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Friday, October 30, 2026
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नक्सल की पहचान से विकास की पहचान तक पहुँचा बस्तर : तोखन साहू

सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और योजनाओं से बदल रही है बस्तर की तस्वीर

रायपुर, 15 सितंबर 2025 | विशेष संवाददाता
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि कभी नक्सल हिंसा से जूझता बस्तर अब विकास और समृद्धि की नई पहचान बना रहा है। गाँव-गाँव तक सड़कें पहुँच रही हैं, महिलाएँ उज्ज्वला योजना से धुएँ से मुक्ति पा रही हैं और गरीब परिवारों को पक्के मकान मिल रहे हैं। यही बदलता बस्तर अब नए भारत की तस्वीर गढ़ रहा है।

सुकमा में आयोजित “नक्सल मुक्त भारत : समृद्धि और एकता की राह” विषयक कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्री साहू ने बताया कि सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से खत्म करना है।

विकास और सुरक्षा साथ-साथ
श्री साहू ने कहा कि नक्सलवाद केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन की देन भी है। इसी को ध्यान में रखकर सरकार ने “पुनर्वास और आत्मसमर्पण नीति 2025” लागू की है, जिसके तहत हिंसा का रास्ता छोड़ने वालों को आर्थिक मदद, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ दी जा रही हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लागू योजनाएँ—प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना और स्वच्छ भारत अभियान—ग्रामीण अंचलों में नई ऊर्जा और उम्मीद पैदा कर रही हैं।

धरती आबा अभियान से आदिवासी गाँवों को नई दिशा
बस्तर के सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि सुरक्षाबलों की सख्त कार्रवाई और सरकार की योजनाओं से नक्सली संगठन बिखर रहे हैं। आने वाले समय में बस्तर शांति, प्रगति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनेगा।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा शुरू किया गया “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” 80,000 करोड़ रुपये की लागत से 63,000 आदिवासी गाँवों का विकास करेगा, जिससे पाँच करोड़ से अधिक जनजातीय भाई-बहनों को सीधा लाभ मिलेगा।

पत्रकार समाज की नब्ज़
श्री साहू ने कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकारों से संवाद करते हुए कहा कि पत्रकार समाज की आवाज़ और जनता की नब्ज़ समझने का सबसे मजबूत माध्यम हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनके सुझावों और सवालों को गंभीरता से केंद्र तक पहुँचाया जाएगा।

उन्होंने अपील की कि पत्रकार सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएँ, ताकि नई पीढ़ी हिंसा से दूर रहकर शिक्षा और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ सके।

अब नहीं बख्शे जाएंगे अपराधी : बेमेतरा पुलिस की कड़ी कार्रवाई

पुलिस द्वारा घेराबंदी कर पाँच आरोपियों को मौके से हिरासत में लिया गया।

बेमेतरा, 14 सितम्बर 2025।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बेमेतरा रामकृष्ण साहू (IPS) के निर्देशन में जिलेभर में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में थाना चंदनू और सायबर सेल की संयुक्त टीम ने ग्राम मऊ में दबिश देकर पाँच आरोपियों को हिरासत में लिया है।


कैसे हुई कार्रवाई


ग्राम मऊ में बाहरी लोगों के आकर खेतों में जुआ खेलने और संदिग्ध गतिविधियाँ करने की सूचना पुलिस को लगातार मिल रही थी। 13 सितम्बर को मिली सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुँची। पूछताछ में आरोपियों का व्यवहार आक्रामक पाया गया और संज्ञेय अपराध की आशंका पर उन्हें गिरफ्तार किया गया।


गिरफ्तार आरोपी


राजकुमार सिंह (60), निवासी तारबहार नाका, बिलासपुर।
विवेक गोले (36), निवासी दयालबंद वार्ड 40, बिलासपुर।
संतोष सोनकर (44), निवासी कलबला चौक वार्ड 34, बिलासपुर।
बिरेन्द्र आंठले (49), निवासी जालबद वार्ड 33, बिलासपुर।
अफजल खान (34), निवासी वार्ड 44, सरकण्डा, बिलासपुर।
इन पाँचों पर धारा 170, 126, 135(3) बीएनएसएस के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। इनके खिलाफ पहले से भी बिलासपुर जिले के विभिन्न थानों में आपराधिक एवं जुआ एक्ट के प्रकरण दर्ज हैं।


एसएसपी का संदेश


एसएसपी साहू ने कहा कि—
“जिले में अवैध शराब, नशीले पदार्थ, जुआ, सट्टा, गुंडागर्दी और फरार अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। कानून तोड़ने वालों को किसी भी हाल में नहीं बख्शा जाएगा।”


