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Sunday, October 25, 2026
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तेज रफ्तार का कहर, अज्ञात वाहन ने युवक को मारी टक्कर, अस्पताल पहुंचते ही मौत

 धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी मे तेज रफ्तार ने एक बार फिर एक परिवार की खुशियां छीन लीं। रत्नाबांधा इलाके मे पैदल जा रहे 21 वर्षीय युवक को अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे मे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया।मृतक की पहचान सागर नागारची के रूप मे हुई है। वह पैदल धमतरी की ओर जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।

घायल युवक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया

हादसे के बाद सड़क से गुजर रहे अभय ठिटे की नजर घायल युवक पर पड़ी। उन्होंने तत्काल घटना की जानकारी इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के वाइस चेयरमैन शिवा प्रधान को दी।सूचना मिलते ही शिवा प्रधान अपने साथी डोमन साहू के साथ एंबुलेंस लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों ने घायल सागर को तत्काल जिला अस्पताल धमतरी पहुंचाया।

डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

अस्पताल मे डॉक्टरों ने सागर नागारची की जांच की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और घर मे मातम छा गया।

टक्कर के बाद फरार हुआ वाहन चालक

घटना के बाद अज्ञात वाहन का चालक मौके से भाग निकला। हादसे को लेकर पुलिस ने वाहन और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है। आसपास के इलाके मे लगे CCTV कैमरों की मदद से वाहन की पहचान करने की कोशिश की जा सकती है।रत्नाबांधा इलाके मे हुए इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदलेगा, CM साय के बयान के बाद दूर हुआ संशय, जानिए पूरा विवाद

 रायपुर। राजधानी रायपुर के चर्चित तेलीबांधा चौक को लेकर चल रही नाम बदलने की चर्चा पर अब तस्वीर साफ होती नजर आ रही है। सूत्रों के अनुसार, तेलीबांधा चौक का नाम बदलने का कोई फैसला नहीं लिया गया है। चौक को सेवा ज्योति संकल्प चौक की तर्ज पर विकसित करने की योजना है, लेकिन इसका मौजूदा नाम बरकरार रहेगा।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के एक बयान के बाद चौक का नाम बदले जाने की चर्चा तेज हो गई थी। इसके बाद साहू समाज ने भी आपत्ति जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी थी।

सेवा ज्योति संकल्प चौक की तर्ज पर होगा विकास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ के अलग-अलग शहरों मे सेवा ज्योति संकल्प यात्रा आयोजित की गई। रायपुर मे हुए कार्यक्रम मे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी शामिल हुए।इस दौरान विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया था कि प्रदेश के 38 स्थानों पर सेवा ज्योति संकल्प चौक विकसित किए जाएंगे। रायपुर के तेलीबांधा चौक को भी इसी योजना के तहत विकसित करने की बात कही गई थी।यही बयान बाद मे नाम परिवर्तन की चर्चा का आधार बन गया।

साहू समाज ने जताई थी कड़ी आपत्ति

तेलीबांधा चौक का नाम बदले जाने की खबर फैलने के बाद साहू समाज की ओर से विरोध सामने आया। समाज का कहना था कि तेलीबांधा नाम केवल एक चौराहे की पहचान नहीं है, बल्कि यह समाज की ऐतिहासिक पहचान, परंपरा और भावनाओं से जुड़ा हुआ है।

समाज की ओर से चेतावनी दी गई थी कि नाम बदलने का प्रयास हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। हालांकि मुख्यमंत्री के मूल बयान मे चौक का नाम बदलने की बात नहीं कही गई थी। उन्होंने इसे सेवा ज्योति संकल्प चौक की तर्ज पर विकसित करने की बात कही थी।

भूपेश बघेल ने भी सरकार को घेरा

विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए कहा था कि सरकार जिसे चाहे उसका नाम बदले, लेकिन तेलीबांधा चौक का नाम बदलना तेली समाज के साथ अन्याय होगा।

