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Friday, October 30, 2026
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निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस वसूली पर हाईकोर्ट सख्त,

छग हाईकोर्ट ने सभी संस्थानों से मांगा स्पष्टीकरण:_मेडिकल छात्रा की जनहित याचिका, अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी

बिलासपुर। 17/09/2025

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के निजी मेडिकल कॉलेजों में फीस वसूली के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए हैं। एक मेडिकल छात्रा द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने प्रदेश के सभी निजी मेडिकल संस्थानों को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

याचिका आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आने वाली छात्रा प्रतीक्षा जांगड़े ने दायर की है। उनका कहना है कि कॉलेज प्रशासन फीस रेग्युलेशन नियमों का पालन नहीं कर रहा और परिवहन व हॉस्टल जैसी सुविधाओं का उपयोग न करने के बावजूद छात्रों से भारी शुल्क लिया जा रहा है।

अदालत ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि परिवहन जैसी सुविधाएँ वैकल्पिक होती हैं और इन्हें अनिवार्य रूप से शुल्क में शामिल नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कॉलेजों को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने और याचिकाकर्ता को एक सप्ताह में प्रत्युत्तर दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

राज्य अधिवक्ता को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि सभी संबंधित संस्थानों को मुकदमे की सूचना मिले और वे तय समयसीमा में अपना पक्ष रखें। मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।

घरेलू गैस का व्यवसायिक उपयोग:_महासमुंद जिले में 57 गैस सिलेंडर जब्त,

रायपुर, 16 सितम्बर 2025

व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सिलेंडरों के दुरुपयोग का मामला

महासमुंद जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम ने सरायपाली और बसना क्षेत्रों में होटल एवं ढाबों की जांच की। कार्रवाई के दौरान कुल 57 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए, जिनमें खाली, आंशिक भरे और सील पैक सिलेंडर शामिल हैं।

सरायपाली क्षेत्र से 34 सिलेंडर जब्त

08 सितम्बर को सरायपाली क्षेत्र की जांच में पंडित होटल, झिलमिला से 08, मंजीत ढाबा से 12, अमृत होटल से 07 तथा शिवानी स्वीट्स से 07 सिलेंडर बरामद किए गए।

बसना क्षेत्र से 23 सिलेंडर जब्त

12 सितम्बर को बसना क्षेत्र की जांच के दौरान बिकानेरी स्वीट्स से 05, सत्कार फैमिली रेस्टोरेंट से 04, साहू होटल (परसकेल) से 05, यादव होटल (गढ़फुझर) से 05 तथा लक्ष्मी गौरी भठोरी से 04 सिलेंडर जब्त किए गए।

आदेश का उल्लंघन

जांच में पाया गया कि होटल एवं ढाबा संचालकों ने द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियम) आदेश, 2000 का उल्लंघन किया है। यह आदेश स्पष्ट रूप से कहता है कि घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग केवल घरेलू जरूरतों के लिए ही किया जा सकता है, व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं।

अधिकारी की अपील

जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि आमजन एवं होटल संचालक सिर्फ व्यावसायिक गैस सिलेंडरों का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि जांच आगे भी जारी रहेगी और भविष्य में घरेलू गैस सिलेंडरों का दुरुपयोग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई में सहायक खाद्य अधिकारी हरीश सोनेश्वरी, खाद्य निरीक्षक अविनाश दुबे, हेमंत वर्मा, दिव्यांशु देवांगन और विवेक कुमार शामिल रहे।

दिल्ली का 6 गज का अजूबा मकान: कमरे से भी छोटा, लेकिन 3 मंज़िला

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नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में एक ऐसा मकान है, जिसे देखकर लोग दंग रह जाते हैं। महज 6 गज की ज़मीन पर खड़ा यह मकान न केवल आकार में बेहद छोटा है, बल्कि तीन मंज़िला ऊँचाई तक फैला हुआ है। यही वजह है कि इसे लोग दिल्ली का सबसे छोटा मकान कहकर पहचानते हैं।