जनसहयोग की अपील


बेमेतरा पुलिस ने जनता से अपील की है कि अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम (नंबर 94791-92013) पर दें। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।


टीम का योगदान


इस कार्रवाई में एसडीओपी बेरला विनय कुमार, सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक मयंक मिश्रा, थाना प्रभारी चंदनू एएसआई द्वारिका प्रसाद देशलहरे सहित पुलिस बल की पूरी टीम का सराहनीय योगदान रहा।

प्रधानमंत्री मोदी करेंगे ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ और 8वें पोषण माह का शुभारंभ

एक लाख से अधिक स्वास्थ्य शिविर, महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर राष्ट्रीय स्तर का सबसे बड़ा अभियान

नई दिल्ली, 14 सितम्बर 2025 (PIB Delhi):

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 17 सितम्बर को ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ और 8वें पोषण माह की शुरुआत करेंगे। यह अभियान महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण को मज़बूत बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल होगी।

अभियान का नेतृत्व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय करेंगे। 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक पूरे देश में एक लाख से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित होंगे। इन शिविरों में गैर-संचारी रोग, कैंसर, एनीमिया, टीबी, सिकल सेल रोग और मातृ स्वास्थ्य की जाँच व उपचार की व्यवस्था रहेगी।

आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूह और MY Bharat के स्वयंसेवक जमीनी स्तर पर लोगों को जोड़ेंगे। मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और केंद्रीय संस्थानों में स्त्री रोग, बाल रोग, नेत्र, दंत और अन्य विशेषज्ञ सेवाएँ भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

अभियान के दौरान रक्तचाप, शुगर और मोटापा की जाँच, कैंसर स्क्रीनिंग, एचबी टेस्ट, आयरन सप्लीमेंट वितरण, टीबी जांच, सिकल सेल स्क्रीनिंग, प्रसवपूर्व देखभाल और टीकाकरण जैसी सेवाएँ दी जाएंगी। साथ ही पोषण परामर्श, संतुलित आहार प्रदर्शन, मासिक धर्म स्वच्छता और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम भी होंगे।

रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए ई-रक्तकोष और MyGov प्लेटफ़ॉर्म पर राष्ट्रीय स्तर का अभियान चलेगा। योग व आयुर्वेद जैसी आयुष सेवाएँ भी शामिल की जाएंगी।

कई मंत्रालयों और संस्थानों के सहयोग से यह पहल प्रधानमंत्री के स्वस्थ भारत–सशक्त भारत और 2047 तक विकसित भारत के विज़न को आगे बढ़ाएगी।

जशपुर जिला प्रशासन और विज्ञान भारती के बीच समझौता ज्ञापन

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में हस्ताक्षर, विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की पहल

रायपुर, 14 सितम्बर 2025 | छत्तीसगढ़ जनसंपर्क

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की गरिमामयी उपस्थिति में आज जशपुर जिला प्रशासन एवं विज्ञान भारती के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य जिले के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास करना तथा उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जोड़ना है।

इस पहल के अंतर्गत विद्यालयों में विज्ञान शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न अभिनव कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसके माध्यम से बच्चों में विज्ञान के प्रति उत्सुकता और जिज्ञासा को नए आयाम मिलेंगे तथा शिक्षा का स्वरूप अधिक व्यावहारिक और प्रयोगशील बनेगा।

विज्ञान भारती पूर्व से ही जिले में कई गतिविधियों में सहयोग कर रही है। इनमें “स्पेस ऑन व्हील” कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान का अनुभव कराना, विज्ञान क्लबों की स्थापना से नवाचार को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थी विज्ञान मंथन जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को विज्ञान, गणित और प्रौद्योगिकी की ओर प्रेरित करना शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह समझौता जिले के विद्यार्थियों के लिए नए अवसर खोलेगा। उन्होंने कहा,
“वैज्ञानिक दृष्टिकोण से लैस नई पीढ़ी ही आत्मनिर्भर भारत और विज्ञाननिष्ठ समाज की नींव रखेगी।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और विज्ञान को समाज में परिवर्तन का सबसे बड़ा साधन मानती है और इस दिशा में सभी प्रयासों को प्रोत्साहन देती रहेगी। जशपुर जिला प्रशासन एवं विज्ञान भारती का यह संयुक्त प्रयास न केवल विद्यालयीन शिक्षा को सुदृढ़ करेगा, बल्कि विद्यार्थियों को विज्ञान एवं नवाचार की दुनिया में नई उड़ान भी देगा।

