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Thursday, October 29, 2026
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आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी दे रहे बढ़ावा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक, आपका रक्त किसी जरूरतमंद को दे सकता है नया जीवन : मुख्यमंत्री  साय

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयुर्वेद सेवा सम्मेलन, रक्तदान महाकुंभ एवं वृहद स्वास्थ्य जांच शिविर में शामिल हुए मुख्यमंत्री  साय

एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं के रक्तदान की ऐतिहासिक पहल गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

3600 से अधिक महिलाओं ने कराया पंजीयन, रक्तदान के लिए लगाए गए 200 बेड

प्रोजेक्ट दधीचि के तहत 31 लोगों ने लिया देहदान का संकल्प, पद्मश्री एवं विधायक अनुज शर्मा भी बने सहभागी

बुक, टॉय और स्टेशनरी कलेक्शन के माध्यम से जरूरतमंदों तक पहुंच रही सेवा और संवेदना

रायपुर 23 सितंबर 2026/ रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। रक्तदाता द्वारा दिया गया रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाकर उसके परिवार के लिए नई उम्मीद बन सकता है। आज बड़ी संख्या में माताओं-बहनों, युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों का रक्तदान, देहदान और अंगदान के लिए आगे आना सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक दायित्व की प्रेरणादायी मिसाल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित आयुर्वेद सेवा सम्मेलन, रक्तदान महाकुंभ एवं वृहद स्वास्थ्य जांच शिविर को संबोधित करते समय यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं दीं और रक्तदान, देहदान एवं अंगदान का संकल्प लेने वाले नागरिकों के सेवा भाव की सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से प्रदेशभर में सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनसेवा और जनकल्याण के विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सेवा का यह अभियान समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ रहा है। रक्तदान से लेकर जरूरतमंद बच्चों के लिए पुस्तक, खिलौने और स्टेशनरी एकत्रित करने तक अनेक गतिविधियां इस अभियान को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर आयोजित आयुर्वेद सेवा सम्मेलन और रक्तदान महाकुंभ इसी सेवा भावना का सशक्त उदाहरण है। विशेष रूप से इतनी बड़ी संख्या में माताओं-बहनों का रक्तदान के लिए आगे आना अत्यंत प्रेरणादायी है। एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं ने रक्तदान कर मानव सेवा की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की है। इस ऐतिहासिक पहल का गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।

1000 से अधिक महिलाओं के रक्तदान की पहल ने बनाया विश्व रिकॉर्ड

रक्तदान महाकुंभ में सेवा और जनभागीदारी की ऐतिहासिक तस्वीर देखने को मिली। आयोजन के लिए 3600 से अधिक महिलाओं ने रक्तदान हेतु पंजीयन कराया था और रक्तदान के लिए 200 बेड की व्यवस्था की गई। एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं के रक्तदान की पहल को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को इस उपलब्धि का प्रमाणपत्र एवं मेडल प्रदान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस उपलब्धि पर सभी रक्तदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि रक्तदान का महत्व केवल आंकड़ों या रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। रक्त की प्रत्येक यूनिट किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवन की नई आशा है। रक्तदान के लिए आगे आने वाला प्रत्येक व्यक्ति मानवता की सेवा में अपना अमूल्य योगदान देता है।

रक्तदान महाकुंभ में महिला एवं पुरुषों की बड़ी भागीदारी रही। आयोजन में लगभग 2500 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में रक्तदान के प्रति बढ़ती जागरूकता और युवाओं तथा महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी सेवा के संस्कारों को और मजबूत करती है।

देहदान और अंगदान मानव सेवा का सर्वोच्च उदाहरण : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रोजेक्ट दधीचि के अंतर्गत देहदान और अंगदान का संकल्प लेने वाले नागरिकों की विशेष सराहना की। कार्यक्रम में 31 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया, जिनमें पद्मश्री एवं धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा भी शामिल रहे। प्रोजेक्ट दधीचि के अंतर्गत अब तक 103 लोगों द्वारा देहदान का संकल्प लिया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन के बाद भी किसी के काम आने का संकल्प मानव सेवा की अत्यंत प्रेरणादायी भावना है। देहदान चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, वहीं अंगदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने इस पुनीत संकल्प से जुड़ने वाले सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दीं।

आयुर्वेद हमारी समृद्ध ज्ञान परंपरा की अमूल्य विरासत

मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। भगवान धन्वंतरि और चरक-सुश्रुत जैसे महान आचार्यों ने हजारों वर्ष पूर्व स्वस्थ जीवन और चिकित्सा की जिस समृद्ध परंपरा को विकसित किया, वह आज भी मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद, योग और भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। आयुष मंत्रालय के माध्यम से आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। आरोग्य मंदिर और वेलनेस सेंटर के माध्यम से उपचार के साथ-साथ रोगों की रोकथाम, स्वस्थ जीवनशैली और समग्र स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी स्वस्थ और सशक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।

सेवा संकल्प अभियान में रक्तदान के साथ जरूरतमंद बच्चों के लिए भी पहल

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत रक्तदान और स्वास्थ्य जांच के साथ जरूरतमंद बच्चों के लिए पुस्तक, खिलौने और स्टेशनरी एकत्रित करने की विशेष पहल भी की गई। आयोजन स्थल पर बुक कलेक्शन, टॉय कलेक्शन और स्टेशनरी कलेक्शन के लिए अलग-अलग केंद्र बनाए गए थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सेवा का अर्थ केवल किसी एक क्षेत्र में सहयोग करना नहीं, बल्कि समाज में जहां आवश्यकता हो, वहां संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़कर सहयोग करना है। बच्चों तक पुस्तकें, खिलौने और अध्ययन सामग्री पहुंचाने की यह पहल उनके चेहरे पर मुस्कान लाने के साथ उनकी शिक्षा और विकास में भी उपयोगी सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर सेवा संकल्प अभियान की विभिन्न गतिविधियों तथा आयुर्वेद से जुड़े स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने आयोजकों और प्रतिभागियों से चर्चा कर विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली तथा सेवा कार्यों में सक्रिय सहभागिता के लिए उनका उत्साहवर्धन किया।

