CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर अभी जारी है। बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव का क्षेत्र तट पार कर अब आगे बढ़ चुका है, लेकिन इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 24 सितंबर को छत्तीसगढ़ के लिए बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 25 और 26 सितंबर को भी बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
24 सितंबर को बेहद भारी बारिश की चेतावनी
IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 24 सितंबर को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर बेहद भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। 25 और 26 सितंबर को भी बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जबकि 27 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।ऐसे मौसम में निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और स्थानीय स्तर पर आवाजाही प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
बस्तर समेत कई जिलों में बारिश का असर
बारिश का प्रभाव प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में ज्यादा देखने को मिल सकता है। बस्तर संभाग के कई जिलों में तेज बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने भी मौसम को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बरतने की जरूरत बताई है।बंगाल की खाड़ी से आए मौसम तंत्र के कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बाद मध्य भारत के हिस्सों में भी बारिश का असर पहुंच रहा है। मौसम प्रणाली 23-24 सितंबर की रात उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के पास से आगे बढ़ी है।
गणेश विसर्जन के दौरान भी बारिश की चुनौती
24 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर कई जगह गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन होना है। ऐसे में बारिश और गरज-चमक के बीच जुलूस और विसर्जन कार्यक्रमों के दौरान अतिरिक्त सावधानी जरूरी होगी। स्थानीय प्रशासन और आयोजकों को मौसम की स्थिति पर नजर रखते हुए व्यवस्थाएं करनी होंगी।
आकाशीय बिजली को लेकर भी सावधानी जरूरी
तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है। मौसम विभाग की चेतावनी में छत्तीसगढ़ के लिए गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति का उल्लेख किया गया है।ऐसे मौसम में खुले मैदान, पेड़ के नीचे या जलभराव वाले स्थानों पर जाने से बचना जरूरी है। खासकर बारिश के दौरान खेतों और खुले इलाकों में काम कर रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
Bilaspur Traffic: गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान बिलासपुर शहर में 24 और 25 सितंबर को यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। जुलूस, झांकियों और विसर्जन के लिए निकलने वाले वाहनों के कारण सड़कों पर दबाव बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए यातायात पुलिस ने दो दिनों के लिए रूट प्लान जारी किया है।शहर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए पचरी घाट और सरकंडा स्थित छठ घाट को निर्धारित किया गया है। जुलूस और भीड़ की स्थिति के अनुसार कई संपर्क मार्गों पर वाहनों को डायवर्ट किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर कुछ रास्तों पर प्रवेश भी पूरी तरह बंद किया जा सकता है।
पचरी घाट जाने वाले जुलूस के लिए यह रहेगा रूट
यातायात पुलिस के अनुसार कोतवाली, सिविल लाइन, तोरवा और तिफरा क्षेत्र से निकलने वाली गणेश प्रतिमाओं के जुलूस को पचरी घाट की ओर भेजा जाएगा। वहीं सरकंडा, मोपका और आसपास के इलाकों की प्रतिमाओं के लिए छठ घाट का मार्ग निर्धारित किया गया है।विसर्जन जुलूस के दौरान देवकीनंदन चौक, राघवेंद्र तिराहा, सिम्स चौक, कोरोना चौक, मिशन चौक, अमरनाथ गोल बाजार चौक, कोतवाली चौक, जवाली नाला चौक, हटरी चौक, पचरी घाट और गांधी चौक प्रमुख मार्गों में शामिल रहेंगे।इन मुख्य रास्तों से जुड़ने वाले संपर्क मार्गों पर यातायात की स्थिति के अनुसार रूट बदला जा सकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विसर्जन जुलूस के दौरान इन रास्तों पर बेवजह वाहन लेकर जाने से बचें।
जुलूस में वालंटियर संभालेंगे व्यवस्था