इस साझेदारी से जशपुर जिले में शिक्षा का स्तर और ऊँचा होगा तथा आने वाली पीढ़ी विज्ञान और प्रौद्योगिकी की रोशनी से अपने भविष्य को और अधिक सशक्त बना सकेगी।

‘मैं शिवभक्त हूं, जहर पी जाता हूं’, असम में बोले प्रधानमंत्री मोदी

कांग्रेस पर निशाना, पूर्वोत्तर के सम्मान और 1962 युद्ध का किया जिक्र

दरांग (असम)।14/09/2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को असम के दरांग जिले में अपने पूर्वोत्तर दौरे की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने 18,530 करोड़ रुपये की औद्योगिक और आधारभूत ढांचा परियोजनाओं का शुभारंभ किया।

मोदी बोले – गालियां सह सकता हूं, पर मां और सपूतों का अपमान नहीं

सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद मां कामाख्या के आशीर्वाद से मैं पहली बार असम आया हूं। जन्माष्टमी पर मैं देशवासियों को शुभकामनाएं देता हूं।”
कांग्रेस पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि “भगवान शिव का भक्त होने के नाते मैं गालियों का जहर पी जाता हूं, लेकिन मां और महान सपूतों का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता।”

भूपेन हजारिका को भारत रत्न देने पर कांग्रेस पर बरसे प्रधानमंत्री मोदी

उन्होंने याद दिलाया कि जब गायक और संगीतकार भूपेन हजारिका को भारत रत्न दिया गया था तो कांग्रेस नेतृत्व ने तंज कसा था, जिसे असम और पूर्वोत्तर का अपमान बताया।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार विकास को नई रफ्तार दे रही है और पूर्वजों के सपनों को पूरा करने की दिशा में कार्यरत है।

असम दौरे में पीएम मोदी का कांग्रेस पर तीखा वार, पूर्वोत्तर के सम्मान की बात दोहराई

अपने संबोधन में उन्होंने 1962 के चीन युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय के तत्कालिक प्रधानमंत्री के बयान ने पूर्वोत्तर के लोगों के दिलों में गहरी चोट पहुंचाई थी, जो अब तक भरी नहीं है।

हिंदी दिवस विशेष: हिंदी – देश की आत्मा और संस्कृति का दर्पण

“हिंदी हमारी आत्मा है, हमारी पहचान है और हमारे राष्ट्र का स्वर है।”

नई दिल्ली, 14 सितम्बर 2025


हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारी भाषा केवल संवाद का माध्यम ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय अस्मिता का जीवंत प्रतीक है।


हिंदी: महासागर की गहराई जैसी भाषा
हिंदी शब्द की उत्पत्ति मानो हिंद महासागर से हुई हो, जो अपनी गहराई, विस्तार और ऊर्जा से दुनिया को जोड़ता है। इस भाषा में लय, छंद और व्याकरण की उत्कृष्टता ऐसी है, जो इसे सिर्फ बोलचाल की भाषा नहीं, बल्कि साहित्य और कला का अद्वितीय खजाना बनाती है।


हिंदी की पहचान – हिंद, हिंदू, हिंदुस्तान
हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि हिंद, हिंदू और हिंदुस्तान के सांस्कृतिक सूत्र को पिरोने वाली डोर है। यही कारण है कि हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में स्वीकार किया गया और आज यह विश्व की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है।


वैश्विक परिप्रेक्ष्य में हिंदी
आज हिंदी केवल भारत तक सीमित नहीं है। विदेशों में बसे करोड़ों भारतीय और हिंदीप्रेमी इसे संस्कृति और भावनाओं का सेतु मानते हैं। मॉरीशस, फिजी, नेपाल, अमेरिका, ब्रिटेन, खाड़ी देशों और अफ्रीका तक हिंदी अपनी छाप छोड़ चुकी है।


डिजिटल युग में हिंदी
इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस दौर में हिंदी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। यूनिकोड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अनुवाद तकनीक ने हिंदी को वैश्विक संचार की अग्रणी भाषा बना दिया है।


हिंदी दिवस का संदेश
हिंदी दिवस हमें यह संकल्प दिलाता है कि हम अपनी मातृभाषा को न सिर्फ बोलें और लिखें, बल्कि उसे गर्व के साथ अपनाएँ। क्योंकि –
“हिंदी हमारी आत्मा है, हमारी पहचान है और हमारे राष्ट्र का स्वर है।”

मणिपुर में पीएम मोदी का दौरा: ₹8,500 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, शांति का संदेश

आशा और विकास की नई सुबह “हिंसा की आग से जूझ रहे मणिपुर में पीएम मोदी का शांति संदेश और विकास की सौगात”