कहाँ है यह मकान?
यह अनोखा घर बुराड़ी के झड़ौदा गाँव, संत नगर की गली नंबर 63 में स्थित है। यहां आने वाले लोग किसी भी राहगीर से “6 गज वाला मकान” पूछ लें, तो वे तुरंत रास्ता बता देंगे।

इतिहास और कहानी
पड़ोसियों के अनुसार, साल 2014-15 के बीच इस मकान का निर्माण शुरू हुआ।
उस समय यहाँ की ज़मीन की कीमत 15-20 हज़ार रुपये थी, लेकिन आज इसी छोटे से भूखंड की कीमत मकान की लोकप्रियता के चलते 14 लाख रुपये से अधिक हो चुकी है।
शुरुआत में यह ज़मीन एक प्रॉपर्टी डीलर से अरुण नाम के व्यक्ति ने खरीदी। अरुण पेशे से राजमिस्त्री थे, उन्होंने खुद ही नक्शा और डिज़ाइन बनाकर यह मकान तैयार किया।
बाद में इसे पवन कुमार उर्फ़ सोनू ने खरीद लिया।

मकान में कौन रहता है?
इस मकान में इस समय चार लोगों का परिवार किराए पर रह रहा है।
पति-पत्नी संजय और पिंकी तथा उनके दो बेटे।
संजय गुड़गांव की एक निजी कंपनी में गाड़ी चलाते हैं।
साल 2020 से यह परिवार यहाँ रह रहा है और 3500 रुपये मासिक किराया देता है।

मकान की बनावट
मकान का आकार तिकोना है और इसमें ढाई फुट का छज्जा बाहर निकला हुआ है।
ग्राउंड फ्लोर पर केवल बाथरूम और सीढ़ियाँ हैं।
पहली मंज़िल पर बेडरूम, टीवी और हाल ही में लगाया गया एसी है।
दूसरी मंज़िल पर किचन और बैठने की जगह है।
तीसरी मंज़िल पर फिर बाथरूम और पानी की टंकी रखी गई है।
पूरे घर में लगभग पाँच खिड़कियाँ हैं, जो एक ही तरफ खुलती हैं।

स्थानीयों की राय
पड़ोसी बताते हैं कि एक समय एमसीडी इस मकान को तोड़ने वाली थी, लेकिन मामला रुक गया।
बिजली विभाग ने भी इसका मापन किया था और पुष्टि की थी कि मकान सिर्फ 6 गज की ज़मीन पर बना है।

दिल्ली का आकर्षण
आज यह मकान सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि दिल्ली का एक अजूबा बन चुका है। दूर-दराज़ से लोग इसे देखने आते हैं और तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर साझा करते हैं।

मोदी @75: संघ प्रचारक से प्रधानमंत्री तक का सफर

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भारत के पीएम का जन्मदिन देश हित पर जनकल्याण से जुड़ा हर वर्ष नई योजनाओं के साथ

नई दिल्ली, 17 सितंबर।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज 75वां जन्मदिन है। 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में जन्मे नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने बचपन से ही राष्ट्रहित और समाजसेवा को अपना ध्येय बना लिया था। यही वजह है कि उनका हर जन्मदिन केवल उत्सव नहीं, बल्कि जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों से जुड़ा होता है।

संघ प्रचारक से राष्ट्रीय नेता तक का सफर
नरेंद्र मोदी का जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखाओं से शुरू हुआ। 1971 में उन्होंने घर छोड़कर पूर्णकालिक प्रचारक के रूप में अपना जीवन संघ को समर्पित कर दिया। 1987 में भाजपा से औपचारिक रूप से जुड़े और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया।
गुजरात की राजनीति में उनकी मेहनत रंग लाई और 2001 में वे राज्य के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद गुजरात मॉडल को राष्ट्रीय पहचान मिली और 2014 में वे भारत के प्रधानमंत्री बने।

प्रधानमंत्री के रूप में उपलब्धियां
नरेंद्र मोदी ने देश का नेतृत्व तीन लगातार कार्यकाल तक संभालकर इतिहास रच दिया है। उनके कार्यकाल में डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियान विश्व पटल पर भारत की नई पहचान बने।