प्रदेश में तेजी से मजबूत हो रही स्वास्थ्य अधोसंरचना : स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आयोजित रक्तदान महाकुंभ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लगभग 2500 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा गया। उन्होंने कहा कि रक्तदान के माध्यम से किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है और इतनी बड़ी संख्या में नागरिकों का स्वेच्छा से आगे आना समाज में सेवा भावना की मजबूती को दर्शाता है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की स्वास्थ्य अधोसंरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है। जगदलपुर और बिलासपुर में सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। नए मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया गया है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से पात्र नागरिकों को निजी चिकित्सालयों में भी उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि एलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में भी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में चार नए योग एवं नेचुरोपैथी अस्पताल विकसित किए जा रहे हैं। रायपुर में एनआईटी के सामने 100 बिस्तरीय नया आयुर्वेदिक अस्पताल तैयार किया जा रहा है, जबकि बिलासपुर में भी आयुर्वेदिक अस्पताल के नए भवन का निर्माण प्रगति पर है।

स्वास्थ्य मंत्री ने नागरिकों से आयुष मेले, स्वास्थ्य जांच शिविर और शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक एवं पद्मश्री श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री प्रबोध मिंज सहित विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्षगण, प्रशासनिक अधिकारी, अर्धसैनिक बल एवं सेना के अधिकारी और जवान तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना ही सेवा का उद्देश्य है– उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर । जिन हाथों ने वर्षों से किसी का सहारा लिया, वही आज खुद गिलास उठाकर पानी पी रहे थे। जिन पैरों ने कभी साथ छोड़ दिया था, वही कृत्रिम पैर लगने के बाद बाइक चला रहे थे। कबीरधाम जिले के पीजी कॉलेज डोम कवर्धा में बुधवार को ये दृश्य सिर्फ एक शिविर की तस्वीर नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के जीवन में लौटती उम्मीद, बढ़ते आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत रही।

इस बदलाव के बीच उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा दिव्यांगजनों के बीच पहुंचे और निःशुल्क विशाल दिव्यांग उपकरण वितरण शिविर का शुभारंभ करते हुए हितग्राहियों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदान किए। भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर, सकल जैन समाज एवं भारतीय जैन संगटना (छत्तीसगढ़) और जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित शिविर में करीब एक हजार दिव्यांगजनों का पंजीयन हुआ है।

उपकरण नहीं, आत्मनिर्भर जीवन की शुरुआत
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शिविर में दिव्यांगजनों से मुलाकात की और उन्हें कृत्रिम हाथ-पैर सहित विभिन्न सहायक उपकरण प्रदान किए। शिविर में कृत्रिम हाथ-पैर, कैलिपर्स, ट्राइसाइकिल सहित जरूरत के अनुसार अन्य उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उपकरण प्राप्त करने के बाद हितग्राहियों ने उनका उपयोग कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन भी किया। एक हितग्राही ने कृत्रिम पैर की सहायता से बाइक चलाकर दिखया, वहीं एक अन्य दिव्यांगजन ने कृत्रिम हाथ से पानी पीकर बताया कि यह सुविधा उसके दैनिक जीवन को किस तरह आसान बना सकती है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए आयोजित यह शिविर अद्भुत सेवा का उदाहरण है। जैन समाज सेवा कार्यों में हमेशा आगे रहा है। उन्होंने कहा कि कवर्धा में रहते हुए उन्होंने जैन समाज को बहुत करीब से देखा है। जैन समाज के जीवन में एक ओर समृद्धि और सामाजिक दायित्व है, तो दूसरी ओर त्याग और सेवा की प्रबल भावना भी है।

यही संतुलन समाज को सेवा कार्यों के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने बताया कि शिविर के लिए लगभग एक हजार दिव्यांगजनों का पंजीयन हुआ है। श्रवण, दृष्टि और अस्थि बाधित दिव्यांगजनों सहित जरूरत के अनुसार कैलिपर, कृत्रिम पैर, हाथ एवं अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपकरण केवल हाथ-पैर का सहारा नहीं हैं, बल्कि इनके मिलने के बाद व्यक्ति के जीवन में आने वाला बदलाव अधिक महत्वपूर्ण है।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने एक दिव्यांगजन का उदाहरण देते हुए बताया कि बिजली के तार की चपेट में आने से उसके दोनों हाथ चले गए थे। शिविर में कृत्रिम हाथ मिलने के बाद उसने पहली बार अपने हाथ से पानी का गिलास उठाया। उन्होंने कहा कि उस समय उसके मन में क्या भाव रहे होंगे, इसे वही व्यक्ति समझ सकता है। कृत्रिम हाथ-पैर की कीमत से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि इनके मिलने से दिव्यांगजन के जीवन में कितना बदलाव आता है और उसका आत्मविश्वास कितना बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार वर्षों से कवर्धा में इस तरह के सेवा कार्य लगातार हो रहे हैं। उन्होंने भारतीय जैन संगठन, भगवान महावीर विकलांग सेवा समिति, सकल जैन समाज और एनएसई फाउंडेशन के सहयोग की सराहना की। उन्होंने राजस्थान से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा मौके पर ही कृत्रिम अंग तैयार करने की प्रक्रिया भी देखी।

बस्तर में आईईडी विस्फोटों से दिव्यांग हुए लोगों तक भी पहुंचेगी सेवा
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी तरह के शिविर जगदलपुर और दंतेवाड़ा में भी आयोजित किए जाएंगे। बस्तर में आईईडी विस्फोटों के कारण दिव्यांग हुए लोगों को चिन्हांकित कर कृत्रिम हाथ-पैर उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से ऐसे दिव्यांगजनों की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि उन्हें शिविर तक लाकर कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जा सकें।

