति लीटर
दिल्ली
102.12
95.20
मुंबई
111.31
97.97
इंदौर
114.58
99.70
चेन्नई
107.78
99.56
जयपुर
112.69
97.78
पटना
113.35
99.36
लखनऊ
101.86
95.36
भोपाल
115.41
100.47
अमृतसर
105.56
96.20
कच्चे तेल और रुपये की चाल से भी जुड़े हैं फ्यूल के दाम
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों के साथ डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी घरेलू ईंधन बाजार को प्रभावित करती है। इसके अलावा राज्यों के टैक्स और स्थानीय परिवहन लागत के कारण एक शहर से दूसरे शहर में पेट्रोल और डीजल के भाव में अंतर देखने को मिलता है।
चित्तूर में सबसे महंगा पेट्रोल, पोर्ट ब्लेयर में सबसे सस्ता
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में पेट्रोल की कीमत करीब 118.34 से 118.53 रुपये प्रति लीटर के बीच है। यहां डीजल का भाव करीब 105.69 से 106.06 रुपये प्रति लीटर है। स्थानीय टैक्स और परिवहन से जुड़ी लागत को ऊंची कीमतों की प्रमुख वजहों में गिना जाता है।वहीं अंडमान और निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में पेट्रोल करीब 88.66 रुपये और डीजल 84.56 रुपये प्रति लीटर की दर से मिल रहा है।
पंचांग : आज 21 सितंबर, 2026 सोमवार, के दिन भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष दशमी तिथि है. इस तिथि पर भगवान शिव के प्रमुख सेनापति वीरभद्र का नियंत्रण है. शुभ समारोह और नए भवन के उद्घाटन के लिए यह तिथि शुभ मानी जाती है.
21 सितंबर का पंचांग :
विक्रम संवत : 2083
मास : भाद्रपद
पक्ष : शुक्ल पक्ष दशमी
दिन : सोमवार
तिथि : शुक्ल पक्ष दशमी
योग : शोभन
नक्षत्र : उत्तराषाढा
करण : तैतिल
चंद्र राशि : धनु
सूर्य राशि : कन्या
सूर्योदय : 06:08:00 AM
सूर्यास्त : 06:19:00 PM
चंद्रोदय : 03:16 PM
चंद्रास्त : 01:39 AM, सितम्बर 22
राहुकाल : 07:40 से 09:11
यमगंड : 10:42 से 12:14
आज का नक्षत्र आज के दिन चंद्रमा धनु राशि और उत्तराषाढा नक्षत्र में रहेगा. यह नक्षत्र धनु राशि में 26:40 से लेकर मकर राशि में 10:00 डिग्री तक फैला है. इसके शासक सूर्य है. यह स्थिर प्रकृति का नक्षत्र है, इसके देवता विश्वदेव है. कुआं खोदने, नींव या शहर बनाने, कर्मकांड, राज्याभिषेक, भूमि खरीदना, मेधावी कर्म, बीज बोना, देवताओं की पूजा, मंदिर का निर्माण, विवाह, या स्थायी सफलता चाहने वाले कोई भी काम इस नक्षत्र में किए जा सकते हैं.
आज के दिन का वर्जित समय आज के दिन 07:40 से 09:11 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.
मेष- आज 21 सितंबर, 2026 सोमवार के दिन धनु राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा नवें भाव में है. आप किसी भी प्रकार के विवादों में ना पड़ें. व्यवसाय में आज पार्टनर के साथ वाणी संयमित रखें. आज भाग्य आपका साथ नहीं देगा. बहुत व्यस्त रहेंगे. किसी नई वित्तीय योजना का लाभ उठाने की कोशिश कर सकते हैं. नौकरीपेशा लोगों को काम में शीघ्र सफलता भी नहीं मिलेगी, लेकिन दोपहर बाद स्थिति में सुधार होगा. गृहस्थजीवन में भी आनंद बना रहेगा. अधिकारी आपके काम से खुश रहेंगे. योजनानुसार काम करने से आर्थिक लाभ भी मिलेगा. परिजनों के साथ सुखपूर्वक समय गुजारेंगे. स्वास्थ्य के मामले में स्थिति चिंताजनक नहीं है. आज आप अपने प्रिय के साथ रोमांटिक बातचीत में व्यस्त रहने वाले हैं.
वृषभ- आज 21 सितंबर, 2026 सोमवार के दिन धनु राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा आठवें भाव में है. आज आप कुछ ज्यादा ही भावुक रहेंगे. आप अपने प्रिय को कोई सरप्राइज दे सकते हैं. दिन के दूसरे चरण में शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. मन से खुश रहने का प्रयास करें. आज नए काम शुरू ना करें. वाणी पर संयम रखें. खान-पान का ध्यान रखें. बिजनेस में कोई विघ्न आ सकता है. ऑफिस का कोई काम बाकी हो, तो उसे आज पूरा कर लें. आगे व्यस्तता बढ़ सकती है. विरोधियों के साथ उग्र चर्चा हो सकती है. काम में सफलता मिलने में विलंब हो सकता है, धैर्य से काम करें. आर्थिक मामलों में भी आज इनकम के नए सोर्स तलाश सकते हैं.