बघेल ने तेलीबांधा को साहू समाज की आस्था, पहचान और गौरव से जुड़ा बताया था। उन्होंने कहा था कि समाज इसे लेकर नाराज है और नाम बदलने का विरोध किया जाएगा।

अब नाम को लेकर स्थिति हुई साफ

अब सामने आ रही जानकारी के अनुसार तेलीबांधा चौक का नाम बदलने की योजना नहीं है। चौक का विकास सेवा ज्योति संकल्प चौक की अवधारणा के अनुरूप किया जाना है, जबकि तेलीबांधा नाम अपनी जगह कायम रहेगा।

ऐसे मे नाम परिवर्तन को लेकर उठे विवाद पर फिलहाल विराम लगता दिखाई दे रहा है। हालांकि चौक के विकास और प्रस्तावित स्वरूप को लेकर आगे सरकार की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आ सकती है।

Cabinet Meeting: 11 अक्टूबर को साय कैबिनेट की अहम बैठक, जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर हो सकता है फैसला

रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद् (कैबिनेट) की बैठक रविवार, 11 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, सिविल लाईन, रायपुर में होगी।

चोरी के शक ने बाजार में मचाया बवाल, दो महिलाओं को घेरकर पीटा

 सूरजपुर :  बड़कापारा साप्ताहिक बाजार में चोरी के संदेह को लेकर दो महिलाओं के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। मोबाइल और नकदी चोरी करने के शक में कुछ लोगों ने महिलाओं को घेर लिया। देखते ही देखते भीड़ बढ़ गई और मामला पूछताछ से मारपीट तक पहुंच गया।

पहले आरोप लगाए, फिर शुरू कर दी पिटाई

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाजार में मौजूद लोगों को दोनों महिलाओं पर चोरी का संदेह हुआ था। इसके बाद उन्हें रोककर सवाल किए गए। भीड़ जमा होने के साथ माहौल बिगड़ता गया और कुछ लोगों ने दोनों महिलाओं के साथ लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर दी।

कैमरे में रिकॉर्ड हुआ पूरा घटनाक्रम

इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। फुटेज में बाजार के बीच लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है। इसी भीड़ के बीच दोनों महिलाओं से पूछताछ और मारपीट होती नजर आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे है।

चोरी की जांच से पहले भीड़ ने सुना फैसला

घटना ने सार्वजनिक जगहों पर कानून व्यवस्था और भीड़ के व्यवहार को लेकर चिंता बढ़ा दी है। चोरी का संदेह होने पर पुलिस को सूचना देने के बजाय महिलाओं के साथ मारपीट किए जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे है।

साप्ताहिक बाजार की सुरक्षा भी सवालों के घेरे में

बड़कापारा बाजार में हुई इस घटना के बाद वहां सुरक्षा इंतजामों पर भी चर्चा शुरू हो गई है। अब पुलिस पूरे मामले की जांच और घटना मे शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई किस आधार पर करती है, इस पर नजर रहेगी।

रिटायर्ड शिक्षक के खाते से 47 लाख गायब, भरोसेमंद परिचित निकला आरोपी

 रायगढ़। सेवानिवृत्त शिक्षक के बैंक खाते से करीब 47 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कोतरारोड़ पुलिस ने इस मामले में पीड़ित के परिचित छत्रपाल सिदार को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बैंक से जुड़े कामों में मदद करने के दौरान आरोपी ने शिक्षक का भरोसा हासिल किया और इसी का फायदा उठाकर अलग अलग समय में उनके खाते से रकम अपने कई बैंक खातों में ट्रांसफर कर ली।

बैंक स्टेटमेंट देखकर खुला पूरा राज

पीड़ित रघुनाथ सिदार शिक्षा विभाग से वर्ष 2024 में सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उनके एसबीआई कोतरारोड़ स्थित खाते में जीपीएफ, ग्रेच्युटी और अवकाश समर्पण समेत अन्य देय राशि जमा हुई थी।मकान बनाने के लिए जमीन खरीदने के उद्देश्य से जब वह बैंक पहुंचे और खाते का स्टेटमेंट निकलवाया, तो उन्हें खाते से बड़ी रकम निकाले जाने की जानकारी मिली। जांच में पता चला कि जनवरी 2020 से जून 2026 के बीच कुल 47 लाख 5 हजार रुपये अलग अलग बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए थे।

