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रायपुर सिविल लाइन थाने को 5 घंटे तक कांग्रेस ने घेरा, बीजेपी प्रवक्ता पर FIR नहीं होने से फूटा गुस्सा

राहुल गांधी के खिलाफ केरल के बीजेपी प्रवक्ता ने दिया था विवादित बयान।बीजेपी प्रवक्ता पर FIR दर्ज नहीं होने पर फूटा गुस्सा ।

रायपुर/छत्तीसगढ़/07/10/2025:

केरल के बीजेपी प्रवक्ता पिंटू अमित महादेव द्वारा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विवादित व जान से मारने तक की धमकी देने के मामले में छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और जिला कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश दुबे के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को सिविल लाइन थाने का पांच घंटे तक घेराव किया।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि बीजेपी प्रवक्ता पिंटू अमित महादेव के खिलाफ अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है, जिससे पार्टी में भारी आक्रोश है। उन्होंने पुलिस पर BJP की कठपुतली बनने और कानून व्यवस्था को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया।

विकास उपाध्याय ने कहा कि असम, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में राहुल गांधी के खिलाफ विवादित बयान देने वालों पर FIR दर्ज की गई है, लेकिन केरल के पिंटू अमित महादेव के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश में दोहरी मानसिकता का परिचायक है।

गिरीश दुबे ने कहा कि BJP सरकार डंडे के दम पर शासन चला रही है, और ऐसे बयान देने वालों पर कार्रवाई न होना लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द से जल्द FIR दर्ज नहीं हुई तो कांग्रेस न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी और विधिक लड़ाई लड़ेगी।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब 26 सितंबर को पिंटू अमित महादेव ने एक टीवी चैनल पर राय व्यक्त करते हुए राहुल गांधी को सीने में गोली मार देने की धमकी दी थी। कांग्रेस ने इसे हिंसा भड़काने वाला बयान करार देते हुए माफी और कार्रवाई की मांग की है।

कांग्रेस कार्यकर्ता दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक थाने के बाहर डटे रहे और अपना विरोध जारी रखा। कांग्रेस ने कहा कि पार्टी का हर सदस्य राहुल गांधी के साथ खड़ा है और किसी भी स्थिति में शांतिपूर्ण परन्तु निर्णायक कदम उठाए जाएंगे।

कौन है प्रिंटू महादेव?
प्रिंटू महादेव अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राज्य अध्यक्ष हैं। एबीवीपी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की छात्र शाखा है। प्रिंटू महादेव इससे जुड़े रहे हैं। वर्तमान में महादेवन बीजेपी के प्रवक्ता हैं।

विधायक सुनील सोनी का दो दिवसीय कार्यक्रम: जनसेवा और सामाजिक उत्थान के संकल्प के साथ

रायपुर (छत्तीसगढ़, दक्षिण विधानसभा), 06/10/2025—

रायपुर (छत्तीसगढ़) — विधायक सुनील सोनी ने अपने दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुआरा जागरूकता सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मछुआ समाज के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की जा रही हैं, जो समाज के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भी मौजूद थे।

विधायक सुनील सोनी ने भाठागांव के पदमशाली समाज भवन में आयोजित सम्मान समारोह में माताओं-बहनों को बनारसी साड़ी वितरित की। उन्होंने समाज के नए भवन के निर्माण के लिए 10 लाख रुपये भी प्रदान किए, जिस पर समाज के लोग आभार व्यक्त किए।

सुनील सोनी ने कहा कि नए भवन के बनने से भविष्य में समाज के कार्यक्रम और भी भव्य और सुविधाजनक होंगे। उन्होंने सभी समाज साथियों को इसके लिए शुभकामनाएं दीं।


बच्चों में कफ सिरप की गुणवत्ता और उपयोग पर केंद्र की सख्ती: राज्यों को त्वरित कदम के निर्देश

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव ने निगरानी बढ़ाने राज्यों से संशोधित जीएमपी मानदंडों को सख्ती से लागू करने का आग्रह किया।

नई दिल्ली/भारत/पीआईबी_06102025

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलिला श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई बैठक

