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Wednesday, October 28, 2026
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24 नवंबर से 15 जनवरी तक छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली ये ट्रेनें रहेगी रद्द

रायपुर. दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में अधोसंरचना विकास और ट्रैक नवीनीकरण के लिए 24 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक मेगा ब्लॉक लिया जाएगा. इस दौरान प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को सीनी-राजखरसावां सेक्शन की अप और डाउन लाइन पर ट्रैक नवीनीकरण का काम टीआरटी मशीन से किया जाएगा. इसके चलते दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से संबंधित कई यात्री ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा.

रेलवे के अनुसार, इस अवधि में कुछ ट्रेनों को अलग-अलग तिथियों पर रद्द किया गया है, जबकि कुछ ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा.

ये ट्रेनें रहेंगी रद्द

  •  18109/18110 टाटानगर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस 24 और 27 नवंबर, 1, 4, 8, 11, 15, 18, 22, 25 व 29 दिसंबर तथा 1, 5, 8, 12 व 15 जनवरी को रद्द रहेगी.
  •  12767 नांदेड़-सांतरागाछी एक्सप्रेस 23 व 30 नवंबर, 7, 14, 21 व 28 दिसंबर तथा 4 व 11 जनवरी को रद्द रहेगी.
  •  12768 सांतरागाछी-नांदेड़ एक्सप्रेस 25 नवंबर, 2, 9, 16, 23 व 30 दिसंबर तथा 6 व 13 जनवरी को रद्द रहेगी.
  •  20822 सांतरागाछी-पुणे हमसफर एक्सप्रेस 21 व 28 नवंबर, 5, 12, 19 व 26 दिसंबर तथा 2 व 9 जनवरी को रद्द रहेगी.
  •  20821 पुणे-सांतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस 23 व 30 नवंबर, 7, 14, 21 व 28 दिसंबर तथा 4 व 11 जनवरी को रद्द रहेगी.

दो ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी

  • 18478 योग नगरी ऋषिकेश-पुरी कलिंग उत्कल एक्सप्रेस 23 व 30 नवंबर, 7, 14, 21 व 28 दिसंबर तथा 4 व 11 जनवरी को परिवर्तित मार्ग ईब-झारसुगुड़ा रोड-संबलपुर सिटी-कटक होकर पुरी जाएगी.
  • इसी तरह 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस 26 नवंबर, 3, 10, 17, 24 व 31 दिसंबर तथा 7 व 14 जनवरी को कांद्रा-सीनी होकर दुर्ग पहुंचेगी. इस दौरान टाटानगर-गम्हरिया मार्ग को छोड़कर ट्रेन का परिचालन परिवर्तित मार्ग से किया जाएगा.

INDIA Bloc Meeting: 30 सितंबर की बैठक में SIR और CEC ज्ञानेश कुमार पर बनेगी रणनीति, अखिलेश नहीं होंगे शामिल; AAP-DMK ने भी बनाई दूरी

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नई दिल्ली. INDIA ब्लॉक की 30 सितंबर को होने वाली बैठक में चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और वोटर लिस्ट के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर विपक्षी दल आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे. बैठक में संसद के भीतर और बाहर उठाए जाने वाले कदमों के साथ CEC के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई पर भी विचार होने की संभावना है.

बैठक ऐसे समय हो रही है जब विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा रहे हैं. वहीं चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया को कानूनी और निर्धारित नियमों के तहत होने की बात कह चुका है.

कौन-कौन से नेता बैठक में होंगे शामिल

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी के शामिल होने की उम्मीद है. तृणमूल कांग्रेस की ओर से ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के अलावा RJD से तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर के नेता उमर अब्दुल्ला और PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती समेत कई विपक्षी नेता बैठक में शामिल हो सकते हैं.

NCP शरदचंद्र पवार गुट की ओर से सुप्रिया सुले, जितेंद्र आव्हाड और पीएस चाको के शामिल होने की जानकारी सामने आई है. शरद पवार के ऑनलाइन जुडने की बात कही गई है. वहीं शिवसेना UBT के नेता, जिसमें उद्धव ठाकरे भी शामिल हैं, ऑनलाइन बैठक में हिस्सा ले सकते हैं.