बैंक के काम में मदद करता था आरोपी

पुलिस के अनुसार छत्रपाल सिदार वर्ष 2020 से रघुनाथ सिदार के संपर्क में था। परिचित होने के कारण वह बैंक से जुड़े कामों में उनकी मदद करता था और चेक के जरिए रकम निकालने के लिए भी उनके साथ बैंक जाता था।धीरे धीरे आरोपी ने पीड़ित का विश्वास हासिल कर लिया। उसका घर पर भी आना जाना था। वह पीड़ित के मोबाइल का इस्तेमाल भी करता था, इसलिए लंबे समय तक किसी तरह का संदेह नहीं हुआ।

अलग अलग खातों में पहुंची रकम

जांच में सामने आया कि पीड़ित के खाते से रकम ग्रामीण बैंक, आईडीबीआई बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा समेत कई बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी।पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने रकम अपने एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, बैंक ऑफ इंडिया और अपेक्स बैंक के खातों में भी भेजी थी।

ऑनलाइन गेमिंग में खर्च करने का दावा

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बैंक खातों में ट्रांसफर की गई रकम उसने ऑनलाइन गेमिंग में खर्च कर दी। पुलिस ने आरोपी से जुड़े बैंक खातों की जानकारी जुटाने के साथ एटीएम और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। अब इनसे जुड़े लेनदेन और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।

5 अक्टूबर को दर्ज हुआ मामला

पीड़ित की शिकायत के आधार पर कोतरारोड़ थाने में 5 अक्टूबर 2026 को धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल आरोपी की तलाश शुरू की और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।पूछताछ के बाद आरोपी छत्रपाल सिदार, पिता शोभनाथ सिदार, उम्र 34 वर्ष, निवासी कांटाहरदी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने उसे रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस टीम ने शुरू की आगे की जांच

मामले में पुलिस अब बैंक लेनदेन, जब्त मोबाइल और एटीएम से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन और डीएसपी उन्नति ठाकुर के पर्यवेक्षण में की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह, एएसआई मन मोहन बैरागी, आरक्षक शुभम तिवारी और पुलिस टीम की कार्रवाई में अहम भूमिका रही।

छत्तीसगढ़ में फिर बदला मौसम, आज कई इलाकों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट

 रायपुर। मानसून की विदाई की तैयारी के बीच छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर गरज चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी जताई है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बीते 24 घंटे में कई जगह बदला मौसम

पिछले 24 घंटे के दौरान उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मौसम का मिजाज अचानक बदला। कई इलाकों में आसमान में घने बादल छाए और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई।तापमान की बात करें तो राजनांदगांव में दिन का तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं पेंड्रारोड में रात का तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बिलासपुर में भी कुछ इलाकों में बारिश देखने को मिली।

आज और कल कहां हो सकती है बारिश

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 8 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज चमक के साथ वज्रपात की संभावना को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।9 अक्टूबर को भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या फुहारें पड़ सकती हैं। हालांकि इस दिन किसी बड़े मौसम अलर्ट की संभावना नहीं जताई गई है।इसके बाद 10 से 13 अक्टूबर के बीच प्रदेश में मौसम के मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।

बिजली गिरने के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

गरज चमक के दौरान खुले मैदान, खेत या ऊंचे स्थानों पर खड़े होने से बचना चाहिए। पेड़ के नीचे शरण लेना भी जोखिम भरा हो सकता है। मौसम खराब होने पर संभव हो तो सुरक्षित और पक्की जगह पर रहें।