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में कुछ राज्यों में बच्चों की मौत के मामलों को देखते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।

बैठक में मुख्य रूप से कफ सिरप की गुणवत्ता की सख्त जांच, संशोधित शेड्यूल एम के अनुपालन, और दोषी दवा कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया गया।

साथ ही सभी राज्यों को बच्चों में कफ सिरप के तर्क संगत इस्तेमाल (रैशनल यूज) को बढ़ावा देने को कहा गया, क्योंकि अक्सर बच्चों की खांसी बिना दवा के अपने आप ठीक हो जाती है।

बैठक के प्रमुख बिंदु:
दवा निर्माण इकाइयों की कड़ी निगरानी और गुणवत्ता मानकों का पालन अनिवार्य।
अतार्किक फार्मूलेशन और ओवरडोज से बचने के लिए डॉक्टर-फार्मासिस्ट-जनता में जागरूकता।

बच्चों के लिए खांसी की दवाओं का सीमित व सुरक्षित उपयोग जरुरी।
मौत की जांच में पाया गया कि कोल्डरिफ सिरप के कुछ सैम्पल में हानिकारक डाईएथिलीन ग्लाइकोल पाया गया, जिस पर नियामक कार्रवाई शुरू हुई।
नई गाइडलाइन, सख्त मॉनिटरिंग और त्वरित रिपोर्टिंग पर बल।

स्वास्थ्य सचिव ने सभी राज्यों से निगरानी बढ़ाने, रिपोर्टिंग प्रक्रिया मजबूत करने और जल्द एक्शन लेने का निर्देश दिया है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

यह कदम बच्चों की सुरक्षा, औषधि गुणवत्ता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अहम माना जा रहा है।


जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप से 19 मासूमों की मौत, कई राज्यों में लगा बैन

राष्ट्रीय न्यूज/भारत/06/10/2025

मध्य प्रदेश और राजस्थान में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से 19 बच्चों की मौत के बाद देशभर में हड़कंप मच गया है। मौत के मामलों के सामने आने के बाद महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, केरल, तमिलनाडु और उत्तराखंड जैसे राज्यों ने इस सिरप की बिक्री व उपयोग पर रोक लगा दी है।

जांच में सामने आया है कि इस सिरप के बैच संख्या SR-13, जिसे तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित एक फार्मास्युटिकल ने तैयार किया था, में डाईएथिलीन ग्लाइकोल नामक घातक रसायन पाया गया है। यह रासायनिक तत्व किडनी के फेल होने और मल्टी-ऑर्गन डैमेज का कारण बन सकता है।

मध्य प्रदेश और राजस्थान में 19 बच्चों की मौत

मध्य प्रदेश में अब तक 16 और राजस्थान में 3 बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है। सभी पीड़ितों को खांसी-जुकाम की शिकायत पर स्थानीय डॉक्टरों ने कोल्ड्रिफ सिरप दिया था। सिरप के सेवन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई और इलाज के दौरान किडनी फेल होने से उनकी मौत हो गई।

महाराष्ट्र FDA की बड़ी कार्रवाई

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने कोल्ड्रिफ सिरप के बैच SR-13 की बिक्री, वितरण और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। सभी मेडिकल स्टोर्स और अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि उनके पास मौजूद स्टॉक को तुरंत औषधि नियंत्रण अधिकारियों को रिपोर्ट करें और उसे नष्ट करें।

यूपी-उत्तराखंड में व्यापक जांच

उत्तर प्रदेश के औषधि विभाग ने सभी जिलों के औषधि निरीक्षकों को फार्मा कंपनियों और मेडिकल स्टोर्स से सिरप के नमूने लेने के आदेश दिए हैं। उत्तराखंड में भी राज्यस्तरीय जांच अभियान शुरू हो चुका है। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि चिन्हित जहरीले कफ सिरप को जब्त करने में कोई लापरवाही न हो।

अब देशभर में सतर्कता

कोल्ड्रिफ सिरप से जुड़ी यह त्रासदी देश के चिकित्सा और औषधि नियामक तंत्र के लिए गंभीर चेतावनी साबित हो रही है। केंद्र सरकार ने विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है और इस मामले में जिम्मेदार कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।



जीवन आशा या उत्साह के बिना व्यर्थ है”कैसे बनाए रखें!?