इंफाल/चुराचांदपुर, 14 सितम्बर 2025


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मणिपुर का दौरा कर राज्य के लिए ₹8,500 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। यह दौरा विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मई 2023 से चले आ रहे जातीय हिंसा ने राज्य की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को गहराई से प्रभावित किया है।


विकास की सौगात
इंफाल में करीब ₹1,200 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, जिसमें नया सिविल सेक्रेटेरिएट, पुलिस मुख्यालय, इमा मार्केट्स और मणिपुर भवन जैसी परियोजनाएँ शामिल हैं।
चुराचांदपुर में लगभग ₹7,300 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, जिसमें सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाएँ प्रमुख रहीं।


शांति का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि “शांति ही विकास का मूल आधार है”। उन्होंने मणिपुर के दोनों समुदायों से हिंसा छोड़कर संवाद और भाईचारे की राह अपनाने की अपील की।


हिंसा की पृष्ठभूमि
मई 2023 से शुरू हुई मेइतेइ और कुकी-जो समुदायों के बीच झड़पों में अब तक करीब 260 लोगों की मौत और लगभग 60,000 लोगों का विस्थापन हो चुका है। पीएम मोदी ने हिंसा प्रभावित परिवारों से भी मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी।


क्या बदलेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से न सिर्फ बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में भी बड़ा सुधार आएगा। इससे राज्य में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिल सकती है।

रेड कॉरिडोर से डेवलपमेंट कॉरिडोर की ओर बढ़ रहा बस्तर : केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू

प्रविष्टि तिथि: 13 SEP 2025 | PIB रायपुर

रायपुर। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कभी नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्र आज विकास की मुख्यधारा में जुड़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2014 से अब तक सरकार ने सुरक्षा, समावेशी विकास और पुनर्वास को केंद्र में रखकर जो पहल की है, उसके परिणामस्वरूप नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है।

पत्र सूचना कार्यालय (PIB) द्वारा आयोजित वार्तालाप कार्यक्रम में श्री साहू ने कहा कि सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक पूर्णतः नक्सल-मुक्त भारत बनाना है।

विकास की मुख्यधारा में बस्तर

श्री साहू ने कहा, “संदेश साफ है कि हिंसा का कोई भविष्य नहीं है, भविष्य केवल विकास का है। कभी ‘रेड कॉरिडोर’ कहे जाने वाले इलाके अब ‘डेवलपमेंट कॉरिडोर’ बन रहे हैं। सड़कें, बिजली, शिक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी भय और पिछड़ेपन की जगह ले रही हैं।”
उन्होंने बताया कि पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति 2025 के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को प्रोत्साहन राशि, मासिक भत्ता, भोजन-आवास सुविधा, हथियार जमा करने पर नकद सहायता, तथा शिक्षा और रोजगार सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सामूहिक आत्मसमर्पण करने वालों को दुगुने लाभ दिए जा रहे हैं।
इसके साथ ही, नक्सल-मुक्त घोषित पंचायतों को एक करोड़ रुपये का विशेष विकास पैकेज दिया जा रहा है, ताकि सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क और सोलर लाइटिंग जैसी सुविधाएँ तुरंत उपलब्ध कराई जा सकें।

नियाद नेल्लनार योजना और आदिवासी सशक्तिकरण
श्री साहू ने जानकारी दी कि “नियाद नेल्लनार योजना” के तहत बस्तर के 90 गाँवों को आदर्श गाँव के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ सड़क, पानी, स्कूल, स्वास्थ्य और डिजिटल पहुँच सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने कहा, “यह केवल विकास की पहल नहीं, बल्कि आदिवासी युवाओं को शिक्षा और कौशल विकास के ज़रिये मुख्यधारा में शामिल करने का अभियान है। यह हमारे जवानों की शहादत को श्रद्धांजलि देने और सुरक्षित-समावेशी भारत की गारंटी सुनिश्चित करने का मिशन है।”

सांसद महेश कश्यप का संबोधन
इस अवसर पर सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं बस्तर क्षेत्र के विकास की निगरानी कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सड़क और डिजिटल कनेक्टिविटी से कृषि उत्पादों को नए बाज़ार मिल रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को गति मिली है।
उन्होंने बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए कहा, “यह आयोजन बस्तर की सांस्कृतिक और खेल प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रहा है। युवाओं को हिंसा और नशे से दूर कर सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित किया है। हजारों युवाओं की भागीदारी ने साबित किया है कि बस्तर का भविष्य शिक्षा, खेल और कौशल विकास में है।”