अखिलेश यादव बैठक से रहेंगे दूर, सपा भेजेगी प्रतिनिधिमंडल

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव 30 सितंबर की बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं होंगे. सपा की ओर से प्रतिनिधिमंडल भेजा जाएगा. पार्टी की तरफ से उनकी गैरमौजूदगी का कारण राज्यसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया और पहले से तय कार्यक्रम बताया गया है.

हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में अखिलेश यादव के बैठक में शामिल नहीं होने को उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे को लेकर चल रही चर्चाओं से भी जोडकर देखा गया है. यह राजनीतिक विश्लेषण है, जबकि सपा की ओर से आधिकारिक तौर पर राज्यसभा चुनाव और पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को ही कारण बताया गया है.

AAP बैठक में नहीं आएगी, लेकिन CEC के खिलाफ कदम पर समर्थन

आम आदमी पार्टी भी INDIA ब्लॉक की इस बैठक में शामिल नहीं होगी. AAP सांसद संजय सिंह के मुताबिक पार्टी बैठक में हिस्सा नहीं लेगी, लेकिन CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों की ओर से प्रस्तावित कार्रवाई का समर्थन किया जाएगा.

इससे पहले विपक्षी दलों की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग सामने आती रही है. कांग्रेस भी SIR और चुनाव आयोग से जुडे मुद्दों को लेकर CEC पर कार्रवाई की मांग कर रही है.

DMK ने भी बैठक से बनाई दूरी

DMK ने भी 30 सितंबर की INDIA ब्लॉक बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया है. पार्टी ने कांग्रेस के साथ तमिलनाडु की राजनीतिक परिस्थितियों को अपने फैसले से जोडकर बताया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक DMK का कहना है कि कांग्रेस के साथ उसके राजनीतिक संबंधों में बदलाव के बाद वह खुद को INDIA ब्लॉक का हिस्सा नहीं मान रही.

हालांकि SIR और चुनाव आयोग को लेकर DMK की अपनी आपत्तियां रही हैं. इसलिए बैठक से दूरी के बावजूद चुनाव आयोग से जुडे मुद्दे पर विपक्षी दलों के साथ उसका रुख कुछ मामलों में समान बताया जा रहा है.

SIR और CEC पर क्या होगी आगे की रणनीति

बैठक का प्रमुख मुद्दा SIR और चुनाव आयोग से जुडा विवाद रहेगा. विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं और इसे रोकने की मांग कर रहे हैं. साथ ही CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में कार्रवाई की संभावनाओं पर भी चर्चा होने की बात सामने आई है.

कांग्रेस कार्यसमिति की 29 सितंबर की बैठक में भी SIR और चुनाव आयोग से जुडे मुद्दों पर पार्टी की रणनीति पर चर्चा हुई. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने CEC के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई है. ये कांग्रेस के राजनीतिक दावे और मांगें हैं, जिन पर चुनाव आयोग की ओर से अलग पक्ष रखा गया है.

ऐसे में 30 सितंबर की बैठक में विपक्षी दलों के बीच SIR, चुनाव आयोग और CEC को लेकर साझा रणनीति बनाने की कोशिश पर नजर रहेगी. साथ ही AAP और DMK की गैरमौजूदगी तथा अखिलेश यादव के प्रतिनिधिमंडल भेजने के फैसले से बैठक में विपक्षी दलों के बीच समन्वय का मुद्दा भी चर्चा में रह सकता है.

