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Wednesday, October 28, 2026
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भोपाल रेप कांड : फरहान खान और छह आरोपितों पर तय हुए आरोप, अब शुरू होगा ट्रायल

अब सबकी निगाहें अदालत की अगली सुनवाई पर होंगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पीड़िताओं के बयान और साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों के खिलाफ कितनी मजबूत दलीलें पेश की जाती हैं।

भोपाल। 26।08।2025:_

कॉलेज छात्राओं से दुष्कर्म, मारपीट, ब्लैकमेल और धर्म परिवर्तन के दबाव के चर्चित मामले में भोपाल जिला न्यायालय ने मुख्य आरोपी फरहान खान समेत छह आरोपितों पर आरोप तय कर दिए हैं। अब 1 सितंबर से इस सनसनीखेज मामले में ट्रायल शुरू होगा और गवाहों की गवाही अदालत के सामने पेश की जाएगी।

कौन-कौन हैं आरोपी?
अदालत ने फरहान खान के साथ उसके साथियों साहिल खान, अली अहमद, नबील, अबरार और साद उर्फ शम्सउद्दीन को अभियुक्त मानते हुए बीएनएस की धारा 61(2), 64, 115(2), 35(2), 66(ई), 296 और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3/5 के तहत आरोप तय किए हैं।

मामला कैसे शुरू हुआ?
पहली एफआईआर 12 अप्रैल को बाग सेवनिया थाने में एक पीड़िता की शिकायत पर दर्ज हुई।
इसके बाद अन्य छात्राओं ने भी हिम्मत जुटाकर अशोका गार्डन, ऐशबाग और जहांगीराबाद थानों में शिकायतें दर्ज कराईं।

आरोपों में दुष्कर्म, मारपीट, अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी और धर्म परिवर्तन का दबाव शामिल है।
चार अलग-अलग थानों में दर्ज मामलों की जांच पूरी होने के बाद जिला न्यायालय में अभियोग पत्र दाखिल किया गया।

अदालत की कार्यवाही
मुख्य आरोपी फरहान खान के वकील ने तीनों मामलों की अलग-अलग सुनवाई की मांग की थी, जिसे न्यायालय ने मंजूर कर लिया है। अगली तारीख 1 सितंबर को अपर लोक अभियोजक ट्रायल प्रोग्राम प्रस्तुत करेंगे, जिसके बाद गवाहों की गवाही शुरू होगी।

क्यों खास है यह केस?
यह मामला सिर्फ आपराधिक कृत्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और धार्मिक स्वतंत्रता कानून – तीनों बड़े पहलू जुड़े हैं। यही वजह है कि यह केस भोपाल ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में बहस का विषय बन चुका है।

सोने के घड़े की लालच कारोबारी से 20 लाख की ठगी, पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार

कोई भी संदिग्ध प्रस्ताव या अचानक मिली “अचानक दौलत” जैसी बातों से बचें और तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचना दें।

जनचौपाल 36 | सूर्यापेट (तेलंगाना)।
खजाने और सोने के सिक्कों का झांसा देकर ठगों ने एक व्यवसायी से 20 लाख रुपये की ठगी कर ली। मामला सूर्यापेट जिले का है, जहां कारोबारी को सोने से भरे घड़े का लालच देकर जाल में फंसाया गया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और 13.5 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।

कैसे बुना गया ठगी का जाल?
सूर्यापेट के व्यवसायी निम्मानगोटी वेंकटेश्वरलु होटल निर्माण का काम कर रहे थे। निर्माण स्थल पर मजदूरी करने वाले पसुपुला गणेश और ओरसु चंतिली ने उनकी आर्थिक स्थिति देखकर साजिश रच डाली। दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर कारोबारी को बताया कि खुदाई के दौरान उन्हें सोने के सिक्कों से भरे घड़े मिले हैं।

विश्वास दिलाने के लिए फर्जी वीडियो भी दिखाया गया। लालच में आकर व्यवसायी ने घड़े खरीदने के लिए 20 लाख रुपये दे दिए। लेकिन पैसे मिलते ही ठगों ने बहाने बनाने शुरू कर दिए और सोने के सिक्के कभी नहीं दिए।