उन्होंने कहा कि बस्तर के अंदरूनी गांवों में आईईडी विस्फोटों से दिव्यांग हुए लोगों को कृत्रिम हाथ-पैर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे दोबारा अपने पैरों पर खड़े हो सकें और आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि शिविर का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद दिव्यांगजनों तक पहुंचे, इसके लिए सभी लोग इसकी जानकारी अपने स्तर पर साझा करें। उन्होंने समाज, संस्थाओं और आयोजन से जुड़े सभी लोगों को सेवा कार्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन हैं, जिन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। दिव्यांगजनों को केवल सहायक उपकरण उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों से जोड़ना भी जरूरी है। रायपुर में दिव्यांगजनों के लिए कौशल विकास केंद्र तैयार किया जा रहा है, जहां विभिन्न ट्रेड के साथ डिजिटल मार्केटिंग और वित्तीय प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वरोजगार के लिए दिव्यांगजनों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था है तथा पात्र हितग्राहियों को ऋण पर अनुदान भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिव्यांगजनों को किसी पर निर्भर रहने वाला नहीं, बल्कि स्वाभिमान के साथ अपने परिवार और समाज को योगदान देने वाला बनाना है।

इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका परिषद कवर्धा के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, कलेक्टर तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल, भारतीय जैन संगटना राष्ट्रीय सचिव पंकज लूकड़, प्रदेश अध्यक्ष  विजय गंगवाल, प्रदेश महासचिव सीए विकास गोलछा, सकल जैन संघ कवर्धा के अध्यक्ष  नेमीचंद गोलछा, जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ कवर्धा के अध्यक्ष श्री खुशाल टाटिया, सकल जैन संघ कवर्धा के सचिव श्री अतुल देशलहरा तथा स्वास्थ्य एवं शिविर प्रोग्राम के प्रदेश प्रमुख डॉ. अतुल जैन सहित जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

23 से 26 सितंबर तक चलेगा शिविर
शिविर में राजस्थान से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा मौके पर ही कृत्रिम अंग तैयार कर जरूरत के अनुसार उनका परीक्षण और फिटिंग की जा रही है। इससे हितग्राहियों को उनकी शारीरिक आवश्यकता के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराने में सुविधा मिल रही है। शिविर में श्रवण, दृष्टि एवं अस्थि बाधित दिव्यांगजनों सहित विभिन्न श्रेणी के दिव्यांग हितग्राहियों ने पंजीयन कराया है। बड़ी संख्या में पहुंचे हितग्राहियों की जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। चार दिवसीय शिविर में 23 से 26 सितंबर तक दिव्यांगजनों को आवश्यकतानुसार उपकरण प्रदान किए जाएंगे।

चांदी के भाव में आज फिर हलचल, MCX पर बढ़ी कीमत; जानें आपके शहर में 1 किलो सिल्वर का ताजा रेट

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 Silver Price Today in India : चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। 24 सितंबर 2026 को कारोबारी दिन की शुरुआत से पहले MCX पर चांदी का वायदा भाव 190 रुपये यानी 0.08 फीसदी की तेजी के साथ 2,36,085 रुपये प्रति किलो पहुंच गया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,35,895 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।वहीं दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी का भाव लगातार दूसरे दिन 2.42 लाख रुपये प्रति किलो पर स्थिर बताया जा रहा है। दूसरी ओर Goodreturns के अनुसार चांदी की कीमत 2.50 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।

MCX पर चांदी में मामूली तेजी

आज शुरुआती कारोबार से पहले MCX पर चांदी के भाव में हल्की बढ़त देखने को मिली। कीमत 190 रुपये बढ़कर 2,36,085 रुपये प्रति किलो हो गई। हालांकि, अलग-अलग बाजारों में चांदी के भाव में अंतर देखने को मिल सकता है। स्थानीय मांग, टैक्स और अन्य शुल्कों के कारण शहरवार कीमतें अलग हो सकती हैं।

किस शहर में कितने रुपये किलो मिल रही चांदी

नीचे दिए गए शहरवार भाव 1 किलो चांदी के लिए हैं। आपके शहर में आज चांदी किस रेट पर उपलब्ध है, इसकी जानकारी इस सूची से देख सकते हैं।