CWC Meeting Delhi: कांग्रेस की बैठक में चुनाव आयोग पर तीखे सवाल, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR पर रोक की मांग

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नई दिल्ली : मंगलवार 29 सितंबर 2026 को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की अहम बैठक हुई। करीब तीन घंटे चली इस बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक के बाद कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को रोकने समेत कई मांगें सामने रखीं।चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ज्ञानेश कुमार वर्तमान में मुख्य चुनाव आयुक्त हैं और उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें CEC के रूप में कार्यभार संभाला था।

राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगाए गंभीर आरोप

बैठक में राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर अपनी आपत्तियां दोहराईं। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि पार्टी EVM और मतदाता सूची से जुडी अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठाती रही है।राहुल गांधी ने कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही। हालांकि, चुनाव प्रक्रिया में गडबडी को लेकर कांग्रेस के आरोप राजनीतिक दावे हैं और इन्हें निर्वाचन आयोग की ओर से स्थापित तथ्य के तौर पर प्रस्तुत नहीं किया गया है।

कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग क्यों उठाई

CWC की बैठक के बाद कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की। पार्टी का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR से जुडे फैसलों में गंभीर सवाल उठे हैं।कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने SIR को तत्काल रोकने और मतदाता सूची से हटाए गए नामों को बहाल करने की मांग भी रखी है। पार्टी का दावा है कि करीब 13 करोड 30 लाख नाम हटाए गए हैं। यह संख्या कांग्रेस का दावा है, स्वतंत्र रूप से स्थापित आंकडा नहीं।

खडगे ने रखीं चुनाव प्रक्रिया को लेकर पांच प्रमुख मांगें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे ने बैठक में चुनाव प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग की। उनकी प्रमुख मांगों में मतदाता सूची में किए गए बदलावों की पूरी जानकारी सार्वजनिक करना, हटाए गए मतदाताओं को अपील का अवसर देना और गंभीर अनियमितताओं की स्वतंत्र व समयबद्ध जांच शामिल है।खडगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर भी राजनीतिक आरोप लगाए और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग रखी। ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप और मांगें हैं, जिन्हें पार्टी ने CWC के प्रस्तावों के जरिए सामने रखा है।

SIR को लेकर विवाद के बीच अब आगे क्या होगा

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। इसी मुद्दे पर 30 सितंबर को विपक्षी INDIA गठबंधन के दलों की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें आगे की संयुक्त रणनीति पर चर्चा होने की बात सामने आई है।फिलहाल चुनाव आयोग की आधिकारिक स्थिति और कांग्रेस के आरोपों के बीच राजनीतिक टकराव तेज होता दिखाई दे रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में SIR, मतदाता सूची और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर विवाद और आगे बढने की संभावना है।

Bihar Lady Singham काम्या मिश्रा ने IPS पद से दिया इस्तीफा, 6 साल की सेवा के बाद अब संभालेंगी पिता का कारोबार

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Bihar Lady Singham Officer: बिहार में तेज तर्रार पुलिस अधिकारी के तौर पर पहचान बनाने वाली IPS काम्या मिश्रा ने करीब छह साल की सेवा के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 22 साल की उम्र में UPSC परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा में आने वाली काम्या ने अपनी पुलिस सेवा के दौरान कई चर्चित मामलों में कार्रवाई की और इसी वजह से उन्हें बिहार में ‘लेडी सिंघम’ के नाम से भी जाना जाने लगा।उनके अचानक इस्तीफा देने के बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, काम्या मिश्रा ने खुद अपने फैसले की वजह स्पष्ट कर दी है।

22 साल की उम्र में पास की UPSC परीक्षा, फिर बनीं IPS अधिकारी

काम्या मिश्रा मूल रूप से ओडिशा की रहने वाली हैं। उन्होंने महज 22 साल की उम्र में UPSC परीक्षा पास की थी। इसके बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा के लिए हुआ।शुरुआत में उन्हें हिमाचल प्रदेश कैडर मिला था, लेकिन बाद में उनका कैडर बिहार हो गया। बिहार में तैनाती के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों में कार्रवाई की और अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख के चलते उनकी अलग पहचान बनी।शराब माफिया से जुडे मामलों से लेकर अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में उनकी कार्रवाई चर्चा में रही। इसी वजह से उन्हें बिहार में ‘लेडी सिंघम’ के तौर पर भी पहचान मिली।