गणेश उत्सव समितियों और आयोजकों को जुलूस के दौरान पर्याप्त संख्या में वालंटियर रखने के निर्देश दिए गए हैं। ये वालंटियर यातायात पुलिस के साथ मिलकर भीड़ और वाहनों को व्यवस्थित करने में मदद करेंगे।इस व्यवस्था का उद्देश्य जुलूस के साथ चल रहे वाहनों और सामान्य यातायात के बीच टकराव की स्थिति को कम करना है।
छठ घाट जाने वालों के लिए भी बदलेगा ट्रैफिक रूट
सरकंडा के छठ घाट की ओर जाने वाले रास्तों पर भी यातायात में बदलाव किया जाएगा। महमंद मोड़, पावर हाउस चौक, मोपका तिराहा, बसंत चौक, राजकिशोर नगर तिराहा, शनि मंदिर और छठ घाट तिराहा प्रमुख डायवर्जन प्वाइंट रहेंगे।भीड़ और वाहनों का दबाव ज्यादा बढ़ने पर कुछ मार्गों को अस्थायी तौर पर पूरी तरह बंद किया जा सकता है।
इन इलाकों में भी ट्रैफिक व्यवस्था बदलेगी
विसर्जन के दौरान पेट्रोल पंप क्षेत्र, सिम्स चौक से जुड़े संपर्क मार्ग, लखीराम ऑडिटोरियम मार्ग, मिशन चौक, कोरोना चौक, काली मंदिर खापरगंज, तेलीपारा रोड, लालबहादुर शास्त्री-वाल्मीकि चौक, जवाली पुल चौक, लाइफ केयर अस्पताल मार्ग, गांधी चौक और जूना बिलासपुर इलाके में भी यातायात व्यवस्था के अनुसार बदलाव किया जा सकता है।यातायात पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि 24 और 25 सितंबर को जरूरी काम होने पर घर से निकलने से पहले वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें और विसर्जन जुलूस वाले रास्तों पर अनावश्यक वाहन लेकर न जाएं।
बस्तर : छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित है। कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं और रास्तों पर जलभराव के चलते आवागमन में परेशानी हो रही है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने 24 सितंबर 2026 को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है।बस्तर जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह छुट्टी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों पर लागू होगी।
भारी बारिश के चलते स्कूल बंद रखने का फैसला
लगातार बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में पानी भर गया है। कुछ मार्गों पर आवाजाही भी प्रभावित हुई है। ऐसे हालात में विद्यार्थियों को स्कूल तक पहुंचने में परेशानी हो सकती थी। इसी को देखते हुए प्रशासन ने एक दिन के लिए शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का फैसला लिया है।अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए 24 सितंबर का यह आदेश खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि सामान्य तौर पर होने वाली स्कूल गतिविधियां भी इस दौरान प्रभावित रहेंगी।
आज होने वाली त्रैमासिक परीक्षा भी टली
24 सितंबर को जिन कक्षाओं की त्रैमासिक परीक्षा निर्धारित थी, वह भी अवकाश के कारण नहीं होगी। प्रशासन के निर्देश के अनुसार स्थगित परीक्षा स्कूल खुलने के अगले कार्यदिवस पर आयोजित की जाएगी।इससे विद्यार्थियों को परीक्षा की नई तारीख के लिए अलग से स्कूल या संबंधित शिक्षक से जानकारी लेने की जरूरत नहीं होगी। परीक्षा को लेकर स्कूल प्रशासन आगे की व्यवस्था करेगा।
बस्तर में बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा
लगातार बारिश के कारण बस्तर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। नदी और नालों का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हो सकती है। मौसम की स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।भारी बारिश के बीच स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने छुट्टी का फैसला लिया है। मौसम सामान्य होने और रास्ते सुरक्षित होने के बाद स्कूलों में नियमित कक्षाएं शुरू होंगी।
o धान उपार्जन व्यवस्था बनेगी और अधिक पारदर्शी एवं सुदृढ़
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश में धान की खेती के क्षेत्रफल का सटीक, पारदर्शी और तकनीक-आधारित आकलन करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। आज यहाँ मंत्रालय महानदी भवन में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय तथा छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता सेटेलाइट-आधारित मैपिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे और भू-स्थानिक डेटा के बेहतर समन्वय से राज्य की धान उपार्जन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से किया गया है। गैर-जियो-रेफरेंस्ड क्षेत्रों की मैपिंग विशेष रूप से वन अधिकार अधिनियम के तहत आबंटित भू-भागों और डुबान क्षेत्रों में स्थित ऐसे कृषि क्षेत्रों की पहचान कर उनकी जीआईएस आधारित पॉलीगॉन लेयर तैयार की जाएगी, जो वर्तमान में डिजिटल रूप से मैप नहीं हैं।