शहर1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹2,50,000
मुंबई₹2,50,000
कोलकाता₹2,50,000
चेन्नई₹2,60,000
पटना₹2,50,000
लखनऊ₹2,50,000
कानपुर₹2,50,000
जयपुर₹2,50,000
अहमदाबाद₹2,50,000
भोपाल₹2,50,000
इंदौर₹2,50,000
रायपुर₹2,50,000
पुणे₹2,50,000
नागपुर₹2,50,000
बेंगलुरु₹2,50,000
हैदराबाद₹2,60,000
भुवनेश्वर₹2,60,000
विशाखापत्तनम₹2,60,000
विजयवाड़ा₹2,60,000
कोयंबटूर₹2,60,000
मदुरै₹2,60,000
कोच्चि₹2,60,000
तिरुवनंतपुरम₹2,60,000
अमृतसर₹2,50,000
आगरा₹2,50,000
नोएडा₹2,50,000
गाजियाबाद₹2,50,000
गुरुग्राम₹2,50,000
चंडीगढ़₹2,50,000
वाराणसी₹2,50,000
अयोध्या₹2,50,000
गोरखपुर₹2,50,000
बरेली₹2,50,000
मेरठ₹2,50,000
मुरादाबाद₹2,50,000
अलीगढ़₹2,50,000
झांसी₹2,50,000
मथुरा₹2,50,000
मिर्जापुर₹2,50,000
लुधियाना₹2,50,000
मोहाली₹2,50,000
सूरत₹2,50,000
वडोदरा₹2,50,000
राजकोट₹2,50,000
नासिक₹2,50,000
सोलापुर₹2,50,000
औरंगाबाद₹2,50,000
कोल्हापुर₹2,50,000
लातूर₹2,50,000
अमरावती₹2,50,000
वसई-विरार₹2,50,000
भिवंडी₹2,50,000
ठाणे₹2,50,000
गोवा₹2,50,000
मैसूर₹2,50,000
मंगलौर₹2,50,000
बेलगाम₹2,50,000
दावणगेरे₹2,50,000
बेल्लारी₹2,50,000
चित्रदुर्ग₹2,50,000
गडग₹2,50,000
बागलकोट₹2,50,000
मंड्या₹2,50,000
भद्रावती₹2,50,000
कोलार₹2,50,000
तिरुपति₹2,60,000
नेल्लोर₹2,60,000
कडपा₹2,60,000
अनंतपुर₹2,60,000
वारंगल₹2,60,000
निजामाबाद₹2,60,000
खम्मम₹2,60,000
गुंटूर₹2,60,000
काकीनाडा₹2,60,000
राजमुंदरी₹2,60,000
कटक₹2,60,000
राउरकेला₹2,60,000
संबलपुर₹2,60,000
बेरहामपुर₹2,60,000
तिरुपुर₹2,60,000
तिरुनेलवेली₹2,60,000
त्रिची₹2,60,000
सलेम₹2,60,000
वेल्लोर₹2,60,000
इरोड₹2,60,000
तंजावुर₹2,60,000
नागरकोइल₹2,60,000
कोल्लम₹2,60,000
अलाप्पुझा₹2,60,000
कोट्टायम₹2,60,000
पलक्कड़₹2,60,000
मलप्पुरम₹2,60,000
कोझिकोड₹2,60,000
त्रिशूर₹2,60,000
पांडिचेरी₹2,60,000
कन्याकुमारी₹2,60,000
रामेश्वरम₹2,60,000
ऊटी₹2,60,000
कोडईकनाल₹2,60,000
शिवगंगा₹2,60,000
तिरुवरुर₹2,60,000
नागपट्टिनम₹2,60,000
कुड्डालोर₹2,60,000
कांचीपुरम₹2,60,000
कृष्णागिरी₹2,60,000
होसुर₹2,60,000
अरियालूर₹2,60,000
पेरम्बलूर₹2,60,000
जयनकोंडम₹2,60,000
पुदुक्कोट्टई₹2,60,000
करूर₹2,60,000
कुंभकोणम₹2,60,000
नमक्कल₹2,60,000
धर्मपुरी₹2,60,000
डिंडीगुल₹2,60,000
तूतीकोरिन₹2,60,000
विरुधुनगर₹2,60,000
कल्लाकुरिची₹2,60,000
पोलाची₹2,60,000
अर्काट₹2,60,000
पलानी₹2,60,000
परमाकुदी₹2,60,000
अम्बुर₹2,60,000

खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का भाव जरूर जांचें

चांदी की कीमतें बाजार और शहर के हिसाब से बदल सकती हैं। ऊपर दिए गए भाव संकेतात्मक हैं और इनमें स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज, डीलर मार्जिन या अन्य शुल्क शामिल होने पर अंतिम कीमत अलग हो सकती है। इसलिए चांदी खरीदने से पहले स्थानीय सर्राफा बाजार से ताजा भाव की पुष्टि करना जरूरी है।

कच्चा तेल 100 डॉलर के पार, क्या अब सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? जानें क्यों कंपनियों का बढ़ता घाटा भी नहीं बदल रहा दाम

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 पेट्रोल-डीजल:  कीमतों में कमी की उम्मीद कर रहे लोगों के लिए कच्चे तेल का फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचना चिंता बढ़ाने वाला है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड महंगा होने का असर तेल कंपनियों की लागत पर पड़ता है।भारत जिस क्रूड ऑयल बास्केट का आयात करता है, उसकी कीमत 21 सितंबर 2026 को बढ़कर 117.4 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई थी। इसके मुकाबले वित्त वर्ष 2025-26 में इसकी औसत कीमत करीब 66 डॉलर प्रति बैरल रही थी। यानी पिछले औसत की तुलना में मौजूदा स्तर काफी ऊंचा है।

ब्रेंट और WTI में दिखी हल्की नरमी, लेकिन कीमतें अब भी ऊंचे स्तर पर

गुरुवार सुबह करीब 6 बजे ब्रेंट क्रूड 0.61 डॉलर की गिरावट के साथ 102.47 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं अमेरिकी कच्चे तेल का बेंचमार्क WTI 48 सेंट फिसलकर 91.68 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।इससे एक दिन पहले यानी बुधवार को ब्रेंट क्रूड में 3.83 डॉलर प्रति बैरल की जोरदार तेजी आई थी और यह 103.08 डॉलर पर बंद हुआ। WTI भी बढ़कर 92.08 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था।

पेट्रोल-डीजल सस्ता होने के बजाय कंपनियों पर बढ़ रहा दबाव

कच्चे तेल की कीमत में तेजी के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम मई से स्थिर बने हुए हैं। दिल्ली में फिलहाल पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है।मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कीमतों और घरेलू बिक्री दर के बीच अंतर का असर सरकारी तेल कंपनियों पर पड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, तेल कंपनियों को पेट्रोल पर करीब 8 रुपये और डीजल पर लगभग 9 रुपये प्रति लीटर का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

आम लोगों को राहत, लेकिन सरकारी तेल कंपनियों का घाटा बढ़ा

पेट्रोल-डीजल के दाम लंबे समय से स्थिर रहने से वाहन चालकों को फिलहाल राहत मिली हुई है। लेकिन दूसरी तरफ इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी तेल विपणन कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ रहा है।रेटिंग एजेंसी ICRA के अनुमान के अनुसार, मौजूदा कीमतों पर तीनों सरकारी कंपनियों का संयुक्त दैनिक नुकसान करीब 530 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यानी अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगे कच्चे तेल का पूरा असर अभी घरेलू उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचा है।