मौसम में अचानक बदलाव की क्या है वजह

मौसम में आए बदलाव के पीछे दक्षिण पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे छत्तीसगढ़ के ऊपर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बताया जा रहा है। इसके अलावा कुछ द्रोणिकाएं भी प्रदेश से होकर गुजर रही हैं।इन मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से वातावरण में नमी बढ़ रही है। इसी वजह से कई हिस्सों में बादल बनने, बारिश और गरज चमक की स्थिति बन रही है।

रायपुर में कैसा रहेगा आज मौसम

राजधानी रायपुर में आज आसमान में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ समय के लिए तेज हवाओं के साथ गरज चमक और हल्की बारिश भी हो सकती है।रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 4 से 5 दिनों में दिन के तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। ऐसे में बारिश के बावजूद उमस से तत्काल राहत मिलने की उम्मीद कम है।

10 अक्टूबर के बाद साफ हो सकता है मौसम

प्रदेश में 9 अक्टूबर तक कहीं कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद 10 से 13 अक्टूबर के बीच मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है। यानी अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां धीरे धीरे कम होने के बाद मौसम एक बार फिर साफ होने की ओर बढ़ सकता है।

कोयला लेवी के बाद लौह अयस्क में भी वसूली का आरोप, EOW जांच में सामने आया 100 रुपये प्रति टन का दावा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला लेवी मामले की जांच अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो यानी EOW ने अपनी जांच का दायरा कोयला परिवहन से आगे बढ़ाते हुए लौह अयस्क और आयरन पैलेट के परिवहन तक बढ़ा दिया है। एजेंसी की ओर से अदालत में पेश किए गए छठे पूरक अभियोग पत्र में आयरन पैलेट के परिवहन पर प्रति टन 100 रुपये की कथित अवैध वसूली का जिक्र किया गया है।

हालांकि 1,905 करोड़ रुपये का आंकड़ा अभी वास्तविक वसूली साबित होने का दावा नहीं है। यह वर्ष 2018 से 2023 के बीच राज्य में हुए लौह अयस्क उत्पादन और कथित 100 रुपये प्रति टन की दर को आधार बनाकर निकाली गई अनुमानित गणना है।

19 करोड़ टन से ज्यादा उत्पादन, ऐसे निकला 1,905 करोड़ का आंकड़ा

उपलब्ध जांच विवरण के अनुसार वर्ष 2018 से 2023 के बीच छत्तीसगढ़ में करीब 19.05 करोड़ टन लौह अयस्क का उत्पादन हुआ। यदि पूरी उत्पादन मात्रा पर 100 रुपये प्रति टन की कथित वसूली की दर लागू की जाए तो रकम करीब 1,905 करोड़ रुपये बैठती है।

लेकिन जांच एजेंसी के सामने वास्तविक अवैध वसूली कितनी हुई, इसका निर्धारण अलग प्रक्रिया से होगा। इसलिए 1,905 करोड़ रुपये को फिलहाल संभावित गणना के तौर पर ही देखा जा रहा है।

कोयले में 25 और आयरन पैलेट में 100 रुपये की कथित वसूली

EOW के अनुसार कथित व्यवस्था में कोयला परिवहन से प्रति टन 25 रुपये और आयरन पैलेट परिवहन से प्रति टन 100 रुपये की रकम वसूलने का आरोप है।

जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरे तंत्र में अधिकारियों, कारोबारियों और कथित सिंडिकेट से जुड़े लोगों की भूमिका रही। परिवहन की अनुमति और संबंधित प्रक्रियाओं को कथित तौर पर वसूली की व्यवस्था से जोड़ने के आरोप भी सामने आए हैं।

IAS जयप्रकाश मौर्य की भूमिका का भी जिक्र

छठे पूरक अभियोग पत्र में तत्कालीन भौमिकी एवं खनिकर्म संचालक IAS अधिकारी जयप्रकाश मौर्य की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। EOW का आरोप है कि आयरन पैलेट कारोबारियों से प्रति टन 100 रुपये की कथित वसूली से जुड़ी व्यवस्था में उनकी भूमिका थी।