पुलिस की कार्रवाई
धोखा समझ आने पर पीड़ित कारोबारी ने चिव्वेमला थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से 13.5 लाख रुपये नकद जब्त किए।
सूर्यापेट के डीएसपी प्रसन्ना कुमार ने लोगों को ऐसे लालच से सावधान रहने की नसीहत दी है।

जनचौपाल36 समीक्षा
यह घटना सिर्फ पुलिस केस नहीं है, बल्कि समाज के लिए चेतावनी है।
👉 लालच इंसान की सबसे बड़ी कमजोरी है, और इसी का फायदा ठग उठाते हैं।
👉 असली खजाने की खोज मेहनत और ईमानदारी से होती है, न कि झूठे वादों और शॉर्टकट्स से।


छत्तीसगढ़ में विकास की चौतरफा पहल : शिक्षा, आजीविका, कैशलेस व्यवस्था और वन्यजीव संरक्षण पर सरकार का फोकस

रायपुर, 25 अगस्त 2025( छत्तीसगढ़ जनसंपर्क)

छत्तीसगढ़ सरकार ने आज शिक्षा, ग्रामीण आजीविका, आबकारी प्रबंधन और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी चार अहम पहलें और कार्रवाइयाँ सामने रखीं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उनकी टीम के नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शासन की प्राथमिकता एक साथ समाज के हर वर्ग तक पहुंचना है।

1. ‘दीदी के गोठ’ : महिलाओं की आवाज़ अब रेडियो पर
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन–बिहान के अंतर्गत ‘‘दीदी के गोठ’’ नामक रेडियो कार्यक्रम का शुभारंभ 31 अगस्त से होगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा बिहान की दीदियों से सीधे संवाद करेंगे।

इसमें स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की प्रेरणा_दायी कहानिया साझा होंगी। यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।

2. शिक्षा विभाग की समीक्षा : गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सर्वोच्च प्राथमिकता
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने मंत्रालय में विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने कहा कि
“शिक्षा से ही प्रदेश का भविष्य सुरक्षित होगा”
और इसके लिए नियमित निरीक्षण, शिक्षकीय प्रशिक्षण और विभागीय समन्वय को मजबूत करना आवश्यक है।

3. शराब दुकानों में कैश_लेस व्यवस्था लागू होगी

आबकारी मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने घोषणा की कि प्रदेश की सभी शराब दुकानों में जल्द कैश_लेस भुगतान व्यवस्था लागू की जाएगी। उन्होंने विभागीय बैठक में निर्देश दिए कि
“शत-प्रतिशत लेन-देन अब ऑनलाइन होना चाहिए”।

इसके साथ ही मदिरा दुकानों में सीसीटीवी निगरानी, अवैध शराब पर कार्रवाई और अंतर्राज्यीय सीमाओं पर सख्ती की भी बात कही।

4. अवैध शिकार पर कार्रवाई : बलौदाबाजार में शिकारी गिरफ्तार

वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर वन विभाग की टीम ने बलौदाबाजार वनमंडल में अवैध शिकार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की।

टीम ने 23 किलो से अधिक चीतल मांस के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि एक आरोपी फरार है। अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद जरूरी है और दोषियों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

निष्कर्ष
एक ही दिन में सामने आई ये चार पहलें छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करती हैं—महिलाओं को सशक्त बनाना, शिक्षा को मजबूती देना, प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना।

नशे के सौदागरों से समाज कैसे बचेगा : चटाई बेचने के बहाने गांजा तस्करी का खुलासा

खबर 1
कोंडागांव। छत्तीसगढ़।25। 08। 2025
नशे का कारोबार लगातार नए-नए रूप बदलकर समाज में प्रवेश कर रहा है। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में पुलिस ने गांजे की बड़ी खेप पकड़ी है।
आरोपी चटाई बेचने के बहाने गांजे की तस्करी कर रहे थे।

पुलिस ने बांसकोट पुलिस चौकी क्षेत्र में चेकिंग के दौरान दो बाइकों को रोका। जांच में चटाइयों के बीच 39 किलो गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा था। इसकी बाजार कीमत करीब 3.98 लाख रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले (उन्हेल थाना क्षेत्र) निवासी विक्रम बंजारा और सुरेश बंजारा (दोनों 23 वर्ष) के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपियों से दो बाइक, दो मोबाइल फोन, 2,262 रुपये नगद और चटाइयां जब्त कीं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 5.11 लाख रुपये है।
दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई समाज को नशे की लत से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