पश्चिम एशिया का तनाव बना कच्चे तेल की तेजी की बड़ी वजह

कच्चे तेल की कीमतों में हालिया उछाल के पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता अहम कारण हैं। ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को लेकर स्पष्टता नहीं होने से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में चिंता बढ़ी है।ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि उनका देश धमकियों के दबाव में बातचीत नहीं करेगा। उन्होंने सार्थक वार्ता दोबारा शुरू करने से पहले कुछ शर्तें भी रखी हैं। इससे दोनों देशों के बीच संभावित बातचीत को लेकर बाजार की अनिश्चितता बनी हुई है।

अमेरिका में डीजल की कीमतों ने भी बढ़ाई परेशानी

कच्चे तेल के साथ पेट्रोलियम उत्पादों, खासकर डीजल की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है। अमेरिका में डीजल की खुदरा कीमत रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने के बाद वहां की सरकार इसके निर्यात को सीमित करने के विकल्पों पर विचार कर रही है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी पहले डीजल निर्यात पर रोक लगाने के समर्थन में बयान दे चुके हैं। यदि वैश्विक स्तर पर सप्लाई को लेकर दबाव और बढ़ता है तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी पड़ सकता है।

क्या भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम जल्द घटेंगे?

फिलहाल अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की ऊंची कीमतें पेट्रोल और डीजल को सस्ता करने के लिए अनुकूल संकेत नहीं दे रही हैं। हालांकि घरेलू कीमतों का फैसला केवल क्रूड के एक दिन के भाव पर निर्भर नहीं करता। तेल कंपनियों की लागत, अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और घरेलू मूल्य निर्धारण समेत कई कारक इसमें भूमिका निभाते हैं।

पंचांग: गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा के साथ करें ये काम, मिलेगा शुभ फल

 पंचांग  : आज 24 सितंबर, 2026 गुरुवार, के दिन भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है. इस त्रयोदिशी तिथि पर देवादिदेव भगवान भोलेनाथ और कामदेव का शासन होता है. इस त्रयोदिशी तिथि पर नई किताबें लिखना, कर्मकांड करना और नृत्य के लिए दिन बेहद अच्छा माना जाता है.

24 सितंबर का पंचांग :

  1. विक्रम संवत : 2083
  2. मास : भाद्रपद
  3. पक्ष : शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
  4. दिन : गुरुवार
  5. तिथि : शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
  6. योग : ध्रुति
  7. नक्षत्र : धनिष्ठा
  8. करण : कौलव
  9. चंद्र राशि : कुंभ
  10. सूर्य राशि : कन्या
  11. सूर्योदय : 06:10:00 AM
  12. सूर्यास्त : 06:16:00 PM
  13. चंद्रोदय : 04:57 PM
  14. चंद्रास्त : 04:32 AM, सितम्बर 25
  15. राहुकाल : 13:43 से 15:14
  16. यमगंड : 06:10 से 07:41

आज का नक्षत्र
आज गुरुवार के दिन चंद्रमा कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में रहेगा. मकर राश में इस नक्षत्र का विस्तार 23:20 से लेकर कुंभ राशि में 6:40 तक फैला है. इसके देवता अष्टवसु हैं और इस नक्षत्र पर मंगल का शासन है. यह नक्षत्र यात्रा करने, मित्रों से मिलने और आध्यात्मिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ है.

आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 13:43 से 15:14 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.

आज मकर राशि वालों के लिए धन के मामले में खास दिन, निवेश से लाभ के संकेत; बोलते समय रहें सावधान

 मेष- 24 सितंबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन कुंभ राशि का चंद्रमा आज आपके लिए ग्यारहवें भाव में होगा. आज सामाजिक काम में व्यस्त रहेंगे. मित्रों से मुलाकात होगी और धन भी खर्च कर सकते हैं. अचानक धन लाभ होने से आप खुश भी हो जाएंगे. प्रोफेशनल मोर्चे पर दिन अनुकूल होगा. सरकारी कामकाज अच्छी तरह पूरे होंगे. व्यापार को बढ़ाने के लिए नई योजना बना सकते हैं. आज किसी खास व्यक्ति के साथ मिलना हो सकता है. संतान से अच्छे समाचार मिलेंगे. विवाह योग्य जातकों के पास वैवाहिक प्रस्ताव आने की संभावना है. प्रेम जीवन में आज धैर्य की परीक्षा रहेगी. अपने प्रिय के साथ ज्यादा मजाक आपको भारी भी पड़ सकता है. स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही बड़े रोग का कारण बन सकती है.

वृषभ- 24 सितंबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन कुंभ राशि का चंद्रमा आज आपके लिए दसवें भाव में होगा. आज आप नए काम का आरंभ कर सकेंगे. नौकरीपेशा लोगों के लिए आज का दिन शुभ है. उन्हें आय वृद्धि या पदोन्नति का समाचार मिलेगा. अधिकारी भी आपके काम से संतुष्ट रहेंगे. उच्च अधिकारियों का प्रोत्साहन आपका उत्साह बढ़ाएगा. सरकारी लाभ मिलेगा. व्यापारियों के लिए लाभ का दिन है. गृहस्थ जीवन में सुख-शांति रहेगी. अधूरे काम पूरे होंगे. दांपत्यजीवन में मधुरता रहेगी. प्रेम जीवन में संतुष्टि रहेगी. अपने प्रिय का साथ पाकर खुशी बहुत बढ़ेगी. वित्तीय मोर्चे पर आज का दिन अच्छा है. आय बढ़ाने के लिए किया गया काम आगे आपको लाभ दे सकता है.

मिथुन- 24 सितंबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन कुंभ राशि का चंद्रमा आज आपके लिए नवें भाव में होगा. मानसिक रूप से आज का दिन दुविधाओं और उलझनों से भरा रहेगा. थकान और आलस्य के चलते किसी काम में मन नहीं लगेगा. पेट दर्द से परेशानी होगी. धन का अपव्यय होगा. व्यवसाय में बाधाएं आएंगी. सहकर्मियों का सहयोग नहीं मिलेगा. संतान की चिंता रहेगी. सरकारी काम में बाधा आ सकती है. आज किसी भी काम का आरंभ ना करें और विरोधियों के साथ किसी गहन चर्चा में ना उतरें.