“आशा वह उजली किरण है, जो अन्धकार के गहरे सन्नाटे को चीरती है।यह दिल में ज्वाला बन जलती है, अंधेरी रातों में सुबह बन बहती है।”

लेख /आलेख /जनचौपाल36/ 05/10/2025

जीवन के सफर में आशा और उत्साह वह प्रकाश स्तंभ हैं जो अंधकार में भी मार्ग दिखाते हैं। जीवन में निरंतर आशा बनाए रखना और अपने अंदर उत्साह की भावना को जागरूकता से जगे रखना सफलता, सुख और संतोष का मुख्य आधार है।

यह लेख जीवन में आशा और उत्साह को बनाए रखने के उपायों पर केंद्रित है, ताकि जीवन की चुनौतियों का सामना हम सकारात्मक सोच के साथ कर सकें।

आशा का महत्व और उसकी शक्ति
आशा वह संजीवनी है जो निराशा के क्षणों में भी हमें जीवित रहने की प्रेरणा देती है। मनुष्य यदि अपनी आशाओं को जीवित रखते हैं तो वे कभी भी अंधकार में नहीं डूबते। आशावादी व्यक्ति का जीवन संघर्षों से लड़ने में आसान हो जाता है और उसकी सकारात्मक ऊर्जा ही उसे हर कठिनाई को पार करने का बल देती है ।

मुंशी प्रेमचंद ने कहा है,”आशा ही संसार की संचालक शक्ति है”, जो नेतृत्व और मनोबल का स्रोत है।

उत्साह का स्रोत, उसकी पहचान और जीवन में भूमिका
उत्साह वह शक्ति है जो मनुष्य को रचनात्मकता और सफलता की ओर ले जाती है। जब मन में उत्साह होता है, तो कठिनाइयां भी आसान लगने लगती हैं। विद्यार्थी, कर्मचारी या व्यवसायी हो, यदि उनमें उत्साह है तो वे अपनी मंजिल हासिल करने में सफल हो सकते हैं। उत्साह, केवल क्षणिक उत्तेजना नहीं है, बल्कि यह सतत प्रयास और कर्म भावना का परिणाम है ।

जीवन में आशा और उत्साह कैसे बनाए रखें?
सकारात्मक सोच का विकास करें:
प्रत्येक परिस्थिति में अच्छा देखने की आदत अपनाएं। यह मानसिक स्थिति जीवन के हर पहलू में ऊर्जा भरती है ।

अपनी छोटी सफलताओं का जश्न मनाएं:
छोटी -छोटी उपलब्धियों के प्रति आभार व्यक्त करें और उससे प्रेरणा लें। सफलता की छोटी मंजिलें भी बड़े उत्साह का निर्माण करती हैं ।

दूसरों की मदद और सेवा में लगे रहें:
यह आत्म-संतोष और विश्वास पैदा करता है। परोपकार से मन में आशा का संचार होता है और व्यक्ति निराशा से मुक्ति पाता है।

स्वास्थ्य और मनोदशा का ध्यान रखें:
अच्छा खानपान, योग और ध्यान से मन और शरीर दोनों स्वस्थ रहते हैं, जो सकारात्मक ऊर्जा बनाये रखने में मदद करते हैं ।

स्वयं में विश्‍वास और आत्मप्रेरणा:
हर दिन अपने लक्ष्य को दोहराएं और अपने प्रयासों पर भरोसा रखें। जब हम अपने संकल्प का सम्मान करते हैं, तो जीवन में उत्साह बना रहता है।

निष्कर्ष
जीवन में आशा और उत्साह को बनाए रखना स्वयं में एक कला है, जिसे अभ्यास और सही मनोवृत्ति से सीखा जा सकता है। निराशा और अनिश्चितता के समय में भी यदि हम अपने विचारों को सकारात्मक रखते हैं, तो जीवन की हर बाधा को जीत सकते हैं।