मिथुन- आज 21 सितंबर, 2026 सोमवार के दिन धनु राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा सातवें भाव में है. आज का दिन सुख और शांतिपूर्वक गुजार सकेंगे. दैनिक काम में व्यस्त रह सकते हैं. मन को प्रसन्न रखने के लिए आप मनोरंजन का सहारा लेंगे. मित्रों के साथ बाहर जाने का कार्यक्रम बन सकता है. दोपहर बाद मन किसी चिंता में रहेगा. आप कुछ ज्यादा ही इमोशनल रहेंगे. क्रोध पर संयम रखें. स्वास्थ्य का ध्यान रखें. जीवनसाथी के साथ विचारों का मतभेद सामने आ सकता है. आपको ऐसे समय मौन रहकर अपना काम करना चाहिए.
कर्क- आज 21 सितंबर, 2026 सोमवार के दिन धनु राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा छठे भाव में है. आर्थिक लाभ आपको हो सकता है. व्यापार करने वालों के लिए दिन लाभदायी है. हालांकि आर्थिक मोर्चे पर आपको अपनों का साथ नहीं मिलेगा. काम में सफलता के कारण यश मिलेगा. दिन की शुरुआत अच्छी खबर से हो सकती है. नौकरीपेशा लोग टारगेट जल्दी पूरा करने की कोशिश करेंगे. दोपहर बाद आप खुद के मनोरंजन के लिए समय निकालेंगे. परिवार के साथ अच्छे भोजन का लुत्फ उठा पाएंगे. व्यापार में भागीदारों के साथ लाभदायी विचार-विमर्श होगा. दांपत्यजीवन आनंदयमय रहेगा. स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अच्छा है, लेकिन थकान रहेगी.
सिंह- आज 21 सितंबर, 2026 सोमवार के दिन धनु राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा पांचवें भाव में है. साहित्य और कला में आपकी रुचि रहेगी. पेट से सम्बंधित परेशानी हो सकती है. आपको हल्का भोजन करने की सलाह दी जाती है. अस्वस्थता रहेगी. दोपहर बाद आर्थिक संकट दूर होगा, हालांकि आय की दृष्टि से दिन सामान्य ही बना रहेगा. घर का वातावरण आनंदमय रहेगा. दोपहर बाद स्वास्थ्य में सुधार होगा. व्यापार में आपको लाभ होगा. आज आपको गलत व्यवहार से बचना चाहिए, अन्यथा विवाद बढ़ सकता है. प्रोफेशनल मोर्चे पर आज का दिन अच्छा रहेगा. मीटिंग में आपका वर्चस्व बढ़ेगा.
कन्या- आज 21 सितंबर, 2026 सोमवार के दिन धनु राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा चौथे भाव में है. किसी बात की चिंता से आप तनाव में रहेंगे. सुबह से लेकर दोपहर तक आलस्य छाया रहेगा. माता का भी स्वास्थ्य बिगड़ सकता है. इस दौरान आपको मौसमी बीमारियों से खुद को बचाने के लिए प्रयास करना चाहिए. परिजनों के साथ आपका विवाद हो सकता है. धन हानि के भी योग हैं. संतान या परिवार की जरूरत पर धन भी खर्च होगा. संतान के स्वास्थ्य की चिंता रह सकती है. हालांकि दोपहर बाद स्थिति में थोड़ा सुधार हो सकता है. फिर भी कोशिश करें कि आज आप विवादों से दूर रहेंगे. व्यवसाय में दिन सामान्य बना रहेगा. नौकरीपेशा लोगों के पास भी कार्यभार अधिक रहेगा.
तुला- आज 21 सितंबर, 2026 सोमवार के दिन धनु राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा तीसरे भाव में है. आज का दिन नए काम शुरू करने के लिए अनुकूल है. व्यवसाय में फायदा होगा. नौकरीपेशा लोग टारगेट पूरा कर सकेंगे. अधीनस्थों का भी सहयोग मिल सकता है. आध्यात्मिक और ज्योतिष जैसे विषयों में आज आपकी रुचि बनी रहेगी. दोपहर बाद ताजगी और प्रसन्नता का अभाव रहेगा. घर में किसी बात पर विवाद हो सकता है. प्रेम जीवन में मतभेद उभरकर सामने आ सकते हैं. इस दौरान मौन रहने से काफी समस्याओं का समाधान हो सकेगा. वित्तीय मोर्चे पर दिन सामान्य फलदायक है. जरूरत के सामान खरीदने पर धन भी खर्च होगा.
