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Tuesday, October 27, 2026
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अवैध खनिज परिवहन पर सख्ती, रेत-पत्थर से भरे 6 वाहन जब्त

रायपुर :- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में कलेक्टर  विजय दयाराम के. के निर्देश पर खनिज विभाग के उड़नदस्ता दल द्वारा सतत जांच अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय दल ने आज विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए रेत एवं पत्थर का अवैध परिवहन करते कुल 6 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त किया।

खनिज विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बस्ती-बगरा क्षेत्र में रेत से भरे 4 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त कर सुरक्षार्थ कोडगार चौकी में रखा गया है। इसी तरह सारबहरा क्षेत्र में पत्थर से भरे एक ट्रैक्टर वाहन तथा अंडी क्षेत्र में रेत से भरे एक ट्रैक्टर वाहन को जब्त कर सुरक्षार्थ अमरपुर पुलिस लाइन में रखा गया है।

विभाग द्वारा सभी संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। प्रकरणों में निर्धारित अर्थदंड अथवा समझौता राशि खनिज मद में जमा कराए जाने के बाद नियमानुसार वाहनों को मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर  विजय दयाराम के. ने खनिज विभाग को जिले में अवैध खनिज गतिविधियों पर सतत निगरानी रखते हुए नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभागीय अमले को क्षेत्र में नियमित जांच करने तथा अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के मामलों में तत्परता से कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को भी गंभीरता से लेते हुए उनकी गुणवत्तापूर्ण जांच और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

वरिष्ठजनों का अनुभव और संस्कार समाज की अमूल्य धरोहर – मंत्री टंक राम वर्मा

रायपुर :- छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘नमो सेवा गाथा’ के तहत गांधी जयंती व अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर धमतरी के मेनोनाइट हायर सेकेंडरी इंग्लिश मीडियम स्कूल में गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। 
     कार्यक्रम में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री  टंक राम वर्मा ने जिले के लगभग 500 महिला एवं पुरुष वृद्धजनों से आत्मीय भेंट कर उन्हें शॉल एवं फल प्रदान कर सम्मानित किया।

इस दौरान मंत्री  वर्मा ने विभिन्न हितग्राहीमूलक गतिविधियों के तहत 40 लोगों को स्वामित्व प्रमाण पत्र  सौंपे। साथ ही दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को व्हीलचेयर व आवश्यक सहायक उपकरण वितरित किए गए तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

​गोद भराई, पोषण किट वितरण और स्वास्थ्य जांच

राष्ट्रीय पोषण माह के तहत आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में मंत्री  वर्मा ने पांच गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म पूरी कर उन्हें पोषण किट भेंट की। उन्होंने परिसर में लगाए गए विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण कर जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली और स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर स्वयं ब्लड प्रेशर की जांच भी कराई।

​बुजुर्गों का अनुभव नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक

समारोह को संबोधित करते हुए  मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक परिवार, समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं। उनका जीवन संघर्ष और अनुभव नई पीढ़ी को सही दिशा दिखाता है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजनों का सम्मान किसी एक आयोजन तक सीमित न रहकर हमारी दिनचर्या का हिस्सा होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यह अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की ‘अंत्योदय’ भावना के अनुरूप केंद्र व राज्य सरकारें स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाएं दे रही हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में किसानों के हित में धान खरीदी, महिलाओं के लिए ‘महतारी वंदन’ योजना और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियानों को प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

​देहदान-अंगदान की सराहना और नशामुक्ति का आह्वान

         प्रभारी मंत्री ने देहदान और अंगदान करने वाले नागरिकों के योगदान को मानवता की सर्वोच्च सेवा बताया। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है। जब युवाओं की ऊर्जा राष्ट्र निर्माण, शिक्षा और सेवा में लगेगी, तभी एक सशक्त भारत का निर्माण होगा।
       ​इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  अरुण सार्वा ने बुजुर्गों के मार्गदर्शन को समाज की सबसे बड़ी पूंजी बताया, वहीं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष  निरंजन सिन्हा ने कहा कि वरिष्ठजनों का सम्मान हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है।कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा ने स्वागत भाषण में कहा कि जिला प्रशासन वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन के लिए निरंतर प्रयासरत है।
      ​कार्यक्रम में नगर निगम सभापति, जिला पंचायत सभापति, जनपद अध्यक्ष, डीएफओ सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक व अधिकारी उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बहतराई खेल अकादमी के अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों का किया सम्मान, बढ़ाया हौसला

