नई दिल्ली : मंगलवार 29 सितंबर 2026 को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की अहम बैठक हुई। करीब तीन घंटे चली इस बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक के बाद कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को रोकने समेत कई मांगें सामने रखीं।चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ज्ञानेश कुमार वर्तमान में मुख्य चुनाव आयुक्त हैं और उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें CEC के रूप में कार्यभार संभाला था।
राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगाए गंभीर आरोप
बैठक में राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर अपनी आपत्तियां दोहराईं। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि पार्टी EVM और मतदाता सूची से जुडी अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठाती रही है।राहुल गांधी ने कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही। हालांकि, चुनाव प्रक्रिया में गडबडी को लेकर कांग्रेस के आरोप राजनीतिक दावे हैं और इन्हें निर्वाचन आयोग की ओर से स्थापित तथ्य के तौर पर प्रस्तुत नहीं किया गया है।
कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग क्यों उठाई
CWC की बैठक के बाद कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की। पार्टी का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR से जुडे फैसलों में गंभीर सवाल उठे हैं।कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने SIR को तत्काल रोकने और मतदाता सूची से हटाए गए नामों को बहाल करने की मांग भी रखी है। पार्टी का दावा है कि करीब 13 करोड 30 लाख नाम हटाए गए हैं। यह संख्या कांग्रेस का दावा है, स्वतंत्र रूप से स्थापित आंकडा नहीं।
खडगे ने रखीं चुनाव प्रक्रिया को लेकर पांच प्रमुख मांगें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे ने बैठक में चुनाव प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग की। उनकी प्रमुख मांगों में मतदाता सूची में किए गए बदलावों की पूरी जानकारी सार्वजनिक करना, हटाए गए मतदाताओं को अपील का अवसर देना और गंभीर अनियमितताओं की स्वतंत्र व समयबद्ध जांच शामिल है।खडगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर भी राजनीतिक आरोप लगाए और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग रखी। ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप और मांगें हैं, जिन्हें पार्टी ने CWC के प्रस्तावों के जरिए सामने रखा है।
SIR को लेकर विवाद के बीच अब आगे क्या होगा
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। इसी मुद्दे पर 30 सितंबर को विपक्षी INDIA गठबंधन के दलों की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें आगे की संयुक्त रणनीति पर चर्चा होने की बात सामने आई है।फिलहाल चुनाव आयोग की आधिकारिक स्थिति और कांग्रेस के आरोपों के बीच राजनीतिक टकराव तेज होता दिखाई दे रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में SIR, मतदाता सूची और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर विवाद और आगे बढने की संभावना है।