खबर 2
बलौदा बाजार में नशीली दवाइयों का जाल : पश्चिम बंगाल से मुख्य सप्लायर गिरफ्तार

बलौदा बाजार।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। बलौदा बाजार जिले के सिमगा थाना क्षेत्र में पुलिस ने पहले तीन स्थानीय आरोपियों को नशीली टैबलेट्स के साथ पकड़ा था। पूछताछ में पता चला कि इन दवाइयों की सप्लाई पश्चिम बंगाल से हो रही थी।

10 जुलाई को पुलिस ने सिमगा मेन रोड पर चेकिंग के दौरान तीन युवकों को पकड़ा था। उनके पास से 3,900 नग नाइट्रोजन-10 टैबलेट, एक स्कूटी और मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। जब्त नशीली गोलियों की कीमत लगभग 24,180 रुपये आंकी गई थी।

जांच के बाद पुलिस टीम पश्चिम बंगाल पहुंची और हावड़ा (कोलकाता) में छापेमारी कर मुख्य सप्लायर शेख शहाबुद्दीन और बाबू भाई को गिरफ्तार किया।
पुलिस का कहना है कि नशे का यह अवैध कारोबार युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रहा है, जिसे रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।




तीजा-पोरा के नेवता पर राजधानी में उमड़ा मातृ शक्ति का सैलाब, ‘विष्णु भइया’ बने बहनों के भाई

पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आमंत्रण पर तीजा-पोरा पर्व धूमधाम से सम्पन्न, हजारों माताओं-बहनों ने किया उत्साहपूर्वक सहभागिता।

रायपुर।25।08।2025 (छत्तीसगढ़ जनसंपर्क)

लोक संस्कृति तीजा पोरा पर महिला सम्मेलन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेवता पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम आज पारंपरिक लोक संस्कृति और नारी शक्ति की भावनाओं से गूंज उठा। तीजा-पोरा पर्व के अवसर पर आयोजित भव्य महिला सम्मेलन में प्रदेशभर से हजारों माताएँ-बहनें शामिल हुईं।

मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने महिलाओं को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि तीजा नारी शक्ति की दृढ़ निष्ठा और परिवार के प्रति समर्पण का प्रतीक है।

उन्होंने कहा, “माताओं-बहनों की इतनी बड़ी उपस्थिति मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति अपनत्व और इस पर्व की महत्ता को दर्शाती है।”
कार्यक्रम में माताओं-बहनों का स्वागत साड़ी, श्रृंगार सामग्री और छत्तीसगढ़ी कलेवा भेंटकर किया गया।

कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने तीजा को खुशी और आत्मीयता का पर्व बताया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने

इसे धार्मिक, सामाजिक और प्राकृतिक सामंजस्य का प्रतीक कहा।
सरकार की महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए श्री साव ने बताया कि प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाओं को हर माह एक हजार रुपए की राशि दी जा रही है, जिससे महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और परिवार को मजबूती दे रही हैं।

इस अवसर पर पूर्व सांसद श्रीमती सरोज पांडेय, श्रम एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे समेत अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्यजन उपस्थित थे।
पंडवानी गायिका पद्मश्री श्रीमती उषा बारले और लोकगायिका कुमारी आरु साहू को सम्मानित कर आयोजन की गरिमा और बढ़ गई।

संपादकीय भाव (रिव्यू)
तीजा-पोरा पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकजुटता और नारी शक्ति के मान-सम्मान का उत्सव भी है। ‘विष्णु भइया’ के आमंत्रण पर बहनों की भारी भागीदारी यह दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ की परंपराएँ आज भी जीवन और राजनीति को जोड़ने का काम करती हैं। यह आयोजन केवल संस्कृति का उत्सव नहीं, बल्कि महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम भी है।

भारत लोकतंत्र की जननी है : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष ने कहा भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा रही हैं

रायपुर, 25 अगस्त 2025।(छत्तीसगढ़ जनसंपर्क)
छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा रही हैं। भारत ने प्राचीन काल से ही लोकतंत्र की भावना को आत्मसात किया है। विधानसभाएं लोकतंत्र को मजबूत करने का अहम माध्यम हैं, क्योंकि इन्हीं के जरिए जनता की आकांक्षाएं शासन की नीतियों में बदलती हैं।