रायपुर :- उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार अभिनव पहल कर रही है। इसी कड़ी में प्रदेश में 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक पुरुष हॉकी लीग का आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा, जो इस तरह की हॉकी लीग का आयोजन करने जा रहा है। लीग की टैगलाइन ‘चलव रे संगी हॉकी खेलबो’ रखी गई है। इसमें छह टीमें हिस्सा लेंगी, जिनका नामकरण छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पहचान के अनुरूप किया गया है।

श्री साव ने बिलासपुर के बहतराई स्थित खेलो इंडिया उत्कृष्टता केंद्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाने वाली खिलाड़ियों के सम्मान समारोह में ये बातें कहीं। उन्होंने एशियन गेम्स-2026 में कबड्डी की स्वर्ण पदक विजेता सुश्री संजू देवी तथा जूनियर हॉकी एशिया कप-2026 की स्वर्ण पदक विजेता सुश्री मधु सिदार और सुश्री गीता यादव को सम्मानित किया। समारोह की अध्यक्षता बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने की।

समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा सुश्री संजू देवी के लिए पूर्व में घोषित 51 लाख रुपए की सम्मान राशि का चेक प्रदान किया गया। वहीं मधु सिदार और गीता यादव को 11 लाख 12 हजार रुपए प्रत्येक को विशेष सहायता पैकेज देने की घोषणा की गई। कार्यक्रम में दोनों को इसमें से तत्काल 2-2 लाख रुपए की एकमुश्त सहायता राशि के चेक प्रदान किए गए। साव ने तीनों खिलाड़ियों को शाल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों में परिवार के योगदान का सम्मान करते हुए उप मुख्यमंत्री ने तीनों खिलाड़ियों के परिजनों को भी शाल एवंफल भेंट कर सम्मानित किया।

उप मुख्यमंत्री साव ने खेलो इंडिया उत्कृष्टता केंद्र के प्रशासनिक भवन में नवनिर्मित ऑडियो-वीडियो कॉन्फ्रेंस रूम का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि यह बिलासपुर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए उत्साह, उल्लास और गौरव का दिन है। इन खिलाड़ियों ने इसी सेंटर में खेलना सीखा, अपनी प्रतिभा को निखारा और कठिन परिश्रम के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया। चीन और जापान में स्वर्ण पदक जीतना सहज उपलब्धि नहीं है। इसके पीछे खिलाड़ियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प है।

श्री साव ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति को योग्य, सक्षम और अच्छा नागरिक बनाने का सशक्त माध्यम है। खेल के मैदान से अच्छा स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, धैर्य, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने का जज्बा मिलता है। खिलाड़ी कठिन समय में निराश होने के बजाय संघर्ष करना और फिर आगे बढ़ना सीखता है। खेल प्रतिभा के बल पर आज खिलाड़ियों को मान-सम्मान के साथ बेहतर भविष्य के अवसर भी मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खिलाड़ियों के बेहतर भविष्य और खेल अधोसंरचना के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रोत्साहन, खेल अलंकरण, स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव तथा बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों से प्रदेश में खेलों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया गया है। राज्य सरकार ने बजट में मुख्यमंत्री उत्कर्ष योजना के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इससे प्रशिक्षकों सहित खेलों के लिए आवश्यक अधोसंरचना एवं अन्य सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा।

श्री साव ने खिलाड़ियों से अपने खेल में निरंतरता बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि खिलाड़ी की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धा स्वयं से होती है। हर दिन स्वयं को बेहतर बनाने का प्रयास करें। किसी प्रतियोगिता में चयन नहीं होने पर निराश न हों, बल्कि और अधिक मेहनत के साथ आगे बढ़ें। आज इन तीन खिलाड़ियों को यह अवसर और सम्मान मिला है, आने वाले समय में यहां प्रशिक्षण ले रहे अन्य खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर मिलेंगे।

बहतराई में और बढ़ेंगी खेल सुविधाएं :श्री सुशांत शुक्ला

समारोह की अध्यक्षता करते हुए विधायक सुशांत शुक्ला ने बहतराई जिला खेल परिसर में खेल सुविधाओं के विस्तार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लगभग 6 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न खेल मैदानों एवं हाई मास्ट लाइट सहित अन्य सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। लगभग 3 करोड़ रुपए की लागत से वातानुकूलन सहित आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में लगभग 16 करोड़ रुपए की लागत से खेल अधोसंरचना विकसित करने की योजना है, जिसका जल्द भूमिपूजन किया जाएगा।

राज्य हॉकी संघ के अध्यक्ष मनीषवास्तव, प्रदेश कबड्डी संघ के महासचिव प्रदीप यादव, कलेक्टर संजय अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल और दीपक सिंह सहित विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, प्रशिक्षक, खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित थे।