कर्क- 24 सितंबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन कुंभ राशि का चंद्रमा आज आपके लिए आठवें भाव में होगा. मन का नकारात्मक व्यवहार आपको हताश करेगा. बाहर का खाने-पीने से स्वास्थ्य खराब होगा. क्रोध को नियंत्रण में रखें. परिवार के सदस्यों के साथ विवाद हो सकता है. नए संबंध तकलीफदायक साबित होंगे. पैसे की तंगी होगी. दुर्घटना और ऑपरेशन की आशंका बनी रहेगी, इसलिए ध्यान रखें. ईश्वरभक्ति से राहत महसूस कर सकेंगे. आज विद्यार्थियों के लिए थोड़ा मुश्किलभरा समय होगा. जल्दबाजी से नुकसान होने की आशंका रहेगी.

सिंह- 24 सितंबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन कुंभ राशि का चंद्रमा आज आपके लिए सातवें भाव में होगा. आज जीवनसाथी से मनमुटाव की आशंका रहेगी. पति-पत्नी में से किसी एक का स्वास्थ्य खराब होने की संभावना है. व्यापारी भागीदारों के साथ धैर्य से चर्चा करें. सार्वजनिक जीवन में अपयश न मिले, इसका ध्यान रखें. मित्रों के साथ आपकी मुलाकात बहुत आनंददायक नहीं रहेगी. नौकरीपेशा लोगों को भी कोई अरुचिकर काम करना पड़ सकता है. विद्यार्थियों के लिए समय सामान्य है.

कन्या- 24 सितंबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन कुंभ राशि का चंद्रमा आज आपके लिए छठे भाव में होगा. परिवार में आनंद और उत्साह का वातावरण रहने से मन प्रसन्न रहेगा. स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा. बीमार व्यक्ति की तबीयत में सुधार होने से राहत का अनुभव होगा. काम में सफलता और यश मिलेगा. ऑफिस में सहकर्मियों की मदद आपको मिल पाएगी. व्यापार में विरोधियों को झुकना पड़ेगा. ननिहाल से शुभ समाचार मिलने की संभावना है. आज कोई अधूरा पड़ा काम पूरा हो सकता है.

तुला- 24 सितंबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन कुंभ राशि का चंद्रमा आज आपके लिए पांचवें भाव में होगा. आज अपनी कल्पनाशक्ति और सृजनशक्ति को काम में लगा सकेंगे. बौद्धिक प्रवृत्तियों और चर्चा में भाग लेना पसंद आएगा. संतान से शुभ समाचार मिलेगा. उनकी प्रगति होगी. स्त्री मित्रों का सहयोग मिलेगा. प्रिय व्यक्ति के साथ मिलन सुखद रहेगा. अत्यधिक विचार करने से मन विचलित होगा. सामान्य रूप से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा. आज आप आसानी से सभी काम पूरे कर सकेंगे.

वृश्चिक- 24 सितंबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन कुंभ राशि का चंद्रमा आज आपके लिए चौथे भाव में होगा. आपको आज का दिन शांति से व्यतीत करने की सलाह दी जाती है. शारीरिक स्वास्थ्य तो बिगड़ेगा ही, मानसिक रूप से भी आप स्वस्थ नहीं रह सकेंगे. माता के स्वास्थ्य के संबंध में चिंता रहेगी. परिवार के सदस्यों के साथ अनबन होने से मन दुःखी होगा. स्थायी संपत्ति तथा वाहन आदि के दस्तावेजी कार्यों में सावधानी बरतने की जरूरत है. नुकसान होने की आशंका रहेगी. पानी वाली जगहों से भय रहेगा.

धनु- 24 सितंबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन कुंभ राशि का चंद्रमा आज आपके लिए तीसरे भाव में होगा. आज आप ज्योतिष और आध्यात्मिक बातों में खूब रुचि लेंगे. भाई-बहनों संग व्यवहार अच्छा रहेगा. नए काम की शुरुआत के लिए समय अच्छा है. मित्रों एवं स्नेहीजनों से मुलाकात होगी. काम में सफलता मिलने से आप उत्साहित रहेंगे. विरोधियों पर विजय मिलेगी. किसी यात्रा पर जा सकते हैं. भाग्यवृद्धि के साथ-साथ सामाजिक मान-सम्मान भी मिलेगा.

मकर- 24 सितंबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन कुंभ राशि का चंद्रमा आज आपके लिए दूसरे भाव में होगा. संयमित वाणी आपको बहुत-सी मुसीबतों से बचा लेगी. सोच-विचार कर बोलें. परिजनों संग गलतफहमी होने से अस्वस्थता का अनुभव होगा. स्वास्थ्य का ध्यान रखें. शेयर बाजार में पूंजी निवेश होगा. गृहिणियां मानसिक असंतोष का अनुभव करेंगी. विद्यार्थियों का अध्ययन में मन नहीं लगेगा.

कुंभ- 24 सितंबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन कुंभ राशि का चंद्रमा आज आपके लिए पहले भाव में होगा. आज का दिन फलदायी है. आज आप प्रसन्न रहेंगे. भौतिक तथा आध्यात्मिक दृष्टि से आपको अच्छा अनुभव होगा. परिजनों के साथ बाहर जाने का कार्यक्रम बनेगा. दोस्तों से उपहार मिलने पर आप आनंदित होंगे. आध्यात्मिक विचार आपके हृदय और मन को छू लेंगे. नौकरीपेशा लोग भी अपने कार्य को आसानी से पूरा कर पाने की स्थिति में होंगे. व्यापार में भागीदारी से लाभ होगा.