वृश्चिक- आज 21 सितंबर, 2026 सोमवार के दिन धनु राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा दूसरे भाव में है. निर्धारित काम नहीं होने के कारण हताशा का अनुभव होगा. किसी भी महत्वपूर्ण काम का निर्णय आज ना लें. करियर में भी अपनी वर्तमान स्थिति को सुधारने का प्रयास करें. आप अपने काम से वरिष्ठों की सहानुभूति प्राप्त कर सकते हैं. परिवार में किसी बात को लेकर विवाद रहेगा. दोपहर बाद परिजनों तथा भाई-बहनों के साथ समय आनंदपूर्वक गुजार सकेंगे. प्रेम जीवन को आनंददायी बनाने के लिए कुछ विशेष प्रयत्न करेंगे. प्रोफेशनल मोर्चे पर विरोधियों को पराजित कर पाएंगे. शारीरिक और मानसिक रूप से आज स्वस्थ रह पाएंगे। मन में शांति रहेगी.
धनु- आज 21 सितंबर, 2026 सोमवार के दिन धनु राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा पहले भाव में है. आज का दिन फलदायी है. भाग्य आपका साथ देगा और आर्थिक रूप से आपको फायदा होगा. शारीरिक और मानसिक रूप से आप उत्साही तथा प्रफुल्लित बने रहेंगे. प्रत्येक काम में सफलता मिलने से उत्साह बना रहेगा. बाहर जाने का कार्यक्रम बन सकता है. दोपहर बाद कुछ दुविधा में रह सकते हैं. व्यवसाय में आपका पैसा निरर्थक खर्च हो सकता है. प्रेम जीवन में आप अपने प्रिय के साथ क्वालिटी समय गुजारने के लिए प्रयासरत रहेंगे. जल्दबाजी में आप किसी मुसीबत को आमंत्रित कर सकते हैं. स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही आगे किसी बड़ी चिंता का कारण बनेगी.
मकर- आज 21 सितंबर, 2026 सोमवार के दिन धनु राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा बारहवें भाव में है. कोर्ट कचहरी के मामलों से आज दूर रहें. मन में किसी बात को लेकर चिंता रह सकती है. आपके नकारात्मक विचार काम पर सीधा प्रभाव डालेंगे. नौकरीपेशा लोगों को टारगेट पूरा करने में दिक्कत हो सकती है. वाणी पर संयम रखें. दुर्घटना का भय बना रहेगा. दोपहर बाद स्वास्थ्य में सुधार होगा. मन में प्रसन्नता छायी रहेगी. परिवार का वातावरण अच्छा रहेगा. आध्यात्मिक विचार रहेंगे. आज परोपकार में रुचि रखेंगे.
कुंभ- आज 21 सितंबर, 2026 सोमवार के दिन धनु राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा ग्यारहवें भाव में है. आज के दिन की शुरुआत लाभदायी है. सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में आप प्रगति करेंगे. किसी नए व्यक्ति से रिश्ता बन सकता है. दोपहर बाद स्वास्थ्य कमजोर रहेगा. परिवार में विवाद होने से घर का वातावरण दूषित होगा. धन का खर्च अधिक होगा. अदालती कामों से संभलकर चलें. स्वभाव में उग्रता और क्रोध रह सकता है. लोगों से नकारात्मक व्यवहार आपको ही नुकसान पहुंचाएगा.
मीन- आज 21 सितंबर, 2026 सोमवार के दिन धनु राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा दसवें भाव में है. आज का दिन आपके लिए लाभदायी है. किसी परोपकार के काम में व्यस्त रहेंगे. व्यवसाय में उचित आयोजन से व्यापार वृद्धि कर सकेंगे. अधिकारी आपके काम की प्रशंसा करेंगे. बिजनेस से सम्बंधित प्रवास का योग है. पिता और बड़ों का आशीर्वाद मिल सकता है. आय में वृद्धि होने की संभावना है. नौकरीपेशा लोगों को सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा. जीवनसाथी के साथ आपके संबंध मजबूत बनेंगे.
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुण्डरदेही थाना क्षेत्र में दो नाबालिगों के साथ दुष्कर्म के आरोप में पुलिस ने ललित ठाकुर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी ने दोनों नाबालिगों को 50 रुपये देने और घटना के बारे में किसी को नहीं बताने का लालच देकर अपने साथ ले गया। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद उसने सुनसान जगह पर दोनों के साथ दुष्कर्म किया।
परिजनों को बताई घटना, थाने में दर्ज हुई शिकायत
मामला 17 सितंबर 2026 का बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसकी नातिन और उसकी सहेली को आरोपी ललित ठाकुर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। आरोपी ने दोनों को 50 रुपये देने की बात कही थी और किसी को जानकारी नहीं देने के लिए भी कहा था।बाद में दोनों नाबालिगों ने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
पॉक्सो एक्ट समेत इन धाराओं में मामला दर्ज
शिकायत मिलने के बाद गुण्डरदेही पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(2), 137(2) और पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीम को तत्काल रवाना किया गया।
24 घंटे में पुलिस के हाथ लगा आरोपी
पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों पर तलाश और पूछताछ के बाद आरोपी ललित ठाकुर को घटना के करीब 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार किया।गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।