केन्द्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री शाह उज्जैन को देंगे 255 करोड़ रूपये के अत्याधुनिक डेयरी प्लांट की सौगात

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 केन्द्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री शाह उज्जैन को देंगे 255 करोड़ रूपये के अत्याधुनिक डेयरी प्लांट की सौगात

केंद्रीय सहकारिता मंत्री 3 अक्टूबर को करेंगे डेयरी प्लांट का डिजिटल भूमि-पूजन

प्लांट की शुरूआत 3 लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता से होगी, भविष्य में 5 लाख लीटर तक होगा विस्तार

उज्जैन – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता के विस्तार और डेयरी क्षेत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है। उज्जैन एवं आसपास के क्षेत्रों में दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता के विस्तार और डेयरी क्षेत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ द्वारा 255 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक डेयरी प्लांट स्थापित किया जा रहा है। केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर 2026 को भोपाल से इस प्लांट का डिजिटल भूमि-पूजन करेंगे।

उज्जैन में स्थापित होने वाला यह अत्याधुनिक डेयरी प्लांट क्षेत्र में दुग्ध प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और विभिन्न डेयरी उत्पादों के उत्पादन को नई गति देगा। परियोजना की कुल लागत में से 170 करोड़ रुपये राज्य शासन द्वारा अनुदान के रूप में प्रदान किए जाएंगे, जबकि शेष 85 करोड़ रुपये दुग्ध संघ द्वारा ऋण के माध्यम से जुटाए जाएंगे।परियोजना को अगले दो वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य है।

प्रस्तावित प्लांट की शुरुआत 3 लाख लीटर प्रतिदिन दूध प्रसंस्करण क्षमता के साथ होगी। भविष्य में इसकी क्षमता को बढ़ाकर 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक किया जा सकेगा। इससे उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती दुग्ध उपलब्धता के साथ प्रसंस्करण क्षमता का विस्तार भी संभव होगा।

पैक्ड मिल्क से लेकर घी तक का होगा उत्पादन

प्लांट में आधुनिक प्रसंस्करण सुविधाओं के साथ विभिन्न प्रकार के डेयरी उत्पादों का उत्पादन किया जाएगा। इसमें 1.50 लाख लीटर प्रतिदिन पैक्ड मिल्क, 25 हजार लीटर प्रतिदिन दही तथा 10 हजार लीटर प्रतिदिन लस्सी/छाछ के उत्पादन की क्षमता होगी। इसके अलावा 10 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता का घी प्लांट भी स्थापित किया जाएगा।

मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के प्रबंध संचालक जयदेव बिस्वास ने कहा, “उज्जैन में आधुनिक डेयरी प्लांट की स्थापना मध्यप्रदेश के डेयरी क्षेत्र के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री शाह द्वारा भोपाल से इस परियोजना का डिजिटल भूमि-पूजन किया जाएगा। इस परियोजना से दुग्ध उत्पादकों से प्राप्त दूध का बेहतर प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन सुनिश्चित होगा तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराने की क्षमता बढ़ेगी।” उन्होंने कहा, “प्लांट को भविष्य में 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक विस्तारित करने का प्रबंध किया गया है। इससे उज्जैन एवं आसपास के क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन, संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन की पूरी श्रृंखला को मजबूती मिलेगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।”

यह परियोजना आधुनिक प्रसंस्करण सुविधाओं के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों से प्राप्त दूध के बेहतर उपयोग और मूल्यवर्धन को बढ़ावा देगी। साथ ही क्षेत्र में डेयरी गतिविधियों के विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने तथा उपभोक्ताओं तक उच्च गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पाद पहुंचाने की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