पति भी IPS अधिकारी, ट्रेनिंग के दौरान हुई थी मुलाकात

काम्या मिश्रा के पति अवधेश दीक्षित भी IPS अधिकारी हैं और बिहार कैडर में ही सेवा दे रहे हैं। दोनों की मुलाकात ट्रेनिंग के दौरान लबासना में हुई थी। बाद में दोनों ने शादी कर ली।इस तरह दोनों पति पत्नी लंबे समय तक एक ही कैडर में प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाते रहे।

आखिर क्यों छोड़ी IPS की नौकरी, काम्या ने खुद बताई वजह

काम्या मिश्रा के इस्तीफे को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की थी कि उन्होंने आखिर इतनी कम उम्र में पुलिस सेवा छोड़ने का फैसला क्यों किया। अब उन्होंने इसकी वजह खुद बताई है।काम्या के मुताबिक, वह अपने माता पिता की इकलौती संतान हैं। उनके पिता का कारोबार है और उनकी विरासत को संभालने के लिए परिवार में उनके अलावा कोई दूसरा नहीं है। इसी जिम्मेदारी को देखते हुए उन्होंने पुलिस सेवा से अलग होकर पिता के कारोबार को संभालने का फैसला लिया है।

IPS बनना था सपना, अब परिवार की जिम्मेदारी को देंगी प्राथमिकता

काम्या मिश्रा ने बताया कि IPS बनना उनका सपना था और इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने सिविल सेवा में आने का फैसला किया था। उन्होंने इस लक्ष्य को हासिल किया और करीब छह साल तक पुलिस अधिकारी के तौर पर काम किया।अब उन्होंने अपने करियर की दिशा बदलने का फैसला किया है। इस्तीफे के बाद वह अपने पिता के कारोबार की जिम्मेदारी संभालेंगी। उनके इस फैसले ने एक बार फिर उन्हें चर्चा में ला दिया है।

“प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का भारी प्रदर्शन”

रायपुर – 28 सितंबर 2026

रायपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग।
सुखदेव भगत के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट कूच।
SIR और मतदाता सूची को लेकर विरोध।

SIR और मतदाता सूची के मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग पर पुलिस से झड़प, पीएम मोदी और ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका गया।

रायपुर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी सुखदेव भगत के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकालते हुए कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया। प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव सहित कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

कांग्रेस का यह प्रदर्शन SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण), मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े सवालों को लेकर था। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।

रायपुर में राजीव गांधी चौक से निकला पैदल मार्च कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ा। रास्ते में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।

रिपोर्टों के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले भी जलाए गए।

यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब कांग्रेस ने 28 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ देशव्यापी विरोध का आह्वान किया था।

सुखदेव भगत का कल का बयान भी आज के प्रदर्शन से जुड़ता है।

27 सितंबर को रायपुर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया था कि ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े हुए हैं और उन्होंने चुनाव आयोग को लेकर तीखी टिप्पणी की थी।मीडिया पर यह कांग्रेस नेता का आरोप है, तथ्य के रूप में स्थापित निष्कर्ष नहीं।



जिला कांग्रेस का विरोध मार्च: ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग

बेमेतरा- 29 सितंबर 2026

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आशीष छाबड़ा के नेतृत्व में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा ने आज जिला कलेक्टोरेट तक विशाल विरोध मार्च निकाला। वोट चोरी के आरोपों की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी तथा उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों और मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग को लेकर कांग्रेसजनों ने हाथों में काली पट्टी बांधकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया।

इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया।

सभा को संबोधित करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और जिस तरह उसका दुरुपयोग किया गया है, वह भारतीय लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। उन्होंने कहा कि समय रहते विरोध नहीं किया गया तो आने वाले समय में लोकतंत्र को खतरा उत्पन्न हो जाएगा।