मीन- 24 सितंबर, 2026 बृहस्पतिवार के दिन कुंभ राशि का चंद्रमा आज आपके लिए बारहवें भाव में होगा. कोर्ट-कचहरी या स्थायी संपत्ति की झंझट में ना पड़ें. एकाग्रता से आज फायदा होगा. स्वास्थ्य का ध्यान रखें. स्वजनों से दूर जाना पड़ सकता है. परिजनों के साथ मतभेद रहेगा. ज्यादा लाभ के लालच में हानि न हो जाएं इसका भी ध्यान रखें. लेन-देन में सोच-विचार कर निर्णय लें. दुर्घटना का भय रहेगा. किसी के साथ बातचीत में गलतफहमी हो सकती है. आज का दिन धैर्य के साथ गुजारें.

छत्तीसगढ़ में हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार, नए एयरपोर्ट और हेलीपैड की तैयारी तेज…छोटे शहरों तक पहुंचेगी उड़ान

 छत्तीसगढ़ :  हवाई सेवाओं का दायरा बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। छोटे शहरों और दूरस्थ इलाकों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच मॉडिफाइड उड़ान योजना के नए चरण को लेकर समझौता हुआ है। राज्य की ओर से विमानन सचिव मुकेश बंसल ने समझौते पर हस्ताक्षर किए है।इस पहल के बाद प्रदेश के ऐसे इलाकों तक हवाई संपर्क बढ़ाने की तैयारी है, जहां अभी सड़क मार्ग ही प्रमुख परिवहन साधन है। खास तौर पर दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

सीएम साय ने बताया विकास के लिए अहम कदम

समझौते के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश में कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई संपर्क से दूरस्थ क्षेत्रों की दूरी कम होगी और पर्यटन, व्यापार तथा रोजगार के अवसर बढ़ सकते है।सरकार का फोकस ऐसे इलाकों को जोड़ने पर है, जहां बेहतर हवाई सुविधा मिलने से आवागमन के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सके।

क्या है मॉडिफाइड उड़ान योजना?

मॉडिफाइड उड़ान योजना का उद्देश्य देश के छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना है। इसके तहत 100 हवाई अड्डे और 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।योजना के जरिए उन क्षेत्रों में हवाई संपर्क बढ़ाने की कोशिश है, जहां मौजूदा समय में हवाई सेवाएं सीमित है। छत्तीसगढ़ के लिए यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि राज्य के कई दूरस्थ और आदिवासी इलाके प्रमुख शहरों से काफी दूरी पर स्थित है।

हेली सेवा से मेडिकल इमरजेंसी में भी मिल सकती है मदद

दूरस्थ क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी विकसित होने से केवल सामान्य आवागमन ही आसान नहीं होगा, बल्कि आपात स्थिति में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। मेडिकल इमरजेंसी, प्राकृतिक आपदा या अन्य विशेष परिस्थितियों में हेलीकॉप्टर सेवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।इससे दूरदराज के इलाकों से मरीजों को बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने में भी समय की बचत हो सकती है।

बस्तर से सरगुजा तक पर्यटन को मिल सकता है फायदा

हवाई संपर्क बढ़ने से प्रदेश के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। बस्तर, सरगुजा और जशपुर जैसे क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाएं मौजूद है। इन इलाकों में हेलीपैड और बेहतर हवाई संपर्क विकसित होने से पर्यटकों के लिए पहुंच आसान हो सकती है।पर्यटन गतिविधियां बढ़ने पर स्थानीय कारोबार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

नए एयरपोर्ट और हेलीपैड के लिए आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

समझौते के बाद अब प्रदेश में संभावित स्थानों की पहचान और जरूरी बुनियादी ढांचे के विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। नए हवाई अड्डों और हेलीपैड के लिए स्थान चिन्हित करने के साथ अन्य आवश्यक तैयारियां भी की जाएंगी।अगर योजना के तहत प्रस्तावित परियोजनाएं जमीन पर उतरती है, तो आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए हवाई संपर्क का दायरा पहले की तुलना में बढ़ सकता है।

रायपुर में सब्जी बाजार हटाने पहुंची निगम टीम पर हमला, 4-5 कर्मचारी घायल…बीच-बचाव कर रहा पुलिस जवान भी चोटिल

 रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के भाठागांव इलाके में नगर निगम की कार्रवाई के दौरान विवाद बढ़ने का मामला सामने आया है। सड़क पर लगने वाले सब्जी बाजार को हटाने पहुंची निगम की टीम और स्थानीय सब्जी विक्रेताओं के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि निगम कर्मचारियों पर हमला कर दिया गया।घटना में 4 से 5 नगर निगम कर्मचारी घायल हुए है। विवाद शांत कराने की कोशिश में एक पुलिस जवान भी चोटिल हुआ है। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव और अफरा तफरी का माहौल बन गया।

सड़क से सब्जी बाजार हटाने पहुंची थी निगम की टीम

जानकारी के अनुसार भाठागांव में सड़क पर सब्जी बाजार लगने की वजह से यातायात प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही थी। इसी के बाद नगर निगम की टीम बाजार को सड़क से हटाकर व्यवस्थित स्थान पर लगाने के उद्देश्य से मौके पर पहुंची थी।कार्रवाई के दौरान निगम कर्मचारियों और सब्जी विक्रेताओं के बीच विवाद शुरू हो गया। पहले दोनों पक्षों में बहस हुई और बाद में स्थिति बिगड़ गई।

विवाद बढ़ने पर निगम कर्मचारियों से मारपीट

कहासुनी के बाद कुछ लोगों ने निगम की टीम पर हमला कर दिया। अचानक हुए विवाद में कई निगम कर्मचारी घायल हो गए। मौके पर मौजूद पुलिस जवान ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन वह भी इस दौरान चोटिल हो गया।हमले के बाद बाजार क्षेत्र में अफरा तफरी की स्थिति बन गई। निगम कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखने को मिली।

पुरानी बस्ती थाने पहुंची निगम की टीम

घटना के बाद नगर निगम के कर्मचारी शिकायत लेकर पुरानी बस्ती थाने पहुंचे। टीम की ओर से पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी गई और मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना से जुड़े लोगों की पहचान और विवाद के दौरान मौजूद परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