प्रदेशवासियों को बेहतर, तेज और सुरक्षित आवागमन की मिलेगी सुविधा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर :- बरसात के बाद प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण के कार्य तेजी से धरातल पर उतरेंगे। राज्य शासन ने इसके लिए तैयारियां पूरी करते हुए 672 करोड़ 22 लाख 30 हजार रुपए के 24 महत्वपूर्ण कार्यों की निविदाओं को मंजूरी दे दी है। इनमें नई सड़कों और पुलों के निर्माण के साथ मौजूदा सड़कों के उन्नयन, चौड़ीकरण, मजबूतीकरण, विद्युतीकरण और सौंदर्यीकरण के कार्य शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग ने संबंधित अधिकारियों को चयनित ठेकेदारों एवं निर्माण एजेंसियों को यथाशीघ्र कार्यादेश जारी कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश में मजबूत सड़क एवं पुल अधोसंरचना का निर्माण राज्य सरकार की विकास प्राथमिकताओं में शामिल है। बेहतर सड़कें गांवों और शहरों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच को सुगम बनाती हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से आवागमन बेहतर होगा और व्यापार, पर्यटन सहित स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वीकृत परियोजनाओं का लाभ लोगों तक जल्द पहुंचे, इसके लिए कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए और निर्माण की गुणवत्ता की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़क और पुल अधोसंरचना के विस्तार के लिए योजनाबद्ध ढंग से काम कर रही है। लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रदेशभर में 24 महत्वपूर्ण कार्यों की निविदाओं को मंजूरी दी गई है। अधिकारियों को कार्यादेश जारी कर बरसात के बाद निर्माण कार्यों को तत्काल गति देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाएगा, जिससे प्रदेशवासियों को बेहतर, तेज और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।

लोक निर्माण विभाग द्वारा मंजूर 24 कार्यों में नई सड़कों के सात कार्य, पुल एवं पहुंच मार्गों के दो कार्य, सड़कों के उन्नयन के तीन कार्य तथा चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के 12 कार्य शामिल हैं।

दुर्ग, धमतरी, राजनांदगांव सहित विभिन्न जिलों में बनेंगी नई सड़कें

लोक निर्माण विभाग ने दुर्ग जिले में पुलगांव पुल मुख्य मार्ग से अंजोरा-रसमड़ा राज्य मार्ग में पुल-पुलिया सहित 5.28 किलोमीटर फोरलेन सड़क के निर्माण के लिए 28 करोड़ 2 लाख 70 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी है। धमतरी जिले में राजनांदगांव-गुंडरदेही-धमतरी-नगरी सिहावा-बोराई राज्य मार्ग के आमदी नगर पंचायत में 3.50 किलोमीटर फोरलेन गौरव पथ के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के लिए 19 करोड़ 26 लाख 10 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है।

राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में पुल-पुलियों सहित आठ किलोमीटर फोरलेन परिक्रमा पथ के लिए 46 करोड़ 22 लाख 8 हजार रुपए, बिलासपुर जिले में 17.61 किलोमीटर झाल से नगपुरा मार्ग के लिए 29 करोड़ 91 लाख 92 हजार रुपए, महासमुंद जिले में पुल-पुलियों सहित 6.50 किलोमीटर सल्डीह-बहादुरपुर मुख्य जिला मार्ग के लिए 11 करोड़ 27 लाख 98 हजार रुपए, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में 7.60 किलोमीटर सिविलदाग-नीलकंठपुर सड़क के लिए 14 करोड़ 13 हजार रुपए तथा रायगढ़ जिले में 3.40 किलोमीटर उर्दना-कृष्णापुर-खैरपुर मार्ग के लिए 13 करोड़ 74 लाख 29 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी गई है।

अरपा और खारून नदी पर बनेंगे उच्च स्तरीय पुल

राज्य शासन ने बिलासपुर जिले में लोधीपारा (सरकंडा)-कोनी मार्ग में अरपा नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 17 करोड़ 63 लाख 32 हजार रुपए तथा चोरहादेवरी-परसदा मार्ग में खारून नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 7 करोड़ 68 लाख 16 हजार रुपए की निविदा को स्वीकृति प्रदान की है। इन पुलों के निर्माण से संबंधित क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा और स्थानीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

करीब 79 करोड़ रुपए से तीन महत्वपूर्ण सड़कों का होगा उन्नयन

लोक निर्माण विभाग ने सड़क उन्नयन के तीन कार्यों के लिए कुल 78 करोड़ 96 लाख 74 हजार रुपए की निविदाओं को मंजूरी दी है। इनमें बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में 37 करोड़ 37 लाख 96 हजार रुपए लागत का पुल-पुलिया सहित 18 किलोमीटर परसवार-चलगली मार्ग, रायपुर में 17 करोड़ 32 लाख 31 हजार रुपए लागत से अभनपुर के पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के 2.60 किलोमीटर हिस्से का फोरलेन उन्नयन तथा रायगढ़ में 24 करोड़ 26 लाख 47 हजार रुपए लागत का 12.30 किलोमीटर कोड़ातराई-पुसौर-सूरजगढ़ सड़क का उन्नयन शामिल है।