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त चुनाव आयोग में बैठकर भाजपा कार्यकर्ता की तरह कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेता राहुल गांधी हमेशा से कहते आए हैं कि चुनाव आयोग ठीक से काम नहीं कर रहा है, और आज वह बात सच साबित हुई है। सभा को पूर्व संसदीय सचिव गुरदयाल बंजारे ने भी संबोधित किया।

विरोध प्रदर्शन में पूर्व कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, पूर्व विधायक गुरदयाल सिंह बंजारे सहित सेवादल, महिला कांग्रेस, किसान कांग्रेस, ब्लॉक एवं शहर कांग्रेस कमेटी, अनुसूचित जाति-जनजाति कांग्रेस, इंटक, खेल प्रकोष्ठ, पिछड़ा वर्ग कांग्रेस, चिकित्सा प्रकोष्ठ, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, जिला पंचायत एवं जनपद सदस्य, पार्षदगण तथा मंडल एवं बूथ कमेटियों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मंत्री राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे

00 अभनपुर के निमोरा और धुसेरा में ‘आंगन मिलन सेवा’ में हुईं शामिल; गोद भराई और अन्नप्राशन संस्कार में लिया भाग
00 आंगनबाड़ी से हर परिवार का जुड़ाव बच्चों के बेहतर पोषण की ताकत बनेगा- मंत्री राजवाड़े
रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े आज अभनपुर विधानसभा क्षेत्र के निमोरा और धुसेरा आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने बच्चों से आत्मीय बातचीत की, उन्हें चॉकलेट वितरित की और न्योता भोज में पौष्टिक भोजन कराया। मंत्री ने गर्भवती महिलाओं की गोद भराई तथा छोटे बच्चों के अन्नप्राशन संस्कार में भाग लेकर माताओं और परिवारों को शुभकामनाएं दीं।

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे


सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित आंगन मिलन सेवा का उद्देश्य बच्चों के पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल विकास में परिवार तथा समुदाय की भागीदारी बढ़ाना है। इसी भावना के साथ मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दोनों केंद्रों में बच्चों, माताओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ समय बिताया। उन्होंने बच्चों से उनकी रुचियों के बारे में बात की और कार्यकर्ताओं से केंद्रों में संचालित पोषण एवं देखभाल संबंधी गतिविधियों की जानकारी ली।

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे


मंत्री राजवाड़े ने कहा कि बच्चे स्वस्थ रहेंगे और अच्छी तरह सीखेंगे, तभी उनका भविष्य मजबूत होगा। इसके लिए परिवार और आंगनबाड़ी केंद्र का निरंतर जुड़ाव जरूरी है। उन्होंने माताओं से बच्चों के भोजन में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध दाल, हरी सब्जियों और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने तथा आंगनबाड़ी केंद्र से मिलने वाली सेवाओं का नियमित लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि गोद भराई और अन्नप्राशन जैसे अवसर परिवारों से पोषण पर संवाद करने का भी माध्यम बनते हैं।

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे


कार्यक्रम के दौरान ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में मुनगा का पौधा लगाया गया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने माताओं और महिलाओं को भी मुनगा के पौधे भेंट किए। उन्होंने उन्हें घर की बाड़ी या आसपास उपयुक्त स्थान पर पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया। मंत्री ने कहा कि मुनगा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध उपयोगी पौधा है। इसके पौधों को घरों और पोषण वाटिकाओं तक पहुंचाकर परिवारों को पौष्टिक आहार के एक अतिरिक्त स्रोत से जोड़ा जा सकता है।

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे


महिलाओं और ग्रामीणों से संवाद में मंत्री राजवाड़े ने महिला एवं बाल विकास विभाग की सेवाओं और योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों के आने का स्थान नहीं, बल्कि गर्भवती महिलाओं, माताओं और परिवारों तक पोषण, देखभाल तथा प्रारंभिक शिक्षा की जानकारी पहुंचाने का केंद्र हैं। समुदाय की सक्रिय भागीदारी से इन सेवाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे


कार्यक्रम में अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू,स्थानीय जनप्रतिनिधि , आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं, महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे।

