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भारत की सांस्कृतिक विरासत का डिजिटल संगम: महाभारत का AI अवतार”_प्रसारण 25 अक्टूबर वेव्स,2 नवंबर से दूरदर्शन पर

जानें कैसे महाभारत का नया एआई आधारित संस्करण ओटीटी और दूरदर्शन पर प्रसारित होगा।

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2025 (PIB Delhi) —

भारत के सबसे प्रसिद्ध महाकाव्य महाभारत का एक नया, आधुनिक स्वरूप राष्ट्रीय टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होगा। प्रसार भारती और कलेक्टिव मीडिया नेटवर्क ने मिलकर एआई आधारित इस अभूतपूर्व श्रृंखला का प्रसारण करने की घोषणा की है।

इस श्रृंखला का डिजिटल प्रीमियर 25 अक्टूबर 2025 को वेव्स ओटीटी प्लेटफॉर्म पर होगा। उसके बाद 2 नवंबर 2025 से हर रविवार सुबह 11 बजे इसे दूरदर्शन पर भी देखा जा सकेगा। यह श्रृंखला वेव्स ओटीटी के जरिए भारत और विदेशों में सभी डिजिटल दर्शकों के लिए उपलब्ध रहेगी।

यह पहला ऐसा सहयोग है जिसमें भारत के सार्वजनिक प्रसारक की विरासत और देश के अग्रणी मीडिया नेटवर्क की रचनात्मक तकनीक एक साथ आई है। उन्नत एआई टूल्स के उपयोग से महाभारत के विशाल पात्र, युद्ध क्षेत्र, भावनाएं और नैतिक सवाल सिनेमाई स्तर पर नए यथार्थवाद के साथ पेश किए जाएंगे।

इस परियोजना से ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ की भावना को मजबूती मिलेगी और यह दिखाएगा कि विरासत और नवाचार कैसे साथ-साथ बढ़ सकते हैं। प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी ने कहा कि प्रसार भारती हमेशा राष्ट्रीय और सांस्कृतिक महत्त्व की गाथाओं को हर घर तक पहुंचाता रहा है।

लॉकडाउन में महाभारत की पुनः प्रसारण ने लोगों को जोड़ा। अब एआई आधारित नया संस्करण इसे एक नए दृष्टिकोण से पेश करेगा।कलेक्टिव आर्टिस्ट्स नेटवर्क के संस्थापक विजय सुब्रमण्यम ने कहा कि क्लासिक महाभारत ने उनकी संस्कृति से गहरा जुड़ाव बनाया, और अब उनकी टीम इसे और भावपूर्ण व तकनीकी रूप से समृद्ध बनाना चाहती है।

छत्तीसगढ़ में डिजिटल चक्रवात सांय सांय: सीएम साय के प्रेरणा से

डिजिटल रफ्तार की सांय सांय हवा और सीएम साय के निर्देश से छत्तीसगढ़ गांवों में उड़ेगी डिजिटल धूल जिसमें उभरेगी युवा रोजगार की तस्वीर।

नई दिल्ली/रायपुर/10/10/2025

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की डिजिटल प्रगति को देश के सबसे बड़े तकनीकी मंच भारत मोबाइल कांग्रेस (IMC 2025)में सराहना मिली।

(भारत मोबाइल सम्मेलन 2025)
नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की अध्यक्षता में राज्यों के आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) मंत्रियों की बैठक हुई, जिसमें राज्य के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने छत्तीसगढ़ का पक्ष मजबूती से रखा।

छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति से विकास की नई लहर:
चौधरी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर गांव-गांव तक मोबाइल नेटवर्क (संचार नेटवर्क) और हाई-स्पीड इंटरनेट (अति-तेज़ इंटरनेट) पहुंचाने पर काम कर रही हैं। उन्होंने सिंधिया को नक्सल प्रभावित और दूरदराज इलाकों में 1,600 नए मोबाइल टावर (दूरसंचार टावर) लगाने की योजनाओं की जानकारी दी और इन क्षेत्रों को विशेष रियायत देने की मांग की।

गांवों तक हाई-स्पीड इंटरनेट
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार ने भारतनेट परियोजना (भारतनेट योजना) के तहत करीब ₹3,761 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र को भेजा है। इसके ज़रिए 5,600 से ज़्यादा ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर (प्रकाशीय रेशा) से जोड़ा जाएगा। इससे गांवों में ई-गवर्नेंस (ई-शासन), डिजिटल पेमेंट (डिजिटल भुगतान) और टेलीमेडिसिन (दूरस्थ चिकित्सा) जैसी सेवाएं आसान होंगी।