धमतरी में कई महत्वपूर्ण मार्गों का होगा चौड़ीकरण और मजबूतीकरण

धमतरी जिले में मेघा रोड तिराहा-स्टेशन रोड-चरमुड़िया राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में 3.75 किलोमीटर चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 14 करोड़ 45 लाख 12 हजार रुपए, पचपेड़ी-तर्रागोंदी-भेलवाकूदा-टिपानी-सेमरा (बी) मार्ग में पांच किलोमीटर चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 13 करोड़ 32 लाख 82 हजार रुपए, नौ किलोमीटर छाती-गागरा-कंडेल-देवपुर मार्ग के लिए 23 करोड़ 12 लाख 46 हजार रुपए तथा 10 किलोमीटर अर्जुनी-भानपुरी-तरसींवा-कुर्रा-अमलीडीह-हसदा सड़क के लिए 19 करोड़ 42 लाख 22 हजार रुपए की निविदा मंजूर की गई है।

राजनांदगांव-गुंडरदेही-धमतरी-नगरी सिहावा-बोराई राज्य मार्ग में 23 किलोमीटर लंबाई के मजबूतीकरण एवं डामरीकरण के लिए 11 करोड़ 70 लाख 83 हजार रुपए की निविदा को भी मंजूरी दी गई है।

रायगढ़ में फोरलेन सड़कों के साथ होगा विद्युतीकरण

रायगढ़ जिले के रायगढ़-लोइंग-महापल्ली मुख्य जिला मार्ग में पांच किलोमीटर हिस्से के फोरलेन चौड़ीकरण एवं विद्युतीकरण के लिए 59 करोड़ 49 लाख 4 हजार रुपए तथा रायगढ़-कोतरा-नंदेली राज्य मार्ग के पांच किलोमीटर हिस्से में फोरलेन चौड़ीकरण एवं विद्युतीकरण के लिए 47 करोड़ 77 लाख 76 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है।

कांकेर से सरगुजा तक मजबूत होगा सड़क नेटवर्क

विभाग ने कांकेर-भानुप्रतापपुर-संबलपुर राज्यीय राजमार्ग में पुल-पुलियों सहित 36.80 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 85 करोड़ 83 लाख 4 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी है।

बेमेतरा जिले में देवकर-साजा-खम्हरिया मुख्य जिला मार्ग के 30.80 किलोमीटर हिस्से के मजबूतीकरण के लिए 30 करोड़ 22 लाख 88 हजार रुपए, दुर्ग जिले में भिलाई-सिरसा-औरी-मोतीपुर मुख्य जिला मार्ग के 15.50 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 14 करोड़ 16 लाख 16 हजार रुपए, सरगुजा जिले में 28 किलोमीटर लंबे सोनतराई-मैनपाट मार्ग के मजबूतीकरण एवं सौंदर्यीकरण के लिए 26 करोड़ 7 लाख 34 हजार रुपए तथा महासमुंद जिले में बिहाझर-गांजर-रेवा मार्ग की 25.90 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 59 करोड़ 89 लाख 21 हजार रुपए की निविदा मंजूर की गई है।

गुणवत्ता पर विशेष नजर, निर्धारित समय-सीमा में पूरे होंगे कार्य

राज्य शासन ने संबंधित सभी कार्यपालन अभियंताओं को अनुबंधित कार्यों का संपादन एवं पर्यवेक्षण विभागीय मापदंडों के अनुसार सुनिश्चित करते हुए निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन कार्यों को किसी अन्य को सबलेट नहीं किया जा सकेगा तथा कार्य संपादन के लिए पॉवर ऑफ अटॉर्नी मान्य नहीं होगी।

कार्यपालन अभियंताओं को अनुबंधित समयावधि में कार्यों को पूर्ण कराने तथा प्रशासकीय स्वीकृति एवं आबंटन की सीमा में अनुबंध के अनुसार कार्य संपादित कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ कोल लेवी मामले में फिर तेज हुई जांच, चार कांग्रेस नेताओं को नोटिस, 5 अक्टूबर को विशेष अदालत में पेशी

 छत्तीसगढ़ :  चर्चित कोल लेवी मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो और एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में है। भिलाई नगर विधायक देवेंद्र सिंह यादव समेत कांग्रेस से जुड़े चार नेताओं को विशेष अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, देवेंद्र यादव को 5 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:30 बजे रायपुर स्थित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में पेश होना है।इस मामले में देवेंद्र यादव के अलावा चंद्रदेव राय, विनोद तिवारी और आरपी सिंह के नाम भी जांच से जुड़े दस्तावेजों में सामने आए हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने पहले अपनी जांच में इन लोगों से जुड़ी संपत्तियों पर कार्रवाई का उल्लेख किया था। हालांकि आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