विचारों को उद्यम में बदलने का साहस रखें युवा – डेका

00 तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव का शुभारंभ
00 सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का किया लोकार्पण 
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि युवाओ को सिर्फ नौकरी पाने के बारे में नहीं सोचना चाहिए, बल्कि अपने विचारों को उद्यम में बदलने का साहस भी रखना चाहिए। एक अच्छा विचार, सही मार्गदर्शन और उपयुक्त तकनीक के साथ आगे बढ़े तो वही नवाचार सफल स्टार्टअप का रूप ले सकता है और आगे चलकर अनेक लोगों के लिए रोजगार का माध्यम बन सकता है। राज्यपाल डेका आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर रायपुर में छत्तीसगढ़ के युवाओं में नवाचार, उद्यमिता विकास और प्रौद्योगिकी के व्यवसायीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026 के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर उन्होंने विश्वविद्यालय में स्थापित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण भी किया।

विचारों को उद्यम में बदलने का साहस रखें युवा-  श्री रमेन  डेका


राज्यपाल ने कहा कि हर क्षेत्र में नवाचार की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ में कृषि के क्षेत्र में नवाचार की व्यापक संभावनाएं हैं। देश की बढ़ती आबादी की खाद्यान्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने के साथ नई तकनीकों और नए प्रयोगों को अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य के लिए आवश्यक मूलभूत खाद्य पदार्थों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता महत्वपूर्ण है। जब हमारी खाद्य आवश्यकताएं सुरक्षित होंगी, तभी हम विकास के अन्य क्षेत्रों पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नवाचार की सबसे बड़ी संभावनाएं हमारे अपने संसाधनों में हैं। कृषि, वनोपज, खाद्य प्रसंस्करण, मिलेट, जैविक खेती, पशुपालन और जनजातीय उत्पादों जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए अपार अवसर हैं। कृषि और जैव-प्रौद्योगिकी राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव का शुभारंभ,


राज्यपाल ने कहा कि आज ऐसे नवाचारों की आवश्यकता है, जो किसानों की लागत कम करें, उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाएं, फसल के नुकसान को कम करें तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य और बाजार उपलब्ध कराने में मदद करें। ऐसे नवाचार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ और प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं। उन्होंने किचन गार्डन और बाड़ी की अवधारणा को फिर से बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक हो सकती है। राज्यपाल ने युवाओं से कहा कि स्टार्टअप शुरू करने से पहले बाजार का सर्वेक्षण करें और उत्पाद या सेवा की मांग तथा बाजार की संभावनाओं को समझें। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले उसकी स्पष्ट योजना और रोडमैप तैयार करना चाहिए। योजनाबद्ध तरीके से आगे बढऩे पर सफलता की संभावनाएं बढ़ती हैं।

तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव का शुभारंभ,


उन्होंने कहा कि स्टार्टअप के लिए परिश्रम और प्रशिक्षण के साथ बाजार का सर्वेक्षण, प्रबंधन क्षमता और वित्तीय समझ भी महत्वपूर्ण है। शिक्षा के साथ युवाओं को कौशल प्रदान करना आवश्यक है, ताकि वे अपनी पारिवारिक आय बढ़ाने के साथ आर्थिक विकास में योगदान दे सकें और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें। उन्होंने कहा कि देश इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है और नई शिक्षा नीति में भी कौशल एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने का प्रावधान किया गया है। इस अवसर पर  डेका ने युवा नवाचारी उद्यमियों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन भी किया।
इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल, आईआईटी भिलाई के डायरेक्टर डॉक्टर राजीव प्रकाश, एनआईटी के डायरेक्टर डॉ समीर बाजपेई, नाबार्ड के अधिकारी, सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, शोधकर्ता, उद्यमी और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल, कुनकुरी में 1.01 करोड़ के दो विकास कार्यों को मिली स्वीकृति