डॉ.सिंह नई दिल्ली में आयोजित ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस में ‘भारत लोकतंत्र की जननी’ विषय पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की जड़ों में ग्राम पंचायतों की परंपरा रही है, जहाँ सामूहिक निर्णय और चर्चा से विवादों का समाधान होता था। यही परंपरा आज भी लोकतंत्र की रीढ़ बनी हुई है।

डॉ सिंह ने संविधान सभा का उल्लेख करते हुए कहा कि 1946 में गठित यह सभा भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थाओं की सर्वोच्च मिसाल रही है।

गौरतलब है कि यह सम्मेलन वीर विठ्ठल भाई पटेल, जो देश के प्रथम निर्वाचित भारतीय स्पीकर थे, की जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। दो दिवसीय इस सम्मेलन का शुभारंभ केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने किया।

इस अवसर पर देशभर से विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी शामिल हुए। सम्मेलन में भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक मजबूत करने तथा उसकी भूमिका को व्यापक बनाने पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।

सीएम साय जापान दौरा

बस्तर के गौरव अविनाश तिवारी से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, छत्तीसगढ़ में निवेश पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बस्तर के होनहार अविनाश तिवारी से टोक्यो में मिले।छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापना को लेकर हुई सकारात्मक चर्चा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान टोक्यो में BOYES & MOORES INTERNATIONAL COMPANY, जापान के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर एवं बस्तर के गौरव श्री अविनाश तिवारी से सौहार्दपूर्ण मुलाकात की।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश और उद्योग स्थापना की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों, औद्योगिक आधारभूत ढांचे और निवेशकों को मिलने वाले सहयोग की जानकारी साझा की।

उल्लेखनीय है कि श्री अविनाश तिवारी, जो मूलतः बस्तर जिले के तोकापाल क्षेत्र के निवासी हैं और नवोदय विद्यालय, बारसूर (दंतेवाड़ा) के पूर्व छात्र रहे हैं, वर्तमान में जापान की प्रतिष्ठित कंपनी में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। उनके पिता डॉ. सुरेश तिवारी सेवानिवृत्त शिक्षक हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने भरोसा जताया कि श्री तिवारी जैसे युवा, जिन्होंने बस्तर की धरती से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है, की सहभागिता से प्रदेश में उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि बस्तर की धरती से निकलकर वैश्विक मंच पर पहचान बनाने वाले प्रतिभाशाली युवा अब छत्तीसगढ़ के विकास में भी योगदान दे रहे हैं।



बिहार एसआईआर 2025 : 98.2% निर्वाचकों के दस्तावेज़ प्राप्त, 1 सितंबर तक शेष 8 दिन

बिहार में एसआईआर 2025 के तहत अब तक 98.2% निर्वाचकों के दस्तावेज़ जमा हो चुके हैं। शेष 1.8% के लिए 1 सितंबर तक समय, अंतिम सूची 30 सितंबर को।

Posted On: 24 AUG 2025, 10:15 AM | By PIB Delhi | जनचौपाल36

🔹 बिहार में निर्वाचक सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण

बिहार में 24 जून से 25 जुलाई 2025 तक चले निर्वाचक सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के गणना चरण का सफल समापन हो चुका है। इसके बाद 1 अगस्त 2025 को प्रारूप निर्वाचक सूची प्रकाशित की गई।
दावे, आपत्तियां और दस्तावेज़ जमा करने की अवधि 1 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक तय की गई है।

🔹 98.2% निर्वाचकों के दस्तावेज़ प्राप्त

मुख्य निर्वाचन अधिकारी, बिहार के अनुसार अब तक 98.2% निर्वाचकों के दस्तावेज़ प्राप्त हो चुके हैं।
इसका अर्थ है कि 60 दिनों में प्रतिदिन औसतन 1.64% निर्वाचकों ने दस्तावेज़ जमा किए।
अब केवल 1.8% निर्वाचक शेष हैं, जिनके दस्तावेज़ बीएलओ और स्वयंसेवकों की मदद से एकत्र किए जा रहे हैं।

🔹 राजनीतिक दलों और अधिकारियों की सक्रिय भूमिका

भारत निर्वाचन आयोग ने 38 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी, 243 ईआरओ, 2,976 एईआरओ, 90,712 बीएलओ, लाखों स्वयंसेवकों और सभी 12 प्रमुख राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की है।
इन राजनीतिक दलों के 1.60 लाख बीएलए (Booth Level Agents) भी प्रक्रिया में लगातार सहयोग कर रहे हैं।