5 अक्टूबर की पेशी को लेकर क्या है पूरा मामला

EOW और ACB की ओर से जारी नोटिस अपराध क्रमांक 03/2024 से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक विवेचना पूरी होने के बाद विशेष न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। नोटिस में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं 7, 7A और 12 के साथ भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं का भी उल्लेख किया गया है।देवेंद्र यादव से सितंबर के अंतिम सप्ताह में भी EOW कार्यालय में पूछताछ की गई थी। रिपोर्टों के अनुसार पूछताछ का संबंध सूर्यकांत तिवारी से जुड़ी जांच के दौरान सामने आए दस्तावेजों और कथित लेनदेन से था। यादव ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।

कोल परिवहन पर प्रति टन 25 रुपये की वसूली का आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला परिवहन से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव के बाद कथित अवैध वसूली का नेटवर्क संचालित हुआ। आरोप है कि कोयला परिवहन करने वालों से प्रति टन 25 रुपये की रकम वसूली जाती थी।ED की जांच के मुताबिक इस अवधि में कथित तौर पर करीब 540 करोड़ रुपये की अवैध वसूली हुई। एजेंसी का कहना है कि इस रकम का एक हिस्सा अधिकारियों और राजनीतिक लोगों तक पहुंचाया गया, जबकि कुछ रकम चुनावी गतिविधियों और संपत्तियां खरीदने में इस्तेमाल हुई।

जांच में डायरी और कथित लेनदेन का भी आया जिक्र

मामले की जांच के दौरान सूर्यकांत तिवारी से जुड़े ठिकानों से मिले दस्तावेजों और डायरियों का भी उल्लेख सामने आया है। जांच एजेंसियां इन दस्तावेजों में दर्ज कथित रकम और अलग अलग लोगों के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही हैं।ED ने अपनी आधिकारिक कार्रवाई में पहले ही इस मामले में करीब 540 करोड़ रुपये के अपराध से अर्जित धन की बात कही थी। एजेंसी ने कई आरोपियों से जुड़ी चल और अचल संपत्तियों को भी जब्त या अटैच करने की कार्रवाई की है।

अब विशेष अदालत की कार्रवाई पर टिकी नजर

EOW और ACB की विवेचना पूरी होने के बाद अभियोग पत्र विशेष न्यायालय के समक्ष पेश किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। 5 अक्टूबर की पेशी इसी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इस मामले में जांच एजेंसियों की ओर से लगाए गए आरोपों और संबंधित नेताओं की भूमिका पर अंतिम स्थिति अदालत में होने वाली आगे की कार्यवाही से स्पष्ट होगी।

छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस चुनाव में फर्जी वोटिंग के आरोपों से मचा विवाद, करीब 400 शिकायतों के बाद जांच की मांग तेज

 CG Youth Congress Election Fraud:  छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के चुनाव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मतदान प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी, फर्जी वोटिंग और OTP से जुड़ी शिकायतों के बाद मामला अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है। प्रदेश के अलग अलग हिस्सों से करीब 400 शिकायतें चुनाव प्राधिकरण के सामने पहुंचने का दावा किया जा रहा है।शिकायतकर्ताओं की ओर से चुनाव प्रक्रिया की विस्तृत जांच कराने और जांच पूरी होने तक परिणाम घोषित नहीं करने की मांग उठाई गई है।

राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंची शिकायत, चुनाव परिणाम रोकने की मांग

युवा कांग्रेस चुनाव को लेकर सामने आई शिकायतों ने अब संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व का ध्यान भी खींचा है। शिकायत करने वाले लोगों का कहना है कि मतदान प्रक्रिया में यदि किसी तरह की अनियमितता हुई है तो पहले उसकी जांच होनी चाहिए।इसी आधार पर चुनाव प्राधिकरण से मांग की गई है कि शिकायतों की जांच पूरी होने तक चुनाव परिणाम जारी न किए जाएं। पूरे मामले में मतदान प्रक्रिया और इस्तेमाल किए गए तकनीकी सिस्टम की जांच की मांग भी की जा रही है।

14 लाख से ज्यादा वोटिंग के बीच तकनीकी गड़बड़ी का आरोप

छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के चुनाव में करीब 14 लाख 56 हजार वोट डाले जाने की जानकारी सामने आई है। इसी दौरान प्रदेश अध्यक्ष पद के प्रत्याशी विनय शील ने मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए फर्जी वोटिंग का आरोप लगाया।उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए चुनाव में इस्तेमाल किए गए With IYC एप की तकनीकी व्यवस्था की जांच की मांग की। विनय शील ने आशंका जताई कि एप में तकनीकी खामी या किसी तरह के हस्तक्षेप के कारण मतदान प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