बीजापुर में ऐतिहासिक प्रगति
जिलाधिकारी श्री संबित मिश्रा ने बताया कि बीजापुर जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला-शिशु कल्याण, सड़क और जलापूर्ति के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की गई है।
नए स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना
45,000 से अधिक आयुष्मान कार्ड वितरण
36,000 से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ
हर-घर-जल योजना से गाँवों की पाइप जलापूर्ति
सड़कों का जाल बिछने से बदली जिले की तस्वीर।

नक्सल-मुक्ति की दिशा में ठोस कदम
पुलिस अधीक्षक श्री जितेंद्र यादव ने बताया कि जिले में नक्सल-मुक्त अभियान के अंतर्गत सुरक्षा बलों की कार्रवाई लगातार जारी है। सुरक्षा और पुनर्वास योजनाएँ एक साथ लागू की जा रही हैं, जिससे नक्सली प्रभाव में उल्लेखनीय कमी आई है।
उन्होंने कहा कि सरकार आत्मसमर्पण करने वालों को प्रोत्साहन राशि, आवास, शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध करा रही है।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने नक्सलियों से अपील की,
“हिंसा छोड़कर विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। सरकार हर संभव सहायता और सुरक्षा देने के लिए पूरी तरह तैयार है।”

बीजापुर में बड़ी सफलता: 8-8 लाख के इनामी दो नक्सली ढेर

बीजापुर/छत्तीसगढ़, 13 सितंबर 2026
बीजापुर जिले के बासागुड़ा और गंगालूर थाना क्षेत्र की सीमा पर शुक्रवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई।

इस कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने दो कुख्यात और इनामी नक्सलियों को मार गिराया। मारे गए नक्सलियों की पहचान हिड़मा पोडियम और मुन्ना मड़कम के रूप में हुई है। दोनों पर 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

कौन थे मारे गए नक्सली?
हिड़मा पोडियम (34 वर्ष) – निवासी बेडसेट, इंद्रावती क्षेत्र, पीपीसीएम कंपनी नंबर 02 और प्लाटून नंबर 01 का सक्रिय सदस्य। सरकार ने इस पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
मुन्ना मड़कम (25 वर्ष) – नक्सल संगठन का सक्रिय सदस्य, जिस पर भी 8 लाख रुपये का इनाम था।

सर्च ऑपरेशन का विवरण
बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने जानकारी दी कि नक्सली गतिविधियों की विश्वसनीय सूचना पर डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप) की टीम ने 12 सितंबर की सुबह सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इस दौरान पुलिस और नक्सलियों के बीच कई घंटों तक रुक-रुक कर मुठभेड़ होती रही।

मुठभेड़ समाप्त होने के बाद घटनास्थल की तलाशी ली गई, जहां से दोनों नक्सलियों के शव बरामद किए गए। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से इलाके में सक्रिय नक्सलियों की कमर टूटेगी और स्थानीय लोगों में सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास और मजबूत होगा।

पुलिस का बयान
एसपी यादव ने कहा,
“यह अभियान हमारी सुरक्षा रणनीति की बड़ी सफलता है। लगातार दबाव और सटीक कार्रवाई के कारण नक्सली संगठन कमजोर हो रहा है।”

प्रधानमंत्री मोदी बोले – “ज्ञान भारतम मिशन बनेगा संस्कृति और चेतना का उद्घोष”

नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में युवाओं से की सक्रिय भागीदारी की अपील

NEWS UPDATES | नई दिल्ली | 12 सितंबर 2025

नई दिल्ली में आयोजित ‘ज्ञान भारतम पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘ज्ञान भारतम मिशन’ भारत की संस्कृति, साहित्य और चेतना का उद्घोष बनने जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि यह मिशन भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक और नवाचार से जोड़ने का एक ऐतिहासिक प्रयास है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा चार मुख्य स्तंभों – Preservation (संरक्षण), Innovation (नवाचार), Addition (योगदान) और Adaptation (अनुकूलन) – पर आधारित है। यही स्तंभ भारत को भविष्य में एक ‘ज्ञान महाशक्ति’ के रूप में स्थापित करेंगे।

उन्होंने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि नई पीढ़ी इस मिशन की सबसे बड़ी शक्ति है।
“युवा अगर ज्ञान भारतम से जुड़े, तो प्राचीन ग्रंथों और परंपराओं का संरक्षण भी होगा और डिजिटल टेक्नोलॉजी के माध्यम से अतीत की खोज भी आसान बनेगी,” प्रधानमंत्री ने कहा।

सम्मेलन में विद्वानों, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया। विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों ने भी भारतीय संस्कृति और ज्ञान की वैश्विक प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे।

प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि ज्ञान भारतम सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि
“भारत की आत्मा और भविष्य को जोड़ने वाला एक सेतु” है।