जांच के दौरान जब्त एक डायरी में करीब एक करोड़ रुपये के भुगतान से संबंधित प्रविष्टियां मिलने का भी दावा किया गया है। जयप्रकाश मौर्य, निलंबित IAS अधिकारी रानू साहू के पति हैं। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

9,500 पन्नों के पूरक चालान में 12 आरोपी

EOW ने 5 अक्टूबर 2026 को रायपुर की विशेष अदालत में करीब 9,500 पन्नों का छठा पूरक अभियोग पत्र पेश किया। इसमें कुल 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

आरोपियों में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र सिंह यादव, पूर्व विधायक चंद्रदेव प्रसाद राय, पूर्व प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल और IAS जयप्रकाश मौर्य समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।

जांच एजेंसी ने अपनी कार्रवाई में दस्तावेजों, व्हाट्सएप बातचीत, बैंक लेनदेन और डायरी में दर्ज प्रविष्टियों को अहम साक्ष्य के तौर पर शामिल किया है।

व्हाट्सएप ग्रुप से कथित तौर पर होती थी निगरानी

EOW की जांच में कथित सिंडिकेट से जुड़े कुछ व्हाट्सएप ग्रुप का भी उल्लेख किया गया है। इनमें पाल ग्रुप और टुडे ग्रुप नाम के समूह शामिल बताए गए हैं।

जांच एजेंसी के अनुसार इन समूहों के जरिए परिवहन और कथित वसूली से संबंधित जानकारी का हिसाब रखा जाता था। आरोप है कि नकद भुगतान की पुष्टि होने के बाद ही परिवहन से जुड़ी अनुमति की प्रक्रिया आगे बढ़ती थी।

एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि कथित तौर पर जुटाई गई रकम को अलग अलग वित्तीय लेनदेन के जरिए संपत्तियों में लगाया गया।

कोयला मामले में पहले भी 540 करोड़ की कथित वसूली का आरोप

कोयला लेवी मामले की पिछली जांच में जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच करीब 540 करोड़ रुपये की कथित अवैध वसूली का आरोप सामने आया था। प्रवर्तन निदेशालय की जांच के अनुसार कोयला कारोबारियों और परिवहनकर्ताओं से प्रति टन 25 रुपये की रकम वसूले जाने का आरोप था।

जांच एजेंसियों ने दावा किया था कि इस रकम का इस्तेमाल अधिकारियों और राजनीतिक लोगों को भुगतान करने तथा चल और अचल संपत्तियों में निवेश के लिए किया गया।

अब जांच की अगली दिशा क्या होगी

लौह अयस्क और आयरन पैलेट परिवहन से जुड़े नए आरोपों के सामने आने के बाद EOW की जांच का दायरा और बढ़ गया है। अब एजेंसी कथित वसूली से जुड़े वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों और अलग अलग लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

फिलहाल 1,905 करोड़ रुपये का आंकड़ा उत्पादन और कथित दर के आधार पर निकाली गई अनुमानित राशि है। वास्तविक अवैध वसूली कितनी हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका थी, इसका अंतिम निर्धारण जांच और अदालत की कार्यवाही के बाद ही होगा।

महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त आज होगी जारी, 67 लाख से ज्यादा महिलाओं के खाते में आएंगे 632 करोड़ रुपये

रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए आज बड़ा दिन है। महतारी वंदन योजना के तहत अक्टूबर 2026 की 32वीं किस्त की राशि हितग्राहियों के खातों में भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 8 अक्टूबर को दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किस्त की राशि का अंतरण करेंगे।

67 लाख से ज्यादा महिलाओं को मिलेगा लाभ

महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त के लिए ई केवाईसी पूरी कर चुकी 67 लाख 38 हजार 217 महिलाओं का भुगतान के लिए अनुमोदन किया गया है। इन हितग्राहियों के खातों में डीबीटी के जरिए कुल 632 करोड़ 40 लाख 4 हजार 250 रुपये भेजे जाएंगे।