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए आकलन तैयार पॉलीगॉन लेयर और भू-स्थानिक डेटा के आधार पर आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान की फसल के वास्तविक रकबे का सटीक आकलन किया जाएगा। सेटेलाइट इमेजरी से सत्यापन अन्य जियो-रेफरेंस्ड क्षेत्रों में भूमि खंडों (खसरों) के अक्षांश-देशांतर का सेटेलाइट इमेजरी से मिलान कर धान की फसल की डिजिटल उपस्थिति की पुष्टि की जाएगी। इस तकनीकी पहल से दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों एफआरए एवं डुबान क्षेत्र की कृषि भूमि की डिजिटल पहचान मजबूत होगी तथा डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए एक मजबूत आधार ढाँचा तैयार होगा। इस दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम एवं संचालक, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद कवीश्वर उपस्थित रहे।
कला एवं संगीत महाविद्यालय की स्थापना, अगले पांच वर्षों में 10 नए ऑक्सीजन गार्डन सहित विकास कार्यों का रोडमैप सामने रखा
रायपुर: अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त 41वें चक्रधर समारोह का बुधवार को भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी शामिल हुए और दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह की दसवीं एवं अंतिम संध्या का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने महाराजा चक्रधर सिंह की कला साधना और योगदान को नमन करते हुए कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह ने अपने समय में कला एवं संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके संरक्षण और योगदान से रायगढ़ घराने के कथक को देशभर में विशिष्ट पहचान मिली। चक्रधर समारोह इसी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम है।
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ की पहचान विकास के साथ-साथ कला, संस्कृति और अपनी समृद्ध परंपराओं के लिए भी है। इस सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने और रायगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए आने वाले पांच वर्षों में अनेक महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने का संकल्प लिया गया है।
उन्होंने बताया कि रायगढ़ में कला एवं संगीत महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इसके लिए बजट में प्रावधान किया जा चुका है और आगे की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में कमला नेहरू पार्क की तर्ज पर अगले पांच वर्षों में 10 नए ऑक्सीजन गार्डन विकसित करने का संकल्प लिया गया है। इसी क्रम में खर्रा घाट में लगभग पांच एकड़ क्षेत्र में भव्य ऑक्सीजन गार्डन का विकास किया जाएगा, जिसका भूमि पूजन शीघ्र किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से इसमें सहभागिता का आह्वान किया।
वित्त मंत्री ने रायगढ़ के समग्र विकास की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि राजू नगर में डेयरी, खर्रा घाट में ऑक्सीजोन गार्डन, गजमार पहाड़ और नगर वन के विकास, खेल सुविधाओं के विस्तार, मरीन ड्राइव के विकास सहित विभिन्न अधोसंरचना परियोजनाओं पर कार्य आगे बढ़ रहा है। कयाघाट पुल, केवड़ावाड़ी पुल, राजा महल के पास पुल और गोवर्धनपुर पुल जैसे कार्यों से शहर की कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही सड़कों का चौड़ीकरण, रिंग रोड, स्पोर्ट्स सुविधाओं का विस्तार, प्रयास विद्यालय, नवगुरु स्कूल, हॉर्टिकल्चर कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज और नेचुरोपैथी कॉलेज जैसे कार्य रायगढ़ के विकास को नई दिशा देंगे।
*रायगढ़ के कंटेंट क्रिएटर्स को 2 करोड़ रुपये की सौगात*
समापन समारोह में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ के युवा कंटेंट क्रिएटर्स के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि रायगढ़ में 2 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्टूडियो का निर्माण किया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं, कलाकारों और कंटेंट क्रिएटर्स को आधुनिक संसाधन और बेहतर रचनात्मक मंच उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी की रचनात्मक प्रतिभा को अवसर देने और स्थानीय कला-संस्कृति को डिजिटल माध्यमों से व्यापक मंच प्रदान करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल होगी।