जनसेवा से जुड़ा हर जन्मदिन
प्रधानमंत्री मोदी अपने जन्मदिन को हमेशा समाज और सेवा से जोड़ते रहे हैं। इस बार भी वे मध्य प्रदेश के धार जिले में रहेंगे और ‘स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार’ तथा ‘आठवें राष्ट्रीय पोषण माह’ का शुभारंभ करेंगे।

देशभर से शुभकामनाओं की बौछार
प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाइयां देने का सिलसिला जारी है। गृह मंत्री अमित शाह, नीतीश कुमार, शरद पवार, चंद्रबाबू नायडू, योगी आदित्यनाथ समेत तमाम नेताओं ने शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया पर मोदी को लाखों संदेश मिल रहे हैं।

मोदी मैजिक का असर
75 वर्ष की उम्र में भी प्रधानमंत्री मोदी देशभर में जनता से सीधा संवाद और विकास की गति बनाए रखने में सक्रिय हैं। उनका सफर एक साधारण स्वयंसेवक से विश्व राजनीति के मजबूत नेता तक का है। यही कारण है कि उनका जन्मदिन भी जन-उत्सव में बदल जाता है।

दुर्ग रेंज में ‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ : 250 ठिकानों पर छापेमारी, 200 से ज्यादा गिरफ्तारी

120 आरोपियों पर गिरी गाज 80 टीमें और 500 जवान मैदान में।छोटे पैडलर्स का नेटवर्क ध्वस्त।
पुलिस का सख्त संदेश : नशे के कारोबारियों को नहीं मिलेगी राहत

दुर्ग, 16 सितम्बर।janchoupal36

पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज श्री रामगोपाल गर्ग के निर्देशन में नशे के खिलाफ बड़े पैमाने पर चलाए गए अभियान

एक युद्ध नशे के विरुद्ध’
के तहत पिछले 24 घंटों में ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई। इस दौरान दुर्ग, बेमेतरा और बालोद जिलों में पुलिस की 80 से अधिक टीमों ने 250 से ज्यादा स्थानों पर दबिश दी और 200 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया।

26 किलो गांजा, शराब और नशीले पदार्थ जप्त
अभियान के दौरान पुलिस ने 26 किलो गांजा, 126 लीटर शराब और प्रतिबंधित टैबलेट सहित बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए। कार्रवाई का उद्देश्य नशे के नेटवर्क को तोड़ना और गली-मोहल्लों में सक्रिय छोटे पैडलर्स को समाप्त करना था।

तीन जिलों में कार्रवाई का ब्योरा
बालोद : 50 स्थानों पर दबिश, 31 आरोपी गिरफ्तार। इनमें 4 NDPS, 4 आबकारी एक्ट और 23 प्रतिबंधात्मक कार्यवाही में पकड़े गए।
बेमेतरा : 60 स्थानों पर दबिश, 39 आरोपी गिरफ्तार।
दुर्ग : 160 स्थानों पर दबिश, 120 आरोपी गिरफ्तार। इनमें 16 NDPS, 23 आबकारी और 89 प्रतिबंधात्मक कार्यवाही में कार्रवाई हुई।

500 से अधिक जवान उतरे अभियान में
अभियान में 500 से अधिक पुलिसकर्मी और 80 विशेष टीमें शामिल रहीं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री विजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बेमेतरा श्री रामकृष्ण साहू और पुलिस अधीक्षक बालोद श्री योगेश पटेल के मार्गदर्शन में संयुक्त अभियान को अंजाम दिया गया।

समाज पर असर और पुलिस का संदेश
इस बड़े पैमाने की कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि नशे के कारोबार में संलिप्त अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस प्रशासन ने संदेश दिया है कि समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए ऐसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत ‘स्वच्छोत्सव’ पखवाड़ा 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक

रायपुर, 16 सितम्बर 2025(PIB)

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ‘स्वच्छता ही सेवा : स्वच्छोत्सव पखवाड़ा’ का आयोजन इस वर्ष 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक किया जाएगा। इसके लिए मिशन संचालक ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र जारी कर अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने के निर्देश दिए हैं।