अक्टूबर की इस किस्त के भुगतान के बाद योजना के तहत अब तक स्वीकृत कुल सहायता राशि 20,708.11 करोड़ रुपये हो जाएगी।

पहली किस्त से अब तक कितना मिला

छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से लागू हुई थी। योजना के लिए 70 लाख 27 हजार 154 महिलाओं ने आवेदन किया था। इनमें पात्र पाई गई 70 लाख 9 हजार 578 महिलाओं को 10 मार्च 2024 को पहली बार सहायता राशि दी गई थी।

इसके बाद योजना के तहत लगातार किस्तों का भुगतान किया जा रहा है। अब तक 31 किस्तों में प्रदेश की महिलाओं के लिए 20,075.71 करोड़ रुपये की सहायता राशि मंजूर कर वितरित की जा चुकी है।

डीबीटी से सीधे खातों में पहुंचती है रकम

महतारी वंदन योजना में सहायता राशि का भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के जरिए किया जाता है। सरकार के मुताबिक इस राशि का इस्तेमाल महिलाएं सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के साथ परिवार में कुपोषण और एनीमिया की समस्या से निपटने में भी कर रही हैं।

किस आधार पर तय हुई 32वीं किस्त की संख्या

अक्टूबर 2026 की 32वीं किस्त के लिए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार कुल 68 लाख 52 हजार 661 हितग्राही पात्र हैं। इनमें से 67 लाख 31 हजार 314 हितग्राहियों की राशि के भुगतान के लिए अनुमोदन किया गया है।

इसके अलावा नियद नेल्लानार क्षेत्र के 6 हजार 903 हितग्राहियों की 12वीं किस्त के भुगतान का भी अनुमोदन किया गया है। दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 67 लाख 38 हजार 217 हितग्राहियों के खातों में डीबीटी के जरिए राशि भेजी जाएगी।

योजना के जरिए महिलाओं को मिल रही आर्थिक मदद

महतारी वंदन योजना का उद्देश्य प्रदेश की पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। नियमित किस्त के जरिए मिलने वाली राशि महिलाओं को घरेलू जरूरतों के साथ स्वास्थ्य, पोषण और अन्य जरूरी खर्चों में मदद देती है। 32वीं किस्त जारी होने के साथ योजना के तहत वितरित कुल राशि 20 हजार 708 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष देश के विकास और परिवर्तन की प्रेरक यात्रा: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में शासन प्रमुख के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज राजधानी रायपुर में सेवा, संकल्प और राष्ट्र निर्माण की भावना से ओतप्रोत ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ एवं ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन किया गया. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के जिला मुख्यालयों सहित कुल 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के निर्माण की घोषणा की. उन्होंने राजधानी रायपुर के तेलीबांधा चौक को भी ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के रूप में विकसित करने की घोषणा की.

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये संकल्प चौक जनसेवा, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के संकल्प के प्रतीक बनेंगे. ये आने वाली पीढ़ियों को यह प्रेरणा देंगे कि राष्ट्र की प्रगति में प्रत्येक नागरिक का योगदान महत्वपूर्ण है.

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को विकसित भारत एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प दिलाया. इसके पश्चात उन्होंने हाथों में मशाल लेकर ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का नेतृत्व किया और बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से प्रारंभ हुई यह यात्रा तेलीबांधा चौक तक निकाली गई. बड़ी संख्या में नागरिकों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक यात्रा में सहभागिता की.

प्रधानमंत्री श्री मोदी के 25 वर्ष का सेवाकाल राष्ट्र निर्माण की प्रेरक यात्रा

मुख्यमंत्री श्री साय ने विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को श्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में  जिम्मेदारी संभाली थी. मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनके निरंतर सेवाकाल के आज 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं. इन 25 वर्षों की यात्रा जनसेवा, सुशासन, विकास और राष्ट्रहित के प्रति अटूट समर्पण की यात्रा है.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी स्वयं को देश का ‘प्रधान सेवक’ मानते हैं. देश के 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं और उनके बेहतर भविष्य की चिंता करते हुए वे ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं. उनके नेतृत्व में भारत ने विकास के प्रत्येक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है और आज पूरी दुनिया भारत के बढ़ते सामर्थ्य और नेतृत्व को देख रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा ज्योति यात्रा प्रधानमंत्री श्री मोदी के जनसेवा के प्रति समर्पण को सम्मान देने के साथ ही विकसित भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी का संकल्प लेने का अवसर है. उन्होंने इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना की.