*कलाकारों का सम्मान, नारायणपुर के पुनर्वासित कलाकारों को 51 हजार रुपये की सम्मान राशि*
समापन समारोह में वित्त मंत्री ने कलाकारों को सम्मानित किया। उन्होंने कलाकार आयुष नामदेव एवं उनके बैंड का सम्मान किया। वहीं सुदूर बस्तर के नारायणपुर से आए पुनर्वासित कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उनके लिए 51 हजार रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की। नक्सल संगठन में कमांडर रह चुकीं और पुनर्वास के बाद कला के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जुड़ीं चौती दीदी को उनकी विशिष्ट कला प्रस्तुति के लिए वित्त मंत्री ने शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि 14 सितम्बर से आयोजित समारोह में देशभर से आए ख्यातिप्राप्त कलाकारों ने अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि चक्रधर समारोह रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कला सम्राट महाराजा चक्रधर सिंह की स्मृतियों को नमन करते हुए उनके कला एवं संस्कृति संरक्षण के योगदान को याद किया।
राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने महाराजा चक्रधर सिंह की कला साधना और योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कला एवं संस्कृति को संरक्षण देकर रायगढ़ को विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान प्रदान की। चक्रधर समारोह उसी गौरवशाली परंपरा और कला विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम है। देशभर के कलाकारों की सहभागिता से यह समारोह निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है।
इस अवसर पर महापौर श्री जीवर्धन सिंह चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में जनसामान्य उपस्थित थे।
रायपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव लंबे उपचार के बाद बुधवार को छत्तीसगढ़ पहुंच गए। दिल्ली में करीब 56 दिनों तक चले इलाज के बाद रायपुर एयरपोर्ट पहुंचते ही पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका उत्साह के साथ स्वागत किया। इस दौरान एयरपोर्ट पर भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, मंत्री, सांसद और विधायक मौजूद रहे। प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय सहित पार्टी पदाधिकारियों ने भी किरण सिंह देव से मुलाकात कर उनका स्वागत किया
रायपुर पहुंचने के बाद किरण सिंह देव ने प्रदेशवासियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच लौटने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ वापस आकर उन्हें बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। उपचार के दौरान उन्हें जिस तरह से लोगों का स्नेह, समर्थन और शुभकामनाएं मिलीं, उसके लिए उन्होंने सभी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से लेकर बूथ स्तर के कार्यकर्ता तक सभी ने मुश्किल समय में उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने विपक्ष और दूसरे राजनीतिक दलों से मिले स्नेह का भी उल्लेख करते हुए सभी के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया
नए प्रदेश प्रभारी को लेकर कही यह बात
भाजपा के प्रदेश संगठन में हाल ही में हुई नई नियुक्तियों पर भी किरण सिंह देव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी संभालने जा रहीं स्मृति ईरानी और सह प्रभारी सिद्धार्थ शंभु को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी लोग मिलकर एकजुटता के साथ संगठन के लिए काम करेंगे।
ऐसे हुआ था हादसा
किरण सिंह देव के साथ 29 जुलाई को उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटना हुई थी। वह परिवार के साथ बागेश्वर धाम से लौट रहे थे। इसी दौरान ललितपुर जिले के तालबेहट क्षेत्र में झांसी-ललितपुर नेशनल हाईवे-44 पर उनकी कार आगे जा रहे ट्रक से जा टकराई। दुर्घटना में वे घायल हो गए थे। हादसे के बाद उन्हें इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया, जहां मेदांता अस्पताल में उनका उपचार और ऑपरेशन किया गया। इसके बाद डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चलता रहा। अब स्वास्थ्य लाभ के बाद किरण सिंह देव छत्तीसगढ़ वापस लौट आए हैं।