महात्मा गांधी जयंती पर विशेष महत्व
हर साल 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए स्वच्छ भारत दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2017 से शुरू हुआ ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान लोगों में स्वच्छता की आदतें विकसित करने और सामूहिक जिम्मेदारी को प्रोत्साहित करने का माध्यम रहा है।

इस बार की थीम — ‘स्वच्छोत्सव’
इस वर्ष का अभियान 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक ‘स्वच्छोत्सव’ थीम पर केंद्रित रहेगा। इसके अंतर्गत
25 सितम्बर को सुबह 8 बजे ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ श्रमदान’ का आयोजन होगा।
2 अक्टूबर को अभियान का समापन स्वच्छ भारत दिवस के रूप में होगा।

अभियान के मुख्य उद्देश्य
स्वच्छता ही सेवा अभियान-2025 का लक्ष्य है—
अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना
गांवों में गंदगी और कचरे के ढेर वाले स्थानों की सफाई
मेगा स्वच्छता अभियान का आयोजन
स्वच्छाग्रही एवं सफाई मित्रों के स्वास्थ्य परीक्षण
सरकारी योजनाओं से जोड़ने हेतु शिविर आयोजन
त्योहारों को पर्यावरण अनुकूल और ‘जीरो वेस्ट’ तरीके से मनाना।

व्यापक स्तर पर गतिविधियाँ
अभियान के दौरान गांवों में सार्वजनिक स्थलों जैसे बस स्टैंड, धार्मिक स्थल, पर्यटन स्थल, सरकारी संस्थान, पंचायत भवन और हाट-बाजारों की साफ-सफाई की जाएगी।

साथ ही, जनजागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम होंगे—
सुजल स्वच्छ गाँव
कचरे से कला
स्वच्छ स्ट्रीट फूड
प्लास्टिक प्रदूषण निवारण

अभियान के शुभारंभ (17 सितम्बर), श्रमदान दिवस (25 सितम्बर) और समापन (2 अक्टूबर) के अवसर पर मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता रहेगी।

स्कूल की आड़ में चल रहा था ड्रग्स का धंधा, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

ईगल टीम की जांच में खुलासा हुआ कि तैयार ड्रग्स केवल हैदराबाद तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि उनका नेटवर्क और भी व्यापक था। नशीले पदार्थों की सप्लाई शहर की ड्रग कंपनियों के अलावा आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु तक की जा रही थी।

हैदराबाद/तेलंगाना-16 सितंबर (मीडिया सूत्र

तेलंगाना ड्रग लॉ एनफोर्समेंट की विशेष टीम ईगल (Eagle) ने शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रग्स का गोरखधंधा पकड़ा। टीम ने सिकंदराबाद के बोवेनपल्ली इलाके में स्थित मेधा हाई स्कूल पर छापा मारा और पाया कि वहां स्कूल की आड़ में ड्रग्स फैक्ट्री चलाई जा रही थी।

छापेमारी में भारी बरामदगी

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने
3.5 किलो अल्प्राज़ोलम
4.3 किलो अधपका अल्प्राज़ोलम
21 लाख रुपये नकद
कच्चा माल और निर्माण उपकरण
बरामद किए। पुलिस के अनुसार, जब्त की गई नकदी सिर्फ दो दिन की बिक्री से हुई कमाई है।

मास्टरमाइंड और साथी गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा है।
मलेला जया प्रकाश गौड़ (39) – स्कूल का डायरेक्टर और पूरे धंधे का मास्टरमाइंड।
पी. उदय साई (23) – ड्राइवर।
जी. मुरली साई – ट्रांसपोर्टर।

गौड़ मूल रूप से महबूबनगर का रहने वाला है। पहले वह ताड़ी की दुकान चलाता था। बाद में उसकी मुलाकात गुरुवा रेड्डी से हुई, जिसने उसे अल्प्राज़ोलम बनाने का फॉर्मूला 2 लाख रुपये में बेचा।