सेवा संकल्प अभियान में प्रदेशभर की भागीदारी

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में एक माह का ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है. इस दौरान सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जनकल्याण और सामाजिक सहभागिता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि अभियान की शुरुआत में 17 सितंबर को छत्तीसगढ़ के लोगों ने पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ डेढ़ करोड़ से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री श्री मोदी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की थी. सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से प्रदेश के नागरिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से लगातार जुड़ रहे हैं.

विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का विराट लक्ष्य देश के सामने रखा है. यह केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है. इस संकल्प को सिद्ध करने की क्षमता और सामर्थ्य हमारे देश और देशवासियों में है.

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण भी आवश्यक है. इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन @2047’ के माध्यम से आने वाले वर्षों के विकास की दिशा तय की है. प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में सहभागी बनें.

छत्तीसगढ़ के विकास के लिए मिलता है भरपूर सहयोग

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने से पहले विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के अनेक क्षेत्रों का व्यापक भ्रमण किया था. इस कारण वे प्रदेश की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के साथ यहां की संभावनाओं से भी भली-भांति परिचित हैं.

उन्होंने कहा कि जब भी प्रधानमंत्री श्री मोदी से छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा होती है, प्रदेश को अपेक्षा से बढ़कर उनका सहयोग और मार्गदर्शन मिलता है. प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास के नए अवसरों से जुड़ रहा है और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका को लगातार मजबूत कर रहा है.

वैश्विक अवसरों से जुड़ रहा छत्तीसगढ़

अपने हालिया सिंगापुर प्रवास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की सोच है कि भारत के राज्य भी दुनिया के विभिन्न देशों के साथ अपने आर्थिक और संस्थागत संबंधों को मजबूत करें तथा निवेश, तकनीक, कौशल और नवाचार के वैश्विक अवसरों का लाभ उठाएं.

उन्होंने कहा कि इसी दिशा में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ और हरियाणा को सिंगापुर में आयोजित प्रथम ‘Singapore-India Network for Growth (SING) Forum-2026’ में भागीदारी के लिए चुना गया. सिंगापुर प्रवास के दौरान उद्योग जगत, निवेशकों और बिजनेस फेडरेशन के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और साझेदारी को लेकर सार्थक चर्चा हुई.

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और सिंगापुर के संबंध पुराने और मजबूत हैं. सिंगापुर में विभिन्न प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के प्रति वैश्विक विश्वास तेजी से बढ़ा है. आज दुनिया भारत को विश्वास, संभावनाओं और विकास के बड़े केंद्र के रूप में देख रही है और इसका लाभ छत्तीसगढ़ जैसे तेजी से आगे बढ़ते राज्यों को भी मिल रहा है.

‘वी विल डू इट’ के संकल्प को जनभागीदारी से करेंगे साकार

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के ‘वी विल डू इट’ के उद्घोष का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य बड़ा अवश्य है, लेकिन देशवासियों के सामूहिक प्रयास से इसे हासिल करना निश्चित रूप सेसंभव है.

उन्होंने कहा कि विकसित राष्ट्र के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है. हमें भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के संकल्प के साथ अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करना होगा. जब देश का प्रत्येक नागरिक राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर अपनी जिम्मेदारी निभाएगा, तब विकसित भारत का संकल्प निश्चित रूप से सिद्ध होगा.