विनय शील ने सात वोटों को लेकर उठाए सवाल

विनय शील के अनुसार उनके एप खाते में सात नए अनपेड वोट दिखाई दिए। उन्होंने दावा किया कि इनमें सूरजपुर से एक, खैरागढ़-छुईखदान से चार और कोरबा से दो वोट शामिल हैं।विनय शील का आरोप है कि ये सभी वोट प्रदेश अध्यक्ष पद के प्रत्याशी क्रमांक चार के पक्ष में दर्ज हुए। उन्होंने यह भी कहा कि इन सात वोटों के लिए उनकी ओर से स्वयं मतदान नहीं किया गया था।इन आरोपों के सामने आने के बाद चुनाव में इस्तेमाल किए गए एप, मतदान की तकनीकी प्रक्रिया और वोटों की सत्यता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि पूरे मामले में अंतिम स्थिति जांच और चुनाव प्राधिकरण के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।

बस्तर की बाढ़ से हुए नुकसान के लिए सांसद महेश कश्यप की बड़ी मांग, केंद्र से 500 करोड़ के राहत पैकेज की अपील

 बस्तर : छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में हालिया भारी बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर बस्तर सांसद महेश कश्यप ने केंद्र सरकार के सामने विशेष राहत पैकेज की मांग रखी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को पत्र भेजकर बस्तर, सुकमा और बीजापुर के प्रभावित क्षेत्रों के लिए कुल 500 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की मांग की है।सांसद ने पत्र में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत देने के साथ भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए स्थायी उपाय किए जाने की जरूरत भी बताई है।

बस्तर के लिए 300 करोड़ और सुकमा-बीजापुर के लिए 100-100 करोड़ की मांग

महेश कश्यप ने प्रस्तावित राहत पैकेज में बस्तर जिले के लिए 300 करोड़ रुपये देने की मांग की है। वहीं सुकमा और बीजापुर के लिए 100-100 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मांगा गया है।इस राशि के जरिए बाढ़ प्रभावित परिवारों को हुए नुकसान की भरपाई करने पर जोर दिया गया है। सांसद ने फसलों, मकानों और मवेशियों को हुए नुकसान के लिए प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की मांग भी उठाई है।

जोरानाला और इंद्रावती को लेकर स्थायी समाधान की मांग

सांसद ने बाढ़ की समस्या को केवल तत्काल राहत तक सीमित रखने के बजाय स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाने की जरूरत बताई है। इसके तहत जोरानाला की नए सिरे से हाइड्रोलॉजिकल स्टडी कराने और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की मांग की गई है।इसके अलावा इंद्रावती नदी में ड्रेजिंग कराने का सुझाव दिया गया है। जगदलपुर में आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की जरूरत भी पत्र के माध्यम से सामने रखी गई है, ताकि भविष्य में भारी बारिश के दौरान जलभराव और बाढ़ के खतरे को कम किया जा सके।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में केंद्रीय टीम भेजने का आग्रह

महेश कश्यप ने केंद्र सरकार से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम भेजने का आग्रह भी किया है। उनका कहना है कि जमीनी स्तर पर हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और आगे की कार्ययोजना तैयार करने में इससे मदद मिल सकती है।

सीएम साय भी बाढ़ प्रभावित परिवारों से कर चुके हैं मुलाकात

बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था। मुख्यमंत्री जगदलपुर नगर निगम क्षेत्र के डोंगाघाट पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी थीं।इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया था कि संकट की स्थिति में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

सिंगापुर में छत्तीसगढ़ की निवेश क्षमता दिखाएंगे सीएम साय, 3 से 6 अक्टूबर तक कई अहम बैठकों में होंगे शामिल

 छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 3 से 6 अक्टूबर 2026 तक सिंगापुर के दौरे पर रहेंगे। इस यात्रा के दौरान उनका फोकस प्रदेश में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने और छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में प्रस्तुत करने पर रहेगा।भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने Singapore-India Network for Growth यानी SING Forum 2026 के लिए छत्तीसगढ़ और हरियाणा को देश के दो राज्यों के तौर पर चुना है। इसी कार्यक्रम में राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर पहुंचेगा।

भारत-सिंगापुर कारोबारी सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की संभावनाओं पर होगा फोकस

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भारत-सिंगापुर विकास और कारोबार सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यहां वे छत्तीसगढ़ में उपलब्ध औद्योगिक संभावनाओं, संसाधनों और निवेश के लिए तैयार किए जा रहे माहौल की जानकारी अंतरराष्ट्रीय कारोबारी जगत के सामने रखेंगे।मुख्यमंत्री का जोर ऐसे निवेश प्रस्तावों को आकर्षित करने पर रहेगा, जिनसे प्रदेश में उद्योगों के विस्तार के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें। नई तकनीक और कौशल विकास से जुड़े क्षेत्रों में भी साझेदारी की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।