🔹 दावे और आपत्तियां

अब तक कुल 0.16% दावे और आपत्तियां दर्ज की गई हैं।
इनमें से 1,21,143 दावे और आपत्तियां सीधे निर्वाचकों से प्राप्त हुई हैं।
मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए से 10 आपत्तियां दर्ज हुई हैं।
अन्य व्यक्तियों की ओर से कोई दावा दर्ज नहीं हुआ।

🔹 नए निर्वाचक

1 जुलाई या 1 अक्टूबर 2025 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं में से 3,28,847 नए निर्वाचकों ने फार्म-6 और घोषणा पत्र प्रस्तुत किया है।

🔹 आगे की प्रक्रिया

25 सितंबर 2025 तक सभी दावों और आपत्तियों पर निर्णय एवं दस्तावेज़ों का सत्यापन संबंधित ईआरओ/एईआरओ द्वारा पूरा किया जाएगा।
अंतिम निर्वाचक सूची 30 सितंबर 2025 को प्रकाशित होगी।

✅ निष्कर्ष / संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial View):

बिहार में एसआईआर की प्रगति यह दर्शाती है कि प्रशासनिक व्यवस्था, तकनीकी सहयोग और जनता की भागीदारी के चलते निर्वाचन प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है। यह न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करती है बल्कि आने वाले चुनावों की विश्वसनीयता को भी सुनिश्चित करती है।

📰 समय की तीन बड़ी सुर्खियाँ: रक्षा सौदा, मिसाइल परीक्षण और व्यापार वार्ता

सीमा की सुरक्षा और आर्थिक स्वाभिमान। यही भारत की असली परीक्षा और सफलता का आधार होगा।

नई दिल्ली, 24 अगस्त 2025
भारत आज तीन अहम मोर्चों पर चर्चा का केंद्र बना—रक्षा, तकनीक और वैश्विक कूटनीति। जर्मनी के साथ बहुचर्चित पनडुब्बी सौदे को मंजूरी, एयर डिफेंस सिस्टम का सफल परीक्षण और भारत–अमेरिका व्यापार वार्ता में उठते सवाल देश की तात्कालिक सुर्खियों में रहे।

_1_ 🇮🇳 इंडो–जर्मन पनडुब्बी सौदा

भारत सरकार ने प्रोजेक्ट-75आई के तहत छह अत्याधुनिक पनडुब्बियों के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है। करीब ₹70,000 करोड़ के इस सौदे से नौसेना की सामरिक क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। इन पनडुब्बियों का निर्माण भारतीय शिपयार्ड में जर्मनी के सहयोग से किया जाएगा। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए यह समझौता भारत की सुरक्षा दृष्टि से ऐतिहासिक कदम साबित होगा।

_2_ एयर डिफेंस वेपन सिस्टम का सफल परीक्षण

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा तट से इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम का सफल परीक्षण कर अपनी तकनीकी क्षमता का परिचय दिया। यह प्रणाली एक साथ कई हवाई खतरों जैसे ड्रोन, मिसाइल और लड़ाकू विमानों को पहचानने और उन्हें निष्क्रिय करने में सक्षम है। रक्षा मंत्रालय ने परीक्षण को ‘मेक इन इंडिया’ पहल की बड़ी सफलता बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रणाली आने वाले वर्षों में भारतीय वायु रक्षा तंत्र की रीढ़ बनेगी।

_3_🌐 भारत–अमेरिका व्यापार वार्ता

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बयान दिया कि भारत–अमेरिका व्यापार वार्ता अभी जारी है, लेकिन अमेरिका द्वारा नए टैरिफ लगाने की संभावना ने अनिश्चितता बढ़ा दी है। भारत ने कृषि और लघु उद्योगों के हितों की रक्षा को सर्वोपरि बताते हुए साफ किया है कि वह घरेलू उत्पादकों के नुकसान की कीमत पर कोई समझौता नहीं करेगा। व्यापार विशेषज्ञ मानते हैं कि इन वार्ताओं का असर भारत–अमेरिका आर्थिक रिश्तों पर गहरा पड़ सकता है।