रायपुर बना डेटा हब
राज्य साइबर सुरक्षा (ऑनलाइन सुरक्षा) और डेटा सेंटर (आंकड़ा केंद्र) के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। रायपुर में देश का पहला AI-Optimized Data Center Park (कृत्रिम बुद्धिमत्ता-उन्नत आंकड़ा केंद्र पार्क) शुरू हुआ है, जिसमें ₹1,000 करोड़ का निवेश हुआ है और पांच साल में यह ₹3,000 करोड़ तक पहुंच सकता है। इसमें 500 से ज़्यादा रोजगार मिलेंगे।

इसके अलावा, ESDS Software Solutions (ईएसडीएस सॉफ़्टवेयर समाधान) ने भी ₹600 करोड़ निवेश से आधुनिक डेटा सेंटर (आंकड़ा केंद्र) बनाने का प्रस्ताव दिया है।

निवेशकों से आमंत्रण
चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी भौगोलिक स्थिति, सस्ते बिजली दर और सुरक्षित वातावरण की वजह से डेटा सेंटर (आंकड़ा केंद्र) उद्योग का नया केंद्र बन सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों और अन्य राज्यों को छत्तीसगढ़ में डिज़ास्टर रिकवरी सेंटर (आपदा पुनर्प्राप्ति केंद्र) स्थापित करने का निमंत्रण दिया।


जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक पर हमला:_चैंबर में घुसकर तोड़फोड़ के साथ धमकी

रायपुर/जनसंपर्क/09/10/2025

छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक संजीव तिवारी पर उनके कार्यालय चैंबर में घुसकर हमला किया गया है।हमलावरों ने न सिर्फ उनके साथ झूमा-झटकी और अभद्रता की, बल्कि तोड़फोड़ भी की और उन्हें घर में घुसकर मारने की धमकी दी। हमलावर खुद को पत्रकार बता रहे थे।

मुख्य आरोप और संघ की प्रतिक्रिया धमकी:
हमलावरों ने चैंबर में घुसकर अपर संचालक को ‘घर में घुसकर मारने’ की धमकी दी।

झूमा-झटकी और तोड़फोड़:
हमलावरों ने चैंबर में अभद्रता और झूमा-झटकी करने के साथ-साथ तोड़फोड़ भी की।

संघ ने की निंदा:
छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ के अध्यक्ष बालमुकुंद तंबोली ने इसे “पूरे जनसंपर्क विभाग की संस्थागत गरिमा पर सीधा आघात” बताया है।

FIR दर्ज:
इस घटना को लेकर नया रायपुर के राखी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।

आगे की मांग और चेतावनी
कठोर कार्रवाई की मांग: संघ ने उच्च स्तरीय जांच और भारतीय न्याय संहिता की कठोर धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है।

मुख्यमंत्री से आग्रह:
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान करने का आग्रह किया गया है।

आंदोलन की चेतावनी:
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो अधिकारी और कर्मचारी प्रदेशव्यापी विरोध आंदोलन करेंगे।

“शिक्षा ही है भारत के उज्जवल भविष्य की कुंजी”: सांसद बृजमोहन अग्रवाल

AI और रोबोटिक्स जैसे नए विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की कार्य योजना।

नई दिल्ली / रायपुर, 9 अक्टूबर –

रायपुर सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने संसद भवन में आयोजित (Estimates Committee)की बैठक में कहा कि

“शिक्षा हमारे राष्ट्र के भविष्य की नींव है। हर बच्चे तक सुलभ, समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

बैठक में शिक्षा मंत्रालय (स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग)एवं CBSE द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा हुई। इसमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बजट, नीतिगत सुधार और नवाचार जैसे प्रमुख मुद्दों पर विचार किया गया।

सांसद अग्रवाल ने बैठक में कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे —
प्रतिभाशाली एवं जरूरतमंद छात्रों को छात्रवृत्ति योजनाओं के दायरे में और अधिक पारदर्शिता।
AI और रोबोटिक्स जैसे नए विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की समयबद्ध कार्ययोजना।
विद्यालयों में नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई और निगरानी प्रणाली का सुदृढ़ीकरण।