आशा ही वह शक्ति है जो हमें नए सिरे से शुरुआत करने का प्रेरित करती है, और उत्साह वह ऊर्जा है जो हर दिन को जीवन्त बनाती है।
आशा और उत्साह का सम्बल बनाइए, जीवन को सुंदर और संतोषपूर्ण बनाइए।

“साहित्य और संस्कृति की अक्षय धरा है छत्तीसगढ़ की माटी”: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

“छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को युवा प्रतिभाओं ने दी नई उड़ान :

रायपुर/छत्तीसगढ़ :_5 अक्टूबर 2025

प्रभु श्रीराम के ननिहाल तथा माता शबरी की पावन भूमि पर हुए इस आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती सदा से साहित्य, संस्कृति और कला की पावन धरा रही है।

उन्होंने महाकवि कालिदास, गजानन माधव मुक्तिबोध और पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी जैसे महान साहित्यकारों का स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश में रचनात्मक प्रतिभाओं को निरंतर आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने रायगढ़ के संगीत सम्राट राजा चक्रधर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं से चयनित विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह मंच युवा कवियों को देश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों से सीधा मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर देगा, जिससे उनकी रचनात्मकता को नई दिशा मिलेगी।

उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति गीत, नृत्य और भावनाओं का जीवंत संगम है। खेतों की बुआई के समय गूंजने वाली ददरिया की मधुर ध्वनि और विविध लोककलाओं की परंपरा यहाँ की पहचान है।

उन्होंने युवा कवियों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया।

सम्मेलन में शशिकांत यादव, दिनेश बावरा, नीलोत्पल मृणाल, कविता तिवारी और मनु वैशाली जैसे प्रसिद्ध कवियों ने अपनी ओजपूर्ण और भावनात्मक कविताओं से सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। तालियों की गड़गड़ाहट से माहौल गूंजता रहा।

प्रतियोगिता में बिलासपुर की निधि तिवारी ने प्रथम, मीरा मृदु ने द्वितीय और कोरिया की अलीशा शेख ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने विजेताओं को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू सहित जनप्रतिनिधि, साहित्यकार और बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित रहे।

गोवा बनेगा पहला ‘विकसित राज्य’: श्री अमित शाह ने ‘म्हाजे घर योजना’ को बताया सशक्तिकरण की निशानी

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राज्य सरकार द्वारा जनहित के लिए 2,452 करोड़ रुपये की 21 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

पणजी/गोवा/भारत:_05/10/2025

केंद्रीय मंत्री श्री शाह ने कहा ने इस योजना को मात्र सरकारी पहल नहीं, बल्कि “कुशल प्रशासक, संवेदनशील सरकार और सुधारों के लिए की गई मेहनत का परिचायक” बताया।

गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत और केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।


‘म्हाजे घर योजना’: लाखों नागरिकों का सशक्तिकरण
‘म्हाजे घर योजना’ को गोवा की आधी आबादी के लिए एक ऐतिहासिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। श्री शाह ने बताया कि यह योजना गोवा के लाखों नागरिकों को उनके मकान का कानूनी अधिकार देगी जो लगभग 11 प्रकार के अलग-अलग कानूनी पचड़ों में फंसे हुए थे।

उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत और उनकी टीम की प्रशंसा की कहा एक ही कानून बनाकर सभी हाउसिंग विसंगतियों को समाप्त किया गया है, जिसने 10 लाख लोगों को अपने घर का मालिक बनाने का काम किया है।

श्री शाह ने इस पहल को “बहुत बड़े सशक्तिकरण की निशानी” बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि गोवा सरकार ने न केवल कानूनी अधिकार सुनिश्चित किए हैं, बल्कि घर की मरम्मत के लिए तीन दिन के अंदर अनुमति और बिजली-पानी की आपूर्ति भी सुनिश्चित की है।