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के शासन प्रमुख के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेशवासियों की ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं दीं. उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी के स्वस्थ, प्रसन्न और दीर्घायु रहने तथा इसी ऊर्जा के साथ निरंतर देश की सेवा करते रहने की कामना की. उन्होंने नागरिकों से सेवा ज्योति यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता कर राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और मजबूत बनाने का आह्वान किया.

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, श्री इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्षगण, श्री यशवंत जैन, श्री अखिलेश सोनी, श्री राम गर्ग सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे.

नाना पाटेकर ने राजनीति से क्यों बनाई दूरी, किस नेता को मानते थे चाणक्य?

 Nana Patekar Death:  बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर के बाद उनके फिल्मी सफर के साथ उनकी निजी सोच और सामाजिक जीवन को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। नाना पाटेकर ने फिल्मों में कई यादगार किरदार निभाए, लेकिन राजनीति में उतरने से हमेशा दूरी बनाए रखी। खास बात यह है कि उन्हें सक्रिय राजनीति में आने के प्रस्ताव भी मिले थे।

2014 में मिला था चुनाव लड़ने का प्रस्ताव

2014 के लोकसभा चुनाव से पहले नाना पाटेकर का नाम राजनीतिक गलियारों में चर्चा में आया था। उस समय खबरें सामने आई थीं कि बीजेपी ने उन्हें मुंबई की एक लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारने के लिए संपर्क किया था।

हालांकि नाना पाटेकर ने राजनीति में आने का रास्ता नहीं चुना। 2014 के चुनाव में मुंबई उत्तर मध्य सीट से आखिरकार बीजेपी ने प्रमोद महाजन की बेटी पूनम महाजन को उम्मीदवार बनाया, जिन्होंने चुनाव जीतकर लोकसभा में प्रवेश किया।

राजनीति को लेकर क्या सोचते थे नाना

नाना पाटेकर सार्वजनिक जीवन में अपनी बेबाक राय के लिए पहचाने जाते थे। वह कई मौकों पर राजनीति और नेताओं पर अपनी बात रखते रहे, लेकिन खुद किसी राजनीतिक दल का हिस्सा बनने से बचते रहे।

उनसे जुड़े राजनीतिक बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर कई बार विवाद भी हुआ। एक चर्चित बयान को उनके नाम से वायरल किया गया था, लेकिन नाना पाटेकर ने खुद उस बयान से साफ इनकार किया था। फैक्ट चेक में भी उस कथित बयान को फर्जी पाया गया।

राजनीति में दोस्त कौन थे?

नाना पाटेकर की कई राजनीतिक हस्तियों से मुलाकात और दोस्ती रही, लेकिन उन्हें किसी एक राजनीतिक दल के सक्रिय नेता के तौर पर देखना सही नहीं होगा। उनका सार्वजनिक जीवन मुख्य रूप से सिनेमा और सामाजिक कार्यों से जुड़ा रहा।

उनकी राजनीतिक दिलचस्पी जरूर दिखाई देती थी, लेकिन उन्होंने चुनावी राजनीति को अपने करियर का हिस्सा नहीं बनाया। यही वजह है कि 2014 में चुनाव लड़ने की चर्चाओं के बावजूद उन्होंने खुद को राजनीति से दूर रखा।

किसे मानते थे राजनीति का चाणक्य?

नाना पाटेकर के बारे में यह दावा कई जगह मिलता है कि वह किसी खास नेता को राजनीति का चाणक्य मानते थे, लेकिन इस दावे की पुष्टि के लिए विश्वसनीय स्रोत में स्पष्ट और प्रत्यक्ष बयान मिलना जरूरी है। इसलिए इस हिस्से को बिना ठोस प्रमाण के तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।

इतना जरूर है कि नाना पाटेकर राजनीति पर अपनी राय रखने से कभी पीछे नहीं हटे, लेकिन उन्होंने अभिनेता के तौर पर अपनी पहचान को ही प्राथमिकता दी। उनके लिए राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के बजाय अपने तरीके से सामाजिक मुद्दों पर आवाज उठाना ज्यादा महत्वपूर्ण रहा।