शिक्षकों के प्रशिक्षण हेतु स्थापित 18 उत्कृष्टता केंद्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन ।
CBSE की आय-व्यय, धोखाधड़ी के मामलों और उठाए गए सुधारात्मक कदमों की पारदर्शी समीक्षा।

श्री अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, गुणवत्ता और नवाचार को सशक्त बनाना ही समिति का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से आग्रह किया कि भारत को ज्ञान महाशक्ति बनाने के लिए सामूहिक प्रयास को प्राथमिकता दी जाए।




भारत-ब्रिटेन (यूके) संयुक्त प्रेस वार्ता:_संबंधों में नई ऊंचाई: मुंबई में पीएम मोदी और यूके पीएम कीर स्टार्मर

मुंबई/भारत_ 09 अक्टूबर 2025

news source(पीआईबी/pmindia)फोटो संपादित

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की पहली भारत यात्रा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

इस साल जुलाई में हुए ऐतिहासिक व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) को भारत–UK भागीदारी का मील का पत्थर बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस समझौते से आयात लागत घटेगी, व्यापार बढ़ेगा और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

स्टार्मर भारत के अब तक के सबसे बड़े बिजनेस प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचे हैं, जो दोनों देशों के साझेदारी में आई नई ऊर्जा और व्यापक दृष्टि का प्रतीक माना जा रहा है।

सामरिक और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा

बैठक में इंडो-पैसिफिक और वेस्ट एशिया में शांति व स्थिरता, यूक्रेन संघर्ष और गाज़ा संकट पर विचार-विमर्श हुआ।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत संवाद और कूटनीति के जरिए शांति बहाल करने के सभी प्रयासों का समर्थन करता है, और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

टेक्नोलॉजी और शिक्षा में बड़े कदम

पिछले वर्ष लॉन्च हुई भारत-यूके प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल के तहत दोनों देशों ने उभरती तकनीकों में संयुक्त रिसर्च और इनोवेशन के लिए मंच तैयार किया है।

UK की नौ यूनिवर्सिटीज़ भारत में कैंपस खोल रही हैं। हाल ही में साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय का गुरुग्राम कैंपस शुरू हुआ, जबकि गिफ्ट सिटी में तीन अन्य यूनिवर्सिटी कैंपस का निर्माण जारी है।

रक्षा सहयोग में नई दिशा

भारत–UK रक्षा सहयोग में सह-निर्माण और रक्षा उद्योग के जुड़ाव पर जोर दिया गया। एक नए समझौते के तहत भारतीय वायुसेना के फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स UK की शाही वायु सेना में ट्रेनर्स के रूप में कार्य करेंगे।

कोई है?! कहां है !? अदृश्य !!मन का भ्रम या अंधविश्वास की बेड़ियाँ?

21वीं सदी में विज्ञान से बड़ा कोई जादू नहीं,विज्ञान ही चमत्कार है।

रायपुर /छत्तीसगढ़/09/10/2025

क्या कभी आपने सोचा है कि जिस दुनिया में हम अंतरिक्ष यात्रा कर रहे हैं, मंगल ग्रह पर बस्ती बसाने की योजना बना रहे हैं, वहाँ आज भी लाखों लोग भूत-प्रेत, जादू-टोना और तंत्र-मंत्र के जाल में क्यों उलझे हुए हैं? यह सिर्फ एक बचकानी बात नहीं, बल्कि हमारे समाज के विकास पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह है।

भ्रम का कोई अस्तित्व नहीं है, यह सब मन से उपजी बातें हैं।सच्ची सेवा, जागरूकता फैलाने और सही मार्ग दिखाने में है।

विज्ञान बनाम भ्रम: कहाँ है हमारा ध्यान?

हम 21वीं सदी में हैं, जो विज्ञान और तकनीक का युग है। हमने धरती की सीमाओं को पार कर लिया है, पर विडंबना यह है कि छत्तीसगढ़ जैसे कई राज्यों में आज भी एक बड़ा तबका अंधविश्वास और अंध श्रद्धा के गहरे दलदल में फंसा है।

यह समझना आवश्यक है कि जिसे हम ‘भूत-प्रेत बाधा’ मानते हैं, वह अक्सर मनोविकार या मानसिक रोग हो सकता है।

मानसिक रोग भी एक बीमारी है:

कैंसर या डायबिटीज की तरह, मानसिक रोगों को भी चिकित्सकीय जांच और उपचार की आवश्यकता होती है। उन्हें झाड़-फूँक या मारपीट से ठीक नहीं किया जा सकता। इसके लिए हमें बाबाओं या तथाकथित ‘दिव्य दरबारों’ के पास नहीं, बल्कि अस्पताल जाने की जरूरत है।

कर्म ही जीवन का आधार:

हमें आज दिग्भ्रमित होने की बजाय विज्ञान और कर्म की ओर देखना चाहिए। काम से बड़ा कोई धर्म नहीं, कर्म ही पूजा है। व्यक्ति कर्म से ही महान बनता है। यदि हमें कुछ सीखना है, तो मेहनत कर सफलता पाने की सीख देनी चाहिए, न कि चमत्कार और टोटकों पर भरोसा करना।

चमत्कार की मृगतृष्णा:

क्यों होता है भीड़ का जमावड़ा?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने लोगों को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास किया है। उनकी बातें स्पष्ट हैं:_भूत-प्रेत, जादू टोना, टोनही जैसी मान्यताओं का अस्तित्व नहीं है। जब कथावाचक या प्रचारक समस्याओं का समाधान चमत्कारिक टोटकों से करने का दावा करते हैं, तो वे सिर्फ लोगों को भ्रमित कर रहे होते हैं।

अब शासन प्रशासन और शिक्षित समाज समाधान का मार्ग और सामूहिक जिम्मेदारी दिखाएं

आपकी आर्थिक, स्वास्थ्य या मानसिक समस्याओं का वास्तविक समाधान केवल मेहनत, सही चिकित्सा और तर्कसंगत सोच से ही संभव है। चमत्कार के नाम पर भीड़ जुटाना और लोगों को झूठे भरोसे में डालना समाज और व्यक्ति दोनों को हानि पहुँचाता है।

लाखों लोग इन मजमों में शामिल होने के बाद भी अपनी समस्याओं के साथ वापस लौटते हैं।

पढ़े-लिखे लोगों द्वारा अंधविश्वास को बढ़ावा देना एक गंभीर समस्या है। इसलिए, शासन-प्रशासन की यह जिम्मेदारी है कि वह लोगों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए ऐसे भ्रम फैलाने वाले कथित प्रचारों, चंगाई सभाओं और दिव्य दरबारों पर आवश्यक कदम उठाए और रोक लगाए।

याद रखें: चमत्कार नहीं, विज्ञान और कर्म ही हमें आगे ले जाएगा।
आइए, भ्रम की बेड़ियों को तोड़कर ज्ञान की राह पर चलें।


इसरो की उपलब्धियाँ देश के लिए गर्व, छत्तीसगढ़ के विकास में हो तकनीक का उपयोग: मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 09 अक्टूबर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में इसरो (ISRO) अहमदाबाद केंद्र के निदेशक डॉ. एन. एम. देसाई के नेतृत्व में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इसरो की उपलब्धियों को प्रत्येक भारतवासी के लिए गर्व का विषय बताया और तकनीकी शिक्षा तथा नवाचार को प्रोत्साहित करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक के प्रमुख बिंदु:

प्रशासनिक दक्षता: मुख्यमंत्री ने कृषि, खनन नियंत्रण, भू-अतिक्रमण की निगरानी और धान खरीदी में अवैध गतिविधियों की पहचान जैसे कार्यों में इसरो की तकनीक का प्रभावी उपयोग करने पर ज़ोर दिया।

  • युवाओं के लिए अवसर: प्रदेश के युवाओं के लिए इसरो द्वारा इंटर्नशिप और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर सहमति बनी।
  • स्पेस गैलरी: युवाओं में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि जगाने के लिए छत्तीसगढ़ में एक ‘स्पेस गैलरी’ की स्थापना को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई।

  • डॉ. देसाई ने मुख्यमंत्री को इसरो की परियोजनाओं की जानकारी दी और मिशन चंद्रयान की प्रतिकृतियाँ भेंट कीं।

  • आस्था का क्षण:
    बैठक के दौरान, वैज्ञानिकों ने जशपुर जिले के मधेश्वर पहाड़ स्थित प्राकृतिक शिवलिंग भगवान मधेश्वर की तस्वीर पर गहरी रुचि दिखाई। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें मधेश्वर की महत्ता से अवगत कराया और स्मृति स्वरूप छायाचित्र भेंट किए।

  • इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और इसरो के वैज्ञानिक डॉ. डी. के. पटेल व डॉ. दीपक कुमार सिंह उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी खबर! सांसद बृजमोहन अग्रवाल: संसद की रसायन एवं उर्वरक स्थायी समिति के सदस्य नियुक्त

नई दिल्ली / रायपुर/09/10/2025

रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता श्री बृजमोहन अग्रवाल को संसद की रसायन और उर्वरक संबंधी स्थायी समिति (2025-26) का सदस्य बनाया गया है। यह नियुक्ति उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को मिली एक बड़ी पहचान है।

क्यों है यह महत्वपूर्ण?