विकसित गोवा से विकसित भारत की प्रेरणा
विकास परियोजनाओं के शिलान्यास पर बोलते हुए, श्री अमित शाह ने कहा कि 2,452 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं से गोवा के विकास में “एक बहुत बड़ी छलांग” लगेगी। उन्होंने ‘विकसित भारत’ के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 2047 के लक्ष्य को दोहराते हुए एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, “गोवा में जिस गति से समस्याओं का समाधान हो रहा है, गोवा सबसे पहले पूर्ण विकसित राज्य बनेगा।”


श्री शाह ने गोवा को “भारत माता के माथे पर एक बिंदिया के समान” कहा कि गोवा से प्रेरणा लेकर अनेक राज्य विकसित बनेंगे। गोवा की आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डालते कहा, जहां प्रति व्यक्ति आय 2014 के 1 लाख 12 हज़ार 73 रुपये से बढ़कर 2023-24 में 3 लाख 57 हज़ार रुपये हो गई है।


सामाजिक न्याय और स्वदेशी का आह्वान
केन्द्रीय गृह मंत्री ने आदिवासी भाई-बहनों के लिए विधानसभा में आरक्षण सुनिश्चित करने हेतु 5 अगस्त 2025 को पारित अधिनियम का भी उल्लेख किया। विपक्षी दलों द्वारा गोवा को छोटा राज्य कहने पर उन्होंने स्पष्ट किया, “राज्य छोटा हो या बड़ा, यहां का हर नागरिक भारतीय है।”

श्री शाह ने देश की माताओं-बहनों को नवरात्रि के पहले दिन 395 रोजमर्रा की चीज़ों पर GST में बड़ी कटौती को उपहार बताया। दीपावली पर स्वदेशी अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

उन्होंने जोर देकर कहा, “अगर देश की 140 करोड़ की जनता स्वदेशी ही खरीदेगी और उपयोग करेगी तो हमारा भारत बहुत जल्दी महान बन जाएगा।”


यह कार्यक्रम गोवा सरकार के नागरिक-केंद्रित शासन और प्रधानमंत्री मोदी के विजन को जमीन पर उतारने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके केंद्र में नागरिकों का अधिकार और समावेशी विकास है।

बस्तर दशहरा महोत्सव में गृह मंत्री अमित शाह का सम्बोधन: नक्सलमुक्त और आत्मनिर्भर बस्तर का संकल्प

गृह मंत्री ने नक्सलियों से आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाने और मुख्यधारा में लौटने की अपील की।

बस्तर /छत्तीसगढ़/04/10/2025

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित ऐतिहासिक बस्तर दशहरा महोत्सव में आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने संबोधित करते हुए क्षेत्र के सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक पहलुओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने माँ दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन-पूजन के साथ बस्तर की समृद्ध परंपराओं का अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

नक्सलवाद पर सख्त रुख
अमित शाह ने कहा कि ‘‘31 मार्च 2026 के बाद नक्सलवाद बस्तर के विकास और यहाँ के लोगों के अधिकारों को रोक नहीं पाएगा।’’ उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी हथियार उठाकर शांति भंग करने की कोशिश करेगा, उसे सशस्त्र बल, सीआरपीएफ और राज्य पुलिस मिलकर कठोर जवाब देंगे।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के कुछ लोग वर्षों तक यह भ्रम फैलाते रहे कि नक्सलवाद विकास की लड़ाई है, लेकिन वास्तव में उसी नक्सलवाद ने बस्तर को विकास से वंचित रखा।

संस्कृति और परंपरा का गौरव
श्री शाह ने बस्तर दशहरा की 1874 से चली आ रही मुरिया दरबार प्रणाली, न्यायिक परंपरा और जनसंवाद की संस्कृति को ‘‘वैश्विक धरोहर’’ करार दिया। उन्होंने कहा कि 14वीं शताब्दी से शुरू हुई माँ दंतेश्वरी की रथ यात्रा ने बस्तर को सांस्कृतिक चेतना से जोड़ा और आज बस्तर दशहरा, यहाँ की वेशभूषा, भोजन, कला और वाद्य यंत्र पूरी दुनिया में आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं।