स्कूल की आड़ में एक साल से चल रहा था खेल
जांच से पता चला कि गौड़ पिछले एक साल से स्कूल की इमारत का इस्तेमाल कर रहा था।
स्कूल में करीब 130 बच्चे पढ़ते थे और कक्षा 7 तक की पढ़ाई होती थी।
ग्राउंड फ्लोर पर बैंक था,
पहली मंजिल पर कुछ कक्षाएं,
और पिछले हिस्से में ड्रग्स बनाने की यूनिट लगाई गई थी।
ताड़ी में मिलाकर बेचा जाता था नशा

गौड़ तैयार माल को महबूबनगर जिले के बूथपुर और आसपास के ताड़ी डिपो में सप्लाई करता था। वहां अल्प्राज़ोलम को ताड़ी में मिलाकर अधिक नशे वाला बनाया जाता था।

बड़ी वारदात से जुड़ा मामला
पुलिस के अनुसार, जुलाई 2025 में हैदराबाद के कुकटपल्ली इलाके में ताड़ी में अल्प्राज़ोलम मिलाने से 9 लोगों की मौत हो गई थी और 50 लोग बीमार पड़े थे। अब ईगल टीम गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि उन सप्लायरों तक पहुंचा जा सके, जो रसायन उपलब्ध कराते थे।

भारत ने गलत साबित की दुनिया की भविष्यवाणियां : मोहन भागवत

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भारत देश आज की वर्तमान स्थिति में सभी देश के प्रति की गई भविष्यवाणियों से कहीं बेहतर है

इंदौर। मध्यप्रदेश :_16/09/2025

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि भारत ने उन सभी भविष्यवाणियों को गलत साबित कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि आज़ादी के बाद यह देश बिखर जाएगा। वे रविवार को इंदौर में आयोजित एक पुस्तक विमोचन समारोह में बोल रहे थे।

आज़ादी के बाद भी भारत मजबूत और एकजुट

भागवत ने अपने संबोधन में पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल का उदाहरण देते हुए कहा, “चर्चिल ने दावा किया था कि भारत स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद टिक नहीं पाएगा और विभाजित हो जाएगा, लेकिन आज़ादी के 75 साल बाद भारत पहले से अधिक मज़बूती से खड़ा है। उल्टा, आज इंग्लैंड खुद विखंडन की स्थिति का सामना कर रहा है।”

3000 वर्षों तक विश्वगुरु रहा भारत

उन्होंने कहा कि जब भारत हजारों वर्षों तक ‘विश्वगुरु’ की भूमिका में था, तब विश्व स्तर पर कोई बड़ा संघर्ष नहीं था। भागवत के अनुसार, दुनिया में अधिकांश समस्याएं व्यक्तिगत स्वार्थों से जन्म लेती हैं। इसके विपरीत भारत का दृष्टिकोण हमेशा समग्रता और सहयोग पर आधारित रहा है।

भारत की आस्था तर्क और अनुभव से जुड़ी

संघ प्रमुख ने कहा कि भारत केवल आस्था का देश ही नहीं, बल्कि तर्क और प्रत्यक्ष अनुभव का भी केंद्र है। “यहां की श्रद्धा आंख मूंदकर मान लेने वाली नहीं है, बल्कि ज्ञान और प्रमाण पर आधारित है। भारत की यही विशेषता उसे अन्य देशों से अलग करती है,” उन्होंने कहा।

नर्मदा परिक्रमा का उदाहरण

अपने वक्तव्य में भागवत ने नर्मदा नदी की परिक्रमा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारतीय श्रद्धा का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “हमारे यहां कर्मवीर भी हैं और तर्कवीर भी। यही संतुलन भारत की ताकत है। दुनिया केवल आस्था और विश्वास पर चलती है, लेकिन भारत कर्म, तर्क और आस्था तीनों का संगम है।”

संघर्षों का मूल कारण निजी स्वार्थ

मोहन भागवत ने कहा कि दुनिया में जो युद्ध और विवाद होते हैं, उनकी जड़ निजी स्वार्थ हैं। अगर सामूहिक सोच और कर्तव्य की भावना को प्राथमिकता दी जाए, तो विश्व में स्थायी शांति संभव है।

शहीदों के परिवारों को समर्पित निर्णय : सांसद बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर।15/09/2025