यह ज़िम्मेदारी श्री अग्रवाल के लिए इसलिए खास है क्योंकि यह समिति देश की उर्वरक नीति और रासायनिक उद्योगों से जुड़े अहम फैसले लेती है। उनकी नियुक्ति को उनके उत्कृष्ट अनुभव, संगठन क्षमता और हमेशा विकास को प्राथमिकता देने वाले दृष्टिकोण की स्वीकृति के तौर पर देखा जा रहा है।

संसदीय जीवन में हमेशा सक्रिय रहे श्री अग्रवाल अब इस नई भूमिका में देश की कृषि उन्नति और रासायनिक क्षेत्र की मजबूती से जुड़े विषयों पर अपनी महत्वपूर्ण राय रखेंगे।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने क्या कहा?

अपनी नियुक्ति पर खुशी जाहिर करते हुए श्री अग्रवाल ने कहा:
“प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को पूरा करने में कृषि और उद्योग दोनों ही रीढ़ की हड्डी हैं। मेरा प्रयास होगा कि इस समिति के माध्यम से मैं यह सुनिश्चित कर सकूँ कि:
किसानों को समय पर, आसानी से और सस्ते दामों पर उच्च गुणवत्ता वाले उर्वरक मिलें। 🌾
देश का रासायनिक क्षेत्र नवाचार (Innovation) और रोजगार सृजन का एक मजबूत केंद्र बने।”

छत्तीसगढ़ में खुशी की लहर

श्री अग्रवाल की इस नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पर रायपुर और पूरे छत्तीसगढ़ में हर्ष का माहौल है। पार्टी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने इसे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण बताया है। सभी को विश्वास है कि श्री अग्रवाल अपने विशाल अनुभव से इस राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की आवाज़ को और अधिक मजबूती से उठाएँगे।

प्रेस वार्ता :_कांग्रेस की जिला संगठन सृजन अभियान:_सांसद श्यामकुमार दौलत बारर्वे

बेमेतरा | राजीव भवन, बेरला रोड/08/10/2025

आज कांग्रेस ने बेमेतरा के राजीव भवन में जिला स्तरीय प्रेस वार्ता आयोजित की। कार्यक्रम में बेमेतरा के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल मीडिया के पत्रकार बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

एआईसीसी के पर्यवेक्षक और सांसद श्यामकुमार दौलत बारर्वे रामटेक महाराष्ट्र ने संगठन सृजन अभियान के तहत जिला अध्यक्षों की नियुक्ति प्रक्रिया पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस बार अध्यक्ष का चयन जनता की सहभागिता और कार्यकर्ताओं की सहमति से होगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

राय मशवरा से जिला अध्यक्ष का चयन
पत्रकारों के सवालों पर श्री बारर्वे ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस प्रक्रिया में हर आम कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय जनता की राय लेगी। उन्होंने माना कि वोट बैंक तो मौजूद है लेकिन कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने की ज़रूरत है, और इसी उद्देश्य से यह बदलाव लाया जा रहा है।

एक प्रश्न पर उन्होंने कहा कि वर्तमान जिला अध्यक्ष को हटाने का निर्णय पार्टी हाईकमान और संगठनात्मक नीतियों पर आधारित है। “कौन बनेगा, यह राय मशवरे के बाद तय होगा,” उन्होंने कहा।

मीडिया व अभिव्यक्ति पर टिप्पणी
श्री बारर्वे ने मीडिया की स्वतंत्रता के विषय में कहा कि आज अभिव्यक्ति की पूरी आज़ादी नहीं दी जा रही। “आप जो लिखते हैं, उसे आगे वही रूप दिया जाता है जो सरकार को पसंद हो,” उन्होंने पत्रकारों को बताया।
उन्होंने कांग्रेस की 140 वर्ष पुरानी विरासत, दो प्रधानमंत्रियों की शहादत और राहुल गांधी के “राजा नहीं, सेवक” वाले कथन का उल्लेख किया।