रायपुर-दिल्ली। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नए भाजपा प्रदेश प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी स्मृति ईरानी को सौंपा है। उनके साथ सिद्धार्थ शंभू सह प्रभारी होंगे। बिहार हरीश द्विवेदी, डा. अरविंद भदौरिया आंध्रप्रदेश, अंडमान निकोबार जय प्रकाश (दिल्ली), अरूणाचल प्रदेश डा.देवेन्द्र कुमार, असम के लिए मंगल पांडे, चंडीगड़ महेन्द्र पांडे, दादारा नगर हवेली दमन एंड दीप के लिए वर्षाबेन नरेन्द्र भाई दोशी को प्रभारी बनाया गया है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ की प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया। उनकी नियुक्ति पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्मृति ईरानी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि स्मृति ईरानी जी का दीर्घकालिक राष्ट्रीय अनुभव, राष्ट्रसेवा एवं संगठन के प्रति समर्पण निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ में हमारे संगठन और जनसेवा के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाएगा। इसी के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सिद्धार्थ शम्भू को भी छत्तीसगढ़ के सह-प्रभारी का दायित्व मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। साय ने कहा कि आपके सक्रिय सहभागिता से संगठनात्मक कार्यों को और गति मिलेगी। विभिन्न राज्यों में नवनियुक्त प्रदेश प्रभारियों एवं सह-प्रभारियों को भी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
मॉडिफाइड उड़ान योजना के नए चरण के लिए भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के बीच महत्वपूर्ण समझौता
बेहतर हवाई संपर्क से पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार की संभावनाओं को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू के प्रति मुख्यमंत्री ने जताया आभार
रायपुर–मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मॉडिफाइड उड़ान योजना के नए चरण के अंतर्गत भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के बीच हुए समझौते को विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश की भौगोलिक दूरियां घटेंगी और विकास की रफ्तार बढ़ेगी। नई दिल्ली में हुए इस समझौते पर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से विमानन सचिव मुकेश बंसल ने हस्ताक्षर किए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा प्रयास है कि बेहतर हवाई संपर्क का लाभ बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों और दूरस्थ अंचलों तक भी पहुंचे। इस समझौते से प्रदेश में नए हवाई संपर्क, हवाई पट्टियों के विकास और दूरस्थ क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी के विस्तार की संभावनाओं को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई संपर्क से नागरिकों का आवागमन सुगम होगा और पर्यटन, व्यापार, निवेश तथा रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। प्रदेश के प्राकृतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। दूरस्थ क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी का विस्तार आपातकालीन चिकित्सा सहायता, आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में भी उपयोगी होगा।
मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राम मोहन नायडू के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ देश के विस्तारित होते विमानन नेटवर्क से और मजबूती से जुड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि मॉडिफाइड उड़ान योजना के अंतर्गत देश में मौजूदा अनुपयोगी हवाई पट्टियों से 100 हवाई अड्डे तथा दूरस्थ क्षेत्रों में 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
रायपुर-महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े अपने गृह ग्राम बीरपुर में आयोजित प्रकृति के पावन तिहार ‘करमा पूजा में शामिल हुईं। उन्होंने ग्रामीणजनों के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं विधि-विधानपूर्वक करम देव की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, शांति, खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने प्रकृति, संस्कृति और छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