विकास और आत्मनिर्भर भारत का संदेश
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दस वर्षों में छत्तीसगढ़ को 4.40 लाख करोड़ रुपए की सहायता दी है। ‘‘देश के हर गाँव तक बिजली, जल, सड़क, शौचालय, स्वास्थ्य बीमा और मुफ्त अनाज की सुविधा पहुँची है, परंतु बस्तर अब भी विकास की दौड़ में पीछे है’’—इसे आगे लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पूर्णतः समर्पित हैं।

उन्होंने कहा कि स्वदेशी संकल्प भारत को विश्व की सर्वोच्च आर्थिक शक्ति बना सकता है। ‘‘जब 140 करोड़ भारतीय स्वदेश निर्मित वस्तुएँ अपनाएँगे, तो हमें कोई नहीं रोक सकता।’’

स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का आह्वान
श्री शाह ने स्वदेशी जागरण मंच की पहल को सराहते हुए कहा कि प्रधानमंत्री लंबे समय से स्वदेशी पर बल दे रहे हैं। उन्होंने व्यापारियों और नागरिकों से आग्रह किया कि ‘‘हर घर और हर दुकान में विदेशी वस्तुओं की जगह स्वदेशी उत्पादों को अपनाएँ।’’

आदिवासी सम्मान और सामाजिक समरसता
गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने आदिवासी समाज के सम्मान में अनेक योजनाएँ आरंभ की हैं। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘‘एक आदिवासी महिला का देश के सर्वोच्च पद तक पहुँचना हमारे लिए गर्व का विषय है, जो प्रधानमंत्री मोदी की समावेशी सोच का प्रमाण है।’’

जनजीवन से जुड़ी राहत और आर्थिक सुधार
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि हाल ही में सरकार ने 395 वस्तुओं पर जीएसटी में राहत दी है। ‘‘खाने-पीने की वस्तुएँ कर-मुक्त हैं और रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं पर मात्र पाँच प्रतिशत कर रखा गया है,’’ उन्होंने कहा, ‘‘जिससे माताओं-बहनों को बड़ी राहत मिली है।’’

गृह मंत्री अमित शाह का जगदलपुर से संदेश स्पष्ट था—बस्तर केवल परंपरा और संस्कृति का प्रतीक नहीं, बल्कि नए भारत के आत्मनिर्भर और नक्सलमुक्त भविष्य की दिशा में अग्रसर क्षेत्र है।

“प्रधानमंत्री मोदी ने आईटीआई टॉपर्स को सम्मानित किया, 62,000 करोड़ की युवा-केंद्रित पहलें शुरू”

“आईटीआई छात्र आत्मनिर्भर भारत की कार्यशालाएं: पीएम मोदी ने कौशल दीक्षांत समारोह 2025 में टॉपर्स को सम्मानित किया”

नई दिल्ली/विज्ञान_भवन 04/10/2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) के टॉपर्स को सम्मानित किया। पीएम ने कौशल दीक्षांत समारोह 2025 के दौरान 62,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न युवा-केंद्रित पहलों का भी अनावरण किया।

कार्यक्रम के दौरान पटना से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी जुड़े।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) के टॉपर्स को सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने कौशल दीक्षांत समारोह 2025 के दौरान युवाओं के लिए 62,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की विभिन्न युवा-केंद्रित पहलों का भी अनावरण किया।

कार्यक्रम की मुख्य बातें:_प्रधानमंत्री ने PM-SETU योजना शुरू की, जिसके तहत देश भर के 1,000 सरकारी ITI को उन्नत बुनियादी ढांचे, आधुनिक ट्रेड्स, डिजिटल लर्निंग और इनक्यूबेशन सुविधाओं से लैस किया जाएगा।


प्रत्येक “हब” ITI चार “स्पोक” ITI से जुड़ा होगा, जो उद्योग की मांग के अनुसार प्रशिक्षण सुनिश्चित करेगा। इसमें विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक का सहयोग भी शामिल है।

1,200 वोकैशनल स्किल लैब्स का उद्घाटन किया गया, जिन्हें 400 नवोदय विद्यालयों और 200 एकलव्य मॉडल स्कूलों में स्थापित किया गया है। ये लैब्स आईटी, ऑटोमोबाइल, कृषि, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स, और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देंगी।