00 सूर्य नमस्कार चौक के लिए 76.81 लाख और सामुदायिक भवन के लिए 24.83 लाख स्वीकृत
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा के अनुरूप जशपुर जिले के कुनकुरी नगर में दो महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए कुल 1 करोड़ 1 लाख 64 हजार रुपये की अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें सूर्य नमस्कार चौक और सामुदायिक भवन का निर्माण शामिल है। दोनों कार्यों की स्वीकृति मिलने से कुनकुरी में अधोसंरचना विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने ग्राम कलिबा में नवनिर्मित कलिबेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान इन दोनों विकास कार्यों की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप अब दोनों कार्यों को अंतिम स्वीकृति मिलने के साथ ही इनके निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
कुनकुरी के वार्ड क्रमांक 06 में हनुमान टेकड़ी के पास सूर्य नमस्कार चौक का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 76.81 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। चौक के विकसित होने से नगर को एक आकर्षक और व्यवस्थित सार्वजनिक स्थल मिलेगा। यह नगर की पहचान को नया स्वरूप देने के साथ नागरिकों के लिए उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होगा। वार्ड क्रमांक 06 में हनुमान टेकड़ी के पास ही सामुदायिक भवन का निर्माण भी किया जाएगा। इसके लिए 24.83 लाख रुपये की अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई है। सामुदायिक भवन बनने से स्थानीय नागरिकों को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं अन्य सामुदायिक आयोजनों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की घोषणा के अनुरूप दोनों विकास कार्यों को स्वीकृति मिलने पर कुनकुरी नगरवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है। नगरवासियों का कहना है कि इन कार्यों के पूरा होने से स्थानीय स्तर पर नागरिक सुविधाएं बढ़ेंगी और कुनकुरी के विकास को नई गति मिलेगी।

Weather Update : छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के संकेत, अब घटेगी बारिश की रफ्तार; जानिए अब तक कहां कितनी हुई बारिश…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून अब धीरे-धीरे विदाई की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। मौसम विभाग के अपडेट के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और उससे लगे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डिप्रेशन अब कमजोर पड़ रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, अब इसके कमजोर होने के साथ ही आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।

प्रदेश में सामान्य से 5.6 फीसदी ज्यादा बारिश

एक जून से 26 सितंबर तक छत्तीसगढ़ में कुल 1150.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 1089.6 मिमी है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से 5.6 फीसदी अधिक बारिश हुई है। प्रदेश के 14 जिलों में बारिश सामान्य से ज्यादा दर्ज की गई है।सबसे ज्यादा बारिश बलरामपुर जिले में हुई है। यहां 1551.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 71.1 फीसदी अधिक है। वहीं नारायणपुर में 1720.2 मिमी, गरियाबंद में 1462.1 मिमी, बालोद में 1311.8 मिमी, रायपुर में 1303.6 मिमी और धमतरी में 1301.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

रायपुर में सामान्य से 41.6 फीसदी ज्यादा बारिश

राजधानी रायपुर में भी इस सीजन बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी ऊपर है। रायपुर में अब तक 1303.6 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 41.6 फीसदी अधिक है। गरियाबंद में सामान्य से 35.6 फीसदी, बालोद में 25.7 फीसदी और धमतरी में 22.2 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।इसके अलावा महासमुंद में सामान्य से 24.7 फीसदी और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 35 फीसदी अधिक बारिश हुई है। दुर्ग जिले में अब तक 963.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 17.6 फीसदी ज्यादा है।

इन जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम

प्रदेश के कुछ जिलों में अब भी बारिश की कमी बनी हुई है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में सामान्य से 20.3 फीसदी कम, बीजापुर में 19.1 फीसदी कम, जबकि सुकमा और बेमेतरा में 17.3 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है। कांकेर में भी सामान्य से 16.9 फीसदी कम बारिश हुई है।

सबसे कम बारिश वाले जिले:

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी: 20.3% कम
बीजापुर: 19.1% कम
सुकमा: 17.3% कम
बेमेतरा: 17.3% कम
कांकेर: 16.9% कम