बाजार हटाने की कार्रवाई के दौरान बिगड़ी स्थिति

निगम की कार्रवाई का उद्देश्य सड़क पर लगने वाले बाजार को व्यवस्थित करना बताया जा रहा है, ताकि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। हालांकि कार्रवाई के दौरान हुए विवाद ने मामला गंभीर बना दिया।फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच के बाद मारपीट में शामिल लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

महिला जनप्रतिनिधि के घर आधी रात घुसा अज्ञात शख्स, करीब एक घंटे तक करता रहा संदिग्ध गतिविधियां; CCTV कैमरा तोड़कर फरार

 रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में महिला जनप्रतिनिधि के घर देर रात एक अज्ञात व्यक्ति के घुसने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वह चारदीवारी पार कर घर के परिसर में दाखिल हुआ और करीब एक घंटे तक आसपास घूमता रहा। उसकी कई गतिविधियां संदिग्ध बताई जा रही है। इस दौरान सामने वाले घर में लगा CCTV कैमरा भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

CCTV फुटेज में कैद हुई पूरी घटना

घटना का CCTV फुटेज पुलिस को सौंपा गया है। फुटेज में अज्ञात व्यक्ति घर के आसपास घूमता दिखाई दे रहा है। महिला पंच ने मुजगहन थाने में आवेदन देकर FIR दर्ज करने की मांग की है।परिवार ने घटना के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। महिला जनप्रतिनिधि का कहना है कि रात के समय इस तरह घर में दाखिल होना सामान्य घटना नहीं लगती और इसके पीछे किसी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

चारदीवारी पार कर घर में दाखिल हुआ था आरोपी

बताया गया कि देर रात परिवार के लोग घर के अंदर मौजूद थे। इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति चारदीवारी लांघकर परिसर में पहुंच गया। वह काफी देर तक घर के आसपास मौजूद रहा और संदिग्ध गतिविधियां करता रहा।करीब एक घंटे तक परिसर के आसपास रहने के बाद उसे सामने वाले मकान में लगे CCTV कैमरे की जानकारी हुई। इसके बाद उसने कैमरे को तोड़ दिया और मौके से निकल गया।

परिवार ने पुलिस को सौंपा CCTV फुटेज

घटना के बाद महिला जनप्रतिनिधि ने CCTV फुटेज सुरक्षित कर पुलिस को सौंप दिया। परिवार के अनुसार इस घटना के बाद से घर के सदस्यों में भय का माहौल है।पुलिस अब फुटेज के आधार पर संदिग्ध व्यक्ति की पहचान करने का प्रयास कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह घर में किस उद्देश्य से दाखिल हुआ था।

मुजगहन पुलिस ने शुरू की जांच

महिला पंच की शिकायत पर मुजगहन पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के क्षेत्र में लगे अन्य CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल सकती है, ताकि संदिग्ध व्यक्ति के आने और जाने से जुड़ी जानकारी मिल सके।फिलहाल आरोपी की पहचान सामने नहीं आई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे उसका उद्देश्य क्या था और क्या वह पहले से घर की गतिविधियों पर नजर रख रहा था।

कार से मिले दो पुलिसकर्मियों के शव, मौत की वजह बनी पहेली; संदिग्ध हालात में मिले थे दोनों

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 जम्मू-कश्मीर :  रामबन जिले में सोमवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब एक कार के अंदर दो पुलिसकर्मी बेहोशी की हालत में मिले। स्थानीय लोगों ने दोनों को कार से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। दोनों पुलिसकर्मी जिला पुलिस लाइंस, रामबन में तैनात थे।मृतकों की पहचान हेड कांस्टेबल फरीद अहमद और सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल मोहम्मद याकूब के रूप में हुई है। फिलहाल दोनों की मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

जियारत मोड़ के पास कार में मिले थे दोनों पुलिसकर्मी

जानकारी के अनुसार दोनों पुलिसकर्मी बाटोट इलाके के सना में जियारत मोड़ के पास एक कार में संदिग्ध परिस्थितियों में मिले। दोनों उस समय बेहोशी की हालत में थे। कार को देखकर स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना दी और दोनों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल रामबन पहुंचाया।अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों की जांच की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इसके बाद पुलिस को मामले की सूचना दी गई और जांच की प्रक्रिया शुरू हुई।

मौत की असली वजह का पता लगाने में जुटी पुलिस

दोनों पुलिसकर्मियों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।घटनास्थल, कार और आसपास के इलाके से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों पुलिसकर्मी वहां किस वजह से पहुंचे थे और उनके साथ ऐसा क्या हुआ जिसके बाद उनकी मौत हो गई।

रामबन का इलाका सुरक्षा के लिहाज से अहम

रामबन जम्मू क्षेत्र को कश्मीर घाटी से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-44 के अहम हिस्से में स्थित है। भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा के लिहाज से यह इलाका महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में पुलिसकर्मियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी मामले से जुड़े हर पहलू पर नजर रख रही है।इस क्षेत्र में पहले भी संदिग्ध गतिविधियों के बाद सुरक्षा बढ़ाई जा चुकी है। 7 अगस्त 2026 को चंद्रकोट और नाशरी क्षेत्र में नाकेबंदी से बचकर निकली एक संदिग्ध कार बाद में डलवास लिंक रोड पर लावारिस हालत में मिली थी। इसके बाद जिले में हाई अलर्ट जारी कर संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया था।

कठुआ में आतंकी ठिकाना मिलने के बाद भी बढ़ी थी निगरानी

इससे पहले 9 जुलाई को कठुआ के बिलावर इलाके में एक आतंकी ठिकाना मिलने और हथगोले बरामद होने के बाद रामबन से सटे जंगलों में भी सुरक्षा निगरानी बढ़ाई गई थी।अब दो पुलिसकर्मियों की मौत के मामले में पुलिस सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है। मौत का कारण सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे क्या परिस्थितियां रही।