✍️ संपादकीय समीक्षा
आज की तीनों घटनाएँ हमें भारत की बदलती प्राथमिकताओं और चुनौतियों की झलक दिखाती हैं। रक्षा सौदा और मिसाइल परीक्षण यह संकेत देते हैं कि भारत अपनी सुरक्षा पर किसी भी तरह का समझौता करने को तैयार नहीं है। यह केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता हुआ कदम है।

दूसरी ओर, भारत–अमेरिका व्यापार वार्ता में उभरी असहजता बताती है कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में मित्र राष्ट्र भी अपने हितों से पीछे नहीं हटते। ऐसे में भारत के लिए जरूरी है कि वह अपने कूटनीतिक कौशल और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के सहारे संतुलन बनाए रखे।

स्पष्ट है कि आने वाले समय में भारत को एक साथ दो मोर्चों पर मजबूती से खड़ा होना होगा—सीमा की सुरक्षा और आर्थिक स्वाभिमान। यही उसकी असली परीक्षा और सफलता का आधार होगा।

एक आह्वान — एक नये अध्यात्म का जहाँ धर्म का अर्थ हो – दया

“यह आलेख पारंपरिक धार्मिक ढकोसलों पर प्रश्न उठाते हुए आत्मा, संस्कार और भक्ति के वास्तविक अर्थ की खोज करता है। नया अध्यात्म — जहाँ धर्म दया बने, भक्ति स्वत्व का बोध और आत्मा संवेदनशील चेतना।”

डिस्क्लेमर : यह आलेख लेखक और पाठक के संवाद से उपजा आत्मचिंतन मात्र है। इसका उद्देश्य किसी भी धर्म, समाज, समुदाय या व्यक्ति का विरोध करना नहीं है। यदि यह किसी को अप्रिय लगे तो उसके लिए खेद है।

एक नया आध्यात्म
“जब आत्मा क्या है यही नहीं जान पाए, फिर हम किसी के प्रति स्वार्थवश झुक रहे तो कहां का संस्कार?”

यह प्रश्न एक प्रहार है उस समूचे धार्मिक ढाँचे पर, जो अनजाने में भी ढकोसले की नींव पर खड़ा है।
इसमें तीन प्रमुख बिंदु हैं—आइए उन्हें खोलकर समझें।

🧩 1. आत्मा क्या है — यह ही नहीं समझे
हमने ‘आत्मा’ को शब्दों में स्वीकार किया है, पर अनुभव में नहीं।
कहते हैं “आत्मा अमर है”, लेकिन मौत से डरते हैं।
कहते हैं “सब में आत्मा है”, लेकिन

जाति–धर्म–रंग–रूप से भेद करते हैं।
जिसे जाना नहीं, महसूस नहीं किया, उसके नाम पर जीना — आत्म–छल है।
हम ‘आत्मा’ नहीं जी रहे, हम ‘आत्मिक दिखावा’ कर रहे हैं।

🧩 2. संस्कार नहीं, स्वार्थ है
“किसी के प्रति स्वार्थवश झुकना क्या संस्कार है?”
नहीं।
स्वार्थवश झुकाव = “लेन-देन की पूजा”
= “भय की भक्ति”
= “प्रलोभन में प्रेम”।

यह न संस्कार है, न समर्पण। यह तो मन की बाज़ारू मुद्रा है, जिसमें हम भगवान को भी “डील” मान बैठे।
“तेल चढ़ाया, अब फल दो।
व्रत किया, अब वर दो।”

🧩 3. तो फिर झुकते क्यों हैं?
क्योंकि बचपन से यही सिखाया गया:
डरना = श्रद्धा
दिखावा = अनुभव
भय = भक्ति
हमारे झुकाव में श्रद्धा नहीं, आदत है।
हमने भक्ति नहीं सीखी, बस उसकी मिमिक्री सीखी है।

✅ समाधान क्या?
🔸 खुद से यह पूछना:
“क्या मैं सचमुच जानना चाहता हूँ, या बस दूसरों की तरह दिखना चाहता हूँ?”