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सैनिकों और शहीदों के परिवारों का सम्मान करना हम सभी की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। राज्य सरकार ने सैनिकों और उनके परिजनों के लिए जो निर्णय लिए हैं, वे केवल राशि वृद्धि नहीं बल्कि बलिदान के प्रति गहरी श्रद्धांजलि हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य

बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, लेफ्टिनेंट जनरल पदम सिंह शेखावत, सचिव केंद्रीय सैनिक बोर्ड ब्रिगेडियर डी.एस. बसेरा, ब्रिगेडियर तेजिंदर सिंह बावा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक का आयोजन

महानदी भवन, नया रायपुर में सैनिक कल्याण विभाग की 6वीं राज्य सैनिक समिति की बैठक हुई।
बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने की।
इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल विशेष रूप से मौजूद रहे।

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय

बैठक में सैनिकों और शहीदों के परिवारों के लिए कई बड़े फैसले हुए:
शहीद जवानों के आश्रितों की अनुग्रह राशि 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये।
परमवीर चक्र विजेताओं को 1 करोड़ रुपये।
युद्ध में दिव्यांग हुए सैनिकों को 10 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये।
सैनिकों के माता-पिता को मिलने वाली जंगी इनाम राशि 5 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये।
सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं को प्रथम भूमि/गृह क्रय पर 25 लाख रुपये तक के स्टाम्प शुल्क में छूट।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल की प्रतिक्रिया

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा –
“ये कदम केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि शहीदों और सैनिकों के योगदान के प्रति राज्य का सम्मान है। उनका पराक्रम ही हमारे आज और कल को सुरक्षित बनाता है। यह नमन सदैव हमारी प्रेरणा रहेगा।”

निष्कर्ष
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अंत में कहा कि शहीदों और सैनिकों के त्याग को याद रखना हर नागरिक का कर्तव्य है।
“जय जवान, जय हिंद”
का नारा सिर्फ शब्द नहीं बल्कि राष्ट्र की आत्मा है।

शहीद सैनिकों के परिवारों को मिलेगा अधिक सम्मान, परमवीर चक्र विजेताओं के लिए 1 करोड़ की घोषणा

रायपुर।15-09-2025
छत्तीसगढ़ सरकार ने सैनिकों और उनके परिजनों के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक में तय किया गया कि युद्ध या सैन्य कार्रवाई में सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों के परिजनों को अब पहले की तुलना में कहीं अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी।

बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए शहीद सैनिकों की पत्नी या आश्रित को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई है। वहीं, परमवीर चक्र जैसे सर्वोच्च वीरता अलंकरण प्राप्त जवानों को अब 40 लाख की जगह सीधे 1 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी।

मुख्यमंत्री का संदेश

बैठक को संबोधित करते हुए श्री साय ने कहा कि,“देश की सुरक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों का कर्ज कभी नहीं उतारा जा सकता। राज्य सरकार का दायित्व है कि शौर्य और बलिदान को उचित सम्मान दिया जाए और उनके परिवारों को संबल मिले।”

अन्य अहम फैसले

बैठक में शौर्य अलंकरण प्राप्त सैनिकों व दिव्यांग हुए जवानों की सहायता राशि बढ़ाने पर भी सहमति बनी।

युद्ध में दिव्यांग हुए सैनिकों को 30 लाख रुपये तक अनुग्रह राशि।
सैनिकों के माता-पिता को वार्षिक 20 हजार रुपये जंगी इनाम।
सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और विधवाओं को पहली बार भूमि अथवा मकान खरीदने पर 25 लाख रुपये तक स्टाम्प शुल्क में छूट।

भविष्य की दिशा

बैठक में उपस्थित अधिकारियों और समिति सदस्यों ने सैनिक कल्याण की योजनाओं को और प्रभावी बनाने के सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इन पर गंभीरता से विचार होगा ताकि लाभ सीधे ज़रूरतमंद तक पहुँचे।


✍ समीक्षा

यह फैसला न केवल शहीद परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देगा, बल्कि समाज में सैनिकों के योगदान को और भी अधिक सम्मानित करेगा। छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम राष्ट्रसेवा के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण और कृतज्ञता का प्रतीक माना जा रहा है।