प्रदेश नेतृत्व की उपस्थिति
कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी ज्योत्सना महंत (सांसद कोरबा), विधायक दिलीप लहरिया, युवा कांग्रेस अध्यक्ष आकाश शर्मा, पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे, पूर्व विधायक गुरुदयाल सिंह बंजारे, जिला अध्यक्ष आशीष छाबड़ा, महामंत्री ललित विश्वकर्मा,जोगेंद्र छाबड़ा ,सुरेंद्र तिवारी, मनोज शर्मा,शत्रुहन साहू, दिनेश पटेल,नवीन ताम्रकार,रवि रजक,सुमन गोस्वामी सहित कई कांग्रेस वरिष्ठ पदाधिकारी व कांग्रेस महिला कांग्रेस पुरुष कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अंत में नेताओं ने मीडिया का आभार व्यक्त करते हुए संगठन सृजन अभियान को जनता तक पहुंचाने और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।




मुख्य न्यायाधीश पर जूते से हमला — देश की दशा या दुर्दशा?

नई दिल्ली, 8 अक्टूबर 2025 —

खबर जन चर्चा अनुसार:_

सुप्रीम कोर्ट में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या यह देश की दशा है या दुर्दशा। अदालत, जिसे न्याय का मंदिर कहा जाता है, वहीं पर मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की कोशिश ने न्यायपालिका की गरिमा को गंभीर चुनौती दी है।

सर्वोच्च न्यायालय देश के सर्वोच्च न्याय का मंदिर है जूते बाहर रखिए।

“पीएम मोदी ने घटना को बताया ‘निंदनीय’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, “यह पूरी तरह निंदनीय है। मैंने ऐसी स्थिति का सामना करने में न्यायमूर्ति गवई द्वारा प्रदर्शित शांति की सराहना की। यह न्याय के मूल्यों और हमारे संविधान की भावना को मजबूत करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को उजागर करता है।”

“खड़गे ने कहा, सीजेआई पर हमला शर्मनाक“

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश पर हमले का प्रयास बेहद शर्मनाक और न्यायपालिका की गरिमा पर चोट है। उन्होंने इसे कानून व्यवस्था और देश के सर्वोच्च न्यायिक पद की अवमानना बताया, जो कि बहुत ही चिंताजनक है।

सही या गलत — सवाल देश से आम जनता से

सही या गलत: क्या किसी वकील को अपनी असहमति दर्ज कराने का यह तरीका स्वीकार्य है?
गलत — असहमति व्यक्त करने का अधिकार है, परंतु हिंसक या अपमानजनक व्यवहार लोकतांत्रिक मर्यादा का उल्लंघन है।

सही या गलत: क्या मुख्य न्यायाधीश ने इस घटना पर संयम दिखाकर संविधान की गरिमा बचाई?
सही — उन्होंने शांति बनाए रखी और कहा, “इन बातों से आप लोग विचलित मत हों,” जो न्याय की मर्यादा का उदाहरण है।

सही या गलत: क्या यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर था या पूरे न्याय तंत्र पर?
गलत— विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला मुख्य न्यायाधीश पर नहीं बल्कि देश के संविधान और न्याय व्यवस्था पर था।

सही या गलत: क्या तजुर्बेकार वकील का “धार्मिक भावनाओं” का हवाला देना उचित ठहराया जा सकता है?
गलत — कानून के पेशे से जुड़े व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है कि वह संविधान की भावना का पालन करे, भावनाओं में बहकर मर्यादा न तोड़े।

सही या गलत: क्या बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा लाइसेंस निलंबित करना पर्याप्त कार्रवाई है?
गलत — कई कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई व्यक्ति ऐसी दुस्साहसिक हरकत करने की हिम्मत न जुटा सके।

निष्कर्ष
यह घटना केवल एक अदालत में हुए अनुशासन भंग की नहीं, बल्कि न्याय प्रणाली पर हुए आघात की प्रतीक है। यदि संविधान के रक्षक और न्याय के प्रतीक पर हमला संभव है, तो यह चेतावनी है कि हमें अपने सामाजिक आचरण, नैतिकता और सहिष्णुता पर पुनर्विचार करना होगा।

यह समय देश से यह पूछने का है — यह देश की दशा है या दुर्दशा?