🔸 हर “दिखावे वाले कर्म” से धीरे–धीरे मुक्त होना:
बिना भाव मंदिर न जाना
बिना समझे पाठ न पढ़ना
दूसरों की भक्ति पर टिप्पणी नहीं, अपने भीतर उतरना
🔸 और तब शुरू होगा “अनुभव आधारित आत्मिक जीवन”।

✍️ निष्कर्ष
“यहां कुछ नहीं है — ना आत्मा का झुकाव, ना ही संस्कार।”

दरअसल यह एक आह्वान है — एक नये अध्यात्म का।
जहाँ धर्म का अर्थ हो – दया,

भक्ति का अर्थ हो – स्वत्व का बोध,
और आत्मा का अर्थ हो – संवेदनशील, सत्य को पहचानने वाली चेतना।🙏

:छत्तीसगढ़ की 3 खबरें: राज्यपाल श्री डेका पोला पर्व उत्सव में हुए शामिल: 46 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस,

राज्यपाल रमेन डेका ने नवा रायपुर में मनाया पारंपरिक पोला पर्व,उपमुख्यमंत्री साव रहे मौजूद।

रायपुर, 23 अगस्त 2025

राज्यपाल श्री रमेन डेका आज
आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन, पशुधन विभाग के मंत्री श्री राम विचार नेताम के नवा रायपुर स्थित निवास में आयोजित पारंपरिक पोला पर्व उत्सव में शामिल हुए।

राज्यपाल ने इस अवसर पर भगवान शंकर का अभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ के इस लोकपर्व को हर्षोल्लास से मनाया।

उन्होंने प्रदेशवासियों को पोला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

इस मौके पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, अन्य मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि एवं अनेक अतिथि उपस्थित थे।

कलिंगा यूनिवर्सिटी सम्मान : जीपीएम जिले की अर्चना सामुएल मसीह और स्वप्निल पवार को मिली पहचान

गौरेला-पेंड्रा-मारवाही, 23 अगस्त 2025 (छग जनसंपर्क)।

कलिंगा यूनिवर्सिटी रायपुर में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में जिले के दो शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

समारोह में कुलपति डॉ. संजीव गांधी तथा मुख्य अतिथि श्री आर्यवीर आर्य, संस्थापक एवं महासचिव गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया, ने शिक्षिका अर्चना सामुएल मसीह एवं स्वप्निल पवार को सम्मान प्रदान किया।

शिक्षिका अर्चना सामुएल मसीह और स्वप्निल पवार को 5 सितंबर 2024 को महामहिम राज्यपाल द्वारा पुरस्कृत किया गया था। इसी उपलब्धि के उपलक्ष्य में 22 सितंबर 2025 को कलिंगा यूनिवर्सिटी ने उन्हें सम्मानित किया।

अर्चना सामुएल मसीह वर्तमान में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, मगुरदा (ब्लॉक मारवाही) में कार्यरत हैं। वे गाइड संगठन तथा रेड क्रॉस राज्य प्रतिनिधि के रूप में भी सक्रिय योगदान दे रही हैं।
स्वप्निल पवार वर्तमान में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), पेंड्रा में पीटीआई के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।

दोनों शिक्षकों को शिक्षा क्षेत्र में उनके नवाचार, उत्कृष्ट कार्य, उल्लेखनीय उपलब्धियों, सहयोग एवं सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।

एसडीएम ने 46 पटवारियों को जारी किया नोटिस

डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही का मामला

रायपुर, 22 अगस्त 2025 (छत्तीसगढ़ जनसंपर्क )
डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं फार्मर रजिस्ट्री कार्य में लापरवाही बरतने पर कोरिया जिले में बड़ी कार्रवाई की गई है। बैकुंठपुर एवं सोनहत एसडीएम ने कुल 46 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

इनमें बैकुंठपुर तहसील के 16, पटना के 15, पोड़ी बचरा के 5 तथा सोनहत तहसील के 10 पटवारी शामिल हैं। यह कार्रवाई कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी के निर्देश पर की गई है।

गौरतलब है कि शासन द्वारा पटवारियों को डिजिटल क्रॉप सर्वे में सर्वेयर आईडी तैयार करने, खसरा ऑनलाइन उपलब्ध कराने और सर्वेक्षित खसरों का अनुमोदन करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
लेकिन लापरवाही के चलते अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यदि कार्य समय पर पूर्ण नहीं हुआ, तो धान खरीदी व्यवस्था सहित शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर असर पड़ेगा। इस पर नाराजगी जताते हुए संबंधित पटवारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

सभी पटवारियों को तीन दिनों के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जिले के 161 ग्रामों में चल रहे डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्य को 30 सितम्बर 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।