CEO राउंडटेबल में निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे मुख्यमंत्री

सिंगापुर यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री साय CEO राउंडटेबल में भी शामिल होंगे। इस बैठक में वे प्रमुख उद्योगपतियों, निवेशकों और बड़ी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीधे संवाद करेंगे।इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, IT-ITES, GCC और फार्मा जैसे क्षेत्रों को लेकर विशेष चर्चा होने की संभावना है। इसके साथ रोजगार सृजन, तकनीकी नवाचार, कुशल मानव संसाधन और हरित विकास जैसे मुद्दे भी बातचीत के केंद्र में रहेंगे।

नई औद्योगिक नीति के जरिए निवेशकों को बताएंगे छत्तीसगढ़ के फायदे

मुख्यमंत्री साय अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति को प्रमुखता से रखेंगे। इसमें निवेशकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए बनाए गए अनुकूल कारोबारी वातावरण की जानकारी दी जाएगी।इसके अलावा वनक्लिक सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए उद्योगों को मिलने वाली सुविधाओं और निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने के सरकार के प्रयासों की भी जानकारी साझा की जाएगी।

विदेशी निवेश के साथ रोजगार और तकनीक लाने की तैयारी

मुख्यमंत्री की इस यात्रा का उद्देश्य केवल निवेश प्रस्ताव हासिल करना नहीं है। सरकार की कोशिश ऐसे निवेश को प्रदेश तक लाने की है, जिससे नई तकनीक, बेहतर कौशल और रोजगार के अवसर भी विकसित हों।सिंगापुर की प्रमुख कंपनियों, निवेश संस्थानों और वैश्विक कारोबारी समूहों के CEO तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकों के दौरान मुख्यमंत्री उन्हें छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। इससे राज्य की औद्योगिक क्षमता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिलने के साथ भविष्य में बड़े निवेश प्रस्तावों की राह भी खुल सकती है।

छत्तीसगढ़ में विकास की रफ्तार और संगठन की भूमिका पर चर्चा, सीएम साय ने स्मृति ईरानी से की मुलाकात

छत्तीसगढ़ :  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच प्रदेश के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर बातचीत हुई।मुख्यमंत्री साय ने स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रदेश प्रभारी बनाए जाने पर शुभकामनाएं भी दीं। मुलाकात के दौरान उन्होंने राज्य में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी साझा की और सरकार की प्राथमिकताओं से उन्हें अवगत कराया।

बस्तर में बदल रही तस्वीर पर मुख्यमंत्री ने रखी सरकार की प्राथमिकताएं

मुख्यमंत्री ने खास तौर पर बस्तर के विकास को लेकर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बस्तर में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ सड़क, पेयजल और सिंचाई जैसी बुनियादी जरूरतों पर काम किया जा रहा है।इसके अलावा पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर तैयार करने और लोगों की आजीविका मजबूत करने से जुड़े कार्यों को भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। सरकार का जोर दूरस्थ इलाकों तक विकास की सुविधाएं पहुंचाने पर है।

महिलाओं और युवाओं को लेकर सरकार की योजनाओं पर भी हुई बातचीत

बैठक में महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं के साथ युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसरों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में युवाओं को रोजगार से जोड़ने और उनके कौशल को विकसित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।किसानों की आय बढ़ाने, कृषि आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया गया। आदिवासी समाज के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से संबंधित योजनाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री ने जानकारी साझा की।

दूरस्थ इलाकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं को केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित रखने के बजाय प्रदेश के दूरदराज इलाकों तक पहुंचाना है। इसके लिए बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ अलग अलग वर्गों की जरूरतों के अनुरूप योजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान दिया जा रहा है।बैठक में सरकार की योजनाओं की प्रगति और उनके क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर भी विचार विमर्श हुआ।

छत्तीसगढ़ संगठन की जिम्मेदारी मिलने के बाद स्मृति ईरानी की भूमिका अहम

भाजपा ने स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ और हरियाणा का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। छत्तीसगढ़ में उनकी जिम्मेदारी सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।प्रदेश संगठन के कामकाज, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और पार्टी की गतिविधियों को आगे बढ़ाने से जुड़े विषय भी उनकी जिम्मेदारियों का हिस्सा होंगे। मुख्यमंत्री के साथ हुई मुलाकात में सरकार के कामकाज और संगठन से जुड़े विषयों पर संवाद इसी व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है।