करमा पूजा छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और जनजीवन से गहराई से जुड़ा पारंपरिक पर्व है। यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, सामुदायिक एकता और लोक आस्था का प्रतीक माना जाता है। करम देव की पूजा के साथ ग्रामीणजन सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और परिवार एवं समाज की खुशहाली की कामना करते हैं। पर्व के अवसर पर पारंपरिक गीत-संगीत, नृत्य और रीति-रिवाजों से गांव का वातावरण उल्लास और उत्साह से भर उठा।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं, तीज-त्योहारों और प्रकृति से जुड़े पर्वों से है। करमा जैसे लोकपर्व हमें अपनी जड़ों और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं। इन परंपराओं में प्रकृति के प्रति सम्मान, आपसी भाईचारा और सामूहिकता की भावना निहित है।
उन्होंने कहा कि हमारी लोकसंस्कृति और परंपराएं केवल उत्सव का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान की अमूल्य धरोहर हैं। इन्हें जीवंत बनाए रखना और नई पीढ़ी को इनकी महत्ता से परिचित कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं और बच्चों से भी अपनी संस्कृति, लोककलाओं एवं पारंपरिक पर्वों से जुडऩे का आह्वान किया।
इस अवसर पर ग्रामीणजनों ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए करमा पूजा की शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र एवं प्रदेश की निरंतर प्रगति तथा सभी परिवारों के सुख-समृद्धि की कामना की।
00 मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इक्रीसेट के वैज्ञानिकों संग हुई बैठक रायपुर। छत्तीसगढ़ में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और किसानों की आजीविका को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से फसल विविधीकरण एवं व्यापवर्तन पर एक नया पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में कृषि विशेषज्ञों और अंतर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्ण कटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (इक्रीसेट) के वैज्ञानिकों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने कृषि वैज्ञानिकों से कहा कि वे छत्तीसगढ़ के किसानों के खेतों में भ्रमण कर किसानों को अच्छी किस्म और अधिक कीमत मिलने वाली फसलों को लेने के लिए प्रेरित करें। जिससे उनकी आमदनी में ईजाफा होगा। बैठक में कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि यह परियोजना ओडिशा राज्य में पहले से सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है, जिसे अब छत्तीसगढ़ में भी लागू करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य जलवायु परिवर्तन के अनुरूप फसल प्रणाली विकसित करना, पुनरुत्थान कृषि को बढ़ावा देना तथा किसानों की आय में वृद्धि करना है। परियोजना के बेहतर और अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव 5 वर्षों की अवधि के लिए रखा गया है। इस योजना को राज्य में क्लस्टर आधारित चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। आगामी फसल मौसम से ही प्रयोग शुरू करने के लिए एक विस्तृत बेसलाइन सर्वे तुरंत कराया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार के कृषि विकास, किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग और अंतर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्ण कटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (इक्रीसेट) के मध्य एक जेनेरिक समझौता हस्ताक्षरित किया जाएगा। इस जेनेरिक एमओयू तैयार करने में समेति का भी सहयोग लिया जाएगा। इसके तहत मैदानी अमले के क्षमता विकास और तकनीकी मार्गदर्शन और सहयोग लिया जाएगा। कृषकों द्वारा उत्पादित फसल एवं उत्पादों के विक्रय व विपणन के लिए एक सुदृढ़ मार्केट लिंकेज प्रणाली विकसित की जाएगी। इस परियोजना में शासन की विभिन्न कृषि एवं विकास योजनाओं के घटकों एवं क्रियाकलापों का अभिसरण किया जाएगा। बैठक के दौरान इक्रीसेट के वैज्ञानिक डॉ. गजानंद स्वर्गौनकर द्वारा परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया। इस बैठक में अंतर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्ण कटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (इक्रीसेट) से डॉ. रोहन खोपड़े, डॉ. जी.के. चौधरी एवं डॉ. सी.एल. जैन तथा राज्य कृषि विभाग से संचालक (समेति) श्री बी. के. बिजरोनिया एवं उप संचालक कृषि श्री उमेश सिंह तोमर विशेष रूप से मौजूद रहे।