बिहार पर विशेष जोर दिया गया:_जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। बिहार में भारतरत्न कर्पूरी ठाकुर के नाम पर नया कौशल विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है।

बिहार के लिए मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का शुभारंभ किया गया, जिसके तहत लगभग पांच लाख स्नातक युवाओं को दो वर्ष के लिए 1,000 रुपये मासिक भत्ता और निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण मिलेगा।

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का पुनः डिज़ाइन किया गया है, जो 4 लाख रुपये तक के ब्याज मुक्त शिक्षा ऋण प्रदान करेगी। इस योजना के तहत अब तक 3.92 लाख से अधिक छात्रों ने 7,880 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण प्राप्त किए हैं।

बिहार युवा आयोग का भी उद्घाटन किया गया:_यह 18 से 45 वर्ष के युवा लोगों के लिए एक वैधानिक आयोग है।यह कार्यक्रम युवाओं के कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए बड़ी एवं प्रभावशाली पहल साबित होगा।

पीएम मोदी का संदेश:_प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत कौशल और ज्ञान की भूमि है और कौशल को अब सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने ITI छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने ITI छात्रों के लिए दीक्षांत समारोह की परंपरा शुरू की है, जो इस बात का प्रतीक है कि भारत में कौशल विकास को कितना महत्व दिया जाता है। उन्होंने श्रम को सम्मान देने पर जोर दिया, जिससे काम करने वालों का सामाजिक सम्मान बढ़ेगा।




“पाकिस्तान के दावे मनोहर कहानियां – वायुसेना प्रमुख”

“उन्हें अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए दर्शकों को कुछ दिखाना है, मुझे फर्क नहीं पड़ता”

नई दिल्ली/खबर सूत्र/04/10/2025
डिजिटल न्यूज वेबसाइट/जनचौपाल36

पाकिस्तान द्वारा “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत भारतीय वायुसेना के 15 जेट मार गिराने के दावे पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ये बातें बस मनोहर कहानियां हैं, जिन्हें वे खुद को खुश रखने के लिए सुनाते हैं।

एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा, “अगर उन्हें लगता है कि उन्होंने हमारे 15 जेट गिरा दिए हैं, तो मान लेने दीजिए। जब वे अगली बार आएंगे, तो उन्हें लगेगा कि मेरे पास अब 15 विमान कम हैं। मुझे फर्क नहीं पड़ता कि वे क्या सोचते हैं। आखिर उन्हें अपने दर्शकों को कुछ दिखाना होता है।”

उन्होंने सवाल उठाया कि पाकिस्तान अपने दावों का कोई प्रमाण क्यों नहीं दिखा पाया। “क्या आपने एक भी तस्वीर देखी है, जहां हमारे किसी एयरबेस या हैंगर को नुकसान पहुंचा हो? हमने तो उनके ठिकानों की कई तस्वीरें साझा कीं, मगर वे एक भी सबूत नहीं दिखा सके,” सिंह ने कहा।

वहीं, पाकिस्तान को हुए नुकसान पर बात करते हुए वायुसेना प्रमुख ने बताया कि भारत ने उनके कई अहम ठिकानों पर निशाना साधा। “हमने उनकी कई एयरबेस और प्रतिष्ठानों को टारगेट किया है। इससे चार जगहों पर रडार, दो जगहों पर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, दो रनवे और तीन हैंगर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं,” उन्होंने कहा।

सिंह ने आगे बताया कि वायुसेना के पास एक सी-130 श्रेणी के विमान, चार से पांच एफ-16 जेट और एक एसएएम प्रणाली के नष्ट होने के संकेत हैं। “हमारे पास 300 किलोमीटर से अधिक दूरी पर की गई लंबी दूरी की एक साफ-सुथरी स्ट्राइक के सबूत हैं, जो या तो एईडब्ल्यू एंड सी या सिगिनट विमान पर हुई थी,” उन्